TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    दिवाली पर ₹5 लाख करोड़ का कारोबार! दिल्ली में ₹80 हजार करोड़ की उम्मीद, किन बाजारों में सबसे ज्यादा रौनक

    दिवाली पर ₹5 लाख करोड़ का कारोबार! दिल्ली में ₹80 हजार करोड़ की उम्मीद, किन बाजारों में सबसे ज्यादा रौनक

    E20 पेट्रोल को E30 कौन बना रहा है? कर्नाटक में 31.2% तक मिला एथेनॉल, आपकी गाड़ी पर क्या होगा असर?

    E20 पेट्रोल को E30 कौन बना रहा है? कर्नाटक में 31.2% तक मिला एथेनॉल, आपकी गाड़ी पर क्या होगा असर?

    धनतेरस पर ₹1.25 लाख करोड़ की खरीदारी, महंगे सोने-चांदी के आगे भी नहीं टूटा लोगों का उत्साह

    धनतेरस पर ₹1.25 लाख करोड़ की खरीदारी, महंगे सोने-चांदी के आगे भी नहीं टूटा लोगों का उत्साह

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    13,629 फीट पर IL-76MD की लैंडिंग, IAF ने कैसे बनाया विश्व रिकॉर्ड? क्या है न्योमा एयरबेस की ताकत

    13,629 फीट पर IL-76MD की लैंडिंग, IAF ने कैसे बनाया विश्व रिकॉर्ड? क्या है न्योमा एयरबेस की ताकत

    अग्निवीरों की 4 साल की सेवा अब 6 साल, सरकार का बड़ा फैसला; जानिए क्या-क्या बदलेगा

    अग्निवीरों की 4 साल की सेवा अब 6 साल, सरकार का बड़ा फैसला; जानिए क्या-क्या बदलेगा

    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    लर्निंग लाइसेंस पर गाड़ी चलाने वाले को भी मिलेगा बीमा क्लेम? हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

    लर्निंग लाइसेंस पर गाड़ी चलाने वाले को भी मिलेगा बीमा क्लेम? हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    दिवाली पर ₹5 लाख करोड़ का कारोबार! दिल्ली में ₹80 हजार करोड़ की उम्मीद, किन बाजारों में सबसे ज्यादा रौनक

    दिवाली पर ₹5 लाख करोड़ का कारोबार! दिल्ली में ₹80 हजार करोड़ की उम्मीद, किन बाजारों में सबसे ज्यादा रौनक

    E20 पेट्रोल को E30 कौन बना रहा है? कर्नाटक में 31.2% तक मिला एथेनॉल, आपकी गाड़ी पर क्या होगा असर?

    E20 पेट्रोल को E30 कौन बना रहा है? कर्नाटक में 31.2% तक मिला एथेनॉल, आपकी गाड़ी पर क्या होगा असर?

    धनतेरस पर ₹1.25 लाख करोड़ की खरीदारी, महंगे सोने-चांदी के आगे भी नहीं टूटा लोगों का उत्साह

    धनतेरस पर ₹1.25 लाख करोड़ की खरीदारी, महंगे सोने-चांदी के आगे भी नहीं टूटा लोगों का उत्साह

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    13,629 फीट पर IL-76MD की लैंडिंग, IAF ने कैसे बनाया विश्व रिकॉर्ड? क्या है न्योमा एयरबेस की ताकत

    13,629 फीट पर IL-76MD की लैंडिंग, IAF ने कैसे बनाया विश्व रिकॉर्ड? क्या है न्योमा एयरबेस की ताकत

    अग्निवीरों की 4 साल की सेवा अब 6 साल, सरकार का बड़ा फैसला; जानिए क्या-क्या बदलेगा

    अग्निवीरों की 4 साल की सेवा अब 6 साल, सरकार का बड़ा फैसला; जानिए क्या-क्या बदलेगा

    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    लर्निंग लाइसेंस पर गाड़ी चलाने वाले को भी मिलेगा बीमा क्लेम? हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

    लर्निंग लाइसेंस पर गाड़ी चलाने वाले को भी मिलेगा बीमा क्लेम? हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अफगानिस्तान में अमेरिका को दुलत्ती, भारत की जी-हुजूरी क्यों हो रही है?

वैश्विक नीति की दिशा अब भारत तय करता है!

TFI Desk द्वारा TFI Desk
16 September 2022
in मत
Modi Diplomacy pic

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

नरेंद्र दामोदर दास मोदी, यह केवल एक नाम नहीं है बल्कि अब एक नीति बन गई है। पीएम मोदी ने वैश्विक स्तर पर भारत की ऐसी धाक जमाई है कि अपने आप को सुपर पावर कहने वाला अमेरिका, भारत की सुनता है और वही सबसे अराजकतावादी मुल्क यानी अफगानिस्तान का तालिबानी शासन भी भारत के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करता है। अफगानिस्तान में एक समय अमेरिका की पकड़ थी इसके बावजूद तालिबान, अमेरिकी सैनिकों की धज्जियां उड़ाता रहता था। ध्यान देने वाली बात है कि भारत, अफगानिस्तान का सीधे तौर पर नाम भी नहीं लेता है, उसके बावजूद भी तालिबान ऐसे मुद्दे उठा रहा है जिसमें भारत का हित छिपा है। यह दिखाता है कि भारत का अब अनौपचारिक रूप से अफगानिस्तान में मजबूत कूटनीतिक तंत्र बैठ चुका है जिसने असल में अमेरिका की जगह ले ली है।

और पढ़ें: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के ‘इस्लामिक भाईचारे’ वाली कवच में छेद के समान है क्रिकेट

संबंधितपोस्ट

फारूक अब्दुल्ला के बयान पर सियासी विवाद, बोले- कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने से लोगों के हितों की रक्षा हुई

मक्का में दस्तख़त, तेहरान की पीठ में छुरा: ‘सुन्नी नाटो’ की आड़ में ईरान की घेराबंदी और पाकिस्तान का दोहरा खेल

जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

और लोड करें

तालिबान ने खोली पाकिस्तान की पोल

दरअसल, हाल ही में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की तरफ से दावा किया गया कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मौलाना मसूद अजहर अफगानिस्तान में छिपकर बैठा है और अपने आतंकी संगठन को मजबूत कर रहा है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान सरकार से मांग की कि मसूद अजहर को गिरफ्तार कर पाकिस्तान के हवाले कर दिया जाए। इस बयान के जरिए पाकिस्तान ने न केवल अफगानिस्तान बल्कि पूरे विश्व के साथ बल्फ खेलने की कोशिश की थी, जिसके बाद अफगानिस्तान भड़क गया।

आतंक के आका पाकिस्तान को उम्मीद नहीं थी कि अफगानिस्तान का तालिबानी शासन उसकी पोल खोल देगा। मसूद अजहर से जुड़े दावों पर तालिबान सरकार ने मीडिया में आई उन खबरों का बुधवार को खंडन किया, जिसमें अफगानिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का सरगना मसूद अजहर की मौजूदगी का दावा किया गया था। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने कहा कि ऐसे आतंकवादी संगठन पाकिस्तान की जमीन से संचालन कर सकते हैं और यहां तक कि सरकारी संरक्षण में भी वे अपना काम जारी रख सकते हैं।

अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने पकिस्तान के दावों को कड़े शब्दों में खारिज किया है। खबरों में दावा किया गया कि पाकिस्तान ने उसे (मसूद अजहर) सौंपने की मांग वाला एक पत्र भी अफगानिस्तान को भेजा है। इसके साथ ही मुजाहिद ने अफगानिस्तान के टोलो न्यूज के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि उन्होंने इस बाबत मीडिया में आई खबर देखी है लेकिन यह सच नहीं है। किसी ने भी हमसे ऐसी मांग नहीं की है। मुजाहिद ने कहा, जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख अफगानिस्तान में नहीं है। ऐसे संगठन पाकिस्तान की जमीन से संचालन कर सकते हैं और यहां तक कि आधिकारिक संरक्षण में भी अपने कुकर्मों को अंजाम दे सकते हैं। प्रवक्ता ने कहा कि हम किसी को भी, किसी दूसरे देश के खिलाफ अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं देंगे।

और पढ़ें: पाकिस्तान के बाजार में खुलेआम बेचे जा रहे हैं अफगानिस्तान में छोड़े गए अमेरिकी हथियार

अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर टकराव

ध्यान देने वाली बात है कि तालिबानी सरकार ने पाकिस्तान के दांव को पटखनी देते हुए उसे ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। इससे पहले भी तालिबान, पाकिस्तान सेना पर सीमा पर गतिरोध बढ़ाने के आरोप लगाता रहा है। अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने मंगलवार को सीमा पर झड़प के पीछे पाकिस्तानी सेना द्वारा अपनी सीमा पर एक सुरक्षा चौकी बनाने के प्रयास को जिम्मेदार ठहराया, जिसमें कम से कम तीन पाकिस्तानी सैनिकों सहित दोनों पक्षों के सैनिकों की मौतें हुईं।

तालिबान के प्रवक्ता बिलाल करीमी ने बुधवार को एक बयान में कहा, “पाकिस्तानी बलों ने लाइन के पास एक सैन्य चौकी बनाने की कोशिश की थी जिसके चलते टकराव की स्थिति बनी।” दोनों पक्षों के बीच टकराव का यह सिलसिला अफगान पक्ष के पख्तिया प्रांत और पाकिस्तान के कुर्रम क्षेत्र में हुआ, जिसने एक बार फिर दोनों देशों के बीच टेंशन बढ़ा दी है। इस मुद्दे को लेकर फायरिंग और हिंसा के बाद उच्च स्तरीय वार्ता हुई और मामले को शांत कराने की कोशिश की गई। पाकिस्तान ने अमेरिका के अफगानिस्तान छोड़ते वक्त जो सोचा था अब सब कुछ उसका उल्टा हो रहा है। अफगानिस्तान, पाकिस्तान की मुसीबतें बढ़ाने में अपनी पूरी ताक़त झोंक रहा है और यह भारत के लिहाज से बिल्कुल सही है।

भारत को लुभाने में जुटा तालिबान

गौरतलब है कि अमेरिका ने अपने बल के दम पर तालिबान को कंट्रोल करने की कोशिश की थी लेकिन वे नहीं कर पाए। वहीं, भारत बिना कुछ बोले ही अनौपचारिक तौर पर अफगानिस्तान को अपनी साइड में ला चुका है। तालिबान जानता है कि भारत, अफगानिस्तान का एक मित्र राष्ट्र रहा है। ऐसे में तालिबान हमेशा ही भारत के प्रति सकारात्मक रहा है। हालांकि, यह भी कहा जाता है कि पिछले वर्ष जब अमेरिका अफगानिस्तान छोड़कर गया था तो अफगानिस्तान में तालिबान ने खूब आतंक मचाया लेकिन अहम बात यह है कि भारतीय दूतावास या वहां के किसी अधिकारी को एक खरोंच तक नहीं आई थी। भारत ने वहां अपने दूतावास को बंद कर दिया था लेकिन जब दोबारा अधिकारी गए तो उन्होंने सीधे तौर पर स्वीकार किया कि दूतावास की कोई भी चीज तनिक भी नहीं छेड़ी गई है। भारतीय अधिकारियों ने जिस हाल में दूतावास को छोड़ा था उन्हें उसी हाल में सहज दूतावास मिला तो कि एक बेहद सकारात्मक स्थिति है।

यह दिखाता है कि भारत को लुभाने की कोशिश में अफगानिस्तान की तालिबान सरकार कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहती है। इसके कारण ही तालिबान, पाकिस्तान के आतंकी संगठनों को आड़े हाथों ले रहा है और सार्वजनिक मंचों पर यह दावा कर रह है कि पाकिस्तान आतंक की फैक्ट्री है। दूसरी ओर अफगानिस्तान सीमा पर भी पाक सेना की मुश्किलें बढ़ा रहा है। भारत की सीमाओं पर भी पाक सैनिक बिल्कुल ही डरी हुई मुद्रा में बैठे हैं क्योंकि यह भी सच है कि यदि पाकिस्तानी और भारतीय सैनिकों के बीच सीमा पर कोई टकराव होता है तो भारत को लुभाने की कोशिश में तालिबान अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर पाक सेना की मुश्किलें बढ़ा देगा और पाकिस्तानी सेना कभी भी दो मोर्चों पर सक्रिय हो ही नहीं पाएगी। ज्ञात हो कि भारत ने तालिबान को लेकर हमेशा ही अपना नकारात्मक रुख स्पष्ट किया है। इसके बावजूद तालिबान भारत का समर्थक बन बैठा है और इसके पीछे अनौपचारिक रूप से अपनाई गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक नीतियों को अहम फैक्टर माना जा रहा है।

और पढ़ें: सच हुई TFI की भविष्यवाणी: Adani Port ने ड्रग्स तस्करी मामले में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान के खिलाफ लिया एक्शन

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: अफ़ग़ानिस्तानतालिबानपाकिस्तानमोदी सरकार
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

शरत चंद्र चटोपाध्याय: एक ओवररेटेड साहित्यकार, जिन्होंने ‘लवर्स’ को ‘FOSLA का रोग’ लगा दिया

अगली पोस्ट

मुक्त बाजार के झंडाबदारों को भारत ने उन्हीं की भाषा में कूट दिया

संबंधित पोस्ट

दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध
ज्ञान

दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

7 November 2026

प्रतिवर्ष दीपों का उत्सव 'दीपावली' आते ही घर-आँगन दीपों से सजने लगते हैं। बाजारों में रौनक बढ़ती है, मिठाइयों और पकवानों की सुगंध वातावरण में...

‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल
चर्चित

‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

31 October 2026

हाल ही में कुछ स्कूली छात्रों के साथ था। बातचीत के दौरान विषय ‘जेन-जी’ का चलने लगा। मैंने कहा, अंग्रेजी में ‘जेन-जी’ लिखो। सबने लिखा,...

महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया
मत

महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

26 October 2026

यदि आपसे एक बहुत सरल-सा प्रश्न पूछा जाए कि आपके दादा के परदादा का क्या नाम था? या क्या आपको अपने परिवार की 7वीं पीढ़ी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

00:03:14

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

00:03:01

Why Is India Investing in Underwater Weapons?

00:02:10

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited