TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी, स्मृति ईरानी ने नेताओं को दी नसीहत, VIP कल्चर छोड़ने को कहा

    पंजाब

    पंजाब में फिर साथ आ सकते हैं BJP और अकाली दल, अमित शाह के बयान के बाद गठबंधन की चर्चा तेज

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद, अमित शाह ने बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी, स्मृति ईरानी ने नेताओं को दी नसीहत, VIP कल्चर छोड़ने को कहा

    पंजाब

    पंजाब में फिर साथ आ सकते हैं BJP और अकाली दल, अमित शाह के बयान के बाद गठबंधन की चर्चा तेज

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद, अमित शाह ने बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जन्मदिन विशेष: विक्रम साराभाई की मौत आज भी रहस्य क्यों है?

जिस शख्स ने ISRO बनाया उसकी कहानी!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
12 August 2022
in चर्चित
How Vikram Sarabhai foresaw space commercialization and why his death is still a mystery

How Vikram Sarabhai foresaw space commercialization and why his death is still a mystery

Share on FacebookShare on X

11 जनवरी 1966 और 24 जनवरी 1966, इन दोनों दिनों में क्या समानता है? इन दोनों दिन, भारत के दो विख्यात व्यक्ति, हमारे माटी को त्याग कर परलोक सिधार गए और वो भी रहस्यमयी परिस्थितियों में, भारत की माटी से मीलों दूर। परंतु कुछ ही वर्षों बाद, 30 दिसंबर 1971 को एक ऐसे ही व्यक्ति ने अपनी देह त्याग दी और परिस्थितियाँ भी कुछ भिन्न नहीं थी, परंतु न तब कोई पड़ताल हुई, न आज भी इस पर कोई चर्चा होती है। परंतु जाने अनजाने ‘रॉकेट्री’ ने आज फिर से देश के एक बहुमूल्य रत्न, विक्रम अंबालाल साराभाई के योगदान और उनके रहस्यमयी मृत्यु पर चर्चा की दिशा में कार्य प्रारंभ किया है।

विक्रम साराभाई का जन्म 12 अगस्त 1919 को एक बेहद धनाढ्य जैन परिवार में हुआ। उन्हे किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं थी, और वे बेहद राजसी ठाट बात से रहते थे। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा उनकी माता सरला साराभाई की देख-रेख में मैडम मारिया मोन्टेसरी के अंतर्गत प्रारंभ हुए पारिवारिक स्कूल में हुई। तद्पश्चात गुजरात कॉलेज से इंटरमीडिएट तक विज्ञान की शिक्षा पूरी करने के बाद वे 1937 में कैम्ब्रिज (इंग्लैंड) चले गए जहां 1940 में प्राकृतिक विज्ञान में ट्राइपोज डिग्री प्राप्त की। परंतु जीव विज्ञान से अधिक रुचि उन्हे भौतिकी यानि फिजिक्स में थी।

संबंधितपोस्ट

रात में भी ‘सूरज की रोशनी’ बेचेगा अमेरिका! भारत की Skyroot Aerospace कैसे करेगी मदद, जानिए पूरा प्लान

गगनयान मिशन: ISRO ने Crew और Service Module को अलग करने का टेस्ट किया सफल, अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्यों है अहम?

अंतरिक्ष में भारत की तीसरी आंख: 36 हजार किमी ऊपर से देश के कोने-कोने पर चौबीसों घंटे नज़र, जानिए क्यों है यह इतना खास

और लोड करें

अतः द्वितीय विश्व युद्ध प्रारंभ होने पर वे वे भारत लौट आए वे बेंगलुरू स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान यानि IISc में नौकरी करने लगे जहां वह महान वैज्ञानिक चन्द्रशेखर वेंकटरमन के निरीक्षण में ब्रह्माण्ड किरणों पर अनुसन्धान करने लगे। यहीं पर उनका परिचय एक नवयुवक से भी हुआ, जिन्होंने आगे चलकर परमाणु जगत में क्रांति ला दी, और इनका नाम था डॉक्टर होमी जहांगीर भाभा। इन्ही दोनों जोशीले युवाओं के कारनामों पर आधारित है चर्चित वेब सिरीज़ ‘Rocket Boys’

और पढ़ें: रॉकेट्री रिव्यू – नम्बी नारायणन, ये देश आपका क्षमाप्रार्थी है

विक्रम ने अपना पहला अनुसन्धान लेख “टाइम डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ कास्मिक रेज़” भारतीय विज्ञान अकादमी की कार्यविवरणिका में प्रकाशित किया। वर्ष 1940-45 की अवधि के दौरान कॉस्मिक रेज़ पर साराभाई के अनुसंधान कार्य में बंगलौर और कश्मीर-हिमालय में उच्च स्तरीय केन्द्र के गेइजर-मूलर गणकों पर कॉस्मिक रेज़ के समय-रूपांतरणों का अध्ययन शामिल था।

द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति पर वे कॉस्मिक रे भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में अपनी डाक्ट्रेट पूरी करने के लिए कैम्ब्रिज लौट गए। 1947 में उष्णकटीबंधीय अक्षांक्ष (ट्रॉपीकल लैटीच्यूड्स) में कॉस्मिक रे पर अपने शोधग्रंथ के लिए कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में उन्हें डाक्ट्ररेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। इसके बाद वे भारत लौट आए और यहां आ कर उन्होंने कॉस्मिक रे भौतिक विज्ञान पर अपना अनुसंधान कार्य जारी रखा। भारत में उन्होंने अंतर-भूमंडलीय अंतरिक्ष, सौर-भूमध्यरेखीय संबंध और भू-चुम्बकत्व पर अध्ययन किया।

स्वतंत्रता के पश्चात डॉक्टर विक्रम साराभाई ने भारत की संरचना को बढ़ावा देने पर अपना ध्यान केंद्रित किया। उनके लिए राष्ट्र की संरचना और उसके लोगों का विकास सर्वोपरि था। कांग्रेस के चाटुकार आज भी इसरो और न जाने किन किन चीज़ों के लिए नेहरू जैसे अयोग्य व्यक्तियों को अकारण क्रेडिट देते रहते हैं। परंतु सत्य तो यही है कि यदि विक्रम साराभाई जैसे उद्यमी न होते, तो भारत के पास उचित इंफ्रास्ट्रक्चर के भी लाले पड़ जाते। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में संस्थान स्थापित करने में अपना सहयोग दिया।

चाहे वह अहमदाबाद वस्त्र उद्योग की अनुसंधान एसोसिएशन (एटीआईआरए) के गठन में अपना सहयोग प्रदान करना हो, जबकि उन्होंने वस्त्र प्रौद्योगिकी में कोई औपचारिक प्रशिक्षण नहीं लिया या फिर भौतिकी अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल), अहमदाबाद हो, भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) अहमदाबाद; सामुदायिक विज्ञान केन्द्र हो अहमदाबाद हो, दर्पण अकादमी फॉर परफार्मिंग आट्र्स, अहमदाबाद, विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केन्द्र, तिरुवनन्तपुरम, आप बस बोलते जाइए और विक्रम साराभाई ने वो सब किया जो देश के विकास के लिए अति आवश्यक था।

और पढ़ें: नंबी नारायणन को लेकर दोबारा से अपनी घृणित चाल चल रहे हैं वामपंथी

परंतु बात यहीं पर खत्म नहीं होती थी। डॉ॰  विक्रम साराभाई में एक प्रवर्तक वैज्ञानिक, भविष्य द्रष्टा, औद्योगिक प्रबंधक और देश के आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक उत्थान के लिए संस्थाओं के परिकाल्पनिक निर्माता का अद्भुत संयोजन था। उनमें अर्थशास्त्र और प्रबन्ध कौशल की अद्वितीय सूझ थी। उन्होंने किसी समस्या को कभी कम कर के नहीं आंका। डॉ॰ साराभाई ने स्वतन्त्र रूप से और अपने सहयोगियों के साथ मिलकर राष्ट्रीय पत्रिकाओं में 86 अनुसन्धान लेख लिखे। कोई भी व्यक्ति बिना किसी डर या हीन भावना के डॉ॰ साराभाई से मिल सकता था, फिर चाहे संगठन में उसका कोई भी पद क्यों न रहा हो। वह बराबरी के स्तर पर उनसे बातचीत कर सकता था। इसलिए डॉक्टर विक्रम साराभाई इसरो जैसे दूरदर्शी संस्था की नींव रख पाए।

वे सदा चीजों को बेहतर और कुशल तरीके से करने के बारे में सोचते रहते थे। उन्होंने जो भी किया उसे सृजनात्मक रूप में किया। युवाओं के प्रति उनकी उद्विग्नता देखते ही बनती थी। डॉ॰ साराभाई को युवा वर्ग की क्षमताओं में अत्यधिक विश्वास था। यही कारण था कि वे उन्हें अवसर और स्वतंत्रता प्रदान करने के लिए सदा तैयार रहते थे, और इसी कारण से देश को डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम, शंकरलिंगम नम्बी नारायणन जैसे रत्न मिले, वो अलग बात थी कि कुछ निकृष्ट वामपंथियों की घृणित सोच के कारण उन्हे उनका वास्तविक शौर्य और यश नहीं प्राप्त हो पाया, जो उन्हे मिलना चाहिए था।

और पढ़ें: क्या हिंदू होना अपराध है? नम्बी नारायणन ने वामपंथी कुनबे में ‘रॉकेट’ घुसा दिया है

परंतु जिस वस्तु पर उनकी दृष्टि पड़ी, उसका अनुमान किसी को भी नहीं था, और आज इसी के कारण भारत अंतरिक्ष उद्योग में अमेरिका और रूस को कांटे की टक्कर भी दे रहा था, और पर्याप्त संसाधन न होने के बाद भी उन्हे दिन में तारे भी दिखा रहा है। जब अमेरिका और रूस में चाँद पर जाने की होड़  लगी रहती थी, तभी डॉक्टर साराभाई स्पेस उद्योग के व्यवसायीकरण के महत्व को भांप चुके थे और इस पर ‘Rocketry’ में प्रकाश भी डाला गया था। सोचिए, ऐसा व्यक्ति यदि भारत में उत्पन्न हुआ हो, तो वो पश्चिमी देशों के लिए चुनौती बनेगा कि नहीं? क्या इसका इनकी रहस्यमयी मृत्यु से कोई कनेक्शन तो नहीं? क्या केवल यह संयोग है कि देश के दो होनहार वैज्ञानिक उसी समय मृत्युलोक को प्राप्त हुए, जब परमाणु राष्ट्र बनने के मुहाने पर था – एक हवाई दुर्घटना में और एक हृदयाघात से?

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: ISROVikram Sarabhaiविक्रम साराभाईविक्रम साराभाई कौन थे
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

बेबी प्रोडक्ट की दिग्गज कंपनी ‘Johnson & Johnson’ बंद हो रही है?

अगली पोस्ट

केजरीवाल जैसे नेताओं की राजनीति ख़त्म कर देगी मोदी की ‘फ्रीबी कमेटी’

संबंधित पोस्ट

नेपाल जैसी आपदा से बचा सकता है सियांग बांध? चीन की चुनौती के बीच अरुणाचल में विरोध क्यों?
चर्चित

नेपाल जैसी आपदा से बचा सकता है सियांग बांध? चीन की चुनौती के बीच अरुणाचल में विरोध क्यों?

24 October 2026

अरुणाचल प्रदेश की सियांग घाटी में प्रस्तावित एक विशाल बांध परियोजना अब स्थानीय विरोध, पर्यावरण और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच टकराव का मुद्दा बन गई...

मणिपुर में 18 साल पुराना SoO समझौता खत्म, 2,000 से ज्यादा उग्रवादियों पर क्या होगा असर?
चर्चित

मणिपुर में 18 साल पुराना SoO समझौता खत्म, 2,000 से ज्यादा उग्रवादियों पर क्या होगा असर?

24 October 2026

मणिपुर में शांति बहाली की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। केंद्र सरकार, मणिपुर सरकार और कुकी-जो समुदाय से जुड़े 25 उग्रवादी संगठनों के बीच...

Haryana Power Crisis : क्या है पैरेलल डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल, गुरुग्राम में क्यों हुआ बवाल?
चर्चित

Haryana Power Crisis : क्या है पैरेलल डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल, गुरुग्राम में क्यों हुआ बवाल?

23 October 2026

Haryana Power Crisis : हरियाणा के गुरुग्राम में बिजली संकट ने एक बड़े सवाल को जन्म दिया है कि क्या एक ही इलाके में सरकारी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

00:03:01

Why Is India Investing in Underwater Weapons?

00:02:10

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19

Indian Army’s New Logistics Plan: Why Bharat Rice Matters

00:04:35
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited