TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मिलिए देश के ‘सबसे घटिया’ विदेश मंत्रियों से

इनका होना ही कलंक हैं!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
24 November 2021
in मत
विदेश मंत्री
Share on FacebookShare on X

हर युद्ध का परिणाम आवश्यक नहीं कि बल से ही निकले, कुछ युद्ध बुद्धि से भी जीते जाते हैं, और कूटनीति इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। इसी कूटनीति के बल पर एक प्रखर विद्वान् विष्णुगुप्त ने अखंड भारत का सृजन किया, और आचार्य चाणक्य के रूप में विश्वप्रसिद्ध हुए। परन्तु कुछ लोगों की बुद्धि ऐसी भी थी जिन्होंने भारत को अपनी घटिया कूटनीति से कलंकित किया एक कुशल विदेश मंत्री तो वही है जो अपने देश का उच्चतम स्तर पर प्रतिनिधित्व कर सके, और भारत की अखंडता और अक्षुण्णता का सम्मान कर सके। कुछ तो लाल बहादुर शास्त्री, सुषमा स्वराज, और सुब्रह्मण्यम जयशंकर जैसे रत्न मिले, तो कई ऐसे लोग भी मिले, जिन्हें देखकर यही लगता है इंका होना ही कलंक हैं!

5) सरदार स्वर्ण सिंह –

कभी कभी कुछ नहीं करना भी बहुत कुछ करने के समान होता है, और सरदार स्वर्ण सिंह इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। इनके कुछ नहीं करने के कारण देश में कई समस्याओं को मानो स्वयं ही न्योता मिल गया, चाहे वो इस्लामिक आतंकवाद हो, नक्सलवाद हो या खालिस्तान हो।

संबंधितपोस्ट

लंदन में CJP प्रदर्शन के समर्थन कार्यक्रम में पहुंचीं ग्रेटा थनबर्ग, भारत में तेज हुई राजनीतिक बहस

NEET पेपर लीक मामला: फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहले दिन नहीं हो सकी सुनवाई, CBI का वकील नहीं पहुंचा; कोर्ट ने लोक अभियोजक नियुक्त करने के दिए निर्देश

धर्मेंद्र प्रधान का संसद में सम्मान के साथ स्वागत, NDA ने दिया एकजुटता का संदेश; इस्तीफे के बाद पहली बार पहुंचे संसद

और लोड करें

1971 के ऐतिहासिक युद्द्ध में जो भारत ने प्राप्त किया, उसे शिमला कांफ्रेंस 1972 में भारत ने उतनी ही बेईज्ज़ती से गंवा दिया। न तो POK हमारे हाथ आया, न ही पाकिस्तान के नियंत्रण से मुक्त कराये भारत के हिस्से हाथ आये। लेकिन सबसे बड़ा अपमान तो तब था जब 93000 से अधिक पाकिस्तानी युद्धबंदियों के मुकाबले भारत के एक भी युद्धबंदी को छुडवाने के लिए न प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी और न ही विदेश मंत्री स्वर्ण सिंह ने किसी प्रकार की पहल की, जिसके कारण वह जीवनभर पाकिस्तान की जेलों में सड़ने को विवश रहे।

इससे पूर्व 1964 से 1966 के समय भी जब वे विदेश मंत्री थे, तो ताशकंद समझौते में भी वह पाकिस्तान के कूटनीतिज्ञों के समक्ष भारत का पक्ष मजबूती से रखने में असफल रहे थे, और जो कुछ भी भारत ने जीता था, वह सब गंवा दिया।

4) राजीव रत्न गाँधी –

राजीव गाँधी एक घटिया प्रधानमंत्री और एक निम्नतम रक्षा मंत्री थे, ये बात तो सर्वविदित है, परन्तु वे एक घटिया विदेश मंत्री भी थे, इस बारे में कम ही लोग परिचित हैं। लेकिन जिनके डीएनए में भारत को वैश्विक स्तर पर बेईज्ज़त कराना लिखा हो, उन्हें कोई कैसे रोक पायेगा?

वक्त के एक कालजयी संवाद को अगर राजीव गाँधी के परिप्रेक्ष्य में परिभाषित करें, तो ‘राजीव सेठ, जिनके घर शीशे के हों, वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते!’। जो कांग्रेस आज चीख चीख कर भाजपा को नीरव मोदी, विजय माल्या, ललित मोदी को भगाने देने के लिए कोसती है, वारेन एंडरसन नाम सुनते ही उन्हें सांप सूंघ जाता है, जो भोपाल गैस त्रासदी के प्रमुख दोषी थी, और जिन्हें भारत से भागने में राजीव गाँधी ने सबसे अधिक सहायता की, जो उस समय विदेश मंत्री भी थे!

इसके अलावा जिस प्रकार से अपने आप को विश्व विजेता सिद्ध करने हेतु मुहम्मद बिन तुगलक की भांति राजीव गाँधी ने देश के सैनिकों को श्रीलंका के गृह युद्ध में ज़बरदस्ती झोंका, वो भी किसी से नहीं छुपा है, और उसके क्या दुष्परिणाम राजीव को स्वयं भुगतने पड़े, ये भी किसी से नहीं छुपे हैं।

और पढ़े : पेश हैं देश के सबसे घटिया गृह मंत्रियों की सूची

3) जसवंत सिंह राठौड़ –

जब आप विजय से एक कदम दूर हों, और आप अपना पराक्रम दिखाने के बजाये अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारने समान कार्य करें, तो कैसा लगेगा? कुछ ऐसा ही हुआ मेजर जसवंत सिंह राठौड़ के साथ, जिनके पास वर्षों पहले कंधार के रूप में एक सुनहरा अवसर आया था – अंतर्राष्ट्रीय दबाव में आये बिना राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए आतंकियों का सर्वनाश करने का। परन्तु हुआ ठीक उल्टा, और आज उन्हें भारत के उन विदेश मंत्रियों में गिना जाता है, जो भारत पर कलंक समान थे।

चन्द बुद्धिजीवियों और अंतर्राष्ट्रीय दबाव में झुककर इन्होने अपने इंटेलिजेंस एजेंसियों की एक न सुनी और तालिबानियों की सभी मांग पूरी करते हुए मसूद अज़हर, अहमद ओमर सईद शेख और शेख मोहम्मद ज़रगर जैसे आतंकियों को IC 814 के विमान के अपहृत यात्रियों के बदले रिहा करने का प्रस्ताव स्वीकार किया।

अटल बिहारी वाजपेयी भले ही एक ओजस्वी वक्ता और एक प्रभावशाली नेता था, लेकिन अपने आदर्शवाद में उन्होंने विदेश मंत्रालय त्यागकर जसवंत सिंह को विदेश मंत्री का पद देने की भारी भूल की, और जब कारगिल का युद्ध हुआ, तो उसके इंटेलिजेंस पर भी न उन्होंने कोई विशेष ध्यान दिया, और न ही भारतीय सैनिकों, विशेषकर कैप्टन सौरभ कालिया और स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा के साथ हुए दुर्व्यवहार के विरुद्ध किसी अंतर्राष्ट्रीय मोर्चे पर कोई आवाज़ उठाई।

2) सलमान खुर्शीद –

यूँ तो इस सूची में महोदय को प्रथम स्थान मिलना चाहिए, परन्तु इस बारे में फिर कभी। केवल डेढ़ वर्ष में यदि कोई इतनी तबाही मचा सकता है, तो सोचिये, ये पूरे 5 वर्ष अगर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे होते तो क्या होता? जो आज इनके हिंदुत्व को इस्लामिक आतंकवाद से जोड़ने पर आक्रोशित हो रहे हैं, वे ये भूलते हैं कि सलमान खुर्शीद स्वभाव से ही ऐसे हैं। 2012 से 2014 तक विदेश मंत्री रहे सलमान खुर्शीद ने न केवल विदेशी मोर्चे पर पाकिस्तान के समक्ष भारत का मनोबल गिराने का प्रयास किया, अपितु चीन के सामने भी इन्होने घुटने टेक दिये।

आज जो कांग्रेस चीन के आक्रमण पर मोदी सरकार को आँखें दिखा रही है, उनको आइना दिखाने के लिए सलमान खुर्शीद का कार्यकाल ही काफी है। चीन ने मीलों अन्दर तक तम्बू गाड़ दिए, अतिक्रमण किये, भारत के सैनिकों को लज्जित किया, पर सलमान खुर्शीद ने चूं तक नहीं की। मुफ़्ती मोहम्मद सैयद के बाद यदि कोई इस देश पर सबसे बड़ा कलंक रहा है, जिसने अपने पद की गरिमा को अपने निजी हित के लिए मिटटी में मिला दिया, तो वे यही हैं।

और पढ़े : मिलिए देश के सबसे घटिया विदेश मंत्रियों से 

1) जवाहरलाल नेहरु–

अब इनके बारे में क्या ही बोलें। जिन्होंने प्रधानमंत्री बनने के लिए देश का विभाजन करवाया, जिन्होंने अपने हास्यास्पद विचारों के लिए भारत का लगभग इस्लामीकरण ही करवा दिया, यदि वे विदेश मंत्रालय संभाले, तो आप उनसे कैसी आशा करते है?

कश्मीर के विषय को फालूत में UN तक घसीटना, अवसर होते हुए भी पाक अधिकृत कश्मीर और बलोचिस्तान को हाथ से जाने देना, नेपाल का विलय ठुकराना, हैदराबाद की समस्या पर विदेश टूर पर जाना, तिब्बत को चीन को दान में देना, अवसर होते हुए भी UN सुरक्षा परिषद् की स्थाई सदस्यता को चीन को दान में देना, अपने हाथों से अपने देश को बेचना  कोई इनसे सीखे ।

इनकी प्रखर विदेश नीति की बात करने चलो तो किस्से अनंत है, परन्तु 1962 के भारत चीन युद्ध ने सिद्ध कर दिया कि ये वास्तव में कितने अयोग्य थे। ऐसे अनेक नेता हैं, जिन्होंने विभिन्न मंत्रालयों के सहारे हमारे देश को लज्जित किया है, परन्तु अब समय आ चुका है इनके आवरण हटाने का।

शेयर86ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

SFJ ने 29 नवंबर को संसद में खालिस्तानी झंडा फहराने के लिए ‘किसानों’ को 125,000 डॉलर की पेशकश की है

अगली पोस्ट

अभिनंदन वर्थमान के वीर चक्र से लिबरलों को लगी ज़बरदस्त मिर्ची!

संबंधित पोस्ट

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23

TRUMP'S PHARMA TARIFF SHOCK

00:03:54

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited