TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    France Bans Pakistani Pilots: फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों पर क्यों लगाया बैन? जानें Flydubai हमले और इजरायल कनेक्शन की पूरी कहानी

    France Bans Pakistani Pilots: फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों पर क्यों लगाया बैन? जानें Flydubai हमले और इजरायल कनेक्शन की पूरी कहानी

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    France Bans Pakistani Pilots: फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों पर क्यों लगाया बैन? जानें Flydubai हमले और इजरायल कनेक्शन की पूरी कहानी

    France Bans Pakistani Pilots: फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों पर क्यों लगाया बैन? जानें Flydubai हमले और इजरायल कनेक्शन की पूरी कहानी

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मैडम कहो या फिर सर कहो- अब मैडम-सर नहीं चलेगा

बड़े बदलाव के लिए छोटा-सा कदम!

Vaishali Shukla द्वारा Vaishali Shukla
25 September 2022
in चर्चित
madam
Share on FacebookShare on X

भारत हमेशा ही अपनी संस्कृति और सभ्यता के लिए जाना जाता हैं। हालांकि कई बाहरी संस्कृतियों के प्रभाव में आकर भारतीयों ने धीरे-धीरे अपनी संस्कृतियों को पीछे छोड़ दूसरी विरासतों को अपनाना शुरू कर दिया। भारत  को आज़ाद हुए 75 वर्ष हो चुके हैं। भले ही हम सभी लिंगों को एक सामान मानने की बात करते हो, परंतु देखा जाए तो आज भी कई मामलो में हम अपनी सोच का सही तरह से विकास नहीं कर पाए हैं। स्त्री द्वेष या लिंगवाद इनमें से एक है।

वैसे तो आज स्थिति बहुत बदल चुकी है और महिलाएं भी पुरुषों के समान बराबर अधिकार पाने लग गई हैं। बड़े बड़े पदों पर आज महिलाएं बड़ी जिम्मेदारी संभालती नजर आती हैं। अभी तक आपने यही देखा और सुना होगा कि चाहे महिला सांसद, उच्च पद पर कार्यरत महिला पुलिस अधिकारी या फिर डीएम और एसपी, इन सभी को संबोधित करने के लिए अधिकतर लोग ‘मैडम सर’, ‘साहेब’ या सिर्फ ‘सर’ जैसे शब्दों का प्रयोग करते आ रहे हैं। ये प्रथा इतनी ज्यादा आम है कि जिस पर किसी का भी ध्यान नहीं जाता। हालांकि अब समय आ गया है इसमें बदलाव करने का और भारतीय संसद ने इस दिशा में ऐतिहासिक निर्णय भी लिया है।

संबंधितपोस्ट

महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

अखिलेश के राज्यसभा सांसद ने की मोदी की तारीफ, सपा की PDA राजनीति पर फिर उठे सवाल

INDIA गठबंधन की दिल्ली में अहम बैठक, SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर विपक्ष करेगा चर्चा

और लोड करें

राज्यसभा में बड़ा बदलाव

दरअसल, राज्यसभा में होने वाली कार्यवाही के दौरान अक्सर ही ‘नो सर’ शब्द कानों में सुनाई देता था, जो अक्सर सदन में जवाब देने के समय बोला जाता है। इस संबंध में शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने 8 सितंबर को संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी को संबोधित करते हुए एक पत्र लिखा था , जिसमें उन्होंने ‘नो सर’ जैसे लिंग वाले शब्दों के इस्तेमाल में बदलाव का अनुरोध किया था।

और पढ़े: अब इंडियन आर्मी का भी होगा ‘भारतीयकरण’, गुलामी के प्रतीकों की दी जाएगी तिलांजलि

साथ ही उन्होंने जोशी से सांसदों को उनकी लैंगिक पहचान के मुताबिक ही संबोधित करने के निर्देश जारी करने की बात कही थी। प्रियंका चतुर्वेदी की मांग पर राज्यसभा सचिवालय ने इस शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगाने का बड़ा निर्णय लिया है।

छोटा कदम, लेकिन बड़ा अंतर

राज्यसभा के द्वारा चतुर्वेदी की इस तरह की गंभीर चिंताओं के जवाब में सभी को लिंग निष्पक्ष शब्दों में संबोधित करने और सत्रों में समावेशीता लाने की अनुमति प्रदान कर दी गई है। राज्यसभा सचिवालय ने कहा, “राज्यसभा में परंपरा, उचित प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियमों के अनुसार सदन में होने वाली सभी कार्यवाही सभापति को संबोधित की जाती है और संसदीय प्रश्नों के उत्तर भी उस कार्यवाही का एक भाग होता है। हालांकि अब मंत्रालयों को राज्यसभा में होने वाले अगले सेशन से संसदीय प्रश्नों के जेंडर न्यूट्रल उत्तर प्रस्तुत करने के लिए सूचित कर दिया जाएगा।”

शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस बदलाव पर अपनी प्रसन्नता जाहिर करते हुए प्रतिक्रिया में कहा कि हालांकि यह सभी को एक छोटा-सा बदलाव लग सकता है, लेकिन यह महिलाओं को संसदीय प्रक्रिया के दौरान मान्य प्रतिनिधित्व मिलने का लंबा रास्ता तय करेगा।

और पढ़े: भारत को गोरा-भूरा साहब और मुगलों से मुक्त कराने के पीएम मोदी के प्रयास में ‘कर्तव्य पथ’ एक और मील का पत्थर है

राज्यसभा सचिवालय के इस निर्णय पर प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट कर अपनी प्रसन्नता जाहिर की और कहा- “छोटा कदम, बड़ा अंतर। मंत्रालयों से लेकर महिला सांसदों तक के सवालों के जवाब में संसद में पुरुष प्रधान भाषा को दूर करने के लिए राज्यसभा सचिवालय को धन्यवाद। अब से जवाब मंत्रालयों की ओर से जेंडर न्यूट्रल होंगे।”

Small step, big difference. Thank the Rajya Sabha Secretariat for correcting the anomaly in parliament question responses from ministries to women MPs. Henceforth the replies will be gender neutral from the ministries. pic.twitter.com/1m0hxBGmvn

— Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) September 21, 2022

ऐसा हो सकता है कुछ लोगों को यह बड़ी बात न लगती हो। कुछ भी कहकर संबोधित कर इससे भला क्या ही अंतर पड़ता है। परंतु देखा जाए तो इससे भी बहुत फर्क पड़ता है।

‘मैडम-सर’ और ‘साहब’ की संस्कृति

आपको एक वाक्य बताते हैं। बात तब की हैं जब मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में निर्मला सीतारमण रक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाल रही थीं। तब इस तरह की रिपोर्ट्स प्रकाशित हुईं थी कि भारत की पहली महिला रक्षा मंत्री को किस प्रकार संबोधित किया जाए? इसको लेकर सैनिक भी असमंजस में थे। ऐसे में सीतारमण को कई अलग-अलग शब्दों से संबोधित कर दिया गया था, जिनमें सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाला शब्द ‘सर’ था। जवानों ने इस पर पूछा कि उन्हें क्या कहकर संबोधित करना चाहिए? जिस पर सीतारमण ने अपना जवाब दिया था कि “आप मुझे रक्षा मंत्री कहकर संबोधित कर सकते हैं।”

इस बात को और भी विस्तार से समझने के लिए अभी हाल की घटना को भी देख सकते हैं। हुआ कुछ यूं था कि दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस रेखा पल्ली एक वकील पर बहुत नाराज़ हो गई थी, क्योंकि वकील बार-बार जस्टिस को ‘सर’ कहकर संबोधित करते रहे। इस पर उन्होंने कहा- “मैं ‘सर’ नहीं हूं। मुझे आशा है कि आप इस बात को समझ सकते है।” इसके बाद वकील ने इसके उत्तर में कहा- “क्षमा करें, आप जिस कुर्सी पर विराजमान हैं ये उसकी वजह से ही है।” वकील के इस बात पर जस्टिस पल्ली भड़क गई और उन्होंने बड़े ही तीखे शब्दों में कहा कि अगर अभी भी आपको ऐसा लगता है कि यह कुर्सी सिर्फ साहबों के लिए है तो ये और भी बुरा है। यदि युवा सदस्य ही इस तरह का भेद करना बंद नहीं कर देते तो हम भविष्य के लिए क्या आशा करें?

वहीं यूपी पुलिस एसआईटी डीजी रेणुका मिश्रा ने इसको लेकर टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ अपने अनुभव साझा किए थे। उन्होंने बताया कि उन्हें भी सर, साहब, मैडम-सर के रूप में संबोधित किया गया है। उन्होंने कहा- “लोग उनको कभी देवी, कभी मां, कभी बहन बना देते हैं, जबकि पुरुष अधिकारियों के साथ ऐसा कभी भी नहीं होता है। उन्हें सब जूनियर भैया या भाईसाहब नहीं कहते हैं।”

और पढ़े: कानून में बदलाव के साथ ही बदल जाएगी SEZs की तस्वीर, घरेलू बाजार की बल्ले-बल्ले

एमपी पुलिस के आईजी नर्मदापुरम में कार्यरत दीपिका सूरी ने इस पर कहा था कि “अगर सीनियर हैं तो सर हैं।   अगर आईजी मैडम है तो आईजी की पत्नी, लेकिन जब आईजी साहब हैं तो सिर्फ आईजी साहब हैं। उसके साथ केवल उनकी पोस्ट का जिक्र किया जाता है।”

बिहार की पहली महिला आईपीएस अधिकारी मंजरी जरुहर ने भी ’मैडम सर’ शीर्षक को लेकर एक किताब लिखी है जो एक महिला पुलिस अधिकारी के रूप में उनके संघर्ष के विषय में बताती है।

यह सबकुछ गहरे लिंगवाद और सामाजिक भेदभाव को दर्शाता है। इस पर सभी को गहराई से सोचने की आवश्कता है। वहीं संसद कार्यालय द्वारा लिए गए इस निर्णय को सकारात्मक रूप से लिया जाना चाहिए। इस फैसले को भारत के निम्नतम कार्यालयों और समाज में भी लागू होने की आवश्कता है, जिससे समाज को एक नयी दिशा मिले। राज्यसभा द्वारा लिया गया यह निर्णय हमारे भारत देश के लिए एक नयी पहल साबित हो सकती है।

और पढ़े: घर में करोड़ों, ढाई लाख का बैग फिर भी संसद में ‘कच्चा बैंगन ड्रामा’

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: प्रह्लाद जोशीप्रियंका चतुर्वेदीराज्यसभासंसद
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अपनी अंतिम सांसें लेते हुए PFI गुर्र-गुर्र कर रही है

अगली पोस्ट

तकिया-रजाई पर आदिवासियों के देवताओं के चित्र क्यों?

संबंधित पोस्ट

गगनयान मिशन: ISRO ने Crew और Service Module को अलग करने का टेस्ट किया सफल, अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्यों है अहम?
चर्चित

गगनयान मिशन: ISRO ने Crew और Service Module को अलग करने का टेस्ट किया सफल, अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्यों है अहम?

16 October 2026

भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान की तैयारियों में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक अहम पड़ाव पार किया है। इसरो ने Crew...

महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी
चर्चित

महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

16 October 2026

केंद्र सरकार इसी महीने संसद का विशेष सत्र बुला सकती है। इस सत्र में लोकसभा की सीटें बढ़ाने, परिसीमन की प्रक्रिया में बदलाव और महिला...

मेरठ सर्पदंश हत्याकांड
चर्चित

मेरठ सर्पदंश हत्याकांड में पत्नी और प्रेमी को मृत्युदंड, सांप के काटने से मौत दिखाने की रची थी साजिश

16 October 2026

मेरठ के बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में हुए चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Why Tejas Mk2 Matters: India’s Fighter Bridge Between 4th Gen jets and AMCA

Why Tejas Mk2 Matters: India’s Fighter Bridge Between 4th Gen jets and AMCA

00:04:59

How DRDO’s AIP Could Transform India’s Submarine Fleet

00:04:16

INS Mangrol: How India's New Warship Hunts Submarines and Guards Against Another PNS Ghazi

00:04:05

India’s $10.5 Billion Aircraft Deal: C-390 vs C-130J

00:05:35

How India Is Preparing for the Next Air War | Beyond Rafale, S-400 & Drones | IAF

00:05:03
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited