TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    14 जनवरी के बाद नए परिसर में जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय

    14 जनवरी के बाद नए कार्यालय में शिफ्ट होंगे पीएम मोदी, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत हो रहा तैयार

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीएम मोदी संग पतंगबाजी

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीेएम मोदी संग जर्मन चांसलर मर्ज ने की पतंगबाजी, लोगों ने कहा दोस्ती की पतंग

    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: बलिदान और संघर्ष से जन्मा बांग्लादेश

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: पूर्वी पाकिस्तान से बांग्लादेश के उदय की कहानी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

    फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को ऑनलाइन हमलों का सामना

    ट्रंप की फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को MAGA समर्थकों के विरोध का सामना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    14 जनवरी के बाद नए परिसर में जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय

    14 जनवरी के बाद नए कार्यालय में शिफ्ट होंगे पीएम मोदी, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत हो रहा तैयार

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीएम मोदी संग पतंगबाजी

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीेएम मोदी संग जर्मन चांसलर मर्ज ने की पतंगबाजी, लोगों ने कहा दोस्ती की पतंग

    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: बलिदान और संघर्ष से जन्मा बांग्लादेश

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: पूर्वी पाकिस्तान से बांग्लादेश के उदय की कहानी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

    फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को ऑनलाइन हमलों का सामना

    ट्रंप की फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को MAGA समर्थकों के विरोध का सामना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अब समय आ गया है कि गलत इतिहास को सही किया जाए और सिनेमा इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है

हाल ही में ऐसी कई फ़िल्में आ चुकी हैं जिसमें इतिहास और संस्कृति को एक अलग तरीके से दर्शाया गया है जैसे कार्तिके-2, कान्तारा और उधव सिंह आदि।

Vaishali Shukla द्वारा Vaishali Shukla
1 December 2022
in सिनेमा
Time to correct the falsified history and cinema is the way forward

SOURCE TFI

Share on FacebookShare on X

एक सिक्के के दो पहलू होते हैं लेकिन अगर आपको आपके आधे जीवन तक केवल सिक्के के एक पहलू से ही अवगत कराया जाए तो आप उसे ही सही मानने लगेंगे। कुछ ऐसा ही हमारे इतिहास और संस्कृति के साथ किया गया। इतिहास का नाम आते ही अधिकतर लोगों के मन में कुछ चुनिंदा मुगलों के नाम आ जाते हैं जैसे अकबर बीरबल, बाबर आदि। क्या अधिकतर बार ऐसा होता है कि इतिहास का नाम आते ही छत्रपति शिवाजी महाराज या महाराणा प्रताप की बात की जाए? शायद नहीं।

और पढ़ें- कभी सोचा है कि फिल्म लाइगर के फ्लॉप होने के बाद पुरी जगन्नाध ने पुलिस सुरक्षा क्यों मांगी थी?

संबंधितपोस्ट

“इस बैठक के बाद स्वतंत्रता आंदोलन की तस्वीर बदल गई”, वीर सावरकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने क्या बातचीत की थी?

‘वीर सावरकर को पूजती थीं इंदिरा गांधी’, विक्रम संपत ने कांग्रेसियों का धागा खोल दिया!

ऑड्रे ट्रुशके ने विक्रम संपत पर चोरी का आरोप लगाया और कोर्ट ने भी अच्छा सबक सिखाया

और लोड करें

गलत इतिहास बताया गया

कभी अपने सोचा है कि ऐसा क्यों है? ऐसा इसलिए है क्योंकि लेफ्टिस्टों के द्वारा हमेशा ही हमारे इतिहास के नाम पर केवल मुगलों, बादशाहों, औरंगजेब, अकबर बीरबल, बाबर आदि को ही परोसा गया है जो की बिलकुल भी सही नहीं है। हमारे इतिहास और संस्कृति के केवल एक ही पहलू को जनता तक पहुंचाने में काफी हद तक सिमेना भी जिम्मेदार है क्योंकि सिनेमा एक ऐसा माध्यम है जिससे एक बड़ी जनसंख्या को प्रभावित किया जा सकता है। ध्यान देना होगा कि इतिहास और संस्कृति को एक नये चश्मे से देखने और वास्तविकता को जनता तक पहुंचाने के लिए सिनेमा एक बेहतरीन रास्ता हो सकता है।

एक समय था जब सिनेमा भी केवल इसी पथ पर चलता जा रहा था। हमारे सिनेमा में पहले अधिकतर ऐसी फिल्में आती थीं जो कम्युनिज्म पर केन्द्रित होती थीं लेकिन अब धीरे-धीरे बदलाव दिखने लगा है।

अभी हाल ही में अहोम जनरल लचित बरफुकन की 400वीं जयंती के तीन दिवसीय समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इतिहासकारों से भारतीय संदर्भ में इतिहास को एक बार फिर से लिखने की बात कही थी। साथ ही उन्हें इस बात का आश्वासन भी दिया था कि सरकार उनके प्रयासों का पूर्ण रूप से समर्थन करेगी। अमित शाह ने दिल्ली में असम सरकार के एक समारोह में कहा था कि “मैं इतिहास का छात्र हूं. मैंने कई बार सुना है कि हमारे इतिहास को सही तरीके से पेश नहीं किया गया और तोड़-मरोड़कर पेश किया गया. हो सकता है कि यह सही हो, लेकिन अब हमें इसे ठीक करने की जरूरत है.”

और पढ़ें- पहले द कश्मीर फाइल्स, फिर RRR और अब RSS पर फिल्म, बदल रही है भारतीय सिनेमा की स्थिति!

जनरल लचित बरफुकन आहोम साम्राज्य के ऐसे सेनापति थे, जो कि सन् 1671 में हुई सराईघाट की लडाई में अपनी नेतृत्व-क्षमता के लिए विख्यात थे। इन्होंने असम पर पुनः अधिकार जताने के लिए रामसिंह प्रथम के नेतृत्व वाली मुग़ल सेनाओं का प्रयास को मिट्टी में मिला दिया था. क्या ये हमारे इतिहास का अहम हिस्सा नहीं है? बिलकुल है लेकिन जब तक ये लोगों तक एक प्रभावी तरीके से पहुंचाया नहीं जाएगा तब तक लोग इसके विषय में जान ही नहीं पाएंगे।

सरकार भी आवश्यक शोध की समर्थक है

अब सरकार भी इतिहास को लेकर आवश्यक शोध की समर्थक है साथ ही वो इतिहास को सही ढंग और शानदार तरीके से पेश करने की बात कर रही है। इसी तरह से हमारे सिनेमा जगत को भी इस पर काफी विचार करने की जरूरत है। ऐसा नहीं है कि सिनेमा जगत इस पर कार्य नहीं कर रहा है अभी हाल ही में अभिनेता विक्की कौशल की नयी फिल्म ‘सैम बहादुर’ आने वाली है जिसमें भारत के ऐसे जांबाज वॉर हीरो को दिखाया जाएगा जिसके विषय में बहुत कम ही लोग जानते हैं। ये सबसे पहले फील्ड मार्शल, सैम मानेकशॉ की बायोपिक है। यह फिल्म 1 दिसंबर 2023 को रिलीज होगी।  इस फिल्म का निर्देशन मेघना गुलजार के द्वारा किया गया है। इसके पहले भी ऐसी कई फ़िल्में आ चुकी हैं जिसमें इतिहास और संस्कृति को एक अलग तरीके से दर्शाया गया है जैसे कार्तिके २. कान्तारा और उधव सिंह आदि।

विवेक अग्निहोत्री की ब्लॉकबस्टर हिट ‘द कश्मीर फाइल्स इतिहास की सबसे बेहतरीन पेशकश में से एक है। इस फिल्म के माध्यम से 1990 में कश्मीरी पंडितों के साथ हुए नृशंस हत्याओं से पर्दा क्या उठाया गया, इस कटुसत्य को देखकर वामपंथी वर्ग भड़क उठे थे। अभी हाल ही में आई बेहतरीन भारतीय कन्नडा भाषा फिल्म कान्तारा में देश की ऐसी संस्कृति के बारे में बताया गया था जो न जाने कितने वर्षों से हमारे आस-पास होते हुए भी हमारा ध्यान उस पर नहीं गया था। इस फिल्म में दैव नर्तकों और भूत कोला प्रथा को दर्शाया गया है। इन सभी फिल्मों में भारत के इतिहास और संस्कृति की किताब के कुछ ऐसे अद्भूत पन्नों को दिखाया गया है जिसके बारे में आज तक न किसी ने सोचा और न ही बात की, अगर की भी तो शायद जनता तक पहुंचाने का कार्य नहीं किया।

और पढ़ें- फिल्म ‘आराधना’ तो साइड प्रोजेक्ट थी लेकिन किशोर कुमार ने कुछ ऐसा किया कि इतिहास बन गया

शोर मचाने में माहिर

देश के इतिहास के एक दूसरे पहलू को लोगों तक पहुंचाने के लिए इसमें कुछ लेखकों जैसे- विक्रम संपत और जे साई दीपक भी बड़ा योगदान दे रहे है। अभी हाल ही में विक्रम संपत की प्रसिद्ध पुस्तक पर बनी फिल्म सावरकर भी आने वाली है।

लेफ्टिस्टों की एक बात सबसे अच्छी है कि वो शोर मचाने में बहुत माहिर है। वो बीते कई सालों से शोर मचा-मचाकर हमारे इतिहास और संस्कृति को गलत तरह से पेश करते आए हैं। उन्होंने हम सभी के मन में एक ऐसी झूठी कहानी के बीज डाल दिए थे जिसके पौधे आज बड़े हो चुके हैं लेकिन अगर इन पौधों को जड़ से उखाड़ फेका जाए तो हम देश के इतिहास और संस्कृति को सही रूप में लोगों तक पहुंचा पाएंगे और इसके लिए सिनेमा से अच्छा माध्यम कोई हो ही नहीं सकता है।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: Ahom KingdomGeneral Lachit Barphukanआहोम साम्राज्यजनरल लचित बरफुकनविक्रम संपत
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

Cringe Consumers भी हैं टी सीरीज के खराब कंटेंट के दोषी

अगली पोस्ट

आम आदमी पार्टी ‘लाठी-डंडों’ से कर रही है किसानों की समस्याओं का समाधान

संबंधित पोस्ट

नुसरत भरूचा, मुस्लिम धर्मगुरु ने बताया शरीयत के खिलाफ
सिनेमा

महाकाल दर्शन पर विवाद: नुसरत भरूचा के खिलाफ मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का फतवा

31 December 2025

उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बॉलीवुड अभिनेत्री नुसरत भरूचा द्वारा पूजा-अर्चना और दर्शन किए जाने के बाद एक धार्मिक विवाद सामने आया है।...

22वें दिन यानी शुक्रवार को भी ‘धुरंधर’ ने शानदार प्रदर्शन किया।
सिनेमा

दुनियाभर में ‘धुरंधर’ का जलवा, 2025 की पहली 1000 करोड़ कमाने वाली फिल्म

27 December 2025

आदित्य धर के निर्देशन में बनी और रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म ‘धुरंधर’ ने भारतीय सिनेमा के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। सिनेमाघरों...

‘धुरंधर’ यह भी साबित करती है कि आज का दर्शक केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि संदर्भ और सच्चाई भी चाहता है
सिनेमा

‘धुरंधर’ पर विवाद के बीच बदला दर्शक का मिज़ाज, हिंदी सिनेमा में नई सोच का संकेत

21 December 2025

फिल्म ‘धुरंधर’ के खिलाफ जिस तरह वैचारिक और आलोचनात्मक इकोसिस्टम सक्रिय हुआ, दर्शकों की प्रतिक्रिया ने एक बात साफ कर दी—हिंदी फिल्म दर्शक अब बदल...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited