TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

हवलदार मेजर निहाल सिंह- वो भारतीय सैनिक जो रेजांग ला युद्ध के बाद चीन की कैद से भाग निकले

अदम्य शौर्य और साहस के प्रतीक हैं मेजर निहाल सिंह

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
18 November 2021
in इतिहास, ज्ञान
निहाल सिंह

Source- Google

Share on FacebookShare on X

‘मुझे तोड़ लेना वनमाली, उस पथ पर देना तुम फ़ेंक,

मातृभूमि पर शीश चढाने, जिस पर जावें वीर अनेक!’

नमन है उन वीरों को, जिन्होंने अपना सर्वस्व अर्पण कर दिया, ताकि हम अपने आज को संवार सकें. नमन है उन शूरवीरों को, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी, ताकि हमारी स्वतंत्रता अक्षुण्ण रहे. परन्तु ऐसे बहुत कम व्यक्ति थे, जिन्होंने न केवल अपना सर्वस्व अर्पण किया, अपितु काल और अन्याय को भी चुनौती देते हुए अपनी अलग पहचान बनाई, और ऐसे ही एक परमवीर थे हवलदार मेजर [सेवानिर्वृत्त] निहाल सिंह यादव, जिन्होंने रेजांग ला की माटी पर अपने अदम्य साहस का परिचय दिया और चीन के चंगुल से अपने आप को मुक्त करा कर वापस लौटे.

साल 1962 में, जब भारत और चीन के बीच युद्ध छिड़ा हुआ था, तब स्थिति एकदम विकट थी. चीन ने त्राहिमाम मचा दिया था और जहां भी वह आक्रमण करते, वहां भारतीय सेना का ‘आवभगत’ चीन अत्याधुनिक हथियारों के साथ करता. स्थिति कितनी दयनीय थी, इसका अंदाज़ा आप बुम ला के युद्ध से लगा सकते हैं, जहां सैकड़ों चीनियों का सामना करने के लिए 1 सिख रेजिमेंट के 21 सैनिकों के पास .303 एनफील्ड राइफल्स, कुछ मॉर्टर और चन्द लाईट मशीन गन के अलावा कोई सहायता उपलब्ध नहीं थी. सहायता छोडिये, उन जवानों के पास  मौसम के अनुरुप पहनने के लिए ढंग के कपडे भी नहीं थे.

संबंधितपोस्ट

मेजर शैतान सिंह और उनके 120 रणबांकुरों की वो कहानी जो आज भी सिहरन पैदा करती है

और लोड करें

और पढ़ें: “1962 vs 2020”, भारत के घातक SFF और इंडो-तिब्बत सैनिकों ने चीन से वापस छीनी Reqin पोस्ट

कुमाऊं रेजिमेंट ने चीनियों को सिखाया था सबक

कुछ ऐसी ही स्थिति 13 कुमाऊं रेजिमेंट के चार्ली कम्पनी के जवानों की थी, जिनका नेतृत्व कर रहे थे मेजर शैतान सिंह भाटी, जो एक कुशल फुटबॉलर भी थे और राष्ट्रीय स्तर पर डूरंड कप तक खेल चुके थे. उनके जवानों को सीधा बारामुला से चुशूल भेजा गया, जहां पर तापमान माइनस 10 डिग्री से भी नीचे जाता था, और उनके पास सर्दी से बचने के लिए पर्याप्त कपडे नहीं थे. लेकिन हरियाणा के रेवाड़ी से आये चार्ली कम्पनी के 123 अन्य जवानों एवं JCO को इस बात से कोई समस्या नहीं थी. उन्हें बस प्रतीक्षा थी कि कब शत्रु आये और कब वो अपने साथियों के बलिदान का प्रतिशोध ले सकें. लद्दाख की हाड़ कंपकंपाती सर्दी भी उन वीर अहिरों के जोश को डिगा न पाई.

फिर आया 18 नवंबर 1962 का सवेरा. ऑब्जरवेशन पोस्ट पर लगे नायब सूबेदार हरी राम ने कुछ चीनियों को अपनी ओर आते हुए देखा. हालांकि, वे पांच से दस लोग ही थे, परंतु कोई भी ज़ोखिम उठाने को तैयार नहीं था. प्रारंभिक आक्रमण को चार्ली कंपनी ने धाराशायी करने में कोई देर नहीं लगाई. इसके पश्चात दो प्लाटून पर एक साथ आक्रमण किया गया, परंतु कंपनी के वीर जवानों ने उस आक्रमण को भी धाराशायी कर दिया.

और पढ़ें: शत्रु संपत्ति कानून- भारत-चीन के बीच युद्ध हुआ तो भारत ज़ब्त कर लेगा चीन की अरबों की संपत्ति

तत्कालीन ब्रिगेड कमांडर और बाद में देश के सेनाध्यक्ष, तपीश्वर नारायण रैना अपने संस्मरणों में बताते हैं कि इसके बाद जो तांडव प्रारंभ हुआ है, उसका शब्दों में विवरण अपर्याप्त है. चीन ने हर प्रकार के मॉर्टर दागना प्रारंभ किया और आर्टिलरी फायर किया सो अलग. जब महीनों बाद एक सर्च पार्टी तत्कालीन ब्रिगेडियर टी एन रैना के नेतृत्व में रेजांग ला पहुंची थी, तो उन्होंने पाया था कि जो टिन शेड थे, उसके परखच्चे उड़ चुके थे और जो बांस की बल्लियां उनके सपोर्ट के लिए लगी थी, वो माचिस की तीली के सामान हो गई थी.

परंतु, एक भी सैनिक टस से मस नहीं हुआ. स्वयं मेजर शैतान सिंह भीषण गोलाबारी में घायल होने के बाद भी एक बंकर से दूसरे बंकर में जवानों का हौसला बढाने में लगे हुए थे. इतने में एक HMG यानी हेवी मशीन गन बर्स्ट में वो शहीद हो गए. क्रोध में कम्पनी हवलदार मेजर हरफूल सिंह ने उस चीनी सैनिक को गोलियों से भून दिया, परन्तु एक जवाबी शेल में वो भी वीरगति को प्राप्त हुए.

3000 चीनी सैनिकों पर भारी पड़े थे 125 शूरवीर

तो निहाल सिंह इस बीच क्या कर रहे थे? वो कम्पनी के लाईट मशीन गन पोस्ट को संभाल रहे थे. उनके  हाथों के बीच से गोलियां आर पार निकल गई, परन्तु उन्होंने गोलियां चलाना नहीं छोड़ा. अंत में जब गोलियां ख़त्म हो गई, तब उन्होंने किसी भांति उस गन को ध्वस्त किया, ताकि वो शत्रु के हाथ में न पड़े. कुछ समय बाद घायल निहाल को चीनी सैनिक उठा के पोस्ट से घसीटते हुए ले गए.

रेजांग ला के युद्ध में भले ही भारतीय सैनिकों का नाश हुआ, परन्तु चीन का एक भी सैनिक अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो सका. केवल 125 शूरवीरों ने 3000 चीनी सैनिकों को दिन में तारे दिखा दिए थे. स्वयं निहाल सिंह बताते हैं कि ट्रकों में भर-भर कर चीनियों को लाशें ले जानी पड़ी थी. आज तक चीनी सेना ने अपने मृतकों के आंकड़े सार्वजानिक नहीं किये हैं, परन्तु ऐसा माना जाता है कि 1500 से 2000 चीनी सैनिकों को भारतीय शूरवीरों ने धाराशायी कर दिए थे.

और पढ़ें : भारत-चीन युद्ध के 58 वर्ष पूरे – जानिए, नेहरू और मोदी दोनों के चीन से निपटने के तरीके में क्या है अंतर

परन्तु ये कहानी वहीं पर नहीं ख़त्म हुई. निहाल सिंह को चीनी सेना की कस्टडी में रखा गया, जहां उन्हें काफी यातनाएं दी गई, परन्तु वो तनिक भी नहीं डिगे. रात के समय हर बाधा को पार करते हुए निहाल सिंह चीनी सैनिकों के चंगुल से भाग निकले और वो तब तक नहीं रुके, जब तक वो सकुशल भारत नहीं पहुंच गए. निहाल सिंह को उनकी सेवा के लिए सेना मैडल से सम्मानित किया गया और वो नायब सूबेदार के मानद पद पर सेवानिर्वृत्त हुए. धन्य है ये भूमि, जिसपर ऐसे वीरों ने जन्म लिया!

Tags: निहाल सिंहरेजांग ला
शेयर19ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

तारा सिंह हेयर- भारतीय-कनाडाई सिख पत्रकार जिन्होंने खालिस्तानियों के खिलाफ भारत के लिए लड़ाई लड़ी

अगली पोस्ट

उल्फा आतंकवादियों को लेकर फर्जी दावे करने वाले TOI को सीएम हिमंता ने लपेट दिया

संबंधित पोस्ट

21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा
इतिहास

21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

21 March 2026

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान Adolf Hitler के खिलाफ कई साजिशें रची गईं, लेकिन 21 मार्च 1943 की साजिश खास इसलिए थी क्योंकि यह एक...

दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 

चर्चित

दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


21 March 2026

दुनिया भर में आज ईद का त्योहार मनाया जा रहा है, ख़ासकर इस्लामिक मुल्कों या फिर वो देश जहां मुस्लिम समुदाय की संख्या काफी अच्छी...

वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन
इतिहास

वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

20 March 2026

वह 24 साल के थे उन्होंने एक सैनिक की वर्दी पहनी, कंधे पर एक राइफल टांगी, और अपने महल से बाहर उस रात में कदम...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited