बीमा कंपनियों के प्रतिबंध के बावजूद भी रूस से तेल आयात कर रहा है भारत

भारत-रूस के सदाबहार दोस्ती का नया अध्याय !

MODI & PUTIN

Source- TFIPOST.in

दोस्ती हो तो रूस और भारत जैसी हो वरना न हो। रण में, बन में चाहे मित्र खड़ा हो प्रलय के मध्य में, इन दोनों ने अपनी मित्रता कर्तव्य का पूर्ण निर्वहन किया है। भारत जब भी सामरिक और कूटनीतिक संकट में फंसा रूस ने नासिर्फ वीटो शक्ति का इस्तेमाल कर भारत को बचाया बल्कि सैन्य संसाधन भी मुहैया कराया। वहीं दूसरी ओर जब रूस पश्चिमी देशों के सैन्य और आर्थिक चक्रव्यूह में फंसा, तब वह भारत ही था जिसने पश्चिमी दबाव कुछ झेलते हुए रूस की मदद की। इतना ही नहीं रूस अब डॉलर आधारित आर्थिक पारिस्थितिकी तंत्र को बदलते हुए रूपये, रूबल और युवान आधारित मौद्रिक व्यवस्था स्थापित करने की योजना बना रहा है.

हमने रूस से रिकॉर्ड स्तर पर तेल खरीद उसे आर्थिक संजीवनी मुहैया कराई। हमारा आयात इस स्तर का था कि अब रूस भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता है। रूस ने भी भारत का मान रखते हुए सबसे सस्ती कीमतों पर भारत को तेल मुहैया कराया. इस संकट की घड़ी को दोनों ने अपनी मित्रता के बदौलत अवसर में परिवर्तित कर दिया. इसके साथ-साथ भारत ने रूस से सैन्य आपूर्ति भी निर्बाध रूप से जारी रखी जिसने वहां की सैन्य उद्यम को जिंदा रखा, तो बदले में रूस ने भी भारत के आर्थिक व्यय का आधार रुपे कार्ड को मान्यता प्रदान की और अब भारत रूस के तेल जहाजों का तारनहार बनकर आया है.

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भारत की मदद

आधिकारिक आंकड़ों से पता चला है कि भारत ने दर्जनों रुसी तेल के जहाजों के लिए सुरक्षा प्रमाणन प्रदान किया है. इन जहाजों का रूसी शिपिंग कंपनी सोवे कॉम फ्लैट द्वारा प्रबंधन किया जाता है. वैसे भारत-रूस की यह मदद परोक्ष रूप से कर रहा है क्योंकि पश्चिमी प्रमाणनकर्ताओं ने रूस के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण उसके तेल के जहाजों को बीमा प्रमाण देने से मना कर दिया हैं। प्रमाणन का कार्य दुबई स्थापित भारतीय कंपनी द्वारा किया जा रहा है जिसका नाम है- इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग (IRClass). यह दुनिया की शीर्ष जहाज सुरक्षा प्रमाणन कंपनियों में से एक है. प्रमाणन की कागजी कार्रवाई श्रृंखला में इसका स्वीकारोक्ति मुहर अंतिम कार्य होता है. यह रुसी तेल के जहाजों को बीमा कवरेज प्रदान करता है. रूस के स्वामित्व वाले सोवे कॉम फ्लैट के टैंकर बेड़े को बचाए रखने और रूसी कच्चे तेल को विदेशी बाजारों में पहुंचाने के लिए यह बीमा कवरेज आवश्यक है।

IRClass वेबसाइट से संकलित डेटा से पता चलता है कि इसने SCF मैनेजमेंट सर्विसेज (दुबई) लिमिटेड द्वारा प्रबंधित 80 से अधिक रुसी जहाजों को प्रमाणित किया है। प्रमाणन समितियां सत्यापित करती हैं कि जहाज सुरक्षित और स्वस्थ हैं। यह बीमा उद्देश्यों के लिए और बंदरगाहों तक पहुंच प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है। भारत द्वारा रुसी तेल को बचाने के अपने कारण है. भारत का शिप सर्टिफ़ायर इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ़ क्लासिफिकेशन सोसाइटीज़ (IACS) के 11 सदस्यों में से एक है, जो शीर्ष स्तरीय सर्टिफ़ायर है. दुनिया की यह संस्था दुनिया के 90% से अधिक कार्गो-ले जाने वाले टन भार के लिए जिम्मेदार है। रूस का शिप सर्टिफ़ायर भी मार्च तक इस समूह का हिस्सा था, किन्तु, आईएसीएस के 75% सदस्यों द्वारा वोट कर इसकी सदस्यता वापस ले ली गई थी। आईएसीएस की सदस्यता ही प्रमाणपत्रों के लिए तकनीकी मानकों को निर्धारित करती है जो आमतौर पर जहाज मालिकों, बंदरगाहों, ध्वज रजिस्टरों और बीमाकर्ताओं के लिए सुरक्षा आश्वासन प्रदान करने हेतु आवश्यक है।

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IRClass का जवाब

प्रतिबंधों के कारण, चार सबसे प्रमुख आईएसीएस सदस्यों (यूके, यूएस, नॉर्वे और फ्रांस से) ने रूसी कंपनियों को सेवाएं प्रदान करना बंद कर दिया है. फिर, भारत द्वारा रूस की मदद किये जाने पर IACS के एक प्रवक्ता ने कहा कि IRClass की कार्रवाई एसोसिएशन द्वारा चर्चा का विषय नहीं थी। उन्होंने कहा, “IACS अपने सदस्यों की परिचालन और वाणिज्यिक गतिविधियों में शामिल नहीं है, जिसमें मूल्यांकन, अनुमोदन सर्वेक्षण और जहाजों और उपकरणों का परीक्षण और जहां अधिकृत हो वहां वर्गीकरण और वैधानिक प्रमाण पत्र जारी करना शामिल है।इन घटनाक्रमों पर एसोसिएशन के भीतर चर्चा नहीं होती है।”

इस योजना को भारत का पूर्ण समर्थन प्राप्त है किंतु, पश्चिमी देश भी जानते हैं की तेल और सैन्य साजो सामान रूस की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है. जहां तक सैन्य साजो समान खरीदने पर प्रतिबंध लगाने की बात है तो कोई भी देश अमेरिका के इस एकतरफा प्रतिबंध को अपनी राष्ट्रहित के ऊपर सहमति प्रदान नहीं करेगा. अतः, पश्चिम तेल और ऊर्जा पर प्रतिबंध लगा रूस की रीढ़ की हड्डी तोड़ने का भरपूर प्रयत्न कर रहा है. किंतु, जब भारत के मित्र ने भारत से मदद की गुहार लगाई तब पूरे विश्व की बांह मरोड़ते हुए भारत रूस के पक्ष में खड़ा हो गया है। धन्य है ये दोस्ती.

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