TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    विजय चौक पर गुंजेगा देशभक्ति का गीत

    विजय चौक गुंजेगा देशभक्ति के सुरों से : 150 वीं वर्षगांठ पर प्रस्तुत होंगी ऐतिहासिक धुनें

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत में V-BAT ड्रोन के तैनाती से न केवल सेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी

    भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    भारत में V-BAT ड्रोन के तैनाती से न केवल सेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी

    भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    राष्ट्रपति भवन में परोसी गई भारत की पाक विरासत

    हिमालयी स्वाद और भारतीय विरासत की झलक, राष्ट्रपति भवन में ईयू नेताओं के लिए खास रात्रि भोज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    विजय चौक पर गुंजेगा देशभक्ति का गीत

    विजय चौक गुंजेगा देशभक्ति के सुरों से : 150 वीं वर्षगांठ पर प्रस्तुत होंगी ऐतिहासिक धुनें

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत में V-BAT ड्रोन के तैनाती से न केवल सेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी

    भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    भारत में V-BAT ड्रोन के तैनाती से न केवल सेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी

    भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    राष्ट्रपति भवन में परोसी गई भारत की पाक विरासत

    हिमालयी स्वाद और भारतीय विरासत की झलक, राष्ट्रपति भवन में ईयू नेताओं के लिए खास रात्रि भोज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

SARS के समय जो WHO चीन को उसकी औकात दिखा रहा था, वो कोरोना के समय भीगी बिल्ली बना बैठा है

अब चीन ने WHO में अपने सारे एजेंट्स को बैठा दिया है

Shivam Chauhan द्वारा Shivam Chauhan
27 March 2020
in मत
WHO, चीन, कोरोना, सार्स, महामारी,
Share on FacebookShare on X

आजकल तुलना करने वालों को बेहद अतार्किक माना जाता है। फिर भी हम तुलना करते हैं अपने अतीत से कि तब हमने क्या किया था और आज हम क्या कर रहे हैं। बात करते हैं बीते 2002-03 के दौरान फैली महामारी सार्स की जिसने पूरी दुनिया में हलचल मचा दिया था। ये बिल्कुल कोरोनावायरस की तरह ही था तब भी चीन ने इस बीमारी को घरेलू स्तर पर फैलने से इंकार कर दिया था। हालांकि बाद में जब मामले ज्यादा आने लगे तो चीन को स्वीकारना पड़ा।

Photos show how the SARS virus impacted the world in 2003 ...

संबंधितपोस्ट

नई दिल्ली ने खारिज किया चीन का दावा, बताया ‘बिज़ार’ और राजनीति से प्रेरित

आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

और लोड करें

लेकिन अब के कोरोना वायरस और 2002-03 के दौरान का सार्स वायरस में काफी अंतर था और वो अंतर ये था कि उन दिनों सार्स को लेकर WHO ने काफी आक्रामक रवैया अपनाया था। चीन चिल्लाता रहा लेकिन WHO ने सार्स को ग्लोबल पैनडेमिक यानि महामारी घोषित करने में तनिक भी देरी नहीं लगाई। यही नहीं WHO ने सभी देशों को एक एडवायजरी जारी कर यात्रा न करने का सुझाव दिया था, जिसे काफी देशों ने माना और इस महामारी के प्रकोप को अपने देश में आने से रोका।

इसके साथ ही महामारी संबंधित जानकारी को जल्द से जल्द लोगों तक पहुंचाया गया था। चीन सार्स के समय भी महामारी की बात छुपा रहा था लेकिन WHO ने उस समय बिना वक्त गंवाए चीन को दुनिया के सामने फटकार लगाई और कहा कि अगर चीन चाहता तो जल्दी ही इस बीमारी को रोक सकता था या अन्य देशों को बचा सकता था जिससे सार्स वैश्विक बीमारी नहीं बन पाती।

When was the SARS outbreak? How the SARS virus compared to ...

यहां तक की जब आठ महीने के भयंकर संघर्ष के बाद दुनिया सार्स के खत्म होने का जश्न मना रही थी तब भी WHO ने कहा था कि आगे भी हमें ऐसे जानवरों और पक्षियों पर अध्ययन करने की जरुरत है जिससे आने वाले दिनों में किसी अन्य बीमारी को पनपने से रोका जा सके। उस समय भी चीन के मीट बाजार को लेकर काफी बहस हुई थी।

उस समय चीन के तेजी से हो रहे शहरीकरण, दुर्लभ जानवरों से नजदीकी और जंगली जानवरों के अवैध व्यापार पर एक शोध किया गया था, इस शोध पत्र का नाम टाइम बम रखा गया था। इसके बाद साल 2015 में कोरोना वायरस के परिवार की बीमारियों को एक ऐसी सूची में शामिल किया गया था जिन पर तत्काल प्रभाव से रिसर्च करने की जरुरत बताई गयी थी। उस समय कोरोना वायरस को चिन्हित किया गया और बताया गया कि इससे वैश्विक महामारी की जन्म हो सकती है।

ऐसे यह बेहद चौकानें वाली ही बात है कि जब दिसंबर 2019 के आखिरी महीने में वुहान शहर में न्यूमोनिया जैसी बीमारी का पता चला, तब WHO को किसी खास जिम्मेदारी का एहसास नहीं हुआ। दुनिया को एक भ्रम में रखा कि यह बीमारी उतनी खतरनाक नहीं है। वहीं सार्स के समय का रवैया काफी संतोषजनक था।

आज WHO का रवैया बेहद चौकाना वाला ही है कि चीन ने एक तरफ वैश्विक महामारी कोविड-19 के बारे में छुपाया, तब भी WHO ने ध्यान नहीं दिया। उन दिनों एक चीनी डॉक्टर ने दुनिया को बताया था कि चीन में एक अलग तरह का वायरस पैदा हुआ है, जिसकी चपेट में पूरी दुनिया आ सकती है। खैर उस चीनी डॉक्टर को जिनपिंग की प्रशासन ने जेल में डाल दिया, और बाद में उसकी कोरोना की वजह से मौत हो गई।

WHO declares China virus outbreak international emergency

हालांकि कोरोनावायरस जनवरी के महीने में बुरी तरह फैल चुका था, जिस पर चीन की दुनियाभर में आलोचना हो रही थी लेकिन WHO ने इस पर चीन की काफी तारीफ की थी। इसके साथ ही चीन के बाहर भी कुछ कोरोना के मरीज आ चुके थे तब भी WHO ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह रोग ह्यूमन टू ह्यूमन नहीं फैलता।

हालांकि तब ताइवान ने WHO को साफ साफ बताया था कि यह अलग तरह का वायरस है और इसको गंभीरता के साथ नहीं रोका गया तो महामारी का रूप ले सकता है। आपको जानकर ताज्जुब होगा कि जिस वायरस के बारे में ताइवान ने दुनिया को बहुत कड़वा सच बताया वही खुद WHO का सदस्य नहीं है।

Coronavirus: At least 3,300 Chinese healthcare workers infected ...

कुछ हद तक चीन ने भी इस वायरस के फैलने की जानकारी WHO को दी थी। 31 दिसंबर को चीन ने WHO को बताया कि उनके यहां एक अलग तरह की बीमारी पनप रही है। चीन ने ये भी बताया कि यह वायरस अक्टूबर 2019 से ही फैल रहा है लेकिन WHO के कान पर जूं नहीं रेंगा, न कोई टीम भेजी गयी न ही कोई शोध किया गया। मामला साफ था कि WHO को इस बात का डर था कि कहीं चीन उसके पड़ताल से बुरा न मान जाए।

हालांकि जब मामले एकाएक तेजी के साथ बढ़ने लगे और लोगों की मौत होने लगी तो WHO और चीन की संयुक्त टीम ने वुहान का दौरा किया। दौरे के बाद WHO ने इस पर एक रिपोर्ट जारी की जिसमें चीन की कम्युनिस्ट सरकार की खूब बड़ाई की गई थी।

इस बीच पूरी दुनिया को चीनी वायरस अपनी जकड़ में लेता रहा लेकिन डॉक्टर टेड्रोस और उनकी टीम को कुछ नहीं दिखाई दिया। उन्होंने यहां तक कह दिया कि व्यापार करते रहें, यात्रा पर प्रतिबंध न लगाएं क्योंकि इससे भय का माहौल पैदा होगा, दुनियां आर्थिक मंदी में चली जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस महामारी के लिए चीन को बदनाम न करें।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की सलाह पर ही यूरोपीय सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन ऐंड कंट्रोल ने सुझाव दिया था कि इस वायरस का संक्रमण यूरोप में ज्यादा तेजी के साथ नहीं फैलने वाला, जिससे यूरोपिय देशों ने सख्ती के साथ अपने देशों की सीमाएं सील नहीं की।

वास्तविकता तो यह है कि चीन ने दुनिया के शक्तिशाली अंतरराष्ट्रीय संगठनों पर कब्जा जमा लिया है। चीन विश्व राजनीति में अपनी ताकत बढ़ाना चाहता है और वह इसके लिए उसने WHO को अपना शिकार बना लिया है। यही नहीं WHO ने चीन की विवादित वन बेल्ट वन रोड प्रोजेक्ट पर हस्ताक्षर किया था, उस समय चीन और WHO में स्वास्थ्य को लेकर कई समझौते हुए थे। हालांकि जमीनी स्तर पर इन दोनों का ही स्वास्थ्य से कोई लेना देना नहीं है।

Director General Of The World Health Organization, Tedros Adhanom, Visit To Beijing

बता दें कि डॉ.टेड्रोस से पहले WHO के निदेशक डॉ. मार्गरेट थे। वो चीनी मूल के कनाडाई नागरिक हैं और उनकी चीन से काफी मधुर संबंध रहे हैं। WHO के मौजूदा निदेशक डॉ. टेड्रोस भी चीन समर्थित ही हैं और कोरोना के समय में उनके हर बयान को देखते हुए कोई भी भांप लेगा कि वो कितने प्रो चायना हैं।

2002-03 के सार्स महामारी और 2019-20 के कोविड-19 में कई समानताएं भले ही आपको देखने को मिले लेकिन इस महामारी पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया वैसी नहीं है जैसी सार्स के समय थी। 2003 में विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ दुनिया के कई बड़े देशों ने चीन की खुलेआम आलोचना की थी, दबाव इतना डाला गया कि चीन ने अपने स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त कर दिया था। वहीं आज हम कहते हैं कि कोविड-19 को वुहान वायरस न बोलो, चीनी वायरस न बोलो, इतना ही नहीं कहते हैं कि यह चीन से नहीं आया है इसलिए चीन को बदनाम मत करो क्योंकि इस पर रिसर्च चल रहा है।

कोरोनावायरस पर चीन ने अपने डॉक्टरों, अधिकारियों, पत्रकारों को सेंसर करके शुरुआती नाकामियों को छिपाने की कोशिश की। इसके बाद मौत के आंकड़ों पर भी पर्दा डालने की नाकाम कोशिश की। दुनिया को कोविड-19 के बारे में जानकारी नहीं दी उल्टे अमेरिका पर इस वायरस के प्रकोप का आरोप लगा रहा है।

चीन की तमाम अवैध हरकतों पर पर्दा डालते हुए WHO ने उसके हितों का बचाव किया है। इतना ही नहीं चीन इस वायरस के चलते बदनाम न हो इसके लिए भी वो दुनिया को बार-बार समझा रहा है कि इसे चीनी वायरस न बोलो। ऐसे में साफ पता चलता है कि WHO कोई कल्याणकारी संस्था नहीं बल्कि चीन की अघोषित स्वास्थ्य विभाग है, जिसके भरोसे दुनिया को अब रहने की जरुरत नहीं है, क्योंकि इसमें चीनी एजेंटो का कब्जा है।

Tags: WHOकोरोनाकोविड19चीनमहामारीसार्स
शेयर448ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

चीन के इस स्कूल में पढ़ने जाते हैं कुछ भारतीय पत्रकार, जहां क से कम्यूनिज़्म सिखाया जाता है

अगली पोस्ट

India Today को कोरोना पैकेज पर भारत को बदनाम करने से पहले कॉमन सेंस का इस्तेमाल कर लेना चाहिए

संबंधित पोस्ट

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं
चर्चित

कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

21 November 2025

कांग्रेस के नेता देश ही नहीं विदेशों में भी जाकर लोकतंत्र बचाने की दुहाई देते रहते हैं। लेकिन जब बारी आंतरिक लोकतंत्र की आती है...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited