TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    लोक कल्याण मार्ग पर चार छोटी-छोटी गायों को चारा खिलाया.

    पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    पाकिस्तान के JF-17 ऑर्डर्स की परतें खुलीं

    पाकिस्तान के JF-17 ‘ऑर्डर्स’: दावे ज़्यादा, हकीकत कम

    सीएम योगी ने जताई बच्चों के भविष्य की चिंता, स्मार्टफोन मां बाप बच्चों को न दें।

    सीएम योगी ने बच्चों के भविष्य की जताई चिंता कहा- स्माटफोन है खतरनाक

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    आईआईटी मद्रास ने रैमजेट तकनीक से चलने वाले 155 मिमी के तोप के गोले विकसित किए हैं

    रैमजेट पावर्ड शेल ? तोप का ये गोला क्यों साबित होने वाला है गेमचेंजर ?

    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    लोक कल्याण मार्ग पर चार छोटी-छोटी गायों को चारा खिलाया.

    पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    पाकिस्तान के JF-17 ऑर्डर्स की परतें खुलीं

    पाकिस्तान के JF-17 ‘ऑर्डर्स’: दावे ज़्यादा, हकीकत कम

    सीएम योगी ने जताई बच्चों के भविष्य की चिंता, स्मार्टफोन मां बाप बच्चों को न दें।

    सीएम योगी ने बच्चों के भविष्य की जताई चिंता कहा- स्माटफोन है खतरनाक

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    आईआईटी मद्रास ने रैमजेट तकनीक से चलने वाले 155 मिमी के तोप के गोले विकसित किए हैं

    रैमजेट पावर्ड शेल ? तोप का ये गोला क्यों साबित होने वाला है गेमचेंजर ?

    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मिलिए देश के ‘सबसे घटिया’ वित्त मंत्रियों से

किसी ने घोटाले किए, तो किसी के कारण महंगाई ने सभी रिकॉर्ड तोड़े!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
24 November 2021
in मत
वित्त मंत्री
Share on FacebookShare on X

आचार्य चाणक्य ने स्पष्ट लिखा था, “सर्वाश्च सम्पद: सर्वोपाये परिग्रहेत्”, अर्थात एक कुशल राजा का दायित्व है कि वह सभी प्रकार से अर्थात अपनी बुद्धिकौशल से सभी प्रकार की संपत्तियां प्रजा हेतु ग्रहण करे। ऐसे ही नीतियों के बल पर राजनीति और शासन पर विश्व के सबसे अनुपम रचनाओं में से एक, ‘अर्थशास्त्र’ की रचना हुई थी, परन्तु विश्व को अर्थशास्त्र सिखाने वाले इसी देश को स्वतंत्रता के पश्चात् संसाधन और अवसर होते हुए भी कुछ ऐसे वित्त मंत्री मिले, जिन्होंने हमें 1991 आते-आते अपना स्वर्ण भण्डार गिरवी रखने पर विवश कर दिया।

कभी सोने की चिड़िया बोले जाने वाला भारत 1947 तक आते-आते काफी पिछड़ चुका था। परन्तु इसके बाद भी कुछ नहीं बिगड़ा, क्योंकि भारत को जो इंफ्रास्ट्रक्चर मिला था, वह ऐसा था कि उसके बल पर वह अपने समकालीन देशों, विशेषकर चीन, कोरिया, जापान, यहाँ तक कि ऑस्ट्रेलिया इत्यादि को भी मीलों पीछे छोड़ सकता था। तो आखिर क्या कारण था कि जो भारत निर्धन होते हुए भी कई मायनों में स्वतंत्रता के समय अनेक देशों से आगे था, वह 1991 आते-आते दिवालियेपन के क्षितिज पर आ खड़ा हुआ। इसका प्रमुख कारण है कुछ वित्त मंत्री, जिन्होंने देश को ऐसा लूटा, जिसका कोई हिसाब नहीं। आइये देखते हैं इन अवसरवादी व्यक्तियो को, जिन्होंने देश से पहले पार्टी और अपने हित को प्राथमिकता दी –

संबंधितपोस्ट

विरोधी पार्टी के नेताओं को सम्मान देते ‘तानाशाह’ मोदी, ‘संघी’ प्रणब मुखर्जी को गाली देती कांग्रेस: मेमोरियल पर सियासत

मनमोहन सिंह के निधन पर कांग्रेस की राजनीति! प्रणब मुखर्जी की बेटी ने पिता का ‘अपमान’ करने पर कांग्रेस को घेरा

पूर्व गवर्नर का दावा, यूपीए सरकार के दौरान आरबीआई पर रहता था दबाव।

और लोड करें

5) जॉन मथाई  –

जब आरम्भ किया ही है, तो बात भी उन्ही की करते हैं, जिन्होंने इस पूरे प्रकरण की नींव रखी है – जॉन मथाई। ये वही व्यक्ति हैं, जिनके भांजे, वर्गीज़ कुरियन ने दुग्ध क्रांति का श्रेय बटोरा था। देश के प्रथम रेलवे मंत्री होने के अलावा ये देश के प्रथम वित्त मंत्री भी थे।

पंच वर्षीय योजना का क्रियान्वयन, समाजवाद पर अत्यधिक ध्यान देना, एवं एक सशक्त इंफ्रास्ट्रक्चर के होते हुए भी भारत को अवनति के गर्त में धकेलने की नींव रखने वाले यही व्यक्ति थे। ये केवल दो वर्ष के लिए वित्त मंत्री थे, परन्तु उन दो वर्षों में उन्होंने ऐसा रायता फैलाया कि उसका दुष्परिणाम अगले  41 वर्ष भारत को भुगतना पडा। जॉन मथाई को इसलिए नहीं त्यागपत्र देना पड़ा क्योंकि उनकी अलग प्राथमिकताएं थी, अपितु इसलिए क्योंकि वे अपना पद किसी और को नहीं देना चाहते थे।

4) विश्वनाथ प्रताप सिंह–

जो दिखता है, वो होता नहीं, और जो होता, वो आवश्यक नहीं कि आपको दिखाया ही जाए। विश्वनाथ प्रताप सिंह को लोग बोफोर्स घोटाला उजागर करने के लिए बहुत प्रशंसित करते हैं, और एक वित्त मंत्री के रूप में उनकी काफी प्रशंसा करते हैं। उनके बारे में चुनाव के समय एक नारा भी लगता था, “राजा नहीं फ़कीर है, देस की तकदीर है।”

परन्तु जितने मासूम वे दिखते थे, उससे कहीं अधिक कुटिल थे विश्वनाथ प्रताप सिंह। समाजवाद घोल के पीने वाले इस व्यक्ति ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई के नाम पर उद्योगपतियों का जीना हराम कर दिया था, और भारत के उदारीकरण में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक थे विश्वनाथ प्रताप सिंह। अपने आप को एक ‘कुशल वित्त मंत्री’ सिद्ध करने की जिद्द में इन्होने धीरुभाई अम्बानी तक को नहीं छोड़ा, और आखिरकार 1987 में वित्त मंत्रालय से अपने आप को हटवाकर ही माने।

3) मोरारजी रणछोड़जी देसाई –

मोरारजी देसाई के बारे में जितना बोलें, उतना ही कम पड़ेगा। ये भारतीय राजनीति के वो अनमोल रत्न हैं जिन्होंने पार्षद से लेकर प्रधानमंत्री तक हर जगह भारत की नाक कटवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। भारत की प्रगति और इनमें हमेशा छत्तीस का आंकडा रहा है।

वो कैसे? जब ये प्रथम बार वित्त मंत्री बने, तो भारत किसी तरह ले देके आर्थिक प्रगति की राह पर चल रहा था, परन्तु बॉम्बे में शराबबंदी का गोबर फैलाने के बाद इन्होने भारतीय अर्थव्यवस्था में भी रायता फैलाया और 1963 तक भारतीय अर्थव्यवस्था में महज़ 2 प्रतिशत की वृद्धि होने लगी। तब न कोई कोरोना न था, न कोई हिंदुत्व, और न ही कोई मोदी, अब किसे दोष दोगे वामपंथियों?

इसके अलावा जब 1977 में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार बनी, तो स्थिति को सुधारने के बजाये भारत को समाजवाद की आओर धकेलने में इस महोदय का योगदान अतुलनीय है। यदि भारत को 1991 में अपना स्वर्ण भण्डार गिरवी रखने पर विवश होना पड़ा, तो इसमें एक बड़ा हाथ मोरारजी देसाई का भी हाथ है, और ये तो अभी प्रारंभ है।

और पढ़े : मिलिए देश के सबसे घटिया विदेश मंत्रियों से

2) पलानीअप्पन चिदंबरम –

पलानीअप्पन चिदंबरम इस देश पर निस्संदेह एक बहुत बड़ा कलंक थे, परन्तु एक वित्त मंत्री के रूप में भी उतने ही बड़े कलंक थे। एचडी देवेगौड़ा और इंद्र कुमार गुजराल की खिचड़ी सरकार में बतौर वित्त मंत्री इन्होने इस ज़िम्मेदारी को संभाला था। परन्तु इनके असली रंग तब सामने आये, जब इन्होने 2012 में पुनः वित्त मंत्रालय संभाला। तब तक प्रणब मुखर्जी ने एक बनी बनाई अर्थव्यवस्था को पुनः गर्त में गिरा दिया था।

पी चिदंबरम को कांग्रेस सरकार का ‘संकटमोचक’ बताया जाता था, परन्तु उन्होंने स्थिति को संभालने के बजाये और बिगाड़ दिया। सब्सिडी होने के बावजूद गैस सिलिंडर के दाम आसमान छूने लगे, डॉलर के मुकाबले रुपये गर्त में गिरने लगा, और पेट्रोल एवं डीज़ल की तो बात ही मत पूछिए। जब जनता इस चौतरफा महंगाई का विरोध करने लगी, तो चिदंबरम ने मानो जले पर नमक रगड़ते हुए कहा, “इनके पास मिनरल वाटर और आइसक्रीम के लिए पैसे हैं, परन्तु आटा और तेल के लिए नहीं”

1) प्रणब मुखर्जी –

यदि आपने एक काम अच्छा किया हो, तो इसका अर्थ यह नहीं कि आपके बाकी सारे कार्यों पर पर्दा पड़ जायेगा, और प्रणब मुखर्जी का जीवन इसका सबसे प्रत्यक्ष प्रमाण है। चाहे इंदिरा गाँधी हो या मनमोहन सिंह, अपने निजी हित के पीछे इन्होने राष्ट्रीय हित को सदैव ताक पर रखा। भले ही इन्होने राष्ट्रपति के रूप में प्रायश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी, पर एक वित्त मंत्री के रूप में प्रणब मुखर्जी इस देश पर बहुत बड़े कलंक थे।

जब आपको एक फलती-फूलती अर्थव्यवस्था उपहार में मिले, तो आपकी ज़िम्मेदारी होती है कि आप उसे शिखर तक ले जाएँ। पी चिदम्बरम ने यदि अपने प्रथम कार्यकाल में कोई बड़ा वित्तीय सुधार नहीं किया, तो कम से कम आर्थिक गतिविधियों में खलल भी नहीं डाली। लेकिन प्रणब मुखर्जी ने इन दोनों ही क्षेत्रों में खूब रायता फैलाया। कभी 10 प्रतिशत के पार जाने वाली आर्थिक वृद्धि इन्ही की कृपा से 4.6 प्रतिशत तक गिर गयी। Policy Paralysis इन्ही की देन थी।

ऐसे अनेक नेता हैं, जिन्होंने विभिन्न मंत्रालयों के सहारे हमारे देश को लज्जित किया है। इन्होने हमारे देश को लज्जित करने और लूटने खसोटने में कोई कसर नहीं छोड़ी, परन्तु अब समय आ चुका है कि इनके असली चेहरों और इनकी काली करतूतों को सबके समक्ष उजागर करने का, जिसके बिना हमारे देश की प्रगति कठिन है!

और पढ़े : पेश हैं देश के सबसे घटिया गृह मंत्रियों की सूची

Tags: प्रणब मुख़र्जीमोरारजी देसाई
शेयर81ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

बिहार में शराबबंदी के विरुद्ध भारतीय जनता पार्टी ने संभाला मोर्चा!

अगली पोस्ट

Registration of Births and Deaths Act – NRC की नींव यहीं से पड़ेगी

संबंधित पोस्ट

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं
चर्चित

कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

21 November 2025

कांग्रेस के नेता देश ही नहीं विदेशों में भी जाकर लोकतंत्र बचाने की दुहाई देते रहते हैं। लेकिन जब बारी आंतरिक लोकतंत्र की आती है...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited