TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    समीर दास की हत्या से उजागर हुई बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की मुश्किलें

    समीर दास की हत्या: बांग्लादेश में भीड़ की हिंसा और अल्पसंख्यक असुरक्षा

    14 जनवरी के बाद नए परिसर में जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय

    14 जनवरी के बाद नए कार्यालय में शिफ्ट होंगे पीएम मोदी, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत हो रहा तैयार

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीएम मोदी संग पतंगबाजी

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीेएम मोदी संग जर्मन चांसलर मर्ज ने की पतंगबाजी, लोगों ने कहा दोस्ती की पतंग

    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    समीर दास की हत्या से उजागर हुई बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की मुश्किलें

    समीर दास की हत्या: बांग्लादेश में भीड़ की हिंसा और अल्पसंख्यक असुरक्षा

    14 जनवरी के बाद नए परिसर में जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय

    14 जनवरी के बाद नए कार्यालय में शिफ्ट होंगे पीएम मोदी, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत हो रहा तैयार

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीएम मोदी संग पतंगबाजी

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीेएम मोदी संग जर्मन चांसलर मर्ज ने की पतंगबाजी, लोगों ने कहा दोस्ती की पतंग

    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

सरकार ने सफ़ूरा की जमानत का विरोध नहीं किया, क्योंकि वो प्रेगनेंट है, ये तो दंगाइयों की चाँदी हो गयी

क्या प्रेगनेंट अपराधी, अपराधी नहीं होता?

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
24 June 2020
in मत
सफूरा जरगर

PC: Zee News

Share on FacebookShare on X

दिल्ली में CAA के विरोध के नाम पर दंगे भड़काने के मामले में आरोपी सफूरा जरगर को दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है। सफूरा गर्भवती हैं और मानवीय आधार पर अदालत ने उनकी जमानत मंजूर की है। हैरानी की बात तो यह है कि केंद्र सरकार ने इस जमानत को दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा मानवीय आधार पर दिये जाने का कोई खास विरोध नहीं किया। इस तरह दिल दहला देने वाले दिल्ली दंगों के आयोजन में भूमिका के लिए गिरफ्तार सफूरा को बेल मिल जाने से न सिर्फ पूरा देश हैरान है बल्कि अब इन आरोपियों को भी बल मिला है।

हालांकि, सफूरा को दिल्ली हाईकोर्ट से पहले पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज धर्मेन्द्र राणा ने याचिका को ठुकराते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा था कि जब आप अंगारो के साथ खेलते हैं, तो चिंगारी से आग भड़कने के लिए हवा को दोष नहीं दे सकते। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने कहा था कि, “जांच के दौरान एक बड़ी साजिश देखी गई और अगर पहली नजर में साजिश, कृत्य के सबूत हैं, तो किसी भी एक षड्यंत्रकारी द्वारा दिया गया बयान, सभी के खिलाफ स्वीकार्य है।”

संबंधितपोस्ट

6 दिसंबर के दिन राजधानी को दहलाने की थी तैयारी, पहले हो गया धमाका! ‘बाबरी विध्वंस’ के दिन 6 बड़े हमलों की तैयारी में थे आतंकी

सादगी की सरकार, शीशे के महल में बंद: दिल्ली से चंडीगढ़ तक केजरीवाल की चमचमाती सादगी की कहानी

I stand For India: ऑपरेशन सिंदूर पर फेक नैरेटिव के खिलाफ अभियान का शंखनाद , ताकि सेना के शौर्य पर कोई न उठाए सवाल

और लोड करें

जब से सफूरा के बेल याचिका को पटियाला हाउस कोर्ट ने खारिज किया था तब से ही पूरा लेफ्ट लिबरल गैंग मोदी सरकार पर लगातार हमले कर रहा था। इस गैंग का शुरू से यही कहना था कि सफूरा जरगर गर्भवती है इसी कारण से उसे गिरफ्तार ही नहीं किया जाना चाहिए था। सफूरा जरगर के गिरफ्तार होने के बाद सोशल मीडिया पर कई कैंपेन चलाये गए और इसे अमानवीय कृत्य करार दिया गया। हालांकि, किसी भी कमजोरी को विक्टिम कार्ड के रूप में इस्तेमाल करने की वामपंथियों की आदत होती है और यहीं पर मोदी सरकार कमजोर पड़ गयी।

दिल्ली पुलिस की तरफ़ से अदालत में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मानवीय आधार पर ज़मानत का विरोध नहीं किया और उनके द्वारा कोई विरोध न करने के कारण सफूरा को जमानत दे दी गयी।

मेहता ने आगे तर्क दिया कि यह दर्ज किया जाना चाहिए कि इस जमानत का मानवीय आधार होने के कारण विरोध नहीं किया जा रहा और इसका जमानत याचिका के गुणों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।

Hearing on Safoora Zargar's bail plea begins before the Delhi HC.#SafooraZargar pic.twitter.com/81mmNvuBVH

— Live Law (@LiveLawIndia) June 23, 2020

परंतु यहा सवाल यह है कि क्या केंद्र सरकार को दिल्ली दंगों जैसा भयानक दंगे की आरोपी पर मानवीय आधार पर बेल मान लेनी चाहिए थी? क्या इस मानवीय आधार से अंकित शर्मा वापस आएंगे? शायद नहीं ।

सोमवार को इस मामले पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को स्पष्ट शब्दों में कहा था कि सफूरा जरगर को गर्भवती होने के आधार पर बेल नहीं मिलनी चाहिए। दिल्ली पुलिस ने बताया था कि कानून इस आधार पर भेदभाव नहीं करता है और पहले ही पिछले एक दशक में 39 बच्चों का जन्म जेल के अंदर हो चुका है।

यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि जब अन्य मामलों में आरोपियों को बेल नहीं दी गयी तो सफूरा को क्यों? क्या सफूरा जरगर को बेल मिलना उन 39 आरोपियों के साथ नाइंसाफी नहीं है? आखिर केंद्र सरकार ने इस बेल का विरोध क्यों नहीं किया?  क्या मोदी सरकार लेफ्ट लिबरल कबाल को खुश करना चाहती है? ये वही इकोसिस्टम है जो आज भी देश के अंदर तक घुसी हुई है और देश में चल रहे नैरेटिव को हवा देती है।

क्या मोदी सरकार इसी गैंग को लुभाना चाहती है और यह चाहती है कि ये सभी सरकार को फासिस्ट कहना बंद कर दें? अगर ऐसा है तो यह भारी भूल है और इसका परिणाम भविष्य में ही सामने आएगा।

बेल के बाद भी मोदी सरकार को गाली देने वालों की संख्या में कमी नहीं आई है और इस गैंग के foot soldiers से लेकर इसे चलाने वाले सभी अब यह कह रहे हैं कि सफूरा जरगर को गिरफ्तार ही नहीं किया जाना चाहिया था और ये केस ही नहीं दर्ज किया जाना चाहिए था।

इन इस्लामिस्ट और वामपंथियों की नेक्सक्स द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि उन्हें मोदी सरकार पर जीत मिली है। इसी गैंग की एक सदस्य सागरिका घोष ने तो यह तक ट्वीट कर दिया कि “एक पुलिस-डीएसपी दविंदर सिंह जो हिजबुल के आतंकवादी है, उसे  आसानी से जमानत मिल जाती है क्योंकि पुलिस 6 महीने में चार्जशीट दाखिल करने में विफल है। और एक कथित भड़काऊ भाषण के आरोपी एक गर्भवती #SafooraZargar को हालांकि जमानत से वंचित रखा गया है। गोलमाल है भाई, सब गोलमाल है।”

A cop-DSP- ferrying Hizbul terrorists #DavinderSingh smoothly gets bail as police fails to file chargesheet in 6 months. A pregnant #SafooraZargar accused of an ALLEGED inflammatory speech is however denied bail. Golmaal hai bhai, sab Golmaal hai. #ReleaseSafooraZargar

— Sagarika Ghose (@sagarikaghose) June 23, 2020

यहाँ ध्यान देने वाली बात है वो ये नहीं बताती है कि दिल्ली पुलिस ने दविन्दर को दूसरे मामले के लिए पकड़ा था और दविन्दर अभी भी NIA की custody में है।

Delhi Police had arrested Davinder Singh in a separate case. He continues to be in judicial custody in NIA case. Investigation is in full swing in NIA case and a chargesheet will be filed against Davinder Singh and other accused persons in the first week of July, 2020. https://t.co/ubvmAl80tX

— NIA India (@NIA_India) June 19, 2020

पर वामपंथियों से तथ्यों की उम्मीद करना मुर्खता ही होगी। इसी तरह कांग्रेस के कई लोगों ने भी सफूरा जरगर के मामले को दविन्दर सिंह के मामले से तुलना की और मोदी सरकार को निशाना बनाया।

Safoora Zargar got bail because of tremendous pressure and support by people on social media, especially after Davinder Singh got bail.

Your voice matters. Keep raising it 👊🇮🇳

— Srivatsa (@srivatsayb) June 23, 2020

#SafooraZargar has been granted bail on humanitarian grounds. This is good news, but she should have been granted bail in the first week of arrest because she meets all the legal conditions for bail.

— Faye DSouza (@fayedsouza) June 23, 2020

Safoora Zargar finally gets bail.
This is the power of people.
Public pressure works.
Your voice matters.
Continue to raise your voice and support for justice, freedom and equality.
Remember this is essentially what democracy is.

— Arfa Khanum Sherwani (@khanumarfa) June 23, 2020

जामिया मिल्लिया की छात्रा सफूरा जरगर को दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया जमानत,दिल्ली हाई कोर्ट के निर्णय का हम स्वागत करते हैं। pic.twitter.com/9CD4y25vHO

— Indian Youth Congress (@IYC) June 23, 2020

Good news that #SafooraZargar got bail. But she had to apply four times, go to High Court for redress and get it on humanitarian grounds. Reveals complete fear of lower courts to grant bail in UAPA cases irrespective of evidence

— Aditya Menon (@AdityaMenon22) June 23, 2020

इससे यह स्पष्ट होता है कि अगर केंद्र सरकार इन्हें खुश करने की कोशिश कर रही है तो यह कभी नहीं होने वाला है। वामपंथियों का गैंग मोदी सरकार को फासिस्ट और मुस्लिम विरोधी करार दे कर अपने सभी हितों को साधने के लिए दबाव बनाता रहेगा।

अगर सफूरा जरगर के अपराधों की बात करें तो वह कोई छोटा-मोटा अपराध नहीं है। सफूरा जरगर पर पूर्वोत्तर दिल्ली में दंगे भड़काने का आरोप है, जिसके कारण अनेक निर्दोष लोग दंगाइयों के हाथों मारे गए। गर्भावस्था के आधार पर वामपंथी सफूरा को ज़मानत देना दंगे में मारे गए बेकसूर निवासियों का उपहास है। सच कहें इस तरह से मानवीय आधार पर जमानत दिये जाने से अब लिबरल गैंग के हाथ एक और हथियार लग गया है जिसका इस्तेमाल वे आगे भी करने से नहीं हिचकिचाएँगे।

Tags: दिल्लीलिबरलसफूरा जरगर
शेयर101ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

3 दिन बीते और लद्दाख में भारत की हार, भारत की जीत में बदल गयी

अगली पोस्ट

भारत, जापान, अमेरिका और ताइवान- चार देशों ने एक साथ चीन की ओर तैनात किए अपने हथियार

संबंधित पोस्ट

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं
चर्चित

कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

21 November 2025

कांग्रेस के नेता देश ही नहीं विदेशों में भी जाकर लोकतंत्र बचाने की दुहाई देते रहते हैं। लेकिन जब बारी आंतरिक लोकतंत्र की आती है...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited