TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी, स्मृति ईरानी ने नेताओं को दी नसीहत, VIP कल्चर छोड़ने को कहा

    पंजाब

    पंजाब में फिर साथ आ सकते हैं BJP और अकाली दल, अमित शाह के बयान के बाद गठबंधन की चर्चा तेज

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी, स्मृति ईरानी ने नेताओं को दी नसीहत, VIP कल्चर छोड़ने को कहा

    पंजाब

    पंजाब में फिर साथ आ सकते हैं BJP और अकाली दल, अमित शाह के बयान के बाद गठबंधन की चर्चा तेज

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

BJP वही कर रही है जो उसे बंगाल में बहुत पहले करना चाहिए था, स्वामी प्रसाद मौर्या तो प्रारंभ हैं!

'जहां देखा दम, वहां खिसके हम' वाले भाजपा नेताओं पर एक्शन जरुरी!

Yashwant Singh द्वारा Yashwant Singh
13 January 2022
in राजनीति
स्वामी प्रसाद मौर्या

Source- Google

Share on FacebookShare on X
  • स्वामी प्रसाद मौर्या के खिलाफ जारी हुआ वारंट
  • भाजपा में हैं सबसे ज्यादा दल बदलू नेता- ADR
  • काम न करने वाले भाजपा विधायकों का कटा टिकट

हाल ही में आपने सुना होगा कि स्वामी प्रसाद मौर्या ने भाजपा का दामन छोड़ दिया। यह वही स्वामी प्रसाद मौर्या हैं, जो 2017 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बहुजन समाज पार्टी से बीजेपी में शामिल हो गए थे और पार्टी प्रमुख मायावती पर भ्रष्टाचार और सीटों की “नीलामी” का आरोप लगाया था। उन्होंने बीते मंगलवार को अपना इस्तीफा ट्विटर पर पोस्ट किया। अपने पत्र में उन्होंने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर दलितों, किसानों, छोटे और मध्यम व्यवसायों और बेरोजगार युवाओं के प्रति लापरवाही का आरोप लगाया।

स्वामी प्रसाद मौर्या द्वारा सोशल मीडिया पर अपना इस्तीफा पोस्ट करने के कुछ मिनट बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने नेता के साथ एक तस्वीर ट्वीट की और अपनी पार्टी में उनका स्वागत किया। अखिलेश यादव ने ट्वीट में कहा, “मौर्या हमेशा न्याय के लिए खड़े रहे हैं और जनता के बीच एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। मैं उनका और अन्य सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का समाजवादी पार्टी में स्वागत करता हूं।”

संबंधितपोस्ट

DMK का बदला रुख? परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर BJP से समझौते के संकेत

पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ेगा, अब मिलेंगे 12 हजार रुपये; सहायिकाओं को 6 हजार, 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा भी

और लोड करें

और पढ़ें: सोशल मीडिया पर विपक्ष का समर्थन करते हैं दलित हिंदू, लेकिन वास्तव में वे वोट भाजपा को ही देंगे

इसके बाद तो खुद मौर्या का भी बयान आने लगा, जिसमें उनका घमंड बखूबी दिखाई दे रहा था। स्वामी प्रसाद मौर्या ने एनडीटीवी को बताया कि भाजपा “पिछड़े वर्गों की समस्याओं के लिए बहरी हो गई थी और पार्टी ने मुझे मंत्री बनाकर कोई उपकार नहीं किया। वास्तव में भाजपा को उनके 14 साल के बनवास (निर्वासन) को समाप्त करने के लिए उनका आभारी होना चाहिए।” खैर बयान दिए जाने के कुछ घण्टे बाद ही स्वामी प्रसाद यादव के नाम पर एक वारंट भी जारी हो गया।

सात साल पुराने एक मामले में स्वामी मौर्या के खिलाफ वारंट जारी किया गया है। यह वारंट 2014 के एक मामले से संबंधित है, जिसमें मौर्या ने कथित तौर पर देवताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस मामले की सुनवाई 24 जनवरी को विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में होनी है। यह हिसाब किताब पिछले कुछ दो दिनों के भीतर हुआ है। पर क्या भाजपा को इस बात से चिंतित होने की आवश्यकता है? जवाब है बिल्कुल नहीं!

‘जहां देखा दम, वहां खिसके हम’

चुनावी मौसम में दल बदल आम बात है, चुनाव के दौरान मौका देखकर एक दल से दूसरे दल में जाने वाले नेता हमेशा से पार्टियों के लिए संकट खड़ा करते रहे हैं। उनका एक ही मकसद होता है यदि हम न खा पाए, तो दोना लुढ़का देंगे। लेकिन कुछ नेता ऐसे होते हैं, जो हर चुनाव में गिरगिट की भांति अपना रंग बदलते हैं, विचारधारा बदलते हैं, टिकट के लिए पार्टी पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं और जब उनकी चाल नाकामयाब हो जाती है तो दूसरी पार्टियों में पलायन कर जाते हैं। यूपी के स्वामी प्रसाद मौर्या इसके हालिया उदाहरण है। उनके लिए जहां देखा दम, वहां खिसके हम वाली कहावत कही जा रही है लेकिन सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है। उन्हें आज नहीं तो कल पार्टी से जाना ही था, क्योंकि टिकट तो उन्हें वैसे भी मिलने वाली नहीं थी।

वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि गोवा के मंत्री माइकल लोबो और उत्तर प्रदेश में स्वामी प्रसाद मौर्या के पार्टी से जाने की आशंका थी। उन्होंने कहा कि भाजपा दोनों राज्यों में अपने लगभग एक तिहाई विधायकों को टिकट देने से इनकार कर सकती है। पांच राज्यों में फरवरी-मार्च विधानसभा चुनाव से पहले मंत्रियों और विधायकों सहित कुछ नेताओं के बाहर होने से भारतीय जनता पार्टी बेफिक्र नजर आ रही है। खबरों के अनुसार, इनमें से अधिकांश नेताओं को टिकट से वंचित किए जाने की संभावना थी और इस लिए दल बदल का खेल हुआ है।

और पढ़ें: अयोध्या और उसके आसपास के क्षेत्रों में भाजपा का क्लीन स्वीप देखने के लिए तैयार रहिए

काम न करने वालों का कटेगा टिकट

खबरों के मुताबिक सत्ता विरोधी लहर का मुकाबला करने के प्रयास में, भाजपा यूपी और गोवा दोनों में अपने लगभग एक तिहाई विधायकों को टिकट न देने के प्लान में है। बताया जा रहा है कि जो लोग पार्टी छोड़ कर जा रहे हैं, वे जानते थे कि परिवार के सदस्यों को टिकट देने की उनकी अनुचित मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा और इसीलिए उन्होंने विपक्षी खेमे के साथ बातचीत शुरू कर दी। गोवा में मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने खुद इस मामले को लेकर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “भारतीय जनता पार्टी एक बड़ा परिवार है, जो पूरी निष्ठा के साथ मातृभूमि की सेवा करता रहता है! लालच और व्यक्तिगत हितों के एजेंडे को पूरा करने के लिए कुछ दल बदल, सुशासन के हमारे एजेंडे को रोक नहीं सकते।”

स्वामी प्रसाद मौर्या मामले पर भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “यह वास्तव में एक झटका है। उसकी गतिविधियों से यह स्पष्ट था कि वह छोड़ पार्टी छोड़ेंगे। पार्टी ने उन्हें कैबिनेट पद से लेकर सांसद के टिकट तक उनकी बेटी को सब कुछ दिया। इसके लिए हम तैयार थे। बहुत से लोग पार्टी छोड़ रहे होंगे, क्योंकि वे जानते हैं कि उन्हें भी टिकट से वंचित कर दिया जाएगा। टिकट सुरक्षित करने के लिए, सबको काम करने की जरूरत है।”

यह तो कुछ भी नहीं है। गोवा में अस्थिर राजनीतिक स्थिति को देखते हुए, भाजपा और कांग्रेस द्वारा अपने उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी करने के बाद, अधिक नेताओं और विधायकों के इस्तीफा देने या पक्ष बदलने की उम्मीद है। अधिकांश दलबदल इसलिए हुए हैं, क्योंकि विधायक  जनता की सेवा के बदले अपने राजनीतिक और व्यक्तिगत लाभ की रक्षा करना चाहते हैं।

और पढ़ें: के अन्नामलाई: इस पूर्व IPS और युवा भाजपा नेता ने तमिलनाडु में तूफान ला दिया है

भाजपा में हैं सबसे ज्यादा दलबदलू नेता 

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) द्वारा विश्लेषण किए गए आंकड़ों से पता चला है कि लगभग 45 फीसदी विधायक जिन्होंने 2016 और 2020 के बीच फिर में पार्टियां बदल ली और चुनाव लड़ा, वे भाजपा में शामिल हो गए हैं। दूसरी ओर, दलबदल करने वाले 42 फीसदी विधायकों ने कांग्रेस का साथ छोड़ा है। ADR ने 443 विधायकों और सांसदों के चुनावी हलफनामों का विश्लेषण करते हुए एक रिपोर्ट जारी की, जिन्होंने पांच वर्षों में पार्टियों को बदल दिया और फिर से चुनाव लड़ा।

रिपोर्ट में बताया गया कि दलबदल करने वाले 405 विधायकों में से 170 (42 फीसदी) कांग्रेस के थे। भाजपा 18 विधायकों के दलबदल के साथ नीचे से दूसरे स्थान पर थी। आंकड़ों से पता चलता है कि भाजपा स्पष्ट रूप से उन विधायकों की पसंद की पार्टी थी, जिन्होंने दोबारा चुनाव लड़ा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्य प्रदेश, मणिपुर, गोवा, अरुणाचल प्रदेश और कर्नाटक में इन पांच वर्षों के दौरान विधायकों के दलबदल के कारण सरकारें गिर गई थी।

और पढ़ें: ‘योगी के आतंक का राज’, यूपी में भाजपा के क्लीन स्वीप हेतु लेफ्ट ने शुरू किया अभियान

काश बंगाल में भी भाजपा कर पाती यह काम

स्वामी प्रसाद मौर्या जैसे जितने भी नेता हैं, जो विचार के कारण नहीं, लोभ के कारण इधर-उधर जा रहे हैं, उनके द्वारा पार्टी छोड़ने में ही सबकी भलाई है। भाजपा को सही समय पर यह काम करना चाहिए था, ताकि बंगाल से ऐसे नेताओं को बाहर किया जा सके और बंगाल में सरकार बनाई जा सके। जो विचार का नहीं है, उसको परिवार में शामिल करने में कोई भलाई नहीं है। इसलिए यह आवश्यक है कि उचित समय में ऐसे नेताओं से निपटा जाए। बंगाल में पार्टी की वफादारी हमेशा संदेह के घेरे में रही है। प्रक्रिया 2011 में शुरू हुई, जब टीएमसी ने 34 साल से राज्य में शासन कर रही वाम मोर्चा सरकार को हराया और वामपंथी कार्यकर्ताओं के बड़े वर्ग, यहां तक ​​​​कि निर्वाचित प्रतिनिधियों ने भी TMC का दामन थाम लिया।

इसके बाद, जब भाजपा ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादियों (CPI-M) को TMC के प्रमुख विरोधी के रूप में बदल दिया, तो TMC के कई कार्यकर्ता और नेता इस नई पार्टी में आ गए। ममता बनर्जी के भरोसेमंद सहयोगी मुकुल रॉय ने टीएमसी छोड़ दी और 2017 में बीजेपी में शामिल हो गए। तीन साल बाद अपनी हार के बाद, रॉय 2021 में टीएमसी में फिर से शामिल हो गए। ऐसे ही कई नेता और भी हैं, जिन्होंने बंगाल चुनाव से पहले भाजपा का दामन थामा था लेकिन फिर वापस टीएमसी में लौट गए हैं। ऐसे में भाजपा नेतृत्व को इस बात पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है कि पार्टी की विचारधारा का सम्मान करने वाले और भरोसेमंद नेताओं को ही पार्टी में शामिल किया जाए, जो अपने स्वार्थ से इतर लोगों की भलाई के लिए काम करें और पार्टी लाइन का पालन करें।

और पढ़ें: सोशल मीडिया पर विपक्ष का समर्थन करते हैं दलित हिंदू, लेकिन वास्तव में वे वोट भाजपा को ही देंगे

Tags: ADRभाजपायूपी सरकारसीएम योगी
शेयर160ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

Chora Chori kand kab hua tha or iska Mukadama?

अगली पोस्ट

अमेरिका एक बड़े रक्त संकट से जूझ रहा है जबकि न्यूयॉर्क टाइम्स भारत को शर्मसार करने में व्यस्त है

संबंधित पोस्ट

महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया
मत

महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

26 October 2026

यदि आपसे एक बहुत सरल-सा प्रश्न पूछा जाए कि आपके दादा के परदादा का क्या नाम था? या क्या आपको अपने परिवार की 7वीं पीढ़ी...

संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक
मत

संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

24 October 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी स्थापना के 101वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में संघ ने बड़े-बड़े कार्यक्रमों के स्थान पर...

हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी
राजनीति

हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी, स्मृति ईरानी ने नेताओं को दी नसीहत, VIP कल्चर छोड़ने को कहा

23 October 2026

हरियाणा में BJP संगठन को मजबूत करने के लिए पार्टी ने तैयारी शुरू कर दी है। शुक्रवार को पंचकूला में हरियाणा BJP की प्रभारी स्मृति...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

00:03:14

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

00:03:01

Why Is India Investing in Underwater Weapons?

00:02:10

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited