TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    राष्ट्रपति भवन में परोसी गई भारत की पाक विरासत

    हिमालयी स्वाद और भारतीय विरासत की झलक, राष्ट्रपति भवन में ईयू नेताओं के लिए खास रात्रि भोज

    केंद्रीय बजट 2026 से पहले देश की नजरें वित्त मंत्री पर

    केंद्रीय बजट 2026 से पहले देश की नजरें वित्त मंत्री पर, क्या होंगी बड़ी घोषणाएं

    हादसे से पहले डिप्टी सीएम का आखिरी संदेश

    हादसे से पहले डिप्टी सीएम अजित पवार का आखिरी संदेश, इस महान शख्स को किया था याद

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    राष्ट्रपति भवन में परोसी गई भारत की पाक विरासत

    हिमालयी स्वाद और भारतीय विरासत की झलक, राष्ट्रपति भवन में ईयू नेताओं के लिए खास रात्रि भोज

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    राष्ट्रपति भवन में परोसी गई भारत की पाक विरासत

    हिमालयी स्वाद और भारतीय विरासत की झलक, राष्ट्रपति भवन में ईयू नेताओं के लिए खास रात्रि भोज

    केंद्रीय बजट 2026 से पहले देश की नजरें वित्त मंत्री पर

    केंद्रीय बजट 2026 से पहले देश की नजरें वित्त मंत्री पर, क्या होंगी बड़ी घोषणाएं

    हादसे से पहले डिप्टी सीएम का आखिरी संदेश

    हादसे से पहले डिप्टी सीएम अजित पवार का आखिरी संदेश, इस महान शख्स को किया था याद

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    राष्ट्रपति भवन में परोसी गई भारत की पाक विरासत

    हिमालयी स्वाद और भारतीय विरासत की झलक, राष्ट्रपति भवन में ईयू नेताओं के लिए खास रात्रि भोज

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

रघुनाथ राव और माधवराव के बीच वह “महाभारत”, जिसे रोका जा सकता था

एक अंतरयुद्ध, जिसमें पराजित हुआ केवल भारत ...

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
30 March 2023
in इतिहास
रघुनाथ राव
Share on FacebookShare on X

काफी समय पूर्व, जब औरंगज़ेब के विरुद्ध राष्ट्रीय स्तर पर कोने कोने से विद्रोह प्रारंभ हुआ था, तो एक व्यक्ति ने इस अवसर का भरपूर लाभ उठाया। उन्होंने न केवल इस युद्ध में भाग लिया, अपितु संकल्प भी लिया, “हे हिंदवी स्वराज्य श्री हरीची इच्छा!”, अर्थात भारतवर्ष की स्वतंत्रता ही ईश्वर की श्रेष्ठ इच्छा है। परंतु ये संकल्प लेते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज ने स्वप्न में भी नहीं सोचा होगा कि उनके वंशजों में एक ऐसा अंतरयुद्ध होगा, जो महाभारत समान होगा, और जिसमें केवल भारतवर्ष का स्वाभिमान पराजित होगा। इस लेख में पढिये कथा रघुनाथ राव और माधवराव के बीच उस अंतरयुद्ध की, जिसे रोका जा सकता था, परंतु वही मराठा साम्राज्य को लील गया। तो अविलंब आरंभ करते हैं।

कभी मराठा साम्राज्य का गौरव थे रघुनाथ राव

आज मराठवाड़ा के इतिहास में रघुनाथ राव को कोई भी सम्मान की दृष्टि से नहीं देखता। सब उन्हे उस क्षण के लिए जानते हैं, जब सत्ता पाने की लालसा में उन्होंने अपने ही भतीजे नारायणराव की हत्या करा दी।

संबंधितपोस्ट

ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

सादगी की सरकार, शीशे के महल में बंद: दिल्ली से चंडीगढ़ तक केजरीवाल की चमचमाती सादगी की कहानी

भारत की कूटनीति अब ‘वर्चुअल’ नहीं, रणनीतिक है: आसियान शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का डिजिटल नेतृत्व और एशिया की नई शक्ति-संतुलन रेखा

और लोड करें

परंतु क्या रघुनाथ राव प्रारंभ से इतने कुटिल थे? शायद नहीं, क्योंकि जब बाजीराव की 1740 में असामयिक मृत्यु हुई, तो मराठा साम्राज्य के समक्ष सबसे बड़ा प्रश्न था : अब उनकी विरासत को कौन बढ़ाएगा? स्वाभाविक तौर पर उनके ज्येष्ठ पुत्र, बालाजी बाजीराव को चुना गया, और जो काम बाजीराव के लिए उनके अनुज चिमाजीराव करते थे, वही बालाजी बाजीराव यानि नानासाहेब पेशवा के लिए उनके अनुज रघुनाथ राव करने लगे।

परंतु रघुनाथ राव कूटनीति और युद्धनीति में अपने पिता और चाचा, दोनों से ही दस कदम आगे थे। उन्होंने अखंड भारत को पुनर्जीवित करने की ओर सशक्त कदम बढ़ाए, और बंगाल में उनके नेतृत्व में सेनाओं ने वहाँ के इस्लामिक आक्रान्ताओं में त्राहिमाम मचा दिया था।

केवल इतना ही नहीं, जिन समुदायों से बात करना भी लगभग असंभव था, जैसे सिख और जाट, उनके साथ इन्होंने मित्रता का हाथ बढ़ाया। बहुत कम लोग जानते हैं कि जब लाहौर पर अफ़गान आक्रान्ताओं ने नियंत्रण जमाया था, तो उसे छुड़ाने हेतु एक संयुक्त सेना ने धावा बोला, जिसमें सिख और मराठा दोनों सम्मिलित थे। यूं ही नहीं “कटक से अटक” तक रघुनाथ राव ने अखंड भारत को पुनः स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

और पढ़ें: “द लास्ट स्टैंड ऑफ द मराठास: नाना फडणवीस का अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष”

एक निर्णय ने सब नष्ट कर दिया ….

परंतु फिर इतना कुशल और बलशाली योद्धा अचानक से मराठा साम्राज्य का शत्रु कैसे बन गया? कारण थे नानासाहेब पेशवा। ये वो समय था, जब दिल्ली पर रुहिल्ला समुदाय ने आक्रमण किया था, और इसी प्रकरण में नानासहेब पेशवा ने मुगलों और रुहिल्लाओं की संयुक्त फौज को इतना कूटा कि उनके पास आत्मसमर्पण करने के सिवा कोई विकल्प न था। अब मराठा साम्राज्य ने लगभग सम्पूर्ण भारतवर्ष को अपना बना लिया था, और अगला निशाना थे अफ़गान।

परंतु ये लड़ाई इतनी सरल नहीं थी। रघुनाथ राव के जाते ही रुहिल्ला आक्रान्ताओं ने पुनः अपना विश्वासघाती रूप दिखाया, और 1760 में दत्ताजी शिंदे की बर्बरतापूर्वक हत्या कर दी। उन्होंने अफ़गान शासक अहमद शाह अबदाली को भारत पर आक्रमण करने का निमंत्रण दिया।

जैसे ही मराठाओं को इसकी सूचना लगी, उन्होंने अविलंब योजना बनानी प्रारंभ कर दी। रघुनाथ राव अपने अनुभव से जानते थे कि अबदाली को पराजित करने में काफी व्यवस्था करनी पड़ेगी, क्योंकि वह कोई मामूली आक्रांता नहीं।

परंतु पेशवा के तत्कालीन दीवान, सदाशिव राव “भाऊ” ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इतना ही नहीं, सदाशिवराव “भाऊ” को मराठा सेनाध्यक्ष भी बना दिया गया, जबकि उन्हे उत्तर भारत के भूगोल और राजनीतिक समीकरणों का लेशमात्र भी ज्ञान नहीं था। नानासाहेब पेशवा की इसी नासमझी के कारण मराठा सेनाओं के पास अवसर होते हुए भी वह अपनी क्षमताओं का सम्पूर्ण प्रदर्शन नहीं कर पाए, और पानीपत के तीसरे युद्ध में उन्हे पराजय का सामना करना पड़ा।

और पढ़ें: “जिस शख्स ने पेशवाई का गौरव चरम पर पहुंचाया”, मराठा साम्राज्य के महान पेशवा बालाजी विश्वनाथ की कहानी

वहम की कोई दवा नहीं….

निस्संदेह रघुनाथ राव के साथ अन्याय हुआ था, परंतु ये अन्याय कब कुंठा में परिवर्तित हुई, किसी को पता नहीं चला। रघुनाथ राव ने सम्पूर्ण मराठा साम्राज्य को अपना शत्रु मान लिया, और धीरे धीरे उसे हथियाने के षड्यन्त्र रचने लगे। लेकिन ये बात एक व्यक्ति को बहुत कष्ट दे रही थी, और वे थे माधवराव भट्ट, उनके अपने भतीजे।

माधवराव न तो बहुत प्रभावशाली थे, और न ही उन्हे शासन का बहुत अधिक ज्ञान था। वे तो सत्ता के लिए कोई लालसा भी नहीं रखते थे। परंतु पानीपत के तीसरे युद्ध ने सब कुछ बदलकर रख दिया।

सदाशिव राव भाऊ के साथ उनके अपने ज्येष्ठ भ्राता, विश्वासराव भी वीरगति को प्राप्त हुए, और मात्र 16 वर्ष की आयु में पेशवा माधवराव को मराठा साम्राज्य का शासन अपने हाथ में लेना पड़ा।

माधवराव अपने पूर्वज पेशवा बाजीराव बल्लाड़ की भांति परिपक्व एवं कुशल नेतृत्व से परिपूर्ण थे। वे भली-भांति परिचित थे कि योग्य नेतृत्व ही हिंदवी स्वराज्य को उसका खोया हुआ सम्मान पुनः दिला सकता है।

उनके नेतृत्व में सर्वप्रथम ये अधिनियम स्थापित किया गया कि जो भी अपने कार्यों में भ्रष्ट सिद्ध हुआ या जिसने भी राष्ट्रद्रोह किया, उसे सार्वजनिक दंड दिया जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली और शक्तिशाली क्यों न हो। इसका उदाहरण उन्होंने अपने ही परिवार के माध्यम से दिया जब उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर अपने ही काका रघुनाथ राव को कारावास में डालने का निर्णय भी किया।

अब पेशवा माधवराव के जीते जी रघुनाथ राव मराठा साम्राज्य का बाल भी बांका न कर पाए। इसमें महादजी शिंदे एवं नाना फड़नवीस जैसे सलाहकारों ने उनका भरपूर साथ दिया। परंतु पेशवा माधवराव की असामयिक मृत्यु ने रघुनाथ राव को एक नई उम्मीद दी, और नारायणराव का उदार स्वभाव उन्ही को लील बैठा।

1773 में पेशवा पद पाने हेतु रघुनाथ राव ने षड्यन्त्र रचा, और पुणे में पेशवा के आधिकारिक निवास, शनिवार वाड़ा में नारायणराव की बर्बरतापूर्ण हत्या की। परंतु वह सत्ता का लाभ नहीं उठा पाए, क्यों जब महादजी शिंदे को यह बात पता चली, तो उन्होंने तत्काल प्रभाव से पुणे को अपने नियंत्रण में लेने का कदम उठाया।

रघुनाथ राव ने अंग्रेजों से सहायता मांगी, जिसके कारण प्रथम एंग्लो मराठा युद्ध हुआ, परंतु न केवल मराठा विजयी हुए, अपितु रघुनाथ राव को आजीवन कारावास का दंड मिला, और 1783 में अपना दंड भोगते भोगते उनकी मृत्यु हो गई। कहते हैं कि जिस स्थान पर उनकी मृत्यु, वहाँ आज भी उनकी आत्मा वास करती है, ठीक वैसे ही, जैसे शनिवार वाड़ा में नारायणराव की आत्मा भटकती है।

पेशवा माधवराव भट्ट के नेतृत्व में नाना फड़नवीस जैसे कूटनीतिज्ञ, राम शास्त्री प्रभुने जैसे न्यायाधीश एवं महड़जी शिंदे जैसे सेनापति को खूब शक्तियां दी गई, जिनके कारण कुछ ही वर्षों में माराठाओं ने फिर से अपना परचम लहराया। जितनी भूमि मराठा साम्राज्य ने खोई थी, पेशवा माधवराव भट्ट के शासनकाल में उन्होंने उससे ज्यादा पुन: प्राप्त कर ली। जब तक वे जीवित थे, तब तक ब्रिटिश साम्राज्य बंगाल से आगे अपने फन नहीं फैला पाया।

और पढ़ें: सिंधुदुर्ग किला: मराठा साम्राज्य का अभेद्य गढ़, जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता था

अब कल्पना कीजिए, यदि अपने ही परिवार के विरुद्ध षड्यन्त्र रचने के स्थान पर रघुनाथ राव ने चाणक्य की भांति युवा माधवराव को अपने विशाल अनुभव का ज्ञान, एवं युद्धनीति की दीक्षा दी होती, तो? शायद न अंग्रेज़ भारत में अपने पाँव जमा होता, और समय से पूर्व भारत एक जनतान्त्रिक देश भी होता, अखंड, और हर रूप में समृद्ध।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: alliancesambitionavoidedbetrayalCivil WarcompromiseconsequencesDiplomacyDissentdynastyGovernancehistorical conflictLeadershiployaltyMahabharataMaratha Empiremediationmilitary strategyPeshwa MadhavraoPoliticsPower StruggleRaghunath RaoRebellionsuccessionUnityनानासाहेब पेशवापेशवा माधवरावमराठा साम्राज्यरघुनाथ रावशत्रु
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सिद्धार्थ रॉय कपूर ने दिया बॉलीवुड को एक महत्वपूर्ण संदेश

अगली पोस्ट

सॉलिसिटर जनरल का सुप्रीम कोर्ट को स्पष्ट प्रश्न: हेट स्पीच पर भेदभाव क्यों?

संबंधित पोस्ट

10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं
इतिहास

इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

28 January 2026

होलोकॉस्ट एक सुनियोजित, राज्य-प्रायोजित नरसंहार था, जिसे 1933 से 1945 के बीच नाजी जर्मनी ने एडॉल्फ़ हिटलर के नेतृत्व में अंजाम दिया। इसका मूल कारण...

नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!
इतिहास

नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

23 January 2026

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वर्ष 1945 में हुए विमान हादसे में मृत्यु होने के दावे को लगभग खारिज किया जा चुका है, लेकिन इससे...

औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था
इतिहास

वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

26 December 2025

यह सप्ताह, वर्ष का अंतिम सप्ताह है। नए साल की दहलीज़ पर खड़े इस सप्ताह का इंतज़ार सबको ही रहता है, क्योंकि पहले क्रिसमस का...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited