TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद, अमित शाह ने बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी

    कॉकरोच के पुतले

    दिल्ली में दशहरे पर रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला, कॉकरोच के पुतले को लेकर चर्चा जारी

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद, अमित शाह ने बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी

    कॉकरोच के पुतले

    दिल्ली में दशहरे पर रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला, कॉकरोच के पुतले को लेकर चर्चा जारी

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

देवी अहिल्याबाई होल्कर के संघर्ष की गाथा।

भारत में कई महान महिलाओं ने जन्म लिया इनमें से एक हैं देवी अहिल्याबाई होल्कर, जिन्हें इतिहास की किताबों में अक्सर नजरअंदाज किया गया है।

Akash Gaur द्वारा Akash Gaur
31 May 2024
in इतिहास, ज्ञान
अहिल्याबाई होल्कर, अहिल्याबाई होल्कर जयंती, महारानी अहिल्याबाई होल्कर, इतिहास,
Share on FacebookShare on X

भारत में कई महिलाएं ऐसी रही हैं जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में काम कर समाज पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इनमें से एक हैं महेश्वर (वर्तमान में मध्यप्रदेश) की महारानी अहिल्याबाई होल्कर, जिन्हें इतिहास की किताबों में अक्सर नजरअंदाज किया गया है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि उन्हें अभी तक वह स्थान नहीं दिया गया है जिसकी वे हकदार हैं।

अहिल्याबाई होल्कर का बाल्यजीवन

अहिल्याबाई होल्कर का जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के चौंडी गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम मानकोजी शिंदे था, जो कि पेशवा शासन में पाटिल के पद पर थे। अहिल्याबाई का विवाह 1733 में खंडेराव होल्कर से हुआ। खंडेराव होल्कर मल्हारराव होल्कर के बेटे थे, जो मराठा साम्राज्य के ताकतवर सरदारों में से एक थे।

संबंधितपोस्ट

बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

पंजाब सीएम भगवंत मान की बढ़ीं मुश्किलें: वायरल वीडियो मामले में अकाल तख्त ने सुनाया फैसला

‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

और लोड करें

मल्हारराव होल्कर ने अहिल्याबाई को अपने बेटे खंडेराव के लिए कैसे चुना इसके बारे में एक कहानी प्रचलित है। मल्हारराव और बाजीराव पेशवा युद्ध से वापस लौटते समय चौंडी गांव में रुके थे। चौंडी गांव क्षिप्रा नदी के किनारे स्थित है, जहां अहिल्याबाई अपनी सहेलियों के साथ रेत का शिवलिंग बनाकर खेल रही थीं।

इस दौरान पेशवा की सेना का एक अश्व (घोड़ा) छूटकर उनकी तरफ भागने लगा। घोड़े को अपनी तरफ भागते हुए देखकर भी अहिल्याबाई बिना घबराए अपने शिवलिंग के साथ बैठी रहीं। मल्हारराव इस साहस से प्रभावित हुए और उन्होंने अहिल्याबाई को अपने बेटे खंडेराव के लिए चुन लिया।

अहिल्याबाई होल्कर की शिक्षा

उस समय महिलाओं को शिक्षा का अधिकार नहीं था, लेकिन मल्हारराव एक दूरदर्शी सेनानी थे। उन्होंने और उनकी पत्नी गौतमाबाई ने अहिल्याबाई को शिक्षा प्रदान की। अहिल्याबाई को पढ़ाया, लिखाया और योद्धा के रूप में तैयार किया। इसके फलस्वरूप, उन्होंने अपने पति खंडेराव का युद्धों में साथ दिया। अहिल्याबाई और खंडेराव का एक बेटा भी था जिसका नाम मालेराव रखा गया था।

संघर्ष की शुरुआत

अहिल्याबाई के जीवन में संघर्ष की शुरुआत तब हुई जब 1754 में कूंभेर किले की लड़ाई में खंडेराव की तोप के गोले लगने के कारण मृत्यु हो गई। यह किला उस समय हरियाणा के महाराज सूरजमल जाट के अधिकार क्षेत्र में था। खंडेराव की मृत्यु के बाद अहिल्याबाई सती होना चाहती थीं, लेकिन मल्हारराव होल्कर ने उन्हें ऐसा करने से रोका।

मल्हारराव को अहिल्याबाई की राज्य के मामलों को संभालने की क्षमता पर भरोसा था। खंडेराव की मृत्यु के बाद उनके बेटे मालेराव उत्तराधिकारी बने, लेकिन वे राज्य संभालने में असमर्थ थे। खंडेराव और मल्हारराव की मृत्यु के बाद अहिल्याबाई ने अपने बेटे मालेराव को भी खो दिया।

रघुनाथराव पर विजय

अपने ससुर, पति और बेटे की मृत्यु से दुखी अहिल्याबाई को महेश्वर राज्य का उत्तराधिकारी कौन बनेगा यह प्रश्न सताने लगा। इस मौके का फायदा उठाकर राज्य के अंदर के विद्रोही तत्वों ने विद्रोह कर दिया। इनमें से एक थे गंगोबा तात्या जिन्होंने पेशवा माधवराव के चाचा रघुनाथराव को महेश्वर पर आक्रमण करने के लिए बुलाया। अहिल्याबाई ने होलकरों के विश्वासी सरदार महादजी शिंदे और तुकोजी होलकर से मदद मांगी। महादजी और तुकोजी ने महेश्वर की ओर अपनी सेनाएं भेज दीं।

अहिल्याबाई ने रघुनाथराव को एक पत्र लिखकर कहा कि वह अपने राज्य की महिलाओं की एक सेना तैयार करेंगी जो राज्य की रक्षा के लिए आखिरी सांस तक लड़ेगी। इस चुनौती को देखते हुए रघुनाथराव ने महेश्वर पर आक्रमण करने का इरादा बदल दिया। अहिल्याबाई की कूटनीति के कारण बिना युद्ध के रघुनाथराव वापस लौट गए और इससे अहिल्याबाई की प्रतिष्ठा और बढ़ी।

जनकल्याणकारी कार्य

इतनी चुनौतियों का सामना करने के बाद भी अहिल्याबाई ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी प्रजा को सुख-समृद्धि से भरपूर जीवन देने का हर संभव प्रयास किया। उनके 30 वर्षों के शासनकाल में सभी जातियों, लिंग और धर्मों के लोग सुरक्षित महसूस करते थे। मल्हारराव द्वारा सौंपे गए राज्य का उन्होंने अपने बेटे जैसा पालन किया। पूरे भारत में यात्रियों के लिए कुएं और विश्राम गृहों का निर्माण करवाया।

अहिल्याबाई ने न केवल अपने राज्य की प्रजा के लिए बल्कि बाकी राज्यों की प्रजा के लिए भी काम किया। उनके द्वारा बनवाए गए कई कुएं और विश्रामगृह आज भी प्रयोग में हैं। उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया और देश भर के अन्य मंदिरों का निर्माण और पुनर्निर्माण किया।

उन्होंने 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग में तीर्थयात्रियों के लिए विश्रामगृह बनवाया। अयोध्या और नासिक में भगवान राम के मंदिर का निर्माण करवाया, उज्जैन में चिंतामणि गणपति मंदिर का निर्माण करवाया, सोमनाथ के मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया जिसे 1024 में महमूद गजनी ने नष्ट कर दिया था। उन्होंने जगन्नाथपुरी मंदिर को भी दान दिया।

मंदिरों का जीर्णोद्धार करने के अलावा, उन्होंने हंडिया, पैठण और कई अन्य तीर्थस्थलों पर सराय का निर्माण किया। समकालीन स्रोत भी उनके शासनकाल के दौरान राज्य की समृद्धि का उल्लेख करते हैं। स्कॉटिश कवि जॉन बैली ने अहिल्याबाई के शासनकाल की प्रशंसा करते हुए 1849 में एक कविता लिखी थी:

“For thirty years her reign of peace,

The land in blessing did increase,

And she was blessed by every tongue,

By stern and gentle, old and young,

Yea, even the children at their mother’s feet,

Are taught such homely rhyming to repeat,

In latter days from Brahma came,

To rule our land, a noble Dame,

Kind was her heart and bright her fame,

And Ahilya was her honored name.”

इंदौर में इस महान शासिका ने अपने राज्यों में सभी को अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रोत्साहित किया। कपड़ा व्यापारियों के लिए वह उन्नति का काल था, अन्य व्यापार फल-फूल रहे थे, कृषक वर्ग में खुशहाली थी। रानी के संज्ञान में आने वाले प्रत्येक मामले को सख्ती से निपटाया जाता था।

वह अपने लोगों को समृद्ध और शहरों को विकसित होते देखना पसंद करती थीं। उनके काल में सड़कों पर छायादार पेड़ लगाए गए, यात्रियों के लिए जगह-जगह पर कुएं और विश्रामगृह बनाए गए। गरीब, बेघर, निराश्रित सभी की मदद की जाती थी। भील जनजाति के लोग जो लूटपाट करते थे, उन्हें कृषक वर्ग में बदलने पर जोर दिया गया।

अहिल्याबाई होल्कर का निधन

अहिल्याबाई होल्कर का सत्तर वर्ष की आयु में 1795 में स्वर्गवास हो गया। इंदौर ने लंबे समय तक अपनी कुलीन रानी का शोक मनाया। उनका शासन सुखमय था और उनकी स्मृति आज भी गहरी श्रद्धा के साथ संजोई हुई है। अहिल्याबाई होल्कर न केवल एक महान शासिका थीं बल्कि उन्होंने अपने अदम्य साहस और कूटनीति से एक अमिट छाप छोड़ी जो आज भी भारतीय इतिहास में मानी जाती है।

और पढ़ें:- पुर्तगालियों से आत्मसमर्पण कराने वाले वीर चिमाजी अप्पा की कथा

Tags: Ahilyabai HolkarAhilyabai Holkar JayantiHistoryQueen Ahilyabai Holkarअहिल्याबाई होल्करअहिल्याबाई होल्कर जयंतीइतिहासमहारानी अहिल्याबाई होल्कर
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

इस एजेंट से रहे सावधान नहीं तो दाव पर लग सकती है आपकी प्राइवेसी।

अगली पोस्ट

क्या आपको टाइप 1 और टाइप 2 मधुमेह के ये लक्षण हो रहे हैं?

संबंधित पोस्ट

विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक
मत

विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

20 October 2026

विजयादशमी केवल एक त्यौहार नहीं, यह हमारी राष्ट्रीय चेतना का जीवंत प्रतीक है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि जब-जब आसुरी शक्तियाँ बढ़ती हैं,...

घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार
ज्ञान

घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

19 October 2026

यह हम सबने सुना है कि ‘घर’ पहली पाठशाला होती है और माता प्रथम ‘गुरु’ होती है। पर क्या कभी हमने विचार किया है कि...

एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?
ज्ञान

एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

13 October 2026

एस्ट्रोटॉक भारत का लोकप्रिय ज्योतिषी प्लेटफॉर्म है, जो विशेषकर राशिफल, कुंडली, कुंडली मिलान, लव कैलकुलेटर, दोष कैलकुलेटर, पंचांग और ज्योतिष परामर्श के लिए जाना जाता...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited