TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India GDP DEBATE Q1 FY 2027

    India GDP DEBATE: जीडीपी की तेज रफ्तार या आंकड़ों का खेल? जानिए सच

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India GDP DEBATE Q1 FY 2027

    India GDP DEBATE: जीडीपी की तेज रफ्तार या आंकड़ों का खेल? जानिए सच

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कैसे मिशनरी संचालित स्कूलों ने भारतीयों को पढ़े लिखे गंवारों में परिवर्तित कर दिया

जो भूल हमसे मैकाले की नीतियों को समझने में हुई थी, वह आगे की पीढ़ियों को नहीं सहनी पड़े इसकी भी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां सशक्त और समृद्ध भारत की ओर अपना योगदान देने में सक्षम हो सकें न कि पढ़े लिखे गंवार बनें।

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
27 December 2022
in इतिहास, ज्ञान
मिशनरी स्कूलों

SOURCE TFI

Share on FacebookShare on X

किसी समय लॉर्ड मैकाले नामक एक अंग्रेज़ अफसर ने कहा था कि यदि भारत में अपना राज स्थापित करना है तो एक ऐसी नीति का सृजन करना होगा, जिसमें भारतवासी चाहे जो पढ़ें लिखें, लेकिन मन से वे हमारे [अंग्रेज़ों] दास रहें। अब इन्होंने तो अपनी बात कह दी, परंतु इसके पश्चात जो हुआ उसका दुष्परिणाम हम भारतीय आज भी भुगत रहे हैं। आज के इस लेख में हम जानेंगे कि कैसे मिशनरी संचालित स्कूलों ने भारतीयों को पढ़े लिखे गंवारों में परिवर्तित कर दिया।

कुछ पढ़ें लिखे गंवार कहेंगे कि समस्या क्या है? अंग्रेज़ों ने हमें आधुनिक शिक्षा एवं पाश्चात्य संस्कृति से ही तो अवगत कराया है, उन्होंने तो हमें कूप मंडूक वाला जीवन जीने से बचाया, उन्होंने हमारी आंखें खोल दीं। ये हम नहीं कहते, अपितु उस शैक्षणिक पद्धति का बचाव करने वाला हर व्यक्ति कहता है, जिसे मैकाले और उसके द्वारा सुझाई गई शैक्षणिक पद्धति में कोई कमी नहीं दिखती। इस पूरे प्रणाली के द्वारा ऐसे ही जाल तो फैलाया जाते हैं- जो अपने मूल आदर्शों को हीन और विदेश से आए कबाड़ को भी रत्न मानने के लिए हमें प्रेरित करता है। 17वीं शताब्दी से भारत में उत्पन्न हुए मिशनरी संचालित स्कूलों ने भी यही किया जिसके कारण आज अनेक भारतीय न तो पूर्णत्या शिक्षित कहे जा सकते हैं और न ही सशक्त मनुष्य। दूसरे शब्दों में अधिकांश भारतीय पढ़े लिखे गंवारों से अधिक कुछ नहीं है। इस और अच्छे से समझने के लिए हमे कुछ बिंदुओं पर प्रकाश डालना होगा।

संबंधितपोस्ट

ऑपरेशन सिंदूर: अलर्ट पर सीमावर्ती राज्य, डॉक्टरों और पुलिस की छुट्टियां रद्द

मिशनरी स्कूल में प्रिंसिपल ने उतरवाई 80 लड़कियों की शर्ट, सिर्फ ब्लेजर में घर लौटीं छात्राएं: बोलीं पीड़ित- धमकी दे रहे टीचर

चोलों की धर्मभूमि पर मिशनरियों का कब्जा, एशिया के दूसरे सबसे बड़े चर्च पर बुलडोजर चलाएगी नायडू-पवन कल्याण सरकार

और लोड करें

और पढ़ें- ईसाई धर्म जैसा आज है, वैसा वो कैसे बना- चतुर्थ अध्याय: ‘दो अब्राहमिक दिग्गजों की लड़ाई’

प्रथम बिंदु- भारतीय भाषाओं को हीन सिद्ध करना  

मिशनरी स्कूलों ने जो सर्वप्रथम क्षति पहुंचाई वह था भारतीय भाषाओं का दमन। देखिए, अंग्रेज़ी या कोई अन्य पाश्चात्य भाषा पढ़ना या पढ़ाना अपराध नहीं था और न कभी है, परंतु उसे सर्वोपरि मानकर अन्य भाषाओं को तुच्छ बताना एक जघन्य अपराध है।

वो मैकाले ही था जिसने भारत में उच्च शिक्षा के लिए अंग्रेजी को शिक्षा का माध्यम बनाने में भूमिका निभायी और फिर सबकुछ बदल गया। भारतीयों के दिमाग में ठूसा जाने लगा कि यदि वे अंग्रेजी नहीं जानते तो वो तुच्छ हैं। भारत के तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड विलियम बेन्टिंक ने मैकाले की नीतियों का पूरी तरह पालन करते हुए पाश्चात्य सभ्यता को इस देश पर थोपने का प्रयास किया, जिससे हम अपनी भारतीय सभ्यता और संस्कृति को तिरस्कृत दृष्टि से देखें और हममें हीन भावना व्याप्त हो जाए।

इतना ही नहीं, अंग्रेजी को सरकारी कार्यों की भाषा घोषित कर दिया गया और कंपनी की सरकार ने एक आदेश पत्र में निर्देश दिया गया कि सरकारी नौकरी में अंग्रेजी का ज्ञान रखने वालों को वरीयता दी जाएगी। अब जो संस्कृत या अन्य भारतीय भाषाओं में पारंगत हो, उसका क्या मोल? जिन संस्कृत के जानकारों को राजा की सभा में अलग-अलग मंत्रालयों में काम मिल जाता था, उनके पास काम ही नहीं था। ऐसे में जीविकोपार्जन के लिए अंग्रेजी जानना होता था और आज भी वहीं चलता आ रहा है।

और पढ़ें- जानिए भारतीय नौसेना दिवस के पीछे का गौरवशाली इतिहास, जब कांप गया था पूरा पाकिस्तान

मॉरल साइंस का ढोंग

ये मिशनरियां और इनके द्वारा चलाए जाने वाले मिशनरी स्कूलों में मॉरल साइंस अर्थात नैतिक शिक्षा का ज्ञान बहुत दिया जाता था। यदि आपने किसी कॉन्वेन्ट स्कूल में पढ़ाई की हो तो “Lord’s Prayer” जैसी बातें तो अवश्य सुनी होंगी। सोचिए कि जो देश पहले से ही नैतिकता को संस्कृति का आधारस्तम्भ मानता हो उसे बाहर से आए लोग क्या मॉरल साइंस का ज्ञान देंगे। इस पर से इन मिशनरी स्कूलों में दिए जाने वाले इनके मोरल वाले ज्ञान से उस एक धर्म को ही अच्छा मानने लगते थे या ये कहे की उनके मस्तिष्क के साथ ऐसा खेला जाता था कि वे धर्मांतरण कर लेते थे लेकिन जो धर्मांतरण नहीं कर पाते थे उन्हें सेक्युलरिज़्म नाम की बीमारी हो जाती थी। आज भी आपको ऐसे लोग भारत में दिख जाएंगे। ध्यान दीजिए कि जिस देश में ‘सर्वे भवन्तु सुखिन:’ अधिकांश भारतीयों के लिए मूल मंत्र हो, जहां हर मानव और उसके विचारों का सम्मान करना नैतिक संस्कारों में हो, उन्हें ही आप सेक्युलरिज़्म और मोरल साइंस का पाठ पढ़ा रहे हैं?

और पढ़ें: ईसाई मिशनरियों की उपज था द्रविड़ आंदोलन? सबकुछ जान लीजिए

क्षत्रिय क्षमताओं को खत्म कर देना  

क्षत्रिय क्षमताओं को खत्म करने वाले  बिन्दु में केवल मिशनरी संगठनों का ही नहीं, अपितु गांधी जैसे व्यक्तियों का भी बराबर का योगदान है। यूरोपीय साम्राज्यवादियों के आगमन से पूर्व हमारे देश में चाहे कोई भी वर्ण हो सभी में एक बात समान थी। इन सबको प्रारंभ से ही शास्त्र के साथ शस्त्र की शिक्षा भी दी जाती थी। ये सभी अपने धर्म अपने राष्ट्र की रक्षा करने की क्षमता से भरे होते थे।

आज जिस प्रकार से हमें किसी भी झड़प में पड़ने से रोका जाता है या फिर हमें कहा जाता है कि प्रतिघात मत करो, तो ऐसा कर हमें अपने क्षत्रिय धर्म यानी मार्शल स्पिरिट से विमुख किया गया। ध्यान देना होगा कि हमारे क्षत्रिय धर्म में पारंगत होने का ही परिणाम था कि हम पर अनेकों आक्रमण– शक, हूण, अरब, तुर्क, अफ़गान, मंगोल, यहां तक कि मुगलों ने अक्रमण किया जिनसे लड़कर हमने उनका सामना किया, हम उन आक्रमणों के सामने डटकर खड़े रहे। वे तलवार के बल पर धर्मांतरण करते थे और हम लड़ने की कला जानते थे। इसके उलट इन मिशनरियों के स्कूलों ने हमारे मस्तिष्क के साथ खेला। हमारे मस्तिष्क में हमारे ही धर्म को लेकर बुरी बातों को भरना हो या फिर आधी जानकारी से युवाओं को भ्रमित करना हो, मुख पर माई चाइल्ड वाली मधुरता रखकर  धर्मांतरण के लिए ऐसे ही रास्तों को इन मिशनरियों ने अपनाया।

और पढ़ें: कथा दो राज्यों की: एक है ईसाई प्रेमी पंजाब तो दूसरा है धर्म प्रिय हरियाणा

शिक्षा का वर्गीकरण

परंतु जो सबसे बड़ा आघात हमारी पारंपरिक व्यवस्था पर किया गया, वह था शिक्षा का वर्गीकरण। हमारे यहां विधा कोई भी हो – दर्शन, विज्ञान, चिकित्सा इत्यादि, सभी को शास्त्र माना जाता था, यहां रसायन शास्त्र, भौतिक शास्त्र है, यहां कला है और सबकुछ एक दूसरे से जुड़ा है। हमारे पूर्वज इस प्रकार शिक्षित किये जाते थे कि वे लगभग हर क्षेत्र के बारे में कुछ न कुछ जानते थे, और किसी एक विषय के विशेषज्ञ होते थे, वो उस उच्च स्तर के विशेषज्ञ होते थे जिसका तोड़ पूरे संसार में न हो। जो योद्धा है वह नर्तक भी है, जो बांसुरी बजाते हैं वो गीता का ज्ञान भी देते हैं और युद्ध भी कर सकते हैं। अर्जुन, श्री कृष्ण, भगवान शिव इसके उत्कृष्ट उदाहरण हैं, यहां तक कि साधारण मनुष्य भी ऐसे शिक्षित किया जाता था कि वह बहुमुखी प्रतीभा का धनी बन पाए।

और पढ़ें: 6 बार भाग्य ने ‘सशक्त राष्ट्र’ बनने में भारत का साथ नहीं दिया परंतु एक बार वह हमारे साथ आया और…

शैक्षणिक व्यवस्था में वर्गीकरण एक अभिशाप

परंतु पाश्चात्य शैक्षणिक व्यवस्था में वर्गीकरण का वो छीछालेदर किया गया, उस वार्गीकरण वाले अभिशाप से भारत आजतक नहीं उबर पाया है। जो जिस क्षेत्र से संबंधित नहीं, उसे भी उससे जोड़ दिया गया। अब उदाहरण के लिए, गणित और भौतिकी को ही देख लीजिए जिसे विज्ञान के खूंटे से बांध दिया गया, जबकि उसका अगर गहन अध्ययन करें तो इन दोनों विषयों में कला भी कूट-कूट के भरी है। भोजन जैसी कला में इतना विज्ञान समाहित है, जिसको लिखने के लिए शब्द कम पड़ जाएंगे। लेकिन हमें कूप मंडूक बनाए रखने के लिए विज्ञान, कला और वाणिज्य के तीन क्षेत्रों तक सीमित कर दिया गया, ताकि हमारा सर्वांगीण विकास हो ही न पाए।

परंतु ऐसा अब और नहीं होगा। वर्तमान शिक्षा नीति के अनुसार, बालक के सर्वांगीण विकास पर सम्पूर्ण ध्यान केंद्रित करना होगा जिससे जिस तरह से एक समय शास्त्रों के अंतर्गत सम्पूर्ण शिक्षा पर जोर दिया जाता था, वैसे ही हमारे देश के बालक हर विधा में विशेषज्ञ बनने की ओर अपने कदम बढ़ा सके। जो भूल हमसे मैकाले की नीतियों को समझने में हुई थी, वह आगे की पीढ़ियों को नहीं सहनी पड़े इसकी भी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां सशक्त और समृद्ध भारत की ओर अपना योगदान देने में सक्षम हो सकें न कि पढ़े लिखे गंवार बनें।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: educatededucated systemmissionaryschools
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह का फिल्मी करियर खत्म हो गया!

अगली पोस्ट

रूस-यूक्रेन के बीच शांति समझौते के लिए इस रणनीति को अपना रहे हैं पीएम मोदी

संबंधित पोस्ट

हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्
ज्ञान

हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

4 September 2026

हिन्दवः सोदराः सर्वे, न हिन्दूः पतितो भवेत् मम दीक्षा हिन्दू रक्षा, मम मन्त्रः समानता यही वह भाव है, जिसके साथ विश्व हिन्दू परिषद् की स्थापना...

Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy
ज्ञान

दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

4 September 2026

दुनिया भर में यूरेनियम की कमी की आशंका गहराती जा रही है। ऐसे वक्त में भारत के जाने-माने परमाणु वैज्ञानिक और परमाणु ऊर्जा आयोग (AEC)...

भारत पाकिस्तान का विभाजन
इतिहास

15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

16 August 2026

15 अगस्त 1947 को भारत को स्वतंत्रता तो मिली, लेकिन प्रश्न था कि अब आगे क्या ? दुर्भाग्य से गांधी जी ने मुस्लिम लीग के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

00:03:34

The Missing 54: What Happened to India’s Soldiers After the 1965 & 1971 Wars | POW | Indo-Pak

00:04:43

J-20 vs India: How Super Sukhoi, Rafale & AMCA Could Counter China’s Stealth Fleet | IAF | HAL

00:03:32

QRSAM to Akash NG: India’s Massive Push to Build 2,000 Indigenous Air Defence Missiles | DRDO| IAF

00:04:05

MQ-9B SeaGuardian: Why India Needs More Eyes Over the Indian Ocean | NAVY | USA | Hormuz

00:03:51
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited