TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत: ग्रेटर नोएडा तक सफर हुआ सस्ता, आसान और पर्यावरण के अनुकूल

    मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाने, उत्तर-पूर्व के विकास और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों को सरकार के निर्णायक फैसलों के उदाहरण बताया।

    मोदी ने रिकॉर्ड कार्यकाल के दिन ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भारत कोई "धर्मशाला" नहीं है

    सीएम योगी आदित्यनाथ बोले: भारत कोई ‘धर्मशाला’ नहीं, ‘जिहाद’ के खिलाफ चेताया और सांस्कृतिक सतर्कता का किया आह्वान

    टीएमसी पर अस्तित्व का संकट गहराया

    टीएमसी पर अस्तित्व का संकट गहराया: संसदीय बगावत ने पकड़ी रफ्तार, बागी खेमे से सायोनी घोष और माला रॉय के जुड़ने की चर्चा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत: ग्रेटर नोएडा तक सफर हुआ सस्ता, आसान और पर्यावरण के अनुकूल

    मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाने, उत्तर-पूर्व के विकास और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों को सरकार के निर्णायक फैसलों के उदाहरण बताया।

    मोदी ने रिकॉर्ड कार्यकाल के दिन ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भारत कोई "धर्मशाला" नहीं है

    सीएम योगी आदित्यनाथ बोले: भारत कोई ‘धर्मशाला’ नहीं, ‘जिहाद’ के खिलाफ चेताया और सांस्कृतिक सतर्कता का किया आह्वान

    टीएमसी पर अस्तित्व का संकट गहराया

    टीएमसी पर अस्तित्व का संकट गहराया: संसदीय बगावत ने पकड़ी रफ्तार, बागी खेमे से सायोनी घोष और माला रॉय के जुड़ने की चर्चा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

21 मार्च 1943 को जर्मन सेना के ही एक जनरल ने हिटलर को मारने की साज़िश रची थी, अगर ये साज़िश कामयाब हो जाती, तो न सिर्फ कई करोड़ जिंदगियां बचतीं, बल्कि दुनिया का इतिहास, भूगोल भी बदला नज़र आता

Ayush Aman Rai द्वारा Ayush Aman Rai
21 March 2026
in इतिहास, ज्ञान
21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश

Share on FacebookShare on X

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान Adolf Hitler के खिलाफ कई साजिशें रची गईं, लेकिन 21 मार्च 1943 की साजिश खास इसलिए थी क्योंकि यह एक suicide mission थी और अगर ये कामयाब हो जाती तो शायद द्वितीय विश्वयुद्ध वहीं खत्म हो जाता

1943 का मार्च बीतते-बीतते दूसरा विश्वयुद्ध चरम पर पहुँच चुका था। जर्मनी पूरी आक्रामकता के साथ आगे बढ़ रहा था। हालांकि पूर्वी मोर्चे पर (स्टालिनग्राद) क़रीब 6 महीने चली घेरेबंदी के बाद एक महीने पहले फरवरी में ही जर्मनी की करारी हार हुई थी। ये दूसरे विश्वयुद्ध में जर्मनी की पहली हार थी, हालांकि पश्चिमी मोर्चे पर जर्मनी की बढ़त अभी भी जारी थी। 

लेकिन इस बीच जर्मन सेना के कुछ वरिष्ठ अधिकारी, खासकर मेजर जनरल Henning von Tresckow, यह समझ चुके थे कि हिटलर जर्मनी को विनाश की ओर ले जा रहा है। आख़िरकार वो और उनके कुछ साथी हिटलर के तख्तापलट की योजना तैयार करते हैं, ताकि युद्ध् को खत्म किया जा सके।

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

मेजर जनरल ट्रेस्को ने योजना बनाई कि जब हिटलर सोवियत संघ के बोरिसोव स्थित आर्मी हेडक्वार्टर का दौरा करेगा, तब उसकी यूनिट उसे गिरफ्तार कर लेगी और बर्लिन में तख्तापलट किया जाएगा। 
लेकिन उनकी योजना फेल हो गई, क्योंकि शायद हिटलर को किसी तरह साज़िश की भनक लग गई। वो वहां पहुंचा तो, लेकिन भारी सुरक्षा घेरे के साथ। इस दौरे के दौरान उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी जनरल ट्रेस्को की यूनिट की जगह हिटलर के वफादार SS गार्ड्स ने सँभाल रखी थी। साजिशकर्ताओं को कोई मौका नहीं मिला और वो उसके क़रीब तक नहीं पहुँच सके।

ऑपरेशन ‘फ्लैश’: हिटलर की किस्मत और खराब डेटोनेटर

इसके बाद ट्रेस्को ने 13 मार्च 1943 को “ऑपरेशन फ्लैश” नाम से एक और योजना बनाई। इस बार हिटलर को गिरफ़्तार करने की जगह उसे मारने की योजना बनी। हिटलर सोवियत संघ विन्नित्सा (अभी यूक्रेन) का दौरा कर जर्मनी के रास्टेनबर्ग वापस उड़ान भरने वाला था। उसके विमान के लिए स्मोलेंस्क में एक स्टॉप रखा गया था, ताकि विमान में ईंधन लिया जा सके और हिटलर थोड़ा आराम भी कर सके।
 उस वक्त जनरल ट्रेस्को, श्लाब्रेंडॉर्फ और उनके साथी सोवियत संघ के स्मोलेंस्क में ही तैनात थे। तय हुआ कि हिटलर के विमान में किसी तरह बम रख उसे हवा में ही उड़ा दिया जाए।

साजिश के अनुसार हिटलर को खास सिपहसालार को शराब की बोतल गिफ्ट की जानीं थीं, जिससे पहले से ही एक टाइमर सेट किया हुआ बम छिपा कर रखा जाना था। इस काम के लिए एक यंग ऑफ़िसर को चुना गया, जिसे ख़ुद इस योजना की जरा भी भनक नहीं थी। उसने बस वही किया जो उसके सीनियर अधिकारियों ने उससे कहा था। 
सब कुछ जनरल ट्रेस्को की योजना के मुताबिक़ ही हुआ। बिना किसी संदेह वाइन का वो पार्सल हिटलर के अंगरक्षकों ने स्वीकार कर लिया और उसे विमान में रखवा दिया।
जल्दी ही हिटलर के विमान ने उड़ान भर ली। 
साजिशकर्ताओं ने बम को मिन्स्क (आज बेलारूस) के ऊपर फटने के लिए सेट किया था, ठीक इसी वक्त साजिशकर्ताओं की एक दूसरी टीम बर्लिन में तख्तापलट के लिए तैयार थी।
इस टीम को बस एक कोडवर्ड का इंतज़ार था- जो था “फ्लैश”, लेकिन दुर्भाग्य से उन्हें वो कोड वर्ड कभी नहीं मिला। दरअसल वो बम फटा ही नहीं, क्योंकि हिटलर की क़िस्मत से बम का डेटोनेटर ही ख़राब निकल गया।

21 मार्च- हिटलर की हत्या का आत्मघाती मिशन

लगातार दूसरी नाकामयाबी के बाद साजिशकर्ताओं ने हिटलर को खत्म करने के लिए एक आत्मघाती हमले की तैयारी की। अब तक की सबसे सटीक और ख़तरनाक योजना। इसके लिए उन्होने दिन चुना- 21 मार्च, यानी आज का ही दिन। 

ये दिन जर्मनी में “हीरोज मेमोरियल डे” (प्रथम विश्व युद्ध के मृत सैनिकों की याद में मनाया जाने वाला दिन) के रूप में मनाया जाता था। हिटलर इस मौके पर बर्लिन के ज़ॉयगहाउस म्यूज़ियम में पहुंचने वाला था, जहां उसे एक समारोह में शामिल होना था और मारे गए जर्मन सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने साथ रेड आर्मी के जीते हुए हथियारों की प्रदर्शनी का मुआयना भी करना था।
जनरल ट्रेस्को के लिए इससे अच्छा मौका कुछ और नहीं हो सकता था, क्योंकि इस समारोह के दौरान हिटलर को एस्कॉर्ट करने के लिए जो लोग चुने गए थे, उनमें उनका ही एक ख़ास आदमी- कर्नल फ्रीहेर वॉन गर्सडॉर्फ भी शामिल थे।
ट्रेस्को उन्हे इस बात का पूरा यकीन दिला चुके थे कि हिटलर को खत्म करना ही जर्मनी को बचाने का एक मात्र रास्ता है, लिहाज़ा जर्मनी के लिए कर्नल गर्सडॉर्फ इस आत्मघाती मिशन के लिए तैयार हो गए और उन्होंने हिटलर की हत्या की साजिश में शामिल होने का फैसला किया।

टाइमर में 2 मिनट का अंतर और 5 करोड़ जिंदगियों का खात्मा

21 मार्च 1943 को जब Hitler बर्लिन के ज़ॉयगहाउस (पुराना शस्त्रागार, Unter den Linden) इस प्रर्दर्शनी देखने के लिए पहुंचा तो एक्सपर्ट के रूप में कर्नल गर्सडॉर्फ को ही उन्हें इस प्रदर्शनी को दिखाने की जिम्मेदारी दी गई। कर्नल गर्सडॉर्फ इस मौके को बिल्कुल भी गंवाना नहीं चाहते थे। उन्होने अपने कोट की जेबों में दो ताक़तवर बम छिपा लिए, जिनके फ्यूज 10 मिनट के टाइमर पर सेट किए गए थे। जैसे ही हिटलर संग्रहालय में दाखिल हुए, गर्सडॉर्फ ने इन ग्रेनेड्स के फ्यूज़ ऑन कर दिए। उनकी योजना थी कि जैसे ही 10 मिनट होने में कुछ सेकेंड बचेंगे- वो हिटलर के क़रीब जाएंगे और उन्हें गले लगाकर ख़ुद को विस्फोट से उड़ा देंगे।
हिटलर के मारे जाते ही तख्तापलट (coup) की विस्तृत योजना भी तैयार थी, जो इस हमले के सफल होते ही लागू की जानी थी।
लेकिन हिटलर की क़िस्मत एक बार फिर शानदार निकली। तय कार्यक्रम से उलट हिटलर संग्रहालय का दौरा सिर्फ 8 मिनट में ही खत्म कर, वहां से बाहर निकल गया और सीधा अपनी कार में बैठ गया।
अब कर्नल गर्सडॉर्फ के पास अपनी जान बचाने का दो मिनट से भी कम का समय बचा था। आख़िरकार वो वहां मौजूद टॉयलेट में घुसे और किसी तरह बम को आखिरी क्षणों में defuse कर दिया। इस असफल प्रयास के बाद उन्हें वापस पूर्वी मोर्चे पर भेज दिया गया और अंत तक किसी का उन पर कोई संदेह तक नहीं हुआ। यहां तक कि हिटलर को भी इस साज़िश का कभी पता नहीं चल सका। 

सैन्य इतिहासकार मानते हैं कि अगर 21 मार्च 1943 की उस सुबह हिटलर उस प्रदर्शनी में दो मिनट और रुका होता तो शायद मौजूदा इतिहास आज से काफी अलग होता। 

लेकिन हिटलर की वो दो मिनट की जल्दबाजी दूसरे विश्वयुद्ध खत्म होने में दो वर्षों की लंबी देरी साबित हुई। इन दो वर्षों के दौरान क़रीब पाँच करोड़ लोग मारे गए, जिनमें बड़ी संख्या आम नागरिकों की थी। 
इस सच्ची घटना पर Valkyrie नाम की एक फिल्म भी बनाई गई थी, जिसमें प्रसिद्ध अभिनेता टॉम क्रूज़ ने कर्नल गर्सडॉर्फ की भूमिका निभाई थी।

Tags: 21 March 1943 plotAdolf Hitler assassination attemptsHenning von Tresckow conspiracyHitler bombing plot SmolenskOperation Flash 1943Rudolf Christoph von Gersdorff suicide missionWorld War 2 German resistance
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

अगली पोस्ट

‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

संबंधित पोस्ट

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता
इतिहास

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

9 June 2026

उत्तर प्रदेश के अयोध्या के रहने वाले भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने...

राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद
धर्म

राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

8 June 2026

अयोध्या का राम मंदिर एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है...

गोवा राज्य स्थापना दिवस
इतिहास

गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

30 May 2026

गोवा क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का सबसे छोटा राज्य है। भारत के पश्चिमी तट पर स्थित गोवा करीब 450 वर्षों तक पुर्तगाल के शासन...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

MISSILE IN TANKER! How Indian Navy Pulled Off A Mission Impossible At Sea | Hormuz | Gulf of Oman

MISSILE IN TANKER! How Indian Navy Pulled Off A Mission Impossible At Sea | Hormuz | Gulf of Oman

00:03:38

12 YEARS OF MODI GOVERNMENT: INDIA'S DEFENCE & DIPLOMATIC RESET | PM Modi | Armed Forces

00:04:43

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited