TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं मुख्य अतिथि

    लोक कल्याण मार्ग पर चार छोटी-छोटी गायों को चारा खिलाया.

    पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    पाकिस्तान के JF-17 ऑर्डर्स की परतें खुलीं

    पाकिस्तान के JF-17 ‘ऑर्डर्स’: दावे ज़्यादा, हकीकत कम

    सीएम योगी ने जताई बच्चों के भविष्य की चिंता, स्मार्टफोन मां बाप बच्चों को न दें।

    सीएम योगी ने बच्चों के भविष्य की जताई चिंता कहा- स्माटफोन है खतरनाक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    आईआईटी मद्रास ने रैमजेट तकनीक से चलने वाले 155 मिमी के तोप के गोले विकसित किए हैं

    रैमजेट पावर्ड शेल ? तोप का ये गोला क्यों साबित होने वाला है गेमचेंजर ?

    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं मुख्य अतिथि

    लोक कल्याण मार्ग पर चार छोटी-छोटी गायों को चारा खिलाया.

    पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    पाकिस्तान के JF-17 ऑर्डर्स की परतें खुलीं

    पाकिस्तान के JF-17 ‘ऑर्डर्स’: दावे ज़्यादा, हकीकत कम

    सीएम योगी ने जताई बच्चों के भविष्य की चिंता, स्मार्टफोन मां बाप बच्चों को न दें।

    सीएम योगी ने बच्चों के भविष्य की जताई चिंता कहा- स्माटफोन है खतरनाक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    आईआईटी मद्रास ने रैमजेट तकनीक से चलने वाले 155 मिमी के तोप के गोले विकसित किए हैं

    रैमजेट पावर्ड शेल ? तोप का ये गोला क्यों साबित होने वाला है गेमचेंजर ?

    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

आर्मेनिया के साथ संबंधों को मजबूत कर भारत बढ़ा रहा अपना सैन्य निर्यात।

आर्मेनिया को महत्वपूर्ण सैन्य सहायता प्रदान करके, भारत का लक्ष्य न केवल अपने रक्षा उद्योग के बाजार को बढ़ाना है बल्कि तुर्की और पाकिस्तान जैसी क्षेत्रीय शक्तियों के प्रभाव को संतुलित करना भी है।

Akash Gaur द्वारा Akash Gaur
28 February 2024
in भू-राजनीति, व्यापार
भारत, आर्मेनिया, आर्मेनिया और अज़रबैजान का युद्ध
Share on FacebookShare on X

नागोर्नो-काराबाख संघर्ष के बीच आर्मेनिया के साथ भारत की रणनीतिक भागीदारी दक्षिण काकेशस क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत कर रही है। आर्मेनिया को महत्वपूर्ण सैन्य सहायता प्रदान करके, भारत का लक्ष्य न केवल अपने रक्षा उद्योग के बाजार को बढ़ाना है बल्कि तुर्की और पाकिस्तान जैसी क्षेत्रीय शक्तियों के प्रभाव को संतुलित करना भी है।

यह सक्रिय भागीदारी क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित कर रही है, साथ ही खुद को अपने निकटवर्ती पड़ोस से परे भू-राजनीतिक गतिशीलता को आकार देने में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में भी स्थापित कर रही है।

संबंधितपोस्ट

भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

और लोड करें

और पढ़ें:- ग्लोबल नॉर्थ-साउथ को अब अपने हिसाब से चला रहा भारत। 

नागोर्नो-काराबाख संघर्ष

नागोर्नो-काराबाख संघर्ष की जड़ें ऐतिहासिक रूप से गहरी हैं, इस क्षेत्र को लेकर आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच तनाव 20वीं सदी की शुरुआत से है। नागोर्नो-काराबाख मुख्य रूप से अजरबैजान की सीमाओं के भीतर स्थित है लेकिन अर्मेनियाई और अजरबैजान में विवाद का केंद्र बिंदु रहा है। 1980 के दशक के अंत में संघर्ष तब ओर बढ़ गया जब नागोर्नो-काराबाख ने आर्मेनिया में शामिल होने की मांग की, जिससे हिंसक झड़पें हुईं और अंततः पूर्ण पैमाने पर युद्ध हुआ।

सोवियत संघ की भूमिका और पतन

सोवियत संघ की नीतियों और सीमाओं ने संघर्ष की गतिशीलता को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया। अर्मेनिया की स्थापना 1923 में सोवियत संघ द्वारा अजरबैजानी की सीमाओं के भीतर की गई थी। 1991 में सोवियत संघ के पतन के साथ, संघर्ष तेज हो गया क्योंकि आर्मेनिया और अजरबैजान दोनों ने नागोर्नो-काराबाख पर अपना दावा जताया, जिससे एक विनाशकारी युद्ध हुआ जिसके परिणामस्वरूप कई लोगों हताहत हुए और कई लोगों को यहां से विस्थापित होना पड़ा।

हालिया वृद्धि

हाल के वर्षों में आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच संघर्ष में नए सिरे से वृद्धि देखी गई, जिसकी परिणति 2020 के नागोर्नो-काराबाख युद्ध में हुई। अज़रबैजान ने अपने तेल राजस्व और अपनी सेना में आधुनिकीकरण के प्रयासों विशेष रूप से ड्रोन तकनीक की बदौलत अर्मेनियाई बलों के खिलाफ महत्वपूर्ण सैन्य सफलताएं हासिल कीं। इस संघर्ष ने अजरबैजान द्वारा आधुनिक युद्ध रणनीति और कई ज्यादा उन्नत उपकरणों को अपनाने पर प्रकाश डाला, जिसने आर्मेनिया  के पुराने रूसी निर्मित सैन्य शस्त्रागार को पीछे छोड़ दिया।

शस्त्र सौदे

अजरबैजान की प्रगति और आर्मेनिया की सैन्य जरूरतों के जवाब में, भारत आर्मेनिया के लिए एक महत्वपूर्ण हथियार आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरा है। पिछले चार वर्षों में, आर्मेनिया ने भारत से पर्याप्त मात्रा में हथियार खरीदे हैं, जिनमें स्वाति वेपन्स लोकेटिंग रडार, पिनाका मल्टीपल बैरल रॉकेट लॉन्चर, एंटी-टैंक मिसाइलें, आर्टिलरी गन, एंटी-ड्रोन सिस्टम और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल शामिल हैं। इन हथियारों की बिक्री ने आर्मेनिया  की सैन्य सूची में महत्वपूर्ण अंतर को पाट दिया है।

क्षेत्र में भारत के रणनीतिक हित

आर्मेनिया को हथियार बेचने के लिए भारत की प्रेरणाएं बहुआयामी हैं। सबसे पहले, भारत अपने रक्षा उद्योग के बाजार का विस्तार करना चाहता है और दक्षिण काकेशस क्षेत्र में रणनीतिक रूप से स्थित देश आर्मेनिया के साथ अपने रक्षा संबंधों को बढ़ाना चाहता है। 

इसके अतिरिक्त आर्मेनिया का समर्थन करके भारत का लक्ष्य तुर्की और पाकिस्तान जैसी क्षेत्रीय शक्तियों के प्रभाव को संतुलित करना है, जिन्होंने नागोर्नो-काराबाख संघर्ष में अजरबैजान का समर्थन किया है। इसके अलावा, आर्मेनिया के साथ भारत की भागीदारी क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देने की उसकी व्यापक विदेश नीति के उद्देश्यों के अनुरूप है।

क्षेत्रीय गतिशीलता पर प्रभाव

आर्मेनिया को भारत की हथियारों की बिक्री का क्षेत्रीय गतिशीलता पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ रहा है। इसके अलावा इन हथियारों की बिक्री संभावित रूप से भारत और अजरबैजान के बीच तनाव को बढ़ा सकती है, जैसा कि आर्मेनिया के लिए भारत के समर्थन के खिलाफ अजरबैजान की आपत्तियों और चेतावनियों से पता चल रहा है। हालांकि, अजरबैजान भारत के लिए आर्मेनिया और ग्रीस जैसे देशों के साथ अपने राजनयिक संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के अवसर भी प्रस्तुत कर रहा हैं, क्योंकि अजरबैजान तुर्की के विस्तारवाद के संबंध में समान चिंताओं को साझा करता हैं।

रूस की भूमिका

रूस ने ऐतिहासिक रूप से दक्षिण काकेशस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आर्मेनिया और अजरबैजान दोनों के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए रखा है। हालांकि इस क्षेत्र में प्रभाव जमाने की इसकी क्षमता को सीमाओं का सामना करना पड़ा है, खासकर नागोर्नो-काराबाख संघर्ष के संदर्भ में।

आर्मेनिया का एक प्रमुख सहयोगी होने और सैन्य सहायता प्रदान करने के बावजूद, 2020 के संघर्ष के दौरान रूस की कथित तटस्थता और अजरबैजान की सैन्य प्रगति को रोकने में इसकी असमर्थता ने आर्मेनिया के लिए सुरक्षा गारंटर के रूप में इसकी प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं। 

इसके अलावा, यूक्रेन में संघर्ष जैसे अन्य भू-राजनीतिक संकटों में रूस की व्यस्तता ने उसका ध्यान और संसाधनों को दक्षिण काकेशस से दूर कर दिया है, जिससे भारत जैसे अन्य खिलाड़ियों के लिए यह अवसर पैदा हो गए हैं।

अजरबैजान की प्रतिक्रिया

अजरबैजान ने भारत द्वारा आर्मेनिया को हथियार बेचने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे अपने सुरक्षा हितों के लिए एक चुनौती के रूप में देखा है। राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव और अजरबैजानी सैन्य अधिकारियों ने भारत को चेतावनी जारी की है, और आगे बढ़ने से बचने के लिए आर्मेनिया के लिए अपना समर्थन बंद करने का आग्रह किया है। वहीं, तुर्की और पाकिस्तान के साथ अजरबैजान का करीबी गठबंधन है, और भारत की इस क्षेत्र में बढ़ती भागीदारी इन दोनों देशों के लिए चुनौतियां खड़ी कर रहा है।

आर्मेनिया के साथ भारत का जुड़ाव

आर्मेनिया  के साथ भारत के बढ़ते जुड़ाव का क्षेत्रीय संतुलन और स्थिरता पर व्यापक प्रभाव पड़ रहा है। आर्मेनिया को सैन्य सहायता प्रदान करके, भारत का लक्ष्य दक्षिण काकेशस में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को बढ़ाना और तुर्की, पाकिस्तान और अजरबैजान का समर्थन करने वाले अन्य क्षेत्रीय नेताओं के प्रभाव को संतुलित करना है। 

हालाँकि, भारत को इस क्षेत्र में मौजूदा तनाव और संघर्ष को बढ़ाने से बचने के लिए सावधानी से कदम उठाने होंगे। आर्मेनिया के लिए भारत का समर्थन अजरबैजान के साथ उसके संबंधों में तनाव पैदा कर सकता है और संभावित रूप से क्षेत्र के अन्य देशों के साथ उसके संबंधों को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए, भारत को दक्षिण काकेशस में राजनयिक संबंधों और स्थिरता को बनाए रखने की अनिवार्यता के साथ अपने रणनीतिक हितों को संतुलित करना चाहिए।

भारत के लिए चुनौतियां और अवसर

भारत के लिए प्राथमिक चुनौतियों में से एक अपने रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाते हुए दक्षिण काकेशस की जटिल क्षेत्रीय गतिशीलता से निपटना है। भारत को अजरबैजान और अन्य प्रमुख हितधारकों के साथ रचनात्मक संबंध बनाए रखने सहित क्षेत्र में अपने व्यापक राजनयिक जुड़ाव के साथ आर्मेनिया के लिए अपने समर्थन को सावधानीपूर्वक संतुलित करना चाहिए। इस संतुलन को प्राप्त करने के लिए संभावित संघर्षों को कम करने और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए सूक्ष्म कूटनीति और रणनीतिक निर्णय लेने की आवश्यकता होगी।

ग्रीस और अन्य लोगों के साथ साझेदारी का लाभ उठाना

भारत दक्षिण काकेशस में अपनी स्थिति मजबूत करने और क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों के प्रभाव को संतुलित करने के लिए ग्रीस जैसे देशों के साथ अपनी साझेदारी का लाभ उठा सकता है। तुर्की के साथ ग्रीस के ऐतिहासिक तनाव और क्षेत्र में स्थिरता को बढ़ावा देने में इसके साझा हित इसे भारत के लिए एक मूल्यवान सहयोगी बनाते हैं। ग्रीस और अन्य समान विचारधारा वाले देशों के साथ सहयोग को गहरा करके भारत अपने राजनयिक लाभ को बढ़ा सकता है और दक्षिण काकेशस में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को बढ़ा सकता है।

चिंताएं और प्रतितर्क

भारत को अर्मेनिया के समर्थन के संबंध में क्षेत्रीय नेताओं, विशेष रूप से अजरबैजान द्वारा उठाई गई चिंताओं और प्रतिवादों को संबोधित करना चाहिए। भारत को अपने इरादों को स्पष्ट करने और क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर देने के लिए पारदर्शी और रचनात्मक बातचीत में शामिल होना चाहिए। 

नागोर्नो-काराबाख संघर्ष के बीच आर्मेनिया के साथ भारत की रणनीतिक भागीदारी दक्षिण काकेशस क्षेत्र में भारत का प्रभाव बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत कर रही है। आर्मेनिया को महत्वपूर्ण सैन्य सहायता प्रदान करके, भारत का लक्ष्य न केवल अपने रक्षा उद्योग के बाजार को बढ़ाना है बल्कि तुर्की और पाकिस्तान जैसी क्षेत्रीय शक्तियों के प्रभाव को संतुलित करना चाहता है।

और पढ़ें:- मिशन गगनयान: भारत अपनी अंतरिक्ष यात्रा में लिखने जा रहा एक नया अध्याय

Tags: ArmeniaArmenia and Azerbaijan WarIndiaआर्मेनियाआर्मेनिया और अज़रबैजान का युद्धभारतभारत आर्मेनिया संबंध
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

हिमाचल में खेला होबे? लोक निर्माण मंत्री के पद से विक्रमादित्य सिंह ने दिया इस्तीफा।

अगली पोस्ट

पीएम मोदी ने तमिलनाडु को दी 17 हजार करोड़ से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की सौगात

संबंधित पोस्ट

वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है
अमेरिकाज़

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

8 January 2026

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में पैदा होने वाले तनाव अक्सर वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाते हैं, खासकर जैसा कि अमेरिका और...

16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था
इतिहास

ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

16 December 2025

16 दिसंबर 1971 को ढाका में भारतीय और बांग्लादेशी कमांडरों की मौजूदगी में एक शांत लेकिन ऐतिहासिक दृश्य सामने आया, जब पाकिस्तान की ईस्टर्न कमांड...

चक्रवात दित्वाह ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है
चर्चित

चक्रवात ‘दित्वाह’ से लड़ रहे श्री लंका की मदद को भारत ने बढ़ाया हाथ, ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ ने बताया भारत क्यों है सबसे ‘भरोसेमंद’ पड़ोसी

29 November 2025

श्री लंका वक्त, बीते कुछ वर्षों की सबसे बड़ी और खतरनाक प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। चक्रवात दित्वाह ने वहां...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited