TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारतीय वायुसेना “ऑपरेशन सिंदूर” फॉर्मेशन के साथ फ्लायपास करेगी

    गणतंत्र दिवस: सेना दिखाएगी अपनी युद्ध शक्ति, परेड में EU का दस्ता भी होगा शामिल

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम: पंजाब में आरडीएक्स और हथियारों के साथ बब्बर खालसा के आतंकी गिरफ्तार

    बांग्लादेश में बढ़ते संकट पर शेख हसीना की दो टूक

    शेख हसीना का आरोप: अंतरिम सरकार से बांग्लादेश का भविष्य खतरे में

    सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया धन्यवाद

    उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया नमन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारतीय वायुसेना “ऑपरेशन सिंदूर” फॉर्मेशन के साथ फ्लायपास करेगी

    गणतंत्र दिवस: सेना दिखाएगी अपनी युद्ध शक्ति, परेड में EU का दस्ता भी होगा शामिल

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम: पंजाब में आरडीएक्स और हथियारों के साथ बब्बर खालसा के आतंकी गिरफ्तार

    बांग्लादेश में बढ़ते संकट पर शेख हसीना की दो टूक

    शेख हसीना का आरोप: अंतरिम सरकार से बांग्लादेश का भविष्य खतरे में

    सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया धन्यवाद

    उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया नमन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

प्रिय ललन पासवान, आइए आपको भक्ति मार्ग से अवगत कराते हैं

अज्ञानता की कोई सीमा नहीं हो सकती है

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
20 October 2022
in चर्चित, ज्ञान
ललन पासवान
Share on FacebookShare on X

“ऐसी मान्यता है कि बजरंग बली ताकत के देवता हैं, लेकिन मुस्लिम और दूसरे धर्म के लोग बजरंग बली की पूजा नहीं करते हैं। अमेरिका में बजरंग बली का मंदिर नहीं है, वहां बजरंग बली की पूजा नहीं होती है तो क्या अमेरिका शक्तिशाली राष्ट्र नहीं है। सब कुछ मानने पर है, मानो तो देव, नहीं तो पत्थर। जैसे-जैसे मानना छोड़ देंगे, वैसे ही वह खत्म हो जाएगा। इसलिए तर्क की शक्ति के आधार पर सोचना होगा।” ये बात एक निरा मूर्ख, सांस्कृतिक रूप से उजड्ड गंवार ही बोल सकता है परंतु यदि हम कहें कि यदि ये बिहार के एक भाजपा विधायक ललन पासवान के बिगड़े बोल हैं, तो? चकित न हों, परंतु यही सत्य है, पर कथा यहां तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जो व्यक्ति न अपने शास्त्रों से परिचित है, न अपने संस्कृति से, वो सेवा क्या खाक करेगा? इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि कैसे भक्ति मार्ग न केवल सरल है, अपितु तार्किक और वैज्ञानिक भी है।

और पढ़ें- व्रत उपवास के देश को पश्चिमी जगत Intermittent Fasting का पाठ पढ़ाने चला है

संबंधितपोस्ट

सनातन अपनाने पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने किया हमला, 4 दिन हॉस्पिटल में भर्ती रहा परिवार; भजन गायिका शहनाज अख्तर का छलका दर्द

आचार्य प्रशांत: असली धर्मगुरु या ब्रैंडिंग से बने बाबा, क्या हैं उनके आलोचक और समर्थकों के दावे?

एक मुस्लिम जो दुनिया को पढ़ा रहा हिंदुत्व का पाठ, कहानी गोरक्षक-कथावाचक मोहम्मद फैज खान की

और लोड करें

ललन पासवान का बयान

हाल ही में भागलपुर के पीरपैंती से भाजपा विधायक ललन पासवान ने  हिंदू धर्म की मान्यताओं पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “सब कुछ मानने पर है। जब मान्यता को छोड़कर उसे तर्क की कसौटी से जोड़ेंगे, जब वैज्ञानिक-सामाजिक सोच होगी तो वे लोग भी हमारे जैसे हो जाएंगे।” परंतु वे इतने पर नहीं रुके। वो आगे बकते हैं, “अगर हमें केवल देवी लक्ष्मी की पूजा करने से धन मिलता है, तो मुसलमानों में अरबपति और खरबपति नहीं होते? मुसलमान देवी लक्ष्मी की पूजा नहीं करते हैं, क्या वे अमीर नहीं हैं? मुसलमान देवी सरस्वती की पूजा नहीं करते हैं. क्या मुसलमानों में कोई विद्वान नहीं है? क्या वे आईएएस या आईपीएस नहीं बनते?”

इतना ही नहीं, ललन पासवान ने कहा कि “आत्मा और परमात्मा” की अवधारणा सिर्फ लोगों की मान्यता है। उन्होंने कहा, “यदि आप मानते हैं तो देव हैं, वरना पत्थर। यह हम पर निर्भर है कि हम देवी-देवताओं को मानते हैं या नहीं। तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए हमें वैज्ञानिक आधार पर सोचना होगा। यदि आप विश्वास करना बंद कर देते हैं, तो आपकी बौद्धिक क्षमता में इजाफा होगा”।

मूलभूत संस्कार

इस अज्ञानी सोच को तार्किकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का नाम देने के लिए तालियां बजती रहनी चाहिए बंधुवर। जो बात, जो ज्ञान समझ में न आए वो ढकोसला, ये कहां का तर्क है, तनिक कोई समझाएगा? जब बात इन्होंने पूजा पद्धति की कर ही दी है तो सबसे मूलभूत संस्कार से प्रारंभ कर देते हैं, पांव छूने से, अथवा चरण स्पर्श से। जब युवा सदस्य अपने परिवार के सदस्यों एवं गुरुजनों के चरण छूते हैं, तो सम्पूर्ण शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार तो होता ही है इसके साथ ही पूर्ण तंत्रिका तंत्र यानी नर्वस सिस्टम को अत्यंत लाभ मिलता है।

अब आप इस बात से भी परिचित होंगे कि कैसे तुलसी पूजन हर भारतीय घर की पहचान है। गृहणी द्वारा सुबह सवेरे तुलसी में पानी देने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। तुलसी एक आयुर्वेदिक औषधि भी है और इसी कारण इसके पत्ते शरीर के हर छोटे बड़े रोग को दूर करने में कारगर सिद्ध होते हैं। यह बात वैज्ञानिक रूप से भी प्रमाणित है कि तुलसी का पौधा अपने आस-पास की हवा को भी शुद्ध करता है।

ठीक इसी भांति सुबह स्नान के बाद सूर्य को जल चढ़ाने का प्रावधान हिन्दू धर्म में है लेकिन इसके पीछे के वैज्ञानिक सत्य यह है कि सूर्योदय की किरणें स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होती हैं। अभी तो हमने योगाभ्यास और सूर्य नमस्कार पर चर्चा प्रारंभ भी नहीं की है।

घंटी और शंख

ऐसे ही पूजा की घंटी का महत्व शायद कुछ ही लोग जानते हैं। वैज्ञानिक तथ्य है कि मंदिर या किसी भी अर्चनास्थल पर पूजा की घंटी और शंख बजाने से वातावरण कीटाणु मुक्त और पवित्र होता है। ये भी कहा जाता है कि शंख की ध्वनि से मलेरिया के मच्छर भी खत्म हो जाते हैं।

गायत्री मंत्र या अन्य किसी भी मंत्र का उच्चारण जहां एक ओर पूजा को पूर्णता प्रदान करता है वहीं मन को केंद्रित करके शारीरिक ऊर्जा का विकास करता है।

व्रत/उपवास के पीछे का शास्त्र क्या है? इससे हमारे देह को क्या लाभ मिलता है, यानी हमारा शरीर किस प्रकार से स्वस्थ रहता है? असल में व्रत रहने से देह में इंसुलिन के प्रति प्रतिक्रिया बढ़ जाती है। इंसुलिन की मात्रा ऊपर नीचे होना ही डाइअबीटीज़ से हमारे शरीर को मुक्त रहने या न रहने का अंतर तय कराती है। यह हार्मोन तब निकलता है जब व्यक्ति भोजन करते हैं और ये लिवर, मसल, एवं फैट सेल को ग्लूकोज़ स्टोर करने के लिए बाध्य करता है। जब आप व्रत करते हैं, तो आपके शरीर में उपलब्ध कार्बोहाइड्रेट खर्च होने के बाद बाकी के फैट सेट की उपयोगिता को भी प्रयोग में लाता है।

तो व्रत और Intermittent Fasting में अंतर क्या है? वैसे तो कोई विशेष अंतर नहीं, परंतु हमारे सनातन शस्त्र शरीर के सम्पूर्ण विकास पर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं और इसीलिए सम्पूर्ण व्रत पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जिससे अधिक से अधिक ग्लूकोज़ खर्च हो और फैट भी उपयोग में लाई जाए, ताकि वजन नियंत्रण में रहे।

नवरात्रि, सोलह सोमवार इत्यादि जैसे व्रत के बारे में भी यदि आपको ज्ञात न हो, तो आप वास्तव में सनातनी कहलाने योग्य नहीं हो। नवरात्रि तो सनातन धर्म का गौरव है, और 16 सोमवार तो श्रावण मास का एक महत्वपूर्ण भाग है, जो विगत वर्षों में अपनी पहचान खो रहा है। हमारा शरीर ऐसा नहीं जिसे निरंतर भोजन की आवश्यकता पड़े। इसे ऐसा रचाया गया है कि वह ऊर्जा का उत्सर्जन करे। परंतु आधुनिक जीवन ने सारा खेल उलटपलट कर रख दिया है। चर्बी घटाना तो छोड़िए, हम अत्यधिक शुगर से भी अपने शरीर को मुक्त नहीं कर पा रहे हैं। वैसे भी, जो राष्ट्र युगों युगों से एक दो घंटे नहीं, नौ नौ दिन, तक फलों और जल पर जीवनयापन करने की कला पर निपुण हो, जिस राष्ट्र की संस्कृति में अन्न मुक्त भोजन भी व्रत का एक हिस्सा हो, उसे आप ‘Intermittent Fasting’ बताओगे?

और पढ़ें- सनातनियों ने किया सम्मान, मुगलों ने की छेड़खानी, अंग्रेजों ने बहिष्कृत, भारत में किन्नरों की कहानी

व्रत उपवास और Intermittent Fasting

हम भारतीय क्यों इस सिद्धांत के लिए इतने लालायित हो रहे हैं? Intermittent Fasting में ऐसी कौन सी ब्रह्म सिद्धि है जो हमें ज्ञात नहीं है। आप माने या नहीं, परंतु Intermittent Fasting एक ऐसा ढोंग, जो भारत के व्रत उपवास की संस्कृति से चुराकर पाश्चात्य जगत ने एक अलग चोगे के साथ पेश करने का प्रयास किया है।

हैं, यह कैसे? व्रत उपवास और Intermittent Fasting में क्या संबंध? व्रत/उपवास सनातन धर्म का एक अभिन्न अंग है, और ईसाईयत अथवा इस्लाम की भांति, इसमें कट्टरता का कोई स्थान नहीं है। इसमें आप भिन्न-भिन्न प्रकार के व्रत रख सकते हैं और यहां जल का सेवन करना न केवल उचित है, अपितु प्रशंसनीय भी।

सनातन धर्म में लगभग हर तिथि व्रत रखने के योग्य है, लेकिन अधिकतम व्रत एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी [दोनों प्रदोष की श्रेणी में वैध है], चतुर्दशी, अमावस्या अथवा पूर्णिमा की तिथि पर रखे जाते हैं। इसी भांति हर सनातनी मास में एक मासिक शिवरात्रि एवं कृष्ण जन्माष्टमी भी होती है, जिस दिन व्रत का अनुसरण किया जा सकता है। हर सनातनी मास में व्रत का अनुसरण, यानी 10 से 15 दिन का उपवास तो निश्चित है।

ऐसे में ललन पासवान जैसे अज्ञानी चाहे जिस पंथ या विचारधारा से संबंध रखें, ये उस विचारधारा के प्रतीक हैं जो अपनी अज्ञानता को ‘लॉजिकल थिंकिंग’ का नाम देकर भारत के वास्तविक संस्कृति का उपहास उड़ाते हैं और उसका नाश करना चाहते हैं, जो वास्तव में कहीं अधिक तार्किक और कहीं अधिक प्रैक्टिकल है। लोग कहते हैं प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं, परंतु आज की दुनिया दिखावे की भी है, तो भई करते रहो दिखावा!

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: What is Intermittent Fastingललन पासवानसनातन धर्मं
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

MMT और OYO चला रहे थे अपना लाइसेंस राज, फिर CCI ने ‘खेल’ कर दिया

अगली पोस्ट

वीरेंद्र सहवाग– जिनके आउट होते ही TRP धड़ाम हो जाती थी

संबंधित पोस्ट

केरल के कम्युनिस्ट नेता वी.एस अच्युतानंदन को पद्म विभूषण देगी मोदी सरकार; धर्मेंद्र, शिबू सोरेन, अलका याज्ञनिक, रोहित शर्मा, पीयूष पांडे को भी पद्म सम्मान
चर्चित

केरल के कम्युनिस्ट नेता वी.एस अच्युतानंदन को पद्म विभूषण देगी मोदी सरकार; धर्मेंद्र, शिबू सोरेन, अलका याज्ञनिक, रोहित शर्मा, पीयूष पांडे को भी पद्म सम्मान

25 January 2026

गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर केंद्र सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया है। इस...

तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है
चर्चित

डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

23 January 2026

किसी मनुष्य का आग में जल जाना ऐसा दृश्य है जिसकी आँच इतनी भयावह और तीव्र होती है कि वह सरकार की सबसे सख्त सेंसरशिप...

नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!
इतिहास

नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

23 January 2026

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वर्ष 1945 में हुए विमान हादसे में मृत्यु होने के दावे को लगभग खारिज किया जा चुका है, लेकिन इससे...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited