गुजरात: मुस्लिम कट्टरपंथियों ने की थी किशन भारवाड़ की हत्या, वीडियो पोस्ट करने पर हुआ था विवाद

पैगंबर मुहम्मद से जुड़ी वीडियो पोस्ट करने से कट्टरपंथी हुए थे नाराज़!

किशन भारवाड़

गुजरात में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। अब आप सोचेंगे कि हत्याएं तो होती रहती है, इसमें नया क्या है? यह हत्या अलग इसलिए है क्योंकि इस बार हत्या शार्ली अब्दो घटना की तरह हुई। गुजरात में किशन भारवाड़ नामक एक व्यक्ति ने कुछ दिनों पहले सोशल नेटवर्किंग साइट् पर भगवान श्री कृष्ण और इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद से जुड़ी एक वीडियो पोस्ट की थी। इस विडियो से भड़क कर, एक मुसलमान युवक ने 25 जनवरी को धंधुका में किशन भारवाड़ की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना ने व्यापक विरोध को उकसाया। लोग सड़क पर उतर आए। पीड़ित परिवार ने न्याय की मांग की और उन्होंने शव लेने से भी मना कर दिया

बताया जा रहा है कि किशन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसके बाद से वह कट्टरपंथी इस्लामिस्टों के निशाने पर था। रिपोर्ट के अनुसार, किशन ने जो वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था वो पैगंबर मुहम्मद से संबंधित था। कथित पोस्ट के खिलाफ कुछ लोगों ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद पुलिस ने किशन के खिलाफ एक्शन लिया था।

पोस्ट के बाद से ही किशन को जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। इस घटना के बाद से किशन अपने घर से नहीं निकल रहा था। अचानक मंगलवार को ही वो अपनी बाइक से निकला था, लेकिन कुछ ही दूरी पर उसकी हत्या कर दी गई। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि किशन पर गोली चलाने वाले बाइक सवार उसके पीछे चल रहे थे, जैसे ही वो मोढवाड़ा मोड़ के पास पहुंचे तो किशन पर पहली गोली चलाई गई, लेकिन वह बच गया, जिसके बाद उस पर दोबारा हमला किया गया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।

अब एक खास समुदाय कितना असहिष्णु हो सकता है, इसका प्रमाण हत्या के बाद देखने को मिला। सूत्रों ने बताया कि किशन भारवाड़ हत्याकांड के मास्टरमाइंड को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिसमें दो मौलानाओं के इस मामले में शामिल होने की आशंका है। सूत्र ने बताया कि मौलाना के कहने पर हत्या को अंजाम दिया गया।

धंधुका फायरिंग मर्डर केस में किशन भारवाड़ की दो राउंड फायरिंग कर हत्या करने वाले दोनों आरोपी पकड़े गए हैं। अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस इस संबंध में गहन जांच कर रही है। इस हत्या में अहमदाबाद और मुंबई के दो मौलवियों की संलिप्तता भी सामने आई है।

मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है-

इस घटना के बाद मृतक किशन भरवाड़ का अंतिम संस्कार किया गया और इसमें लोगों की भीड़ भी उमड़ पड़ी। इतना ही नहीं, अंतिम यात्रा में जंजारका के महंत और पूर्व सांसद शंभू नाथ जी टुंडिया, महंत रामबापू, विधायक राजेशभाई गोहिल समेत कई नेता शामिल हुए। किशन भरवाड़ की हत्या से लोगों में काफी आक्रोश फैला और उन्होंने बाजार में तोड़फोड़ भी शुरू कर दी। जिसके सीन सोशल मीडिया पर वायरल भी हुए थे।

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इस पूरी घटना को देख स्थानीय लोगों ने धंधुका में एक दिन के बंद का ऐलान कर दिया। जिसके बाद पुलिस का एक बड़ा काफिला धंधुका पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घटना की गहन जांच शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि करीब एक महीने पहले किशन भारवाड़ ने एक खास समुदाय के लोगों के लिए सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट किया था। इस पोस्ट के बाद पुलिस ने किशन को गिरफ्तार भी कर लिया था। और गिरफ्तारी के बाद अन्य समुदाय के लोगों के साथ सुलह की गई। हालांकि, घटना के कुछ दिनों बाद ही किशन भरवाड़ की हत्या कर दी गई । किशन की हत्या से हिन्दू समाज के लोग आक्रोशित हैं।

 

इस संबंध में बाद में पुलिस में शिकायत दर्ज कराने वाले किशन के चचेरे भाई भौमिक ने दावा किया कि “दूसरे धर्म” के कुछ लोग भारवाड़ के सोशल मीडिया पोस्ट से आहत हुए थे और उन्होंने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होने आगे कहा, “उस शिकायत पर उन्हें (भरवाड़) पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा था और यहां तक ​​कि उन्होंने पोस्ट के लिए माफी भी मांगी थी।” हालांकि, हर बार की तरह इस बार भी कथित धर्मनिरपेक्ष देश में एक समुदाय द्वारा कट्टरता की इस पराकाष्ठा पर सभी बुद्धिजीवी मौन हैं।

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