TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं

    कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

    सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया है कि राष्ट्रपति या गवर्नर को किसी भी तय न्यायिक समयसीमा के भीतर बिलों पर मंजूरी देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

    विधेयकों को मंजूरी देने के लिए समयसीमा से बाध्य नहीं हैं राष्ट्रपति और राज्यपाल , प्रेसिडेंट मुर्मू के सवालों पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या जवाब दिया, और ये क्यों महत्वपूर्ण हैं?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    जैवलिन मिसाइल

    अमेरिका ने भारत को बताया “मेजर डिफेंस पार्टनर”, जैवलिन मिसाइल समेत बड़े डिफेंस पैकेज को दी मंजूरी, पटरी पर लौट रहे हैं रिश्ते ?

    बांग्लादेश और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की मुलाकात

    ‘हसीना’ संकट के बीच NSA अजित डोभाल की बांग्लादेश के NSA से मुलाकात के मायने क्या हैं?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    बी.एन राउ का संविधान निर्माण में बड़ा योगदान है

    क्या बेनेगल नरसिंह राउ थे संविधान के असली निर्माता ? इतिहास ने उनके योगदान को क्यों भुला दिया ?

    26 नवंबर भारतीय संविधान दिवस

    संविधान दिवस: भारतीय चिंतन परंपरा की दृष्टि से संविधान 

    Fate’s Play: Cultural Games That Echo Ancient Tales of Luck

    Fate’s Play: Cultural Games That Echo Ancient Tales of Luck

    श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निभाई ‘पालकी सेवा’ की रीति

    श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निभाई ‘पालकी सेवा’ की रीति

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    आत्मनिर्भर भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं

    कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

    सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया है कि राष्ट्रपति या गवर्नर को किसी भी तय न्यायिक समयसीमा के भीतर बिलों पर मंजूरी देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

    विधेयकों को मंजूरी देने के लिए समयसीमा से बाध्य नहीं हैं राष्ट्रपति और राज्यपाल , प्रेसिडेंट मुर्मू के सवालों पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या जवाब दिया, और ये क्यों महत्वपूर्ण हैं?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    जैवलिन मिसाइल

    अमेरिका ने भारत को बताया “मेजर डिफेंस पार्टनर”, जैवलिन मिसाइल समेत बड़े डिफेंस पैकेज को दी मंजूरी, पटरी पर लौट रहे हैं रिश्ते ?

    बांग्लादेश और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की मुलाकात

    ‘हसीना’ संकट के बीच NSA अजित डोभाल की बांग्लादेश के NSA से मुलाकात के मायने क्या हैं?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    बी.एन राउ का संविधान निर्माण में बड़ा योगदान है

    क्या बेनेगल नरसिंह राउ थे संविधान के असली निर्माता ? इतिहास ने उनके योगदान को क्यों भुला दिया ?

    26 नवंबर भारतीय संविधान दिवस

    संविधान दिवस: भारतीय चिंतन परंपरा की दृष्टि से संविधान 

    Fate’s Play: Cultural Games That Echo Ancient Tales of Luck

    Fate’s Play: Cultural Games That Echo Ancient Tales of Luck

    श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निभाई ‘पालकी सेवा’ की रीति

    श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निभाई ‘पालकी सेवा’ की रीति

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    आत्मनिर्भर भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी हैं मुलायम सिंह यादव, अवसरवाद में नीतीश के बाद आता है उनका ही स्थान

आज 82 वर्ष के हुए अवसरवादी मुलायम!

Yashwant Singh द्वारा Yashwant Singh
22 November 2021
in मत
मुलायम सिंह यादव अवसरवाद

Source- Google

Share on FacebookShare on X

उत्तर प्रदेश के धरतीपुत्र नाम से मशहूर पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, वर्तमान भारतीय राजनीति के सबसे बड़े चेहरों में से एक हैं। उन्होंने भारतीय राजनीति में एकछत्र राज किया है। वो देश के सबसे बड़े सूबे यूपी के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। जमीनी स्तर पर उनकी पकड़ काफी बेहतरीन बताई जाती है। राज्य के कई इलाकों में समर्थक उन्हें पूजते भी हैं। वो राज्य के नेता होते हुए केंद्रीय नेताओं के बराबर महत्व रखने वाले नेता रहे हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि राजनीति में मुलायम ने जो मुकाम हासिल किया है, वो अन्य नेताओं के लिए एक बड़ा उदाहरण है। मुलायम सिंह यादव इतने बड़े नेता हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक उपलब्धियों में हमेशा से ही एक चीज की कमी रही है और वह है कि मुलायम अवसरवाद की राजनीति करते रहे हैं।

जिंदगी भर सत्ता का आनंद उठाने के लिए उन्होंने राजनीतिक दलों ने कभी मीठे तो कभी खट्टे संबंध रखें! इसका लाभ उनके राजनीतिक करियर में भी देखने को मिला। आज उनके जन्मदिन के अवसर पर इस आर्टिकल के माध्यम से उनके राजनीतिक रोलर कोस्टर यात्रा को विस्तार से समझेंगे।

संबंधितपोस्ट

‘यूपी में साथ चुनाव लड़ेगा INDI ब्लॉक’: बिखरे गठबंधन पर अखिलेश यादव का दावा, कहीं भ्रम तो नहीं?

सपा विधायक इंद्रजीत सरोज ने हिंदुओं के देवताओं के खिलाफ ‘उगला ज़हर’; अखिलेश की शह पर हिंदू विरोध में पार्टी!

90 घंटे काम को लेकर अखिलेश यादव का ‘नकारात्मक नज़रिया’!: पिता मुलायम सिंह यादव से कब सीखेंगे?

और लोड करें

और पढ़ें: शिवपाल को सत्ता से दूर रखने के लिए मुलायम सिंह यादव ने शिवपाल और अखिलेश के बीच पैदा की थी दरार!

मुलायम सिंह ने दी थी केंद्र सरकार को चेतावनी

राजनीति में उनके उदय की शुरुआत एक लोकप्रिय क्षेत्रीय नेता के तौर पर हुई थी। साल 1989 में वो पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में चुने गए। पहले कार्यकाल के दौरान जब अधिकारियों ने मुलायम सिंह यादव को बताया कि तत्कालीन डिप्टी पीएम देवी लाल (जो कृषि विभाग भी संभाल रहे थे) ने यूरिया की कीमतों में भारी वृद्धि की घोषणा की है, तब उन्होंने काफी रोष में देवी लाल को फोन किया और अपनी नाराजगी व्यक्त की। साथ ही उन्होंने तुरंत घोषणा भी कर दी कि किसान बढ़ी हुई कीमतों पर भुगतान नहीं करेंगे, और अगर ये वापस नहीं हुआ तो उनकी सरकार राज्य में सब्सिडी नहीं देगी। यह एक ‘विद्रोही’ मुलायम थे, जिन्होंने केंद्र सरकार को चुनौती दी थी और किसानों के लिए उनके दृढ़ विश्वास के चलते उन्होंने बढ़ी हुई कीमतों को कभी लागू नहीं होने दिया था।

अपने घातक डकैतों के गिरोहों के लिए कुख्यात ‘चंबल के बीहड़ों’ के विश्वासघाती इलाके में कहा जाता है कि केवल जीवित रहने की प्रवृत्ति वाले ही जीवित रह कर आगे बढ़ सकते हैं, “बच्चीहो तब ही कुछ करी पहियो” (कुछ सार्थक करने में सक्षम होने के लिए आपको जीवित रहने की आवश्यकता है)। 79 साल पहले (21 नवंबर, 1939) को बीहड़ से सटे इटावा के सैफई गांव में जन्मे मुलायम सिंह यादव इस पुराने जंगल की कहावत के साथ बड़े हुए हैं!

और पढ़ें:  योगी आदित्यनाथ ने मुलायम सिंह यादव को घोषित किया बिजली चोर

भाजपा के साथ मुलायम का संबंध

2019 लोकसभा चुनाव से पहले मुलायम सिंह यादव ने नरेंद्र मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनने की ख्वाहिश जाहिर की थी। एक प्यारे मुस्कान के साथ उनके इस बात को लेकर कई तरह के कयास लगाए जाने लगे थे। लेकिन ध्यान देने वाली बात है कि यह वहीं मुलायम सिंह यादव हैं, जिन्होंने मुस्लिम वोट बैंक का मत हासिल करने के कारसेवकों पर गोलियां चलवाई थी। उस समय रामरथ यात्रा के रूप में भाजपा अपने चरम पर थी।

भाजपा के हिंदुत्व वाले जय श्री राम के नारे के जवाब में सपा-बसपा के गठबंधन ने “मिले मुलायम कांशी राम, हवा में उड़ गए जय श्री राम” नारे का जोर-शोर से प्रचार प्रसार किया और इस गठबंधन ने भाजपा के राजनीतिक मार्च को सफलतापूर्वक रोक दिया। लेकिन, यह मिलन अधिक समय तक नहीं चला, राज्य अतिथि गृह में सपा के गुंडों द्वारा मायावती पर हमले के बाद यह गठबंधन बूरी तरह बिखर गया!

साल 1990 की यह घटना अतीत की तरह प्रतीत होती है, लेकिन उस साल की दो घटनाएं आज भी भारतीय समाज और राजनीति को प्रभावित करती हैं। उस समय मुलायम सिंह की कथित तौर पर दो मजबूरियां थी, पहला- मंडल आयोग की उस रिपोर्ट को जारी करना था, जिसे पिछली सरकारों ने वस्तुतः ठंडे बस्ते में डाल दिया था और दूसरा- इसकी प्रतिक्रिया के रूप में आया, क्योंकि मुसलमान इस कोटे से खुश नहीं थे और राजीव गांधी के कपाट खोलने वाले फैसले से भी मुसलमान रुष्ट थे।

और पढ़ें: कल्याण सिंह: वो मुख्यमंत्री जिन्होंने अयोध्या के राम मंदिर के लिए लखनऊ की सत्ता को ठोकर मार दी

लेकिन पिछले गंठजोड़ के साथ, बाबरी मस्जिद स्थल पर अयोध्या में राम मंदिर के लिए आक्रामक अभियान के रूप में काम करके मुलायम सिंह यादव वोट बैंक बनाने में सफल रहे थे। हालांकि, अयोध्या में राम मंदिर के लिए अभियान आरएसएस प्रतिनिधि सभा के 1986 के प्रस्ताव के बाद से चल रहा था, लेकिन तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी द्वारा राष्ट्रव्यापी रथ यात्रा का नेतृत्व करने का फैसला करने के बाद इसे गति मिली थी। उस समय आरएसएस-भाजपा ने वीपी सिंह सरकार के मंडल आयोग के कदम को संदेह की नजरों से देखा था। उस आयोग की सिफारिशों ने नौकरियों में ओबीसी को जाति-आधारित आरक्षण दिया था और संघ ने इसे हिंदू समाज को विभाजित करने के प्रयास के रूप में देखा था।

कांग्रेस के साथ मुलायम के संबंध

भले ही यूपी विधानसभा चुनाव 2017 में कांग्रेस और सपा एक साथ आई और राहुल-अखिलेश की जोड़ी को लोग एक मजबूत ताकत के रूप में देख रहे थे, लेकिन एक समय था जब मुलायम सिंह यादव ने सोनिया गांधी को ठेंगा दिखा दिया था। 17 मई 1999 को लोकसभा में भाजपा की स्थिति खराब होने वाली थी, क्योंकि सोनिया गांधी ने तत्कालीन राष्ट्रपति नारायणन से दावा किया था कि 272 संसद उनके पास हैं। साल 1996 की तरह इस बार भी अलर्ट जारी कर दिया गया था।

तब तमाम लोगों को चौंकाते हुए मुलायम सिंह यादव ने अटल बिहारी वाजपेयी को समर्थन दे दिया था। इसको भी अवसरवाद माना जा सकता है, क्योंकि भाजपा के साथ उस समय मुलायम सिंह यादव के संबंध अच्छे नहीं चल रहे थे। इसके अलावा एक समय क्षत्रियों से उनके संबंध खराब होने लगे थे। जिसे ठीक करने के लिए क्षत्रिय डिम्पल यादव को घर की बहु बनाकर मुलायम सिंह यादव ने अपने वोट बैंक को और मजबूत किया था!

और पढ़ें: हनुमान भक्त मुलायम, परशुराम भक्त अखिलेश- पेश है हिंदुत्ववादी समाजवादी पार्टी

जब मुलायम ने दिया था पीएम को धक्का

मुलायम सिंह यादव एक दिलेर नेता हैं, जिनकी तस्वीरें कभी व्हीलचेयर पर दिखती है तो कभी रमजान में इफ्तार करते हुए। बताते चलें कि प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा को धक्का देने को लेकर भी मुलायम चर्चा में रह चुके हैं। जी हां! ये सत्य है कि जब एचडी देवगौड़ा देश के प्रधानमंत्री थे, तब मुलायम सिंह यादव ने उन्हें धक्का दे दिया था, उस समय शरद यादव और लालू प्रसाद भी वहां मौजूद थे।

दरअसल, मामला कुछ यूं था कि मुलायम सिंह यादव और लालू यादव के खिलाफ सीबीआई ने मामला दर्ज कर लिया था। इससे आहत होकर मुलायम सिंह और लालू यादव, शरद के पास पहुंचे और वहां से तीनों नेता प्रधानमंत्री देवगौड़ा के पास पहुंच गए। बताया जाता है कि तत्कालीन पीएम के साथ समझाइश से सहमत न होने के कारण मुलायम ने यह कदम उठा लिया था। आज उसी ऊंच-नीच संबंधों में चलने वाले मुलायम सिंह यादव का जन्मदिन है। अच्छा हो या बुरा, यह कहना गलत नहीं होगा कि मुलायम सिंह यादव  अवसरवाद की राजनीति के बादशाह बन चुके हैं!

Tags: मुलायम सिंह यादवसमाजवादी पार्टी
शेयर34ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अब एयर इंडिया की राह पर चल रही BSNL और MTNL

अगली पोस्ट

अजमेर का ‘अढ़ाई दिन का झोंपड़ा’ कहने को मस्जिद है परंतु वास्तविकता तो सनातन संस्कृति की ओर संकेत देती है

संबंधित पोस्ट

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं
चर्चित

कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

21 November 2025

कांग्रेस के नेता देश ही नहीं विदेशों में भी जाकर लोकतंत्र बचाने की दुहाई देते रहते हैं। लेकिन जब बारी आंतरिक लोकतंत्र की आती है...

आतंकवाद को भावुकता की आड़ में ढकने की कोशिश
चर्चित

दिल्ली धमाका: ‘वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ की बर्बरता को कैसे ‘ह्यूमनाइज़’ कर रहे हैं  The Wire जैसे मीडिया संस्थान ?

17 November 2025

NIA ने स्पष्ट कर दिया है कि दिल्ली में लाल किले के पास हुआ धमाका, सामान्य हमला नहीं बल्कि फिदायीन हमला था। यानी आई-20 कार...

और लोड करें
इस समय चल रहा है

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56

Tejas Under Fire — The Truth Behind the Crash, the Propaganda, and the Facts

00:07:45

Why Rahul Gandhi’s US Outreach Directs to a Web of Shadow Controversial Islamist Networks?

00:08:04

How Javelin Missiles Will Enhance India’s Anti-Tank Dominance?

00:06:47
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2025 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2025 TFI Media Private Limited