TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

एनर्जी ड्रिंक्स: जब समाधान बेचने के लिए समस्या बनाई गई, केस स्टडी

एनर्जी ड्रिंक्स के लिए आज लोग पागल क्यों हुए जा रहे हैं, इसके पीछे का पूरा खेल समझ लीजिए।

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
27 June 2022
in प्रीमियम
Energy Drinks Case Study

Source: TFI

Share on FacebookShare on X

टीएफ़आई प्रीमियम में आपका स्वागत है। संसार में दो प्रकार के लोग होते हैं- एक जो समस्या बनाते हैं और दूसरे जो उस समस्या का समाधान बनाते हैं। परंतु बदलते समय के साथ एक नई प्रकार की प्रजाति भी उत्पन्न हुई है– समाधान को बेचने के लिए समस्या रचने वालों की। ऐसी ही एक समस्या से आप सबको परिचित कराते हैं, जिसका नाम है- एनर्जी ड्रिंक्स।

अब ड्रिंक्स तो भिन्न-भिन्न प्रकार के होते हैं परंतु यह एनर्जी ड्रिंक भला क्या बला है? तो हम आपको बताते हैं कि यह एनर्जी ड्रिंक क्या है? जो न कॉफी या चाय जितनी तेज़ हो, न ही कोल्ड ड्रिंक जितनी ‘सॉफ्ट’ और न ही मदिरा की तरह ‘उत्तेजक’- वही एनर्जी ड्रिंक है। इसकी और सरल परिभाषा यह हो सकती है कि यह अलग-अलग उत्पादों की ख़िचड़ी है। लेकिन इन सभी में एक तत्व समान है- कैफ़ीन। आज जो रेड बुल, मॉन्स्टर, स्टिंग इत्यादि के पीछे लोग पागलों की भांति पड़े हुए हैं, एनर्जी ड्रिंक्स उसी बीमारी का नाम है।

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

परंतु आखिर यह समाधान किस समस्या को बेचने हेतु बनाया गया? कभी आपने लिस्टरीन से पूर्व प्लैक [Plaque] या मुंह से बदबू के बारे में सुना है? यदि नहीं तो इसलिए क्योंकि गिने-चुने लोग ही इस बीमारी का शिकार होते हैं। परंतु लिस्टरीन नामक माउथवॉश ने इसका प्रचार ऐसे किया मानो मुंह की बदबू से घातक संसार में कुछ है ही नहीं और जल्द ही अमेरिका के कोने-कोने में लिस्टरीन की एक बोतल पाई जाने लगी। ठीक इसी भांति शरीर में ऊर्जा की कमी की समस्या को ‘कम करने हेतु’ एनर्जी ड्रिंक्स का आविष्कार किया गया।

अब इस मुद्दे को थोड़ा विस्तार से समझते हैं। उपभोक्तावाद के दो महत्वपूर्ण स्तम्भ है– निरंतर इनोवेशन और धन का निरंतर बहाव। यदि इनोवेशन न हो तो धन का सृजन लगभग असंभव है। इनोवेशन के लिए लोगों को वैज्ञानिकों के निरंतर शोध पर निर्भर रहना पड़ता है। अब आप यह तो अच्छी तरीके से जानते हैं कि इनोवेशन चुटकियों में नहीं होता। ऐसे में अधीरता में कई लोग समाधान के लिए ही समस्या खड़ी कर देते हैं और एनर्जी ड्रिंक्स इसी का जीता जागता प्रमाण है।

और पढ़ें: एक या दो दशक में Parle-G बिस्किट का उत्पादन बंद करने पर विवश हो जाएगी पारले कंपनी

एनर्जी ड्रिंक्स का इतिहास उतना ही प्राचीन है, जितनी मानव सभ्यता। कहने को जल भी एनर्जी ड्रिंक है पर क्योंकि वह मुफ़्त में मिलता है इसलिए उसका कोई मोल नहीं। परंतु प्रथम एनर्जी ड्रिंक का उदाहरण कोका-कोला से बेहतर क्या हो सकता है? इसकी उत्पत्ति एक सॉफ्ट ड्रिंक के रूप में कम और एक एनर्जी ड्रिंक के रूप में अधिक हुई थी।

19वीं सदी में जॉन पेम्बर्टन ने कोका कोला का आविष्कार किया था तो इसे एक एनर्जी ड्रिंक के रूप में प्रसारित किया था, क्योंकि कंपनी ने जब पेय उत्‍पाद को पहली बार लॉन्च किया तो इसमें कोकीन डाली थी। यह कोकीन कोक की पत्तियों से निकाला जाता था। इसमें दूसरा सबसे ज्‍यादा इस्‍तेमाल किया जाने वाला पदार्थ कैफीन था, जिसे कोला नट से निकाला जाता था। यही वजह है कि इस उत्‍पाद का नाम कोका कोला रखा गया। शुरुआत में एक बोतल में कोकीन की मात्रा करीब 3.5 ग्राम रहती थी।

ठीक इसी भांति 1890 के दशक में लॉन्च की गई पेप्सी भी एक ‘एनर्जी बूस्टर’ के रूप में प्रसारित की गई थी।   कुछ लोगों ने इसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी की और यहाँ तक आरोप लगाया कि ये दोनों नशीले पदार्थ मिलाकर लोगों को इसकी लत लगवाते हैं और इन्हे तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित करना चाहिए। अब भले ही यह आरोप निराधार निकले, परंतु उस दिन के पश्चात पेप्सी और कोका कोला को ‘एनर्जी ड्रिंक्स’ के रूप में बेचना बंद करना पड़ा था।

परंतु शेर के मुंह जब खून लग जाए तो वह रुकेगा क्या? एनर्जी ड्रिंक्स के मार्केट में अब नए खिलाड़ियों ने दांव लगाने प्रारंभ किए। 1927 में Newcastle के एक फार्मेसिस्ट विलियम वॉकर ने एक नए ड्रिंक का ‘आविष्कार’ किया। इसमें दावा किया गया वह उसके मरीजों को विभिन्न विपदाओं से रिकवर करने में जल्द सहायता करेगा। इसका नाम उन्होंने Glucozade Energy रखा। ठीक इसी प्रकार से जापान, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड में भिन्न-भिन्न प्रकार के एनर्जी ड्रिंक्स के विचार निकले। परंतु कुछ भी नहीं चला क्योंकि तब किसी को न इसकी आवश्यकता थी और न ही इन्हे अपना उत्पाद बेचने की कला पता थी।

परंतु शीघ्र ही उन्हे एक अवसर मिला और यह अवसर मिला ग्लोबल वार्मिंग की कृपा से। थाइलैंड में एक उद्योगपति Chaleo Yoovidhya ने देखा कि एक जापानी ड्रिंक Lipovitan D एक औसत उद्योग कर्मचारी को काफी स्टैमिना देता है। उन्होंने इसका एक नया वर्जन तैयार किया, जो इससे तनिक मीठा और दमदार था– Krating Daeng।

2 वर्षों में ही इस एनर्जी ड्रिंक ने सम्पूर्ण थाइलैंड के एनर्जी ड्रिंक उद्योग पर अपना नियंत्रण जमा लिया क्योंकि उसका कस्टमर बेस था थाइलैंड का औसत औद्योगिक कर्मचारी- जिसे उसका ड्रिंक काफी पसंद आया, और शीघ्र ही ये Muay Thai से भी जुड़ गया। परंतु क्या आपको पता है कि इस लोकप्रिय ड्रिंक के कारण Red Bull का भी आविष्कार हुआ?

और पढ़ें: भारत के शॉपिंग मॉल ‘डेड मॉल’ या ‘जॉम्बी मॉल’ क्यों बन रहे हैं?

एक जर्मन टूथपेस्ट निर्माण कंपनी Blendax के ऑस्ट्रिया से संबंधित कर्मचारी Dietrich Mateschitz ने जब थाइलैंड की यात्रा की तो उसने भी Krating Daeng का सेवन किया। वह जानकर चकित रह गया कि उसका जेट लैग तुरंत ठीक हो गया। उन्होंने तुरंत इस कंपनी के बारे में और जानकारी इकट्ठा करने का प्रयास किया। उसने उद्योगपति Chaleo Yoovidhya को अपने साथ लिया और फिर दोनों ने Red Bull GmbH की स्थापना की, जिसे अंग्रेज़ी ग्राहकों की सुविधा हेतु Red Bull में परिवर्तित किया गया। फिर क्या था Krating Daeng से कब Red Bull को पंख लग गए, पता ही नहीं लगा।

इससे एक और बात स्पष्ट हुई कि जैसे-जैसे मार्केट बदलता है, आपको उसके अनुसार बदलना पड़ता है और पाश्चात्य मार्केट में जरूरी नहीं कि मौलिकता ही हर बार आपकी नैया पार लगाए। यही बात रेड बुल पर भी लागू होती है। Red Bull न केवल एक आकर्षक नाम था, अपितु लोगों को लुभाता भी था। ग्राहकों को अधिक से अधिक लाभ देने हेतु Red Bull ने मूल तत्वों के साथ समझौता करने की ठान ली। भले ही उन्होंने मूल Ingredients नहीं हटाए परंतु उन्होंने कार्बोनटेड जल और सीमित मात्रा में मदिरा अवश्य मिलाई।

इसके बाद भी रेड बुल को प्रारंभ में सफलता नहीं मिल रही थी। फिर उन्होंने एक युक्ति निकाली। वो जानते थे कि अधिकतम लोग ऐसे थे जो उच्च वर्ग या उच्च मध्यम वर्ग से आते थे, जिसमें काफी स्ट्रेस आधारित कार्य करना पड़ता है। ऐसे में उन्होंने स्ट्रेस को अपना हथियार बनाया। उन्होंने यह प्रचार किया कि रेड बुल आपके स्ट्रेस को दूर भगाएगा। बस, फिर क्या था- लोगों ने न आव देखा और न ताव देखा- किसी हॉलीवुड फिल्म के जॉम्बी की भांति सभी टूट पड़े Red Bull पर और ये प्रवृत्ति आज भी खत्म नहीं हुई है। Red Bull ने केवल वर्किंग क्लास में ही नहीं परंतु कॉर्पोरेट सेक्टर के उस वर्ग में भी सेंध लगाई, जो पार्टी तो करना चाहता है परंतु अधिक शराब नहीं पीना चाहता है। Red Bull ने यहाँ पर भी जबरदस्त सेंध लगाई।

आज Red Bull अकेले 172 से अधिक देशों में प्रचलित है और उसके वार्षिक सेल्स डबल डिजिट की दर से बढ़ते जा रहे हैं। परंतु ये लोग इतने पर ही नहीं रुके। जब लोगों को पता चला कि इनके ड्रिंक्स में शुगर की मात्रा दबाकर भरी गई है, जिससे मधुमेह जैसे रोग की संभावना बढ़ जाती है तो इन्होंने शुगर फ्री और जीरो कैलोरी जैसे ड्रिंक्स लॉन्च करने के दावे किए परंतु वे बिल्कुल भी प्रभावी साबित नहीं हुए।

एनर्जी ड्रिंक्स प्रारंभ में केवल ‘बीमारों का ड्रिंक’ था, परंतु अब ये किसी सोशल स्टेटस से कम नहीं है। वैश्विक एनर्जी ड्रिंक्स मार्केट का वार्षिक टर्नओवर यदि आप देख लें तो आपकी आँखें चौंधिया जाएंगी। इसी वर्ष में इसका मार्केट लगभग 53.1 बिलियन डॉलर तक पहुँचने की संभावना है और लगभग पाँच वर्षों के भीतर ये अनुपात 86.1 बिलियन तक भी पहुँचने की पूरी पूरी संभावना है। भारत में ही इसका व्यापार 9.98 प्रतिशत की अप्रत्याशित दर से बढ़ रहा है।

और पढ़ें: Business 101: अडानी का ‘स्वयं विक्रेता, स्वयं उपभोक्ता’ मॉडल अभूतपूर्व है

परंतु कई लोग यह भूल जाते हैं कि जो दिखता है, वो होता नहीं। एक भारतीय व्यक्ति एक गिलास सत्तू पीकर भोजन से पूर्व 4 से 5 घंटे तक निरंतर कार्य कर सकता है और वही एनर्जी देने में बड़े से बड़े कार्बोनटेड ड्रिंक्स की आँतें ऐंठ जाएंगी। ऐसे में एनर्जी ड्रिंक्स कुछ नहीं अपितु छलावा है, जिसका एक ही उद्देश्य है– कैसे भी करके ग्राहक से पैसे निकलवाना।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: Energy DrinksMonsterRed BullStingएनर्जी डिंक्सकोका-कोला
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

RSS को सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके “संस्कृत/वैदिक गणित/शास्त्र” के सुझाव देशभर में लागू हों

अगली पोस्ट

‘भुखमरी’ की कगार पर पहुंचे मिस्र को 1,80,000 टन गेहूं देगा भारत

संबंधित पोस्ट

भारत का अंतरिक्ष धमाका 2026: ISRO के गगनयान मिशन से टूटेगा अमेरिका का घमंड, पाकिस्तान और चीन रहेंगे स्तब्ध
चर्चित

भारत का अंतरिक्ष धमाका 2026: ISRO के गगनयान मिशन से टूटेगा अमेरिका का घमंड, पाकिस्तान और चीन रहेंगे स्तब्ध

3 November 2025

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, ISRO, ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विज्ञान और तकनीक में भारत किसी से पीछे नहीं है। मार्च 2026...

क्या नेताजी सचमुच 1945 में मारे गए थे? मुथुरामलिंगा थेवर और गुमनामी बाबा ने खोला रहस्य
इतिहास

क्या नेताजी का निधन सचमुच 1945 विमान हादसे में हुआ था? मुथुरामलिंगा थेवर और गुमनामी बाबा ने खोला रहस्य

31 October 2025

रहस्य जो आज भी जीवित है जब इतिहास की किताबों में लिखा गया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस 1945 में विमान हादसे में मरे, तो...

कांग्रेस की संघ से डर नीति पर अदालत की चोट: जनता के अधिकार कुचलने की कोशिश पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाया ब्रेक
चर्चित

कांग्रेस की संघ से डर नीति पर अदालत की चोट: जनता के अधिकार कुचलने की कोशिश पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाया ब्रेक

29 October 2025

कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार के लिए यह क्षण किसी राजनीतिक झटके से कम नहीं है। राज्य की धारवाड़ बेंच ने सरकार के उस विवादास्पद सरकारी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

00:04:44

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited