TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    भारत का पाकिस्तान पर वार

    संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    भारत का पाकिस्तान पर वार

    संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

क्या रघुराम राजन चाहते हैं कि भारत वोकवाद के लिए आर्थिक प्रगति को त्याग दें?

अपनी गुफा से बाहर निकलकर फिर बकवास बिखेरने लगे रघुराम राजन

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
16 October 2022
in अर्थव्यवस्था
raghuram rajan
Share on FacebookShare on X

लुक माई सन, यू शुड नॉट ग्रो लाइक दिस, बीकॉज़ द वर्ल्ड विल फॉल अपार्ट। वी नीड अ क्लीन एण्ड ग्रीन वर्ल्ड, इंडिया कैनोट ग्रो द वे इट वान्ट्स टू।

अब आप भी सोचते होंगे कि ऐसे मखनचू वचन किस परिप्रेक्ष्य में, अंग्रेजी में एतना ज्ञान क्यों, तो बंधु मामला रघुराम राजन से संबंधित है। भाईसाब अपनी गुफा से बाहर निकलकर फिर बकवास बिखेरने आए हैं क्योंकि बंधुवर को भारत की प्रगति कैसे भी करके रोकनी है, चाहे स्वयं इस प्रयास में मर्कट सिद्ध हो जाएं।

संबंधितपोस्ट

एम.के. स्टालिन ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर उठाए सवाल, ईरानी युद्धपोत डूबने पर जताई गहरी चिंता

पीएम मोदी ने दिल्ली मेट्रो को दी नई रफ्तार, दो कॉरिडोर शुरू और तीन नई लाइन की नींव रखी

AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

और लोड करें

इस लेख में जानेंगे कि कैसे रघुराम राजन चाहते हैं कि भारत आर्थिक प्रगति की बलि चढ़ा दे, क्योंकि ये पर्यावरण विशेषकर वोक संस्कृति के लिए हानिकारक है।

और पढ़ें- रघुराम राजन से लेकर अरविंद सुब्रमण्यम तक – तमिलनाडु के CM स्टालिन ने आर्थिक सलाहकार परिषद बना, खुद को दिया उपहार

भारत की आर्थिक व्यवस्था पर व्याख्यान

हाल ही में भारत की आर्थिक व्यवस्था पर व्याख्यान देते हुए रघुराम राजन ने बताया कि निस्संदेह भारत की प्रगति प्रशंसनीय है, परंतु अभी समय नहीं आया है कि हम औद्योगिक इन्टेन्सिव अर्थव्यवस्था/एक्सपोर्ट आधारित सर्विस अर्थव्यवस्था पर ध्यान दें। उन्होंने कहा है कि हमें चीन आधारित मैन्युफैक्चरिंग मॉडल का अंधानुकरण करने से बचना चाहिए।

अच्छा जी, अच्छा विचार है, परंतु ऐसा क्यों नहीं करना चाहिए? इस पर इनका लाजवाब तर्क सुनिए, ऐसा इसलिए नहीं करना चाहिए क्योंकि ये पाश्चात्य संस्कृति और पर्यावरण के विरुद्ध है। इसके अतिरिक्त हमें शिक्षा और युवाओं के कौशल विकास पर अतिरिक्त ध्यान देना चाहिए –

सुनो भाई अमर्त्य सेन की आधार कार्ड कॉपी, मैंने एकोनॉमिक्स 12वीं में ही पढ़नी छोड़ दी थी। परंतु अगर ये आपका आर्थिक दृष्टिकोण है तो हमारी 12वीं की बेसिक्स आपसे कहीं अधिक स्ट्रॉंग है और ये आपके लिए शर्म की बात होनी चाहिए। पर छोड़िए, रघुराम राजन और शर्म एक लाइन में फिट नहीं बैठते हैं। ये एक टर्म और टिकते तो देश की अर्थव्यवस्था का इतना सत्यानाश करते जितना मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी ने भी मिलकर नहीं किया।

और पढ़ें- ‘राहुल गांधी Genious हैं’, कौशिक बसु, अभिजीत बनर्जी और रघुराम राजन ये साबित करने में मूर्ख बन गये

अनेक उदाहरण हैं

उदाहरण के लिए रघुराम राजन ने अक्टूबर 2003 से दिसंबर 2006 तक अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के मुख्य अर्थशास्त्री के रूप में कार्य किया। 2008 में, भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रघुराम राजन को अपना आर्थिक सलाहकार नियुक्त किया। उसी वर्ष, रघुराम राजन को योजना आयोग के आर्थिक सुधारों पर एक उच्च स्तरीय समिति का प्रमुख बनाया गया था। इस समिति ने रघुराम राजन की देखरेख में आर्थिक सुधारों से संबंधित रिपोर्ट को पूरा किया।

परंतु अर्थशास्त्री के तौर पर उनकी कुछ खास सफलता नहीं रही। रघुराम ने केंद्रीय बैंकर के रूप में निर्णय की अक्षम्य त्रुटियां कीं और बार-बार ऐसा किया। उनका कार्य इस तथ्य की व्याख्या करता है कि सितंबर 2013 में राजन के RBI गवर्नर के रूप में पदभार संभालने के बाद रेपो दर 7.5% थी। तेल की कीमतें 112 डॉलर प्रति बैरल और तीन साल बाद 2016 में, तेल के साथ 50 डॉलर से कम, रेपो तब भी 6.5% नीचे था। 2013 में राजन के कार्यभार संभालने के बाद थोक मूल्य सूचकांक (WPI) 7.5%, खुदरा मुद्रास्फीति 11.47%, खाद्य मुद्रास्फीति 14.72% और बॉन्ड यील्ड 8.5% थी।

और पढ़ें- आर्थिक मंदी की नींव डालने वाले रघुराम राजन आज सरकार को ही इसके लिए कोस रहे हैं

अब रघुराम राजन ये भूल गए हैं कि मौद्रिक नीति, सार्वजनिक नीति और वैश्विक वातावरण से अलग है। मुख्य मुद्रास्फीति (inflation) में गिरावट के बावजूद राजन ने मुद्रास्फीति को लक्ष्य बनाकर चुना। राजन ने अनिच्छा से एनपीए मान्यता मानदंडों में मामूली बदलाव किया पर उस समय बहुत देर हो चुकी थी। इसके अलावा जब राजन 2013 में RBI गवर्नर बने तो 2008 और 2013 के बीच मनमोहन सिंह की कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के आर्थिक सलाहकार के रूप में उनका पर्याप्त दबदबा था। NPA समस्या की जड़ वास्तव में 2008 में शुरू हुई, जिसमें 2013 में NPA 53000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2.4 लाख करोड़ रुपये हो गया, वो भी 352% की भारी उछाल के साथ।

तत्कालीन यूपीए सरकार के आर्थिक सलाहकार के रूप में राजन को एनपीए गड़बड़ी की उत्पत्ति के लिए दोष देना चाहिए, जो उनके सामने आया था। 2008 में बैंकिंग प्रणाली के भीतर तनावग्रस्त इकॉनमी एक बड़ी समस्या थी। हम यह समझने में विफल रहे हैं कि राजन ने 2012-2013 तक इंतजार क्यों किया? 2013 तक, दबाव वाली संपत्ति (stressed asset ) पहले से ही बैंकिंग प्रणाली में कुल बकाया ऋणों का 9.2% थी, लेकिन राजन ने इस मुद्दे पर बिना किसी स्पष्ट एनपीए समाधान योजना के साथ काम करना जारी रखा।

और पढ़ें: भारत ने नकली पर्यावरणविदों के मुंह पर जड़ा तमाचा, वन क्षेत्र में दर्ज की जबरदस्त वृद्धि

पाश्चात्य जगत के दोहरे मापदंड

इसके अतिरिक्त पूर्व में भारत ने पाश्चात्य जगत को उनके दोहरे मापदंडों पर आड़े हाथ लेने से भी पीछे नहीं रहा है। कुछ ही माह पूर्व पीएम मोदी ने जलवायु परिवर्तन पर बोलते हुए पश्चिमी देशों के झूठे प्रचार पर भी हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह के खराब जलवायु परिदृश्य की जिम्मेदारी निष्पक्ष और पूरी तरह से पश्चिमी देशों पर है। पश्चिमी प्रचार तंत्र का तथ्यात्मक खंडन करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “दुनिया के बड़े आधुनिक देश (समृद्ध राष्ट्र) न केवल पृथ्वी के अधिक से अधिक संसाधनों का दोहन कर रहे हैं, बल्कि वे अधिकतम (संचयी) कार्बन उत्सर्जन के लिए भी जिम्मेदार हैं। विश्व का औसत कार्बन फुटप्रिंट लगभग चार टन प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष है जबकि भारत में प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष केवल 0.5 टन है।”

पश्चिमी देशों के लिए पीएम मोदी का जोरदार खंडन इस विश्वास से उपजा है कि उनके पास एक जिम्मेदार महाशक्ति के रूप में उभरने की क्षमता है। पिछले कुछ वर्षों में, भारत ने हरित ऊर्जा क्षेत्र में कुछ बड़े कदम उठाए हैं। पेरिस में COP21 सम्मेलन के दौरान, भारत ने ऊर्जा के गैर-नवीकरणीय स्रोतों पर अपनी निर्भरता को काफी कम करने के लिए प्रतिबद्ध था।

इससे पूर्व में भी उन्होंने एक भाषण में बताया था कि कैसे सरदार सरोवर बांध को पूरा करने से रोकने हेतु न्यायपालिका और पर्यावरण संरक्षण के सिपाही अवरोध उत्पन्न करते रहे। न्यायपालिका उस समय एक ठोस निर्णय लेने से कतराती रही थी। पर्यावरण क्रांतिकारियों के चलते विश्व बैंक ने भी पैसा नहीं दिया था। इतने सालों बाद उसी बांध के चलते कच्छ में जो विकास हुआ है, जो एग्रो एक्सपोर्ट में झंडे गाड़े गए है, उसपर कोई ध्यान नहीं देता है।

और पढ़ें: राकेश टिकैत ने स्पष्ट कर दिया – कृषि कानून तो एजेंडा था ही नहीं

लिपस्टिक आंदोलनकारी

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि ऐसे लिपस्टिक आंदोलनकारियों से नुकसान गरीबों का हुआ है। सड़के नहीं है तो अस्पताल, स्कूल दूर है। बिजली नहीं है तो आर्थिक और बौद्धिक विकास दूर है। कुछ चंद लोगों की हठधर्मिता के कारण सभी लोगों का नुकसान नहीं होने दिया जा सकता है। यह असहनीय है कि कुछ लोग जिनके पक्ष को आसानी से दरकिनार किया जा सकता था, लेकिन तार्किकता को एक किनारे रखकर भारतीय लोकतंत्र में एक वक्त ऐसे लोगों की पूजा की गई है।

भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस अंदाज में ऐसे छद्म और दोगले लोगों को फटकार लगाई है, वह भी समझ गए होंगे कि विदेशी पैमाने पर भारतीय पर्यावरण को नापना मूर्खता होगी। ये निहायती मूर्खों का कार्य है कि वह अपने देश की विरासत को विदेशी कौड़ियों में बेचना चाहते है। प्रधानमंत्री ने ऐसे ही लोगों को उपनिवेशवाद मानसिकता में जकड़ा हुआ समूह बताया है। इसके बाद भी रघुराम राजन जैसे लोग हैं, जो चाहते हैं कि भारत निरंतर गरीब बना रहे, ताकि उनके आका को कुछ न हो।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: what is monetary policyकांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकारपीएम मोदीमौद्रिक नीति क्या हैरघुराम राजन के बारे में
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘नक्सलियों से संबंध’ मामले में डीयू के पूर्व प्रोफेसर जीए साईबाबा जेल में ही रहेंगे

अगली पोस्ट

आखिर हम ग्लोबल हंगर इंडेक्स को इतनी गंभीरता से ले ही क्यों रहे हैं?

संबंधित पोस्ट

देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर
अर्थव्यवस्था

देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

18 March 2026

देहरादून भारत के छोटे व्यवसाय पारिस्थितिकी तंत्र के केंद्र में आने के लिए तैयार है, क्योंकि वह 20 मार्च को Make in India SME Regional...

एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म
अर्थव्यवस्था

एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

7 March 2026

एलपीजी की कीमतों ने  शनिवार को सरप्राइज दे दिया, बता दें कि  देशभर में घरेलू रसोई गैस (LPG) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई। तेल...

Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग
व्यवसाय

Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

28 February 2026

Visakhapatnam Port Authority (VPA) अपने बेड़े को मजबूत बना रहा है। इसके लिए 60 टन बीपी (Bollard Pull) क्षमता वाले नए टग बनाए जा रहे...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited