TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना: फ्रंटलाइन की रिपोर्ट ने भारतीय मीडिया में गरमागरम बहस को जन्म दिया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    भारत का पाकिस्तान पर वार

    संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    तालिबान द्वारा मूर्तियों के विनाश के समय

    आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

    मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी

    मार्च 1993 के मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी और नई व्यवस्थाएँ तैयार कीं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना: फ्रंटलाइन की रिपोर्ट ने भारतीय मीडिया में गरमागरम बहस को जन्म दिया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    भारत का पाकिस्तान पर वार

    संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    तालिबान द्वारा मूर्तियों के विनाश के समय

    आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

    मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी

    मार्च 1993 के मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी और नई व्यवस्थाएँ तैयार कीं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

आखिर कैसे हिंदुत्व के प्रतीक से ‘हिंदुत्व के कलंक’ में परिवर्तित हुए आडवाणी?

‘जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है!’

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
8 November 2021
in चर्चित, ज्ञान
आडवाणी

Source- Google

Share on FacebookShare on X

‘जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है’, ये कथन एक व्यक्ति के जीवन का संक्षिप्त परिचय कराने के लिए पर्याप्त है, जो कभी देश की संस्कृति को अक्षुण्ण रखने के लिए एड़ी चोटी का ज़ोर लगाते थे। परंतु राजनीति के कुचक्र में वो ऐसे फंसे कि हिंदुत्व की विचारधारा के सबसे प्रखर प्रतीक से कब वह सबसे बड़े कलंक के रुप में परिवर्तित हो गए, पता ही नहीं चला! जी हां, हम बात कर रहे हैं लाल कृष्ण आडवाणी की, जिनका आज जन्मदिन है। इन्होंने राष्ट्रवादी राजनीति की नींव रखी थी और भारतीय जनता पार्टी का अस्तित्व खड़ा करने में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लेकिन एक सुनहरा अवसर होते हुए भी वह लोकसभा चुनाव 2009 में कांग्रेस के अत्याचारी शासन को उखाड़ फेंकने में असफल रहे थे!

जनसंघ की रीढ़ बन चुके थे आडवाणी

भारत के अंतिम उप प्रधानमंत्री रहे लाल कृष्ण आडवाणी का जन्म आज ही के दिन यानि 8 नवंबर 1927 को कराची में हुआ। मात्र 14 वर्ष की आयु में ही वो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा से जुड़ गए। लेकिन जब उन्होंने युवावस्था में कदम रखा, तो उन्हें भारत के विभाजन की पीड़ा सहनी पड़ी और उन्हें कराची से राजस्थान स्थानांतरित भी होना पड़ा।

संबंधितपोस्ट

संसद में हंगामा: किरण रिजिजू का आरोप—कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर से की अभद्रता, पीएम को दी धमकी

पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

आंध्र प्रदेश में भाजपा का विस्तार अभियान: अटल–मोदी सुपारिपालन यात्रा की शुरुआत

और लोड करें

लालकृष्ण आडवाणी जल्द ही भारतीय जनसंघ का हिस्सा बन गए, जिसका नेतृत्व प्रखर राष्ट्रवादी डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के हाथों में था। वो मात्र 26 वर्ष के थे, जब डॉक्टर मुखर्जी की कश्मीर में रहस्यमयी परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। सन् 1957 तक युवा आडवाणी भारतीय जनसंघ का अभिन्न अंग बन चुके थे और उन्होंने अपने सहभागी अटल बिहारी वाजपेयी के साथ आरएसएस एवं जनसंघ को सशक्त बनाने की दिशा में भरपूर प्रयास किया।

जनसंघ के सहसंस्थापक बलराज माधोक को 1973 के अधिवेशन में पार्टी से निष्कासित करने के कारण वे विवादों के घेरे में भी आए, परंतु आपातकाल में उनके प्रखर व्यक्तित्व और प्रदर्शन ने इस ओर लोगों का ध्यान आने ही नहीं दिया। जब जनता पार्टी ने कांग्रेस को 1977 के चुनाव में हराया, तो आडवाणी सूचना एवं प्रसारण मंत्री बनाए गए।

और पढ़ें : राष्ट्रपति चुनाव में आडवाणी जी के हाव-भाव देख आपको दया आई? ये पढ़कर नहीं आएगी

इसी बीच वैचारिक अनबन के कारण जनता पार्टी विघटित हुई और 1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई। प्रारंभ में अटल बिहारी वाजपेयी इसके अध्यक्ष बनें, जिन्होंने गांधीवादी समाजवाद और नरम हिन्दुत्व को बढ़ावा दिया। लेकिन ये दांव उचित सिद्ध नहीं हुआ और 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बावजूद भाजपा को अपने प्रथम चुनाव में मात्र दो लोकसभा सीट प्राप्त हुए। उस समय भाजपा से अधिक आक्रामक तेलुगु सुपरस्टार एन टी रामा राव की तेलुगु देसम पार्टी निकली, जिसने कांग्रेस की आंधी में भी डटकर 30 सीट प्राप्त किये!

‘…मंदिर वहीं बनाएंगे’

उसके बाद जल्द ही भाजपा का नेतृत्व आडवाणी के हाथों में स्थानांतरित हुआ, जिन्होंने आक्रामक हिन्दुत्व को पुनः बढ़ावा दिया। ‘सौगंध राम की खाते हैं, मंदिर वहीं बनाएंगे!’ इन्हीं के प्रयासों की देन थी। ये आडवाणी ही थे, जिन्होंने तेलुगु देसम पार्टी की तत्कालीन राष्ट्रीयता को पहचानते हुए उन्हें एक गैर कांग्रेसी मोर्चा बनाने का सुझाव दिया, जिसमें कांग्रेस से विक्षुब्ध होकर आए जनता दल के प्रमुख विश्वनाथ प्रताप सिंह भी शामिल हुए। ये प्रयोग बेहद सफल रहा और राष्ट्रीय मोर्चा ने अपनी गठबंधन सरकार बनाई, जिसमें भाजपा का अपना 85 सीट का योगदान भी रहा। लेकिन ये मोर्चा अगले ही साल बिखर गया, क्योंकि इसी पार्टी के नेता लालू प्रसाद यादव ने भाजपा के ‘राम रथ यात्रा’ को न केवल रोका, अपितु लालकृष्ण आडवाणी को हिरासत में भी लिया। रही सही कसर कश्मीर में हुए आतंकवाद और विश्वनाथ प्रताप सिंह द्वारा सुझाए गए मण्डल कमीशन के हास्यास्पद आरक्षण ने पूरी कर दी!

लेकिन आडवाणी का कद नहीं घटा, उनका कद बढ़ता ही गया और अयोध्या जन्मभूमि परिसर पर निर्मित ‘बाबरी मस्जिद’ के विध्वंस के पश्चात लालकृष्ण आडवाणी हिन्दुत्व के सबसे बड़े प्रतीकों में से एक बन गए। हिन्दुत्व की विचारधारा को स्थापित करने में जितनी महत्वपूर्ण भूमिका वीर सावरकर, सीताराम गोयल आदि जैसे महापुरुषों की है, उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका राजनीतिक रूप से लालकृष्ण आडवाणी की भी रही है।

और पढ़ें: लाला लाजपत राय: वो वीर पुरुष जिनके बलिदान ने स्वतंत्रता आंदोलन की दिशा ही बदल दी!

आडवाणी का जिन्ना प्रेम

तो फिर ऐसा क्या हुआ की जो व्यक्ति हिन्दुत्व का सबसे बड़ा प्रतीक था, उसके हाथों में कमान होते हुए भी साल 2009 का चुनाव भाजपा नहीं जीत पाई? कारण था कराची, विशेषकर मोहम्मद अली जिन्ना के प्रति मोह! साल 2005 में जब भाजपा सत्ता से बाहर हो चुकी थी, तो लालकृष्ण आडवाणी कराची यात्रा पर निकले। उन्होंने न केवल मोहम्मद अली जिन्ना के मज़ार पर चादर चढ़ाई, अपितु उसकी तारीफ में अनेक बातें भी कही। रही सही कसर कुछ ही वर्षों बाद उन्हीं के मंडली के प्रिय नेता यसवंत सिंह ने जिन्ना के विरुदावली में एक पुस्तक निकालकर पूरी कर दी। आडवाणी को अध्यक्ष पद गंवाना पड़ा, तो यसवंत सिंह को पार्टी ही छोड़नी पड़ी। जिसके बाद भाजपा ‘नरम दल’ और ‘गरम दल’ में बंट गई, क्योंकि तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, आडवाणी की नीतियों से सहमति नहीं रखते थे।

एक तो पहले ही कई देशवासी कंधार कांड पर आडवाणी की कथित अक्षमता के पीछे विक्षुब्ध थे और फिर जिन्ना की विरुदावली उनके मुख से सुनकर वे आपे से बाहर हो गए। इसके अलावा साल 2004 में जब आडवाणी और वाजपेयी के संयुक्त नेतृत्व में चुनाव लड़ा गया, तो आडवाणी को ‘लौहपुरुष’ की पदवी मिली, जबकि यह नाम केवल सरदार पटेल के लिए उपर्युक्त है, जिन्होंने इस देश को एक करने के लिए अपना सर्वस्व अर्पण कर दिया था!

और पढ़े: आगा खान – जिसने ऑल इंडिया मुस्लिम लीग का सृजन किया और अखंड भारत को खंडित किया

साल 2009 भाजपा के लिए सत्ता पुनः प्राप्त करने का सबसे बढ़िया अवसर था, क्योंकि हिंदू आतंकवाद के नाम पर कांग्रेस ने पूरे देश का बंटाधार किया था। परंतु अपने अहंकार और जिन्ना प्रेम के कारण आडवाणी ने न केवल यह सुनहरा अवसर गंवाया, अपितु अपनी छवि का भी सत्यानाश सुनिश्चित करवाया!

Tags: भाजपालाल कृष्ण आडवाणी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

आखिर इतने सारे भारतीय ब्रेट ली का सम्मान क्यों करते हैं?

अगली पोस्ट

पैसा ही पैसा होगा- अब 32 देश 1 दिसंबर से चीनी उत्पादों पर नहीं देंगे टैरिफ, भारत के लिए सुनहरा अवसर

संबंधित पोस्ट

महाराष्ट्र में धर्म स्वतंत्रता विधेयक पर विरोध
चर्चित

महाराष्ट्र में धर्म स्वतंत्रता विधेयक पर विरोध और समर्थन के बीच सियासी विवाद गहराया

17 March 2026

महाराष्ट्र विधानसभा ने धर्म की स्वतंत्रता विधेयक पास किया है, जो एक विवादित एंटी-कन्वर्ज़न कानून है और राज्य में राजनीतिक और सामाजिक बहस को तेज़...

शिवालिक के LPG लेकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुँचने के बाद अब ‘नंदा देवी’ भी भारत के कांडला बंदरगाह पर पहुँच चुका है, विस्तार से समझते
चर्चित

शिवालिक के LPG लेकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुँचने के बाद अब ‘नंदा देवी’ भी भारत के कांडला बंदरगाह पर पहुँच चुका है, विस्तार से समझते

17 March 2026

ईरान से विशेष अनुमति मिलने के बाद भारतीय LPG टैंकरों की आवाजाही को लेकर अहम अपडेट सामने आए हैं भारत का शिवालिक टैंकर सोमवार शाम...

बिपिन रावत
चर्चित

‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

16 March 2026

जनरल रावत के कार्यकाल का सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य था एक ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’ की स्थापना। भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के रूप...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited