TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अलीगढ़ की सास ने किया चौंकाने वाला काम

    ‘दामाद’ के साथ भागने वाली महिला अब ‘जीजा’ के साथ भागी, लेकिन प्रश्न ये है कि किसने-किसके साथ विश्वासघात किया है ?

    लाल किले के पास हमले में जैश का हाथ

    UNSC की रिपोर्ट में खुलासा : जैश-ए-मोहम्मद ने करवाया था लाल किले के पास धमाका

    1913 में दलाई लामा की घोषणा

    1913 में दलाई लामा की घोषणा: तिब्बत की स्वतंत्रता और चीन के दावे की चुनौती

    बांग्लादेश में जल्द चुनाव की मांग

    बांग्लादेश में जल्द चुनाव की मांग: क्या जल्दीबाज़ी बढ़ाएगी अस्थिरता?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अलीगढ़ की सास ने किया चौंकाने वाला काम

    ‘दामाद’ के साथ भागने वाली महिला अब ‘जीजा’ के साथ भागी, लेकिन प्रश्न ये है कि किसने-किसके साथ विश्वासघात किया है ?

    लाल किले के पास हमले में जैश का हाथ

    UNSC की रिपोर्ट में खुलासा : जैश-ए-मोहम्मद ने करवाया था लाल किले के पास धमाका

    1913 में दलाई लामा की घोषणा

    1913 में दलाई लामा की घोषणा: तिब्बत की स्वतंत्रता और चीन के दावे की चुनौती

    बांग्लादेश में जल्द चुनाव की मांग

    बांग्लादेश में जल्द चुनाव की मांग: क्या जल्दीबाज़ी बढ़ाएगी अस्थिरता?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

गहलोत की सत्ता की भूख काफी पुरानी रही है, 1990 के बाद से वे कई बड़े नेताओं को हज़म कर चुके हैं

सचिन पायलट भी उन्हीं में से एक हैं

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
14 July 2020
in मत
गहलोत, कांग्रेस, दलित,
Share on FacebookShare on X

राजस्थान के सियासी ड्रामे के बीच सचिन पायलट अभी भी कांग्रेस में ही हैं। 13 जुलाई यानि कल रात 9 बजे कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि पार्टी को 109 विधायकों का समर्थन हासिल है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि 14 जुलाई की सुबह 10 बजे फिर से कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी।

बता दें कि अशोक गहलोत सरकार को बहुमत साबित करने के लिए 101 विधायकों की ही जरूरत है और सभी नेताओं ने अशोक गहलोत को फिर से अपना नेता चुना। ऐसे में मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए राज्य की कांग्रेस सरकार को कोई खतरा नहीं दिख रहा है।

संबंधितपोस्ट

बाल विवाह पर भारत को मिली बड़ी सफलता: 2 साल में 4 लाख शादियाँ टली, असम में 84%, महाराष्ट्र-बिहार में 70% तक घटे बाल विवाह”

85 साल बाद कांग्रेस को क्यों आई बिहार की याद? बीजेपी ने लगाए ये आरोप

भारत का नया खेल: जानें ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर क्यों पैसे लगा रही सरकार

और लोड करें

यानि देखा जाए तो सचिन पायलट का अशोक गहलोत पर दबाव बनाने और अपनी बात मनवाने के लिए लिए बगावती रुख उन्हीं पर भारी पड़ गया है। सचिन पायलट ने दावा किया था कि उनके पास 25 विधायक हैं, लेकिन गहलोत ने विधायक दल की बैठक में 100 से अधिक विधायकों को अपने पाले में कर यह बता दिया है सचिन पायलट को अभी राजनीति में बहुत कुछ सीखना है। गहलोत को सत्ता से बेदखल करने में सचिन पायलट तो सफल नहीं हो सके परंतु इसके उलट पायलट के सियासी भविष्य पर प्रश्न चिन्ह लग चुका है। अब सचिन पायलट न तो कांग्रेस में उस नजर से देखे जाएंगे जैसे पहले देखे जाते थे और न ही उनकी अब वह हैसियत रहने वाली है।

जादूगर अशोक गहलोत ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि जब बात राजनीतिक दांवपेंच की तो उनसे बड़ा कोई खिलाड़ी नहीं है। सचिन पायलट पहले ऐसे नेता नहीं हैं जिन्हें गहलोत से टक्कर के कारण नुकसान उठाना पड़ा है।

इससे पहले राजस्थान की राजनीति में गहलोत ने हरिदेव जोशी, परसराम मदेरणा, नटवर सिंह, शिवचरण माथुर और सीपी जोशी तमाम कांग्रेसी नेताओं को सियासी दांव पेंच में चारो खाने चित कर उनके राजनीतिक करियर पर पर ही ग्रहण लगा दिया है। 

राजस्थान में गुर्जर आरक्षण आंदोलन के नेता किरोड़ी सिंह बैंसला ने एक बार उनके बारे में कहा था, ‘गहलोत काफी सजग नेता हैं. इतने सजग कि उन्‍हें कोई दूध पिलाने की कोशिश करे तो वह उसका पहला घूंट किसी बिल्ली को पिलाए बिना खुद नहीं पिएंगे।’

जिस तरह से अशोक गहलोत ने राजनीति की सीढ़ियाँ चढ़ी हैं उससे देख कर यह बात बिल्कुल सत्य लगेगी।

90 के दशक से ही अशोक गहलोत राजनीति में ऐसी कलाबाजियां करते आ रहे हैं। तब राजस्थान कांग्रेस में हरिदेव जोशी, परसराम मदेरणा, शिवचरण माथुर जैसे दिग्गज नेता कांग्रेस की कमान संभाल रहे थे। परसराम मदेरणा राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे थे परंतु 1993 के चुनावों में कांग्रेस की करारी हार हुई। अशोक गहलोत ने सबसे पहले राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी के साथ मिलकर परसराम मदेरणा को राजस्थान कांग्रेस के पद से हटाया और स्वयं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बन गए। कहा जाता है कि कभी परसराम मदेरणा ने हरिदेव जोशी का कांग्रेस के अंदर ही तख़्ता पलट किया था शायद इसी रंजिश का अशोक गहलोत ने फ़ायदा उठाया।

परसराम मदेरणा तथा नटवर सिंह

अब बारी थी कांग्रेस को विधानसभा चुनावों में जीत दिला कर मुख्यमंत्री पद की दावेदारी कर बाकी नेताओं को शिकस्त देने की। अगले विधानसभा चुनाव यानि वर्ष 1998 में राजस्थान के अंदर जाट आंदोलन शुरू हो चुके थे। उस दौरान अशोक गहलोत ने खूब रैलियाँ की और कांग्रेस को 200 में से 153 सीटों पर जीत दिला दी। इससे अशोक गहलोत की रणनीति और कुशल चुनाव प्रबंधन की तारीफ़ें दिल्ली तक शोर करने लगी। परंतु मुख्यमंत्री पद अभी भी उनकी पहुंच से दूर था क्योंकि इस पद के कई और दावेदार थे। परसराम मदेरणा को जाटो का समर्थन प्राप्त था तो नटवर सिंह भी जाट थे इसके अलावा गांधी परिवार के करीबी भी थे। तब तक कांग्रेस के केंद्रीय हाई कमान में भी परिवर्तन आ चुका था और सोनिया गांधी कांग्रेस की सर्वोसर्वा बन गयी थीं।

तभी गहलोत ने अपनी सियासी चालबाजी का परिचय देते हुए हाई कमान में अपनी गोटियां सेट की और खुद को सीएम का सबसे उपयुक्त दावेदार के रूप में पेश किया।

तब विधायक दल के नेता का चुनाव करने के लिए माधव राव सिंधिया के अलावा गुलाब नबी आजाद, मोहसिना किदवई और बलराम जाखड़ को भेजा गया था। औपचारिक बैठक से पहले, सभी MLA के विचारों को एक-एक कर सुना गया और उन्हें मैडम का फरमान सुनाया गया। ऐसे में गहलोत की बाजी और मैडम की इक्छा परसराम मदेरणा पर भारी पड़ी और औपचारिक बैठक में अशोक गहलोत को विधायक दल का नेता चुना गया।

पत्रकार रशीद किदवई का कहना था कि

‘गहलोत को कुर्सी सौंपना सोचा-समझा राजनीतिक फैसला था। सोनिया कांग्रेस में अपनी पकड़ मजबूत कर रही थीं। ऐसे में राजस्थान में प्रभावशाली जाति के प्रभावशाली नेता का सीएम की कुर्सी पर होना, आगे चलकर खतरा साबित हो सकता था। ऐसे में मदेरणा का पत्ता कटना ही था।’

सीपी जोशी तथा महिपाल मदेरणा

इसके बाद वर्ष 2008 में भी कुछ इसी तरह माहौल बना था। तब प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सीपी जोशी थे और उन्होंने मेहनत कर तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा के खिलाफ माहौल बना दिया था, जिससे कांग्रेस को 2008 के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल हुई थी। परंतु हैरानी की बात तो यह है कि वह स्वयं चुनाव एक वोट से हार गए थे। कहा जाता है कि उनकी इस हार में अशोक गहलोत का ही हाथ था। उस दौरान महिपाल मदेरणा ने भी मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पेश की, लेकिन फिर से अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाया गया। हालांकि, सीपी जोशी और महिपाल मदेरणा ने गहलोत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया परंतु उन्हें नहीं पता था कि गहलोत किस मिट्टी के बने हुए है। नतीजा यह हुआ कि सीपी जोशी राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में भ्रष्टाचार के एक मामले फंस गए और महिपाल मदेरणा भंवरी देवी कांड में फंसे और जेल चले गए। इन दोनों का राजस्थान की सियासी गलियारों में वजूद  ही मिट गया।

सचिन पायलट

इसके बाद वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार हुई और एक बार फिर से गहलोत केंद्र की राजनीति में चले गए। तब सचिन पायलट को कांग्रेस की कमान दी गयी। सचिन ने भी सीपी जोशी की तरह ही खूब मेहनत की और कांग्रेस को दोबारा मुक़ाबले के लिए तैयार कर दिया। हालांकि, गहलोत फिर से राज्य की राजनीति में वापसी के लिए बेताब थे और टिकट बँटवारे में दखलंदाजी करने लगे। सचिन पायलट और उनके बीच की सियासी तनातनी उसी समय की है। उस दौरान भी जब राहुल गांधी ने सचिन पायलट को टिकट बँटवारे में खुली छुट दी तब गहलोत ने चाल चलते हुए अपने 11 नेताओं को निर्दलीय चुनाव लड़वा दिया। यही नहीं अपने करीबी राष्ट्रीय लोक दल के सुभाष गर्ग को भी टिकट दिलाकर जीत दीलवाई। जब परिणाम आए तो कांग्रेस बहुमत से 1 सीट दूर थी ऐसे में अशोक गहलोत ने निर्दलीय और राष्ट्रीय लोक दल की एक सीट से अपने दावे को और मजबूत किया जिससे कांग्रेस की आलाकमान को उन्हें मुख्यमंत्री पद सौपना ही पड़ा। सचिन पायलट को उप मुख्यमंत्री बनया गया। यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि अशोक गहलोत यही नहीं रुके बल्कि ऐसा जाल बिछाया कि सचिन पायलट बगावत पर उतर आए और अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली।

अशोक गहलोत एक बार फिर से राजनीति के जादूगर साबित हुए और अपने विरोधी नेता को ऐसी पटखनी दी कि उसे फिर से अपनी जमीन पाने में वर्षों लग जाएंगे।

Tags: अशोक गहलोतराजस्थानसचिन पायलटसोनिया गाँधी
शेयर155ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

TikTok सिग्नल गूगल तक पहुँच गया है, इसीलिए उसने भारत में 75 हज़ार करोड़ के निवेश का ऐलान किया

अगली पोस्ट

अब PTI की कोई उपयोगिता नहीं बची है, इस प्रोपेगैंडावादी एजेंसी को तुरंत बंद कर देना चाहिए

संबंधित पोस्ट

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं
चर्चित

कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

21 November 2025

कांग्रेस के नेता देश ही नहीं विदेशों में भी जाकर लोकतंत्र बचाने की दुहाई देते रहते हैं। लेकिन जब बारी आंतरिक लोकतंत्र की आती है...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited