TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

पूर्वोत्तर भारत की Extortion Industry जिसके बारे में बात करने से राष्ट्रीय मीडिया भी डरता है

असम, मेघालय, नगालैंड में एक्टिव हो रहा है वसूली माफ़िया

TFI Desk द्वारा TFI Desk
18 November 2021
in समीक्षा
पूर्वोत्तर जबरन वसूली
Share on FacebookShare on X

पिछले कुछ समय में पूर्वोत्तर राज्यों का चहुमुखी विकास हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा लगातार इनफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जा रहा है। इससे इन राज्यों की कई समस्याओं का निदान हुआ है और कई समस्याओं का निदान होगा। हालांकि, अब भी कई समस्याएँ हैं जिनका निस्तारण आवश्यक है। इन समस्याओं में से सबसे प्रमुख है extortion industry यानी जबरन वसूली का कार्टेल। इस समस्या पर न तो कभी प्रकाश डाला जाता है और न कही कभी कोई मीडिया हाउस मुद्दा बनता है।

उग्रवादी संगठनों के अलावा ज्यादातर गैर-सरकारी संगठनों के रूप में स्व-घोषित कई समूहों द्वारा पूर्वोत्तर में जबरन वसूली कम रिपोर्ट की गई, लेकिन सच्चाई है।

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

राष्ट्रीय मीडिया की ओर से कोई ध्यान न दिए जाने के कारण, कई समूहों का पूर्वोत्तर में दशकों से प्रसार हुआ है। ध्यान देने वाली बात यह है कि उनमें से लगभग सभी खुद को ‘NGO’ के रूप में संदर्भित करते हैं। कुछ संगठन तो खुद को “Pressure Group” कहना पसंद करते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि यह NGOs उग्रवादी समूहों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। देखा जाए तो ये ही उग्रवादी समूह पूर्वोत्तर भारत के जबरन वसूली उद्योग के कर्ता-धर्ता हैं, जिनमें से सभी को उनका हिस्सा मिलता है।

और पढ़े: Narcos का भारत चैप्टर: नॉर्थ ईस्ट ड्रग माफिया गैंग से लगातार जूझ रहा है

असम

असम राज्य में, जबरन वसूली उतनी ही बड़ी समस्या है जितनी पूर्वोत्तर के अन्य हिस्सों में है। जोरहाट के एक हालिया वायरल वीडियो से विभिन्न समूहों की असम में व्यवसायों से जबरन वसूली की वास्तविकता उजागर हुई थी। यदि व्यवसाय या उद्यम एक गैर-असमिया द्वारा चलाया जाता है, तो उनसे जबरन वसूली अनिवार्य हो जाती है। यहाँ समझने वाली बात यह है कि पूर्वोतर के सभी राज्यों में, आदिवासी-गैर आदिवासी का विभाजन कई स्तर पर व्याप्त है। असम में इसी विभाजन का फायदा जबरन वसूली करने वाले समूह उठाते हैं।

Chanda party are back to their original Business:

Watch how they are giving threat to a businessman in Jorhat who has been doing business there for 150years.

Will any journalist report this?@atanubhuyan @mrinaltalukdar8 @NANDANPRATIM pic.twitter.com/XEPTcnC9NU

— Ron Bikash Gaurav (Modi Ka Parivar) (@RonBikashGaurav) November 18, 2021

Meanwhile, if a journalist dares to release any such chanda money collection footage in Meghalaya, he will end up dead. Also, the tactics are different. Groups strike a deal with traders' unions. The money is delivered to them with side gifts. Police, govt are complicit. Cute. :) https://t.co/6L5cASqO8w

— Riccha Dwivedi (@RicchaDwivedi) November 18, 2021

कुछ दिनों पहले ही “वीर लचित सेना” के गुंडों ने असम के जोरहाट में एक व्यवसायी से जबरन वसूली की कोशिश की थी। दुख की बात है कि जिला प्रशासन या पुलिस ऐसे मामलों के प्रति अपने दृष्टिकोण में बहुत कमजोर रही है। अब मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि असम में रंगदारी या extortion industry को तुरंत समाप्त किया जाए। यदि इस समस्या को अभी समाप्त नहीं किया गया, जब भाजपा राज्य में सबसे मजबूत स्थिति में है, तो राज्य से जबरन वसूली करने वाले समूहों का उन्मूलन कभी नहीं हो सकता है।

यह किसी से छुपा नहीं है कि कैसे उल्फा, अपने तरीके से किसी भी व्यक्ति से जबरन वसूली करता है। यही कारण है कि पूर्वोतर के राज्यों में भारी उद्योगों की कमी है। अगर विकास करना है तो भारी उद्योगों की स्थापना महत्वपूर्ण है और उनके लिए सकारात्मक माहौल बनाने के लिए इस जबरन वसूली वाले उद्योग पर रोक लगानी होगी।

मेघालय

क्रिसमस का मौसम आ रहा है, और इसका मतलब है कि Pressure Group मेघालय में व्यापारिक समुदाय से, विशेष रूप से राजधानी शहर शिलांग में, जबरन वसूली के जरीय धन उगाहने के लिए तैयार हो रहे हैं। 80 और 90 के दशक में, जबरन वसूली के रैकेट का नेतृत्व गैरकानूनी उग्रवादी संगठन, HLNC ने किया था।

हालांकि, HLNC अब काफी कमजोर हो गया है, खासकर पिछले एक दशक में। मेघालय पुलिस द्वारा HNLC के पूर्व नेता Cheristerfield Thangkiew को मार गिराए जाने के बाद और हाल ही में शिलांग के बीचों-बीच संगठन द्वारा किए गए बम विस्फोट के साथ, यह समूह राज्य में फिर से अपना फन उठाने की कोशिश कर रहा है।

ऐसे में संगठन को चलाने के लिए धन की आवश्यकता होगी, और निश्चित रूप से यह राज्य के व्यापारियों से ही आएगा। इसमें कोई संदेह नहीं है कि राज्य के व्यापारियों को Ethnicity के नाम पर लक्षित किया जाता है। यही नहीं मेघालय में, छात्र संघों द्वारा जबरन वसूली की जाती है। यह आरोप लगाया जाता है कि सरकार को भी इस तरह के जबरन वसूली के पैसे का उचित हिस्सा मिलता है।

नगालैंड

देखा जाए तो पूर्वोत्तर में प्रत्यक राज्य की स्थिति गंभीर है। विडंबना यह है कि पूर्वोत्तर के आदिवासियों को आयकर का भुगतान नहीं करना पड़ता है, जबकि नागालैंड के उग्रवादी, विशेष रूप से NSCN-IM उस क्षेत्र में लगभग समानांतर टैक्स सिस्टम चलाते हैं, जिसे वे ‘नागालिम’ कहते हैं। इसलिए वे न केवल नागालैंड राज्य के भीतर, बल्कि मणिपुर और असम में भी जबरन वसूली करते हैं।

NSCN के दो गुट; IM और खापलांग गुट, दोनों क्रमशः 25 और 24 प्रतिशत की दर से लोगों (नागा और गैर-आदिवासी समान) से कर एकत्र करते हैं, जिससे इनकार करने पर भयंकर परिणाम भुगतने पड़ते हैं।

ऐसे समूहों की उपस्थिति के कारण ही कई राजमार्ग विकास परियोजनाओं के खिलाफ विरोध देखा गया। राजमार्ग विकास परियोजनाएं, इन समूहों के मौद्रिक हितों के लिए हानिकारक है। भारतीय सेना के मुताबिक नागालैंड में बिना किसी भेदभाव के सभी से टैक्स वसूला जाता है। इस साल जुलाई में इंडिया टुडे को एक भारतीय सेना अधिकारी ने बताया कि, “विद्रोही समूहों – मुख्य रूप से NSCN-KYA और NSCN-IM ने प्रति वर्ष प्रत्येक दुकान से 500-1,000 रुपये, ठेकेदारों से स्वीकृत राशि का 2-10 प्रतिशत प्रति वर्ष, प्रति वाहन 3,000-5,000 रुपये और प्रति परिवार 300-500 रुपये प्रति वर्ष का ‘कर’ लगाया है।”

अधिकारी ने बताया कि, “अगर रंगदारी की रकम नहीं चुकाई गई तो लोगों को अपहरण की धमकी दी जाती है। विद्रोही समूह मानसून की शुरुआत से पहले अधिकतम जबरन वसूली या कर संग्रह करने का इरादा रखते हैं।”

अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर

पूर्वोत्तर में, विशेष रूप से भारत-म्यांमार सीमा पर अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में, उग्रवादी समूहों द्वारा जबरन वसूली और अवैध कर संग्रह के मामलों में नाटकीय रूप से वृद्धि हुई है। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोविड -19 महामारी के कारण प्रमुख वित्तीय संकट के बाद विद्रोही समूहों ने अपनी जबरन वसूली गतिविधियों में वृद्धि की है। इससे पूरे पूर्वोत्तर में ऐसे समूहों द्वारा जबरन वसूली के मामलों में वृद्धि हुई है।

जब अरुणाचल प्रदेश की बात आती है, तो Tirap, Changlang, और Longding जिले में कोयले और लकड़ी की उपस्थिति के कारण विद्रोही समूहों के लिए पैसे की उगाही वाले मैदान हैं। यहां, ट्रांस-अरुणाचल राजमार्ग परियोजनाओं में लगे ठेकेदार जबरन वसूली के मुख्य निशाने पर रहते हैं। नागा उग्रवादी संगठनों द्वारा जबरन वसूली पड़ोसी राज्य मणिपुर में भी की जाती है, क्योंकि राज्य में नगा आबादी काफी है।

पूर्वोत्तर भारत में जबरन वसूली रैकेट में योगदान देने से इनकार करने पर कई व्यवसायियों को या तो मार दिया गया, या उन पर हमला किया गया  है। अधिकतर व्यवसायी केवल खुद को और अपने प्रियजनों को जीवित रखने के लिए इन संगठनों की मांग को मनाने के लिए बाध्य होते हैं।

पैसा ही विचारधारा है, पैसा कारण है, और पैसा ही है जो आज तक पूर्वोत्तर भारत में सभी Pressure Group और जबरन वसूली समूहों के कामकाज को वैध बनाता है। अफसोस की बात है कि पूर्वोत्तर की यह कहानी हमारे देश के राष्ट्रीय मीडिया का हिस्सा नहीं है।

Tags: Extortion IndustryPressure Groupजबरन वसूली
शेयर43ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘निधिवन’ में श्री कृष्ण को expose करने चला था GauravZone, UP पुलिस ने कालकोठरी के दर्शन करा दिये

अगली पोस्ट

2 BHK वालों को लगेगा भारी झटका, Fake News घोषित हो सकता है चुनावी अपराध

संबंधित पोस्ट

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!
चर्चित

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

22 May 2026

पिछले कुछ दिनों से भारतीय सोशल मीडिया स्पेस, खासकर इंस्टाग्राम पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नामक एक डिजिटल अभियान ने तहलका मचा रखा है। मीम्स,...

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?
चर्चित

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?

7 May 2026

तमिलनाडु की राजनीति आज एक ऐसे चौराहे पर खड़ी है जहाँ लोकतंत्र की परिभाषा और राज्यपाल के अधिकारों के बीच सीधी जंग छिड़ गई है।...

Modi in BJP Head Office
चर्चित

आखिर कैसे आए ये चुनाव परिणाम ?

6 May 2026

पांच राज्यों के चुनाव परिणामों पर कोई एक सुसंबद्ध टिप्पणी संपूर्ण स्थितियों का विश्लेषण नहीं कर सकता। सारे राज्यों के राजनीतिक समीकरण और स्थानीय मुद्दे...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34

US- IRAN CONFLICT INTENSIFIES

00:03:05

Mass Detentions and Enforced Disappearances: The Aftermath of July 5

00:03:20
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited