चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा में इस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में उत्तराखंड सरकार और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसी तैयारी के तहत सोमवार को ऋषिकेश के चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में एक मॉक एंटी-टेरर ऑपरेशन किया गया।
ATS, SDRF और पुलिस ने मिलकर किया अभ्यास
इस मॉक ड्रिल में एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), फायर सर्विस और स्थानीय पुलिस ने हिस्सा लिया। अभ्यास के दौरान आतंकवादी हमले और बंधक बनाए जाने जैसी स्थिति तैयार की गई। इसका मकसद यह जांचना था कि किसी संकट के समय सभी एजेंसियां कितनी तेजी और बेहतर तरीके से मिलकर काम कर सकती हैं।
तीन बंधकों को बचाने का किया गया अभ्यास
ड्रिल के दौरान एक आतंकवादी को घायल दिखाया गया और उसे अस्पताल भेजा गया, जबकि तीन बंधकों को सुरक्षित बचाया गया। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अभ्यास से सुरक्षा बलों को वास्तविक परिस्थितियों में काम करने का अनुभव मिलता है। सर्किल अधिकारी तुषार बोरा ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाने और सुरक्षा बलों को सतर्क रखने के लिए आयोजित की जाती हैं।
आपदा प्रबंधन की तैयारियां भी तेज
उत्तराखंड सरकार केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारी भी कर रही है। राज्य के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में विशेष तैयारियां की गई हैं। ‘आपदा मित्र’ और ‘आपदा सखी’ स्वयंसेवकों को भी प्रशिक्षण दिया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर वे राहत और बचाव कार्यों में मदद कर सकें।
चारधाम यात्रा में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए राज्य सरकार सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुगम बनी रहे।

































