TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    14 जनवरी के बाद नए परिसर में जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय

    14 जनवरी के बाद नए कार्यालय में शिफ्ट होंगे पीएम मोदी, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत हो रहा तैयार

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीएम मोदी संग पतंगबाजी

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीेएम मोदी संग जर्मन चांसलर मर्ज ने की पतंगबाजी, लोगों ने कहा दोस्ती की पतंग

    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: बलिदान और संघर्ष से जन्मा बांग्लादेश

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: पूर्वी पाकिस्तान से बांग्लादेश के उदय की कहानी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    14 जनवरी के बाद नए परिसर में जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय

    14 जनवरी के बाद नए कार्यालय में शिफ्ट होंगे पीएम मोदी, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत हो रहा तैयार

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीएम मोदी संग पतंगबाजी

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीेएम मोदी संग जर्मन चांसलर मर्ज ने की पतंगबाजी, लोगों ने कहा दोस्ती की पतंग

    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: बलिदान और संघर्ष से जन्मा बांग्लादेश

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: पूर्वी पाकिस्तान से बांग्लादेश के उदय की कहानी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

महाजनपदों का गौरवशाली इतिहास: भाग 4- अवंती

अवंती 16 महाजनपदों के उन महाजनपदों में एक था जो सबसे शक्तिशाली हुआ करता था। यह प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न और धन संपदा से संपन्न राज्य था।

Devesh Sharma द्वारा Devesh Sharma
31 December 2022
in इतिहास
The glorious history of the Mahajanapadas part-4 Avanti

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

प्राचीन भारतीय इतिहास में 6वीं शताब्दी ई.पू. के समय को एक महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी काल के रूप में माना जाता है। इस काल को आरंभिक राज्यों, नगरों, लोहे के बढ़ते प्रयोग और सिक्कों के विकास के साथ जोड़कर देखा जाता है। भारत के लिए 6वीं शताब्दी ई.पू. का काल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सिंधु घाटी सभ्यता के बाद नगरीकरण की दूसरी प्रक्रिया यहीं से प्रारंभ हुई थी। यही वो समय था जब भारत में शक्तिशाली महाजनपदों का उदय हुआ था। बौद्ध और जैन धर्म  के साथ-साथ महाभारत से भी 16 महाजनपदों के बारे में उल्लेख मिलता है। इसीलिए आज इस हम 16 महाजनपदों में से एक शक्तिशाली महाजनपद अवंती के बारे में विस्तार से चर्चा करने जा रहे हैं।

दरअसल, अवंती 16 महाजनपदों के उन महाजनपदों में एक था जो सबसे शक्तिशाली हुआ करते थे। वर्तमान समय में इसकी पहचान मध्य प्रदेश के आधुनिक मालवा क्षेत्र के रूप में की जा सकती है। अवंती महाजनपद विन्ध्यांचल पर्वत श्रृंखला के कारण दो भागों में बंटा हुआ था। एक उत्तरी अवंती और दूसरा दक्षिणी अवंती। उत्तरी अवंती की राजधानी उज्जैनीय हुआ करती  जिसे आज हम उज्जैन के नाम से जानते हैं। वहीं दूसरी ओर दक्षिणी अवंती की राजधानी माहिष्मति हुआ करती थी इसे आज हम माहेश्वर के नाम से जानते हैं।

संबंधितपोस्ट

बौद्धिक योद्धा डॉ. स्वराज्य प्रकाश गुप्त: इतिहास को मिथक से मुक्त करने वाला संघर्ष

राजनीतिक इस्लाम बनाम सनातन चेतना: योगी आदित्यनाथ का वैचारिक शंखनाद और संघ का शताब्दी संकल्प

79वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

और लोड करें

और पढ़ें: महाजनपदों का गौरवशाली इतिहास- भाग 1: अंग महाजनपद

प्राचीन समय में अवंती एक महत्वपूर्ण राज्य हुआ करता था क्योंकि इसकी दोनों राजधानियां उत्तर भारत को दक्षिण से जोड़ने और पश्चिमी समुद्री तट के बंदरगाह से जोड़ने  का काम करती थीं। अवंती को एक प्रमुख व्यापारिक मार्ग के रूप में उपयोग किया जाता था। अवंती जनपद की समय सीमा के बारे में बात की जाए तो लगभग 600 ई.पू. से 300 ई.पू. बताई जाती है।

अवंती के शासक

अवंती मजनपद पर शासन करने वाले राजाओं के बारे में बात की जाए तो हैहय वंश को अवंती का सबसे पहला शासक बताया जाता है। कहा जाता है कि प्रारंभ में हैहय वंश ने माहिष्मती पर शासन किया था लेकिन बाद में उज्जैनीय को अपने अंतर्गत सम्मिलित कर लिया था। हैहय वंश पांच कुलों का एक संघ था जिसमें वितिहोत्र, भोज, अवंती, तुंडिकेर और शरयत नाम के कुल आते थे। इने पांचों कुलों में से वीतिहोत्रों ने आगे चलकर अवंती पर शासन किया था। लेकिन वितिहोत्र के शासक रिपुंजय के बारे में बाताया जाता है कि इनके मंत्री पुलिक ने छलकर इन्हें गद्दी से हटा दिया जिसके बाद पुलिक ने अपने बेटे प्रद्योत को सिंहासन पर बैठाया था। प्रद्योत के सिंहासन पर बैठने के बाद से ही प्रद्योत वंश की शुरुआत मानी जाती है। पद्योत को चंद्रप्रद्योत महासेना के नाम से भी जाना जाता था और इन्हें गौतम बुद्ध के समकालीन बताया जाता है। कथासरित्सागर और अवसरक कथानाका के अनुसार वत्स राज्य प्रद्योत के अंतर्गत ही आता था।

और पढ़ें: महाजनपदों का गौरवशाली इतिहास- भाग 2: मगध महाजनपद

अवंती की शासन व्यवस्था

महाजनपदों की शासन व्यवस्था के बारे में बात की जाए तो अधिकतर जनपद राज व्यवस्था के द्वारा ही चलाए जा रहे थे। लेकिन वज्जि और लिच्छावि जैसे कुछ ऐसे जनपद भी थे जो एक गणराज्य की तरह कार्य कर रहे थे। गणराज्य के अंतर्गत काम करने वाले जनपद एक समूह के द्वारा चलाए जाते थे यानी सभी निर्णय समूह की सहायता से लिए जाते थे। हालांकि अवंती एक राज व्यवस्था के अंतर्गत चलने वाला राज्य था यहां अंतिम निर्णय राजा का ही हुआ करता था। लेकिन मगध,कौशल और वत्स के साथ-साथ अवंती उस समय के सबसे शक्तिशाली राज व्यवस्था चलाने वाले जनपदों में से एक था। यही नहीं लोगों को अपनी बात कहने का अधिकार भी हुआ करते थे।

अवंती की सामाजिक व्यवस्था

अवंती के समय को अगर याद किया जाए तो 6वीं शाताब्दी ई.पू. में अवंती जनपद फला-फूला इस दौरान समाज ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र चार वर्णों में विभाजित था। योग्यात के आधार पर चारों वर्णों में उनका काम विभाजित किया गया था। उदाहरण के लिए ब्राह्मणों का काम शिक्षा व्यवस्था को चलाना था, क्षत्रियों का राज करना और राज्य की सीमाओं को सुरक्षित रखना, वैश्य वर्ण का व्यापार व्यवस्था को नियंत्रित करना था। वहीं शूद्र वर्ण का काम अन्य दूसरे कार्य करना था। उस समय का समाज वर्णों में विभजित अवश्य था लेकिन लोगों को उनके अधिकार थे। जन्म के आधार पर नहीं बल्कि योग्यता के आधार पर समाज विभाजित था।

और पढ़ें: महाजनपदों का गौरवशाली इतिहास: भाग 3 – काशी

अवंती की व्यापारिक व्यवस्था

व्यापार किसी भी राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण आय का साधन होता है। कुछ इसी प्रकार अवंती जनपद के लोग भी व्यापार से अनजान नहीं थे। ज्ञात हो अवंती एक ऐसे स्थान पर स्थित था जो न केवल उत्तर भारत को दक्षिण भारत से  जोड़ता था बल्कि अरब सागर में स्थित बरकछा जिसे आज बरूच के नाम से जाना जाता है को भी जोड़ने का काम करता था। इसमें कोई दो राय नहीं कि व्यापारिक दृष्टि से अवंती एक धनी जनपद था। यही नहीं व्यापार करने के लिए उस समय के लोग बैल गाड़ियों के साथ-साथ नावों का भी उपयोग किया करते थे। हस्तशिल्प कला उस समय के अधिकतर कारीगरों के जीवनयापन का आधार हुआ करती थी। वस्तुओं का आदान-प्रदान करने के लिए वस्तु विनिमय प्रणाली (barter system) के साथ-साथ सिक्के भी चलन में थे। हालांकि वर्तमान युग की तरह कोई व्यवस्थित बैंकिक सुविधा तो नहीं हुआ करती थी लेकिन वणिक समाज के लोग लेन देन की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाया करते थे।

अवंती जनपद के बारे में यदि संक्षेप में कहा जाए तो यह 6वीं शाताब्दी में प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न और धन संपदा से संपन्न राज्य था। इसके पास के जितने भी जनपद थे वे सभी अवंती की धन संपन्नता के सामने बहुत कम समृद्ध और कम विकसित थे। 6वीं शताब्दी में अवंती सिंधु घाटी के बाद पुनः एक बार शहरीकरण और कृषि के विकास में महत्वपूर्ण राज्य था। यदि महजनपद काल को भारत में खेतीबड़ी और शहरीकरण के विकास का काल कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति न होगी। इसके अलावा महजनपद काल में ही बौद्ध और जैन धर्म फले फूले थे।

और पढ़ें: राजपूताना के महान वीर ‘चारण’ की अद्भुत गाथा, जिनके साथ इतिहास ने न्याय नहीं किया

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: Indian HistoryMahajanapadas Historyअवंती के शासकअवंती महाजनपद का इतिहास
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

चुनावी विश्लेषण: छत्तीसगढ़ में भाजपा के लिए कठिन है सत्ता की राह

अगली पोस्ट

पुत्र धर्म और राज धर्म दोनों निभाए…नरेंद्र मोदी को हराना नामुमकिन क्यों है?

संबंधित पोस्ट

औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था
इतिहास

वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

26 December 2025

यह सप्ताह, वर्ष का अंतिम सप्ताह है। नए साल की दहलीज़ पर खड़े इस सप्ताह का इंतज़ार सबको ही रहता है, क्योंकि पहले क्रिसमस का...

गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया
इतिहास

वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

26 December 2025

यह सप्ताह वर्ष का अंतिम सप्ताह होता है, जिसका लोग बेसब्री से इंतज़ार करते हैं, क्योंकि इसी दौरान पहले क्रिसमस और फिर नए साल का...

23 दिसम्बर  बलिदान-दिवस: परावर्तन के अग्रदूत — स्वामी श्रद्धानन्द
इतिहास

23 दिसम्बर बलिदान-दिवस: परावर्तन के अग्रदूत — स्वामी श्रद्धानन्द

23 December 2025

भारत में परावर्तन आंदोलन के सबसे प्रभावशाली और निर्भीक अग्रदूत स्वामी श्रद्धानन्द थे। उनका दृढ़ विश्वास था कि भारत में निवास करने वाले मुसलमानों के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited