TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पन्नुन हत्या साजिश मामला

    पन्नुन हत्या साजिश मामला: निखिल गुप्ता ने अमेरिकी अदालत में कबूला जुर्म

    वंदे मातरम को लेकर एक बार फिर विवाद

    वंदे मातरम को लेकर एक बार फिर विवाद : मुस्लिम संगठन ने वंदे मातरम को स्वीकार करने को हमला बताया

    फिल्म घूसखोर पंडित को लेकर बवाल

    सुप्रीम कोर्ट ने नेटफ्लिक्स को निर्देश दिया: ‘घूसखोर पंडित’ का नाम बदलें, फिल्म का टाइटल बदलने तक ‘रिलीज़ नहीं

    शेख हसीना का भारत में प्रवास और प्रत्यर्पण

    बांग्लादेश में बीएनपी की सत्ता वापसी: जानें क्या हुआ था साल 2024 में ?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पन्नुन हत्या साजिश मामला

    पन्नुन हत्या साजिश मामला: निखिल गुप्ता ने अमेरिकी अदालत में कबूला जुर्म

    वंदे मातरम को लेकर एक बार फिर विवाद

    वंदे मातरम को लेकर एक बार फिर विवाद : मुस्लिम संगठन ने वंदे मातरम को स्वीकार करने को हमला बताया

    फिल्म घूसखोर पंडित को लेकर बवाल

    सुप्रीम कोर्ट ने नेटफ्लिक्स को निर्देश दिया: ‘घूसखोर पंडित’ का नाम बदलें, फिल्म का टाइटल बदलने तक ‘रिलीज़ नहीं

    शेख हसीना का भारत में प्रवास और प्रत्यर्पण

    बांग्लादेश में बीएनपी की सत्ता वापसी: जानें क्या हुआ था साल 2024 में ?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

देवी अहिल्याबाई होल्कर के संघर्ष की गाथा।

भारत में कई महान महिलाओं ने जन्म लिया इनमें से एक हैं देवी अहिल्याबाई होल्कर, जिन्हें इतिहास की किताबों में अक्सर नजरअंदाज किया गया है।

Akash Gaur द्वारा Akash Gaur
31 May 2024
in इतिहास, ज्ञान
अहिल्याबाई होल्कर, अहिल्याबाई होल्कर जयंती, महारानी अहिल्याबाई होल्कर, इतिहास,
Share on FacebookShare on X

भारत में कई महिलाएं ऐसी रही हैं जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में काम कर समाज पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इनमें से एक हैं महेश्वर (वर्तमान में मध्यप्रदेश) की महारानी अहिल्याबाई होल्कर, जिन्हें इतिहास की किताबों में अक्सर नजरअंदाज किया गया है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि उन्हें अभी तक वह स्थान नहीं दिया गया है जिसकी वे हकदार हैं।

अहिल्याबाई होल्कर का बाल्यजीवन

अहिल्याबाई होल्कर का जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के चौंडी गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम मानकोजी शिंदे था, जो कि पेशवा शासन में पाटिल के पद पर थे। अहिल्याबाई का विवाह 1733 में खंडेराव होल्कर से हुआ। खंडेराव होल्कर मल्हारराव होल्कर के बेटे थे, जो मराठा साम्राज्य के ताकतवर सरदारों में से एक थे।

संबंधितपोस्ट

बौद्धिक योद्धा डॉ. स्वराज्य प्रकाश गुप्त: इतिहास को मिथक से मुक्त करने वाला संघर्ष

भारतीय इतिहास शास्त्र की अवधारणा एवं स्वरूप

बैटल ऑफ सारागढ़ी: दुनिया का सबसे बेहतरीन लास्ट स्टैंड- जिसमें 22 जवान शहीद हुए थे, लेकिन पहचान सिर्फ 21 सिख जवानों को ही क्यों मिली ?

और लोड करें

मल्हारराव होल्कर ने अहिल्याबाई को अपने बेटे खंडेराव के लिए कैसे चुना इसके बारे में एक कहानी प्रचलित है। मल्हारराव और बाजीराव पेशवा युद्ध से वापस लौटते समय चौंडी गांव में रुके थे। चौंडी गांव क्षिप्रा नदी के किनारे स्थित है, जहां अहिल्याबाई अपनी सहेलियों के साथ रेत का शिवलिंग बनाकर खेल रही थीं।

इस दौरान पेशवा की सेना का एक अश्व (घोड़ा) छूटकर उनकी तरफ भागने लगा। घोड़े को अपनी तरफ भागते हुए देखकर भी अहिल्याबाई बिना घबराए अपने शिवलिंग के साथ बैठी रहीं। मल्हारराव इस साहस से प्रभावित हुए और उन्होंने अहिल्याबाई को अपने बेटे खंडेराव के लिए चुन लिया।

अहिल्याबाई होल्कर की शिक्षा

उस समय महिलाओं को शिक्षा का अधिकार नहीं था, लेकिन मल्हारराव एक दूरदर्शी सेनानी थे। उन्होंने और उनकी पत्नी गौतमाबाई ने अहिल्याबाई को शिक्षा प्रदान की। अहिल्याबाई को पढ़ाया, लिखाया और योद्धा के रूप में तैयार किया। इसके फलस्वरूप, उन्होंने अपने पति खंडेराव का युद्धों में साथ दिया। अहिल्याबाई और खंडेराव का एक बेटा भी था जिसका नाम मालेराव रखा गया था।

संघर्ष की शुरुआत

अहिल्याबाई के जीवन में संघर्ष की शुरुआत तब हुई जब 1754 में कूंभेर किले की लड़ाई में खंडेराव की तोप के गोले लगने के कारण मृत्यु हो गई। यह किला उस समय हरियाणा के महाराज सूरजमल जाट के अधिकार क्षेत्र में था। खंडेराव की मृत्यु के बाद अहिल्याबाई सती होना चाहती थीं, लेकिन मल्हारराव होल्कर ने उन्हें ऐसा करने से रोका।

मल्हारराव को अहिल्याबाई की राज्य के मामलों को संभालने की क्षमता पर भरोसा था। खंडेराव की मृत्यु के बाद उनके बेटे मालेराव उत्तराधिकारी बने, लेकिन वे राज्य संभालने में असमर्थ थे। खंडेराव और मल्हारराव की मृत्यु के बाद अहिल्याबाई ने अपने बेटे मालेराव को भी खो दिया।

रघुनाथराव पर विजय

अपने ससुर, पति और बेटे की मृत्यु से दुखी अहिल्याबाई को महेश्वर राज्य का उत्तराधिकारी कौन बनेगा यह प्रश्न सताने लगा। इस मौके का फायदा उठाकर राज्य के अंदर के विद्रोही तत्वों ने विद्रोह कर दिया। इनमें से एक थे गंगोबा तात्या जिन्होंने पेशवा माधवराव के चाचा रघुनाथराव को महेश्वर पर आक्रमण करने के लिए बुलाया। अहिल्याबाई ने होलकरों के विश्वासी सरदार महादजी शिंदे और तुकोजी होलकर से मदद मांगी। महादजी और तुकोजी ने महेश्वर की ओर अपनी सेनाएं भेज दीं।

अहिल्याबाई ने रघुनाथराव को एक पत्र लिखकर कहा कि वह अपने राज्य की महिलाओं की एक सेना तैयार करेंगी जो राज्य की रक्षा के लिए आखिरी सांस तक लड़ेगी। इस चुनौती को देखते हुए रघुनाथराव ने महेश्वर पर आक्रमण करने का इरादा बदल दिया। अहिल्याबाई की कूटनीति के कारण बिना युद्ध के रघुनाथराव वापस लौट गए और इससे अहिल्याबाई की प्रतिष्ठा और बढ़ी।

जनकल्याणकारी कार्य

इतनी चुनौतियों का सामना करने के बाद भी अहिल्याबाई ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी प्रजा को सुख-समृद्धि से भरपूर जीवन देने का हर संभव प्रयास किया। उनके 30 वर्षों के शासनकाल में सभी जातियों, लिंग और धर्मों के लोग सुरक्षित महसूस करते थे। मल्हारराव द्वारा सौंपे गए राज्य का उन्होंने अपने बेटे जैसा पालन किया। पूरे भारत में यात्रियों के लिए कुएं और विश्राम गृहों का निर्माण करवाया।

अहिल्याबाई ने न केवल अपने राज्य की प्रजा के लिए बल्कि बाकी राज्यों की प्रजा के लिए भी काम किया। उनके द्वारा बनवाए गए कई कुएं और विश्रामगृह आज भी प्रयोग में हैं। उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया और देश भर के अन्य मंदिरों का निर्माण और पुनर्निर्माण किया।

उन्होंने 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग में तीर्थयात्रियों के लिए विश्रामगृह बनवाया। अयोध्या और नासिक में भगवान राम के मंदिर का निर्माण करवाया, उज्जैन में चिंतामणि गणपति मंदिर का निर्माण करवाया, सोमनाथ के मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया जिसे 1024 में महमूद गजनी ने नष्ट कर दिया था। उन्होंने जगन्नाथपुरी मंदिर को भी दान दिया।

मंदिरों का जीर्णोद्धार करने के अलावा, उन्होंने हंडिया, पैठण और कई अन्य तीर्थस्थलों पर सराय का निर्माण किया। समकालीन स्रोत भी उनके शासनकाल के दौरान राज्य की समृद्धि का उल्लेख करते हैं। स्कॉटिश कवि जॉन बैली ने अहिल्याबाई के शासनकाल की प्रशंसा करते हुए 1849 में एक कविता लिखी थी:

“For thirty years her reign of peace,

The land in blessing did increase,

And she was blessed by every tongue,

By stern and gentle, old and young,

Yea, even the children at their mother’s feet,

Are taught such homely rhyming to repeat,

In latter days from Brahma came,

To rule our land, a noble Dame,

Kind was her heart and bright her fame,

And Ahilya was her honored name.”

इंदौर में इस महान शासिका ने अपने राज्यों में सभी को अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रोत्साहित किया। कपड़ा व्यापारियों के लिए वह उन्नति का काल था, अन्य व्यापार फल-फूल रहे थे, कृषक वर्ग में खुशहाली थी। रानी के संज्ञान में आने वाले प्रत्येक मामले को सख्ती से निपटाया जाता था।

वह अपने लोगों को समृद्ध और शहरों को विकसित होते देखना पसंद करती थीं। उनके काल में सड़कों पर छायादार पेड़ लगाए गए, यात्रियों के लिए जगह-जगह पर कुएं और विश्रामगृह बनाए गए। गरीब, बेघर, निराश्रित सभी की मदद की जाती थी। भील जनजाति के लोग जो लूटपाट करते थे, उन्हें कृषक वर्ग में बदलने पर जोर दिया गया।

अहिल्याबाई होल्कर का निधन

अहिल्याबाई होल्कर का सत्तर वर्ष की आयु में 1795 में स्वर्गवास हो गया। इंदौर ने लंबे समय तक अपनी कुलीन रानी का शोक मनाया। उनका शासन सुखमय था और उनकी स्मृति आज भी गहरी श्रद्धा के साथ संजोई हुई है। अहिल्याबाई होल्कर न केवल एक महान शासिका थीं बल्कि उन्होंने अपने अदम्य साहस और कूटनीति से एक अमिट छाप छोड़ी जो आज भी भारतीय इतिहास में मानी जाती है।

और पढ़ें:- पुर्तगालियों से आत्मसमर्पण कराने वाले वीर चिमाजी अप्पा की कथा

Tags: Ahilyabai HolkarAhilyabai Holkar JayantiHistoryQueen Ahilyabai Holkarअहिल्याबाई होल्करअहिल्याबाई होल्कर जयंतीइतिहासमहारानी अहिल्याबाई होल्कर
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

इस एजेंट से रहे सावधान नहीं तो दाव पर लग सकती है आपकी प्राइवेसी।

अगली पोस्ट

क्या आपको टाइप 1 और टाइप 2 मधुमेह के ये लक्षण हो रहे हैं?

संबंधित पोस्ट

के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक
इतिहास

फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

29 January 2026

फील्ड मार्शल कोडंडेरा मदप्पा करियप्पा, जिन्हें प्यार से के.एम. करियप्पा कहा जाता है, भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ और राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण...

10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं
इतिहास

इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

28 January 2026

होलोकॉस्ट एक सुनियोजित, राज्य-प्रायोजित नरसंहार था, जिसे 1933 से 1945 के बीच नाजी जर्मनी ने एडॉल्फ़ हिटलर के नेतृत्व में अंजाम दिया। इसका मूल कारण...

नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!
इतिहास

नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

23 January 2026

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वर्ष 1945 में हुए विमान हादसे में मृत्यु होने के दावे को लगभग खारिज किया जा चुका है, लेकिन इससे...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited