पूर्वोत्तर भारत को एशिया का मुख्य द्वार बनाने की कोशिशों में लगी है मोदी सरकार

21वीं सदी में देश के विकास का इंजन होगा पूर्वोत्तर भारत

PM Modi

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देश की आज़ादी के बाद से पूर्वोत्तर भारत को अछूता रखा गया था। कांग्रेस की दलगत राजनीति के कारण पूर्वोत्तर भारत को दरकिनार किया गया, पर आज के परिदृश्य में जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है, तब से पूर्वोत्तर भारत विकास के पर्याय बनते जा रहे हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिन रविवार को स्पष्ट कर दिया है कि पूर्वोत्तर भारत 21वीं सदी में देश के विकास का इंजन बनेगा और उन्होंने साथ ही अरुणाचल प्रदेश को एशिया का प्रमुख द्वार बनाने की बात कही है। इस आर्टिकल में हम विस्तार से जानेंगे कि कैसे मोदी सरकार अरुणाचल प्रदेश सहित पूर्वोत्तर राज्यों की नींव मजबूत करते हुए, उन्हें रणनीतिक और व्यवसायिक रुप से मजबूत कर देश के विकास का इंजन बनाने में लगी है।

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21वीं सदी में देश के विकास का इंजन होगा पूर्वोत्तर भारत

अरुणाचल प्रदेश के लोगों को उनके स्थापना दिवस पर संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “अरुणाचल प्रदेश के 36 वें राज्य स्थापना दिवस पर आप सभी को बहुत-बहुत बधाई। 50 साल पहले नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (एनईएफए) को अरुणाचल प्रदेश के रूप में एक नई पहचान और एक नया नाम मिला। उगते सूरज की यह पहचान, इस नई ऊर्जा को आप सभी मेहनती, देशभक्त बहनों और भाइयों ने इन 50 वर्षों में लगातार सशक्त किया है।” उन्होंने कहा, “मेरा दृढ़ विश्वास है कि पूर्वी भारत, और विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत, 21वीं सदी में देश के विकास का इंजन होगा। इस भावना के साथ, अरुणाचल प्रदेश के विकास में तेजी लाने के लिए पिछले 7 वर्षों में अभूतपूर्व काम किया गया है।”

पीएम मोदी ने कहा कि जिस तरह से राज्य के लोगों ने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किया है, वह देश के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा, “देशभक्ति और सामाजिक सद्भाव की भावना, जिसे अरुणाचल प्रदेश ने नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, जिस तरह से आपने अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किया, जिसमें आप परंपरा और प्रगति को एक साथ आगे बढ़ा रहे हैं, राष्ट्र के लिए प्रेरणा है।” उन्होंने आगे कहा कि अरुणाचल प्रदेश के लोगों की वीरता की गाथा प्रत्येक भारतीय के लिए एक अमूल्य विरासत है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार अरुणाचल को पूर्वी एशिया का प्रमुख प्रवेश द्वार बनाने के लिए काम कर रही है। हम अरुणाचल को पूर्वी एशिया का प्रमुख प्रवेश द्वार बनाने के लिए काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के संबंध में अरुणाचल की भूमिका को देखते हुए आधुनिक बुनियादी ढांचे की स्थापना की गई है। प्रकृति ने अरुणाचल को अपने खजाने से संपन्न किया है। आपने प्रकृति को जीवन का अंग बना लिया है। हम अरुणाचल की इस पर्यटन क्षमता को पूरी दुनिया में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम मोदी ने ‘अरुणाचल हमारा’ की कुछ पंक्तियों का भी पाठ किया, जो भारत रत्न भूपेन हजारिका द्वारा लिखा हुआ गीत है।

मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर भारत को संवार दिया

बताते चलें कि देश के उत्तर-पूर्वी राज्य अपनी अनूठी सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है। देश की आजादी के 75 साल बाद भी अभी तक ये राज्य पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाए हैं, ऐसा भी कहा जा सकता है कि ये राज्य आज़ादी के बाद से ही उपेक्षित रहे हैं। कई तरह के खनिज और जैव संसाधनों से संपन्न इन उत्तर-पूर्वी राज्यों में विकास के नाम पर पिछली सरकारों ने सिर्फ वोट बैंक की राजनीति की है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है! हालांकि, मोदी सरकार के आने के बाद से स्थिति में बदलाव देखने को मिला है। पीएम मोदी पूर्वोत्तर में प्रमुख सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए कई हजार करोड़ रुपये आवंटित कर रहे हैं। सरकार की योजना पूर्वोत्तर में मजबूत परिवहन बुनियादी ढांचे का निर्माण करने के अलावा इस क्षेत्र को देश के बाकी हिस्सों से निर्बाध तरीके से जोड़ने की है। सरकार ने इन राज्यों के विकास के लिए कई बड़े कदम उठाए है। जिसके बाद अब उत्तर-पूर्वी राज्य नित नय आयाम गढ़ते नजर आ रहे हैं।

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