कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की सलाहकार और उप मंत्री ने किसी भी देश से जुड़ी खुफिया जानकारी किसी भी अखबार को यूं ही नहीं भेजी होगी
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अमेरिकी अख़बार से भारत को बदनाम करवाने के लिए कनाडा ने रची ‘फर्जी कहानी’, NSA तक को लगाया: इस्तीफे से बचने के लिए ट्रूडो का तिकड़म?

जस्टिन ट्रूडो को देना पड़ सकता है इस्तीफा

Akash Sharma Nayan द्वारा Akash Sharma Nayan
24 October 2024
in चर्चित, मत, राजनीति, विश्व
जस्टिन ट्रूडो पीएम मोदी

कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो और पीएम मोदी

Share on FacebookShare on X

खालिस्तानी आतंकियों के मुद्दे को लेकर भारत और कनाडा के बीच संबंध एक खराब दौर से गुजर रहे हैं। इन संबंधों की ताबूत में कनाडा सरकार ने आखिरी कील ठोंकने का काम किया है। दरअसल, कनाडा के समाचार पत्र ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि ग्लोब एंड मेल ने दावा किया है कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं खुफिया सलाहकार नैथली जी. ड्रोइन और उप मंत्री डेविड मॉरिसन ने अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट को भारत के बारे में संवेदनशील और खुफिया जानकारी दी थी।

दरअसल, कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCPM) ने भारत पर ‘एजेंटों’ के जरिए खालिस्तानी आतंकियों को मरवाने का आरोप लगाया था। इसके बाद ग्लोब एंड मेल ने कनाडा सरकार की पोल खोलते हुए जो रिपोर्ट प्रकाशित की है उससे पता चलता है कि ट्रूडो की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं खुफिया सलाहकार नैथली जी. ड्रोइन और उप मंत्री डेविड मॉरिसन ने भारत के खिलाफ अपना प्रोपेगेंडा चलाने के लिए जानकारी लीक की थी। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कनाडा द्वारा वाशिंगटन पोस्ट को दी गई जानकारी रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCPM) की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ही सामने आने थी।

संबंधितपोस्ट

पीएम मोदी ने दिखाई भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी, रेलवे में शुरू हुआ स्वच्छ तकनीक का नया दौर

PM मोदी का न्यूजीलैंड दौरा क्यों है खास? जानिए दोनों देशों के रिश्ते, व्यापार और FTA की पूरी कहानी

आयरन डोम इंटरसेप्टर मिसाइल का होगा भारत में निर्माण? राफेल ने शुरू की भारतीय कंपनियों से बातचीत

और लोड करें
प्रधानमंत्री की राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया सलाहकार नथाली ड्रोइन और कनाडा के ग्लोबल अफेयर्स में उप मंत्री डेविड मॉरिसन (दाएं) (फ़ोटो साभार: The Canadian Press)

गौरतलब है कि वाशिंगटन पोस्ट ने अपनी एक रिपोर्ट में कनाडाई अधिकारी के हवाले से कहा था कि भारतीय राजनयिकों के बीच हुई बातचीत और मैसेज में भारत के एक वरिष्ठ अधिकारी और रॉ में एक वरिष्ठ अधिकारी का उल्लेख है, इन दोनों ने ही खुफिया जानकारी जुटाने और खालिस्तानी आतंकियों पर हमले करने के लिए लोगों को नियुक्त किया है। इसके अलावा रिपोर्ट में कहा गया था कि कनाडाई अधिकारियों ने मोदी सरकार को कनाडा में बढ़ती हिंसा को खत्म करने के लिए मनाने के उद्देश्य से 12 अक्टूबर 2024 को सिंगापुर में एक सीक्रेट मीटिंग की थी। इस मीटिंग में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल भी मौजूद थे। मीटिंग में NSA अजीत डोभाल और गृह मंत्री अमित शाह जुड़े कई सबूत सामने आए थे। बड़ी बात यह है कि वाशिंगटन पोस्ट ने दावा किया था कि इस मीटिंग में, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नैथली ड्रोइन और उप विदेश मंत्री डेविड मॉरिसन के साथ-साथ RCMP के अधिकारी भी शामिल थे।

यही नहीं, रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया था कि कनाडाई अधिकारियों ने कनाडा में रह रहे कम से कम 6 ऐसे भारतीय राजनयिकों की भी पहचान की है, जिन्होंने खालिस्तानी आतंकियों के बारे में खुफिया जानकारी थी। साथ ही रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत के इन्हीं राजनयिकों द्वारा चिन्हित किए गए खालिस्तानी आतंकियों को बाद में भारत द्वारा मरवा दिया गया। इसके अलावा खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर, सुखदूल सिंह की हत्या व अन्य हिंसक घटनाओं में भारत के शामिल होने के सबूत मिले हैं।

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाने वाली अपनी रिपोर्ट में वाशिंगटन पोस्ट ने कनाडाई अधिकारियों का हवाला देते हुए यह भी लिखा था कि कनाडा के अधिकारियों ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ मीटिंग की थी। इस मीटिंग में अजीत डोभाल ने यह स्वीकार किया था कि उन्होंने राजनयिकों के द्वारा खालिस्तानी आतंकियों की जानकारी निकलवाई थी, लेकिन हत्या में भारत के शामिल होने की बात से इनकार किया था। इसके अलावा इस रिपोर्ट में प्रोपेगेंडा को एक कदम आगे ले जाते हुए कहा गया था कि अजीत डोभाल से खालिस्तानी आतंकियों की हत्या में शामिल लॉरेंस बिश्नोई के बारे में भी बात की गई थी। इस दौरान उन्होंने शुरुआत में बिश्नोई से जुड़ी बात से इनकार कर दिया था। लेकिन जब कनाडा ने सबूत दिए तो NSA डोभाल ने सारी बातें मान लीं साथ ही बताया कि बिश्नोई जेल में बंद है और वह जेल के अंदर से ही गलत काम करने के लिए जाना जाता है।

गौरतलब है कि 14 अक्टूबर को RCMP के अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की थी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कमिश्नर डुहेम और असिस्टेंट कमिश्नर ब्रिगिट गौविन ने कहा था कि उनके पास ऐसे सबूत हैं जिनसे यह साबित होगा कि कनाडा में हुई हिंसा में और खालिस्तानी आतंकियों की हत्या में भारत का हाथ है। लेकिन इसके बाद यह भी कहा गया था कि इसके लिए आवश्यक जांच और कोर्ट की कार्यवाही का ध्यान रखते हुए इसे जारी नहीं किया जा रहा है। यही नहीं, कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCPM) ने यह भी बताने से इनकार कर दिया था कि कथित हिंसा और हत्याएं कब हुईं तथा इनकी जांच कितनी हुई और कितनी बाकी है, साथ ही भारतीय राजनयिकों के नाम व अन्य चीजें भी सामने नहीं आईं थीं।

यहां बेहद दिलचस्प बात यह है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अपनी पुलिस के अधिकारियों की बात नकारते हुए कहा था कि हमारे पास ठोस सबूत का अभाव है, सिर्फ खुफिया रिपोर्ट ही है।

अपने बचाव के लिए ट्रूडो ने रची फर्जी कहानी?

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की सलाहकार और उप मंत्री ने किसी भी देश से जुड़ी खुफिया जानकारी किसी भी अखबार को यूं ही नहीं भेजी होगी। इसके पीछे या तो कोई बड़ा कारण होगा या फिर कोई स्वार्थ। सबसे बड़ी बात यह है कि भारत और कनाडा के बीच आपसी संबंध यदि बहुत अच्छे नहीं थे तो अधिक खराब भी नहीं थे। यहां तक कि सितंबर 2023 में जब G20 सम्मेलन में शामिल होने के लिए ट्रूडो भारत आए थे तब भी पीएम मोदी और उनके बीच लंबी वार्ता हुई थी। लेकिन ऐसा लगता है कि जस्टिन ट्रूडो ने अपने बचाव के लिए यह पूरी कहानी रची है।

दरअसल, कनाडा से सांसदों की बगावत की खबर आ रही थी। खबर यह भी थी कि सांसद जस्टिन ट्रूडो का इस्तीफा मांग रहे हैं। इस खबर के बीच ही कनाडा ने भारत पर झूठे आरोप मढ़ने शुरू किए। यदि कनाडा द्वारा रची गई कहानी को परत-दर-परत देखें तो समझ आता है कि पहले अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट पर ‘आर्टिकल’ छपवाया गया ताकि लगे कि मामले में सिर्फ कनाडा नहीं बल्कि अमेरिका भी है। लेकिन सिर्फ वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट से बात नहीं बनी तो प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई और फिर भारत पर झूठ के गोले दाग कर कहानी को सच दिखाने की कोशिश की गई।

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जस्टिन ट्रूडो (फ़ोटो साभार: TV9)

 

शायद कनाडा यह मान बैठा था कि इस मुद्दे पर भारत की विपक्षी पार्टियां हमेशा की तरह अपना रंग दिखाते हुए सरकार के खिलाफ उतर जाएंगी और भारत सरकार बैक फुट पर होगी। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। भारत सरकार ईंट का जवाब पत्थर से देने का मन बनाए बैठी थी। जैसे ही कनाडा ने आरोप लगाने की तैयारियां की, वैसे ही भारत ने कनाडाई राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश थमा दिया और कनाडा से भारत के राजदूतों को भी वापस बुला लिया। जस्टिन ट्रूडो की हालत कितनी बुरी है, इस बात का अंदाजा ऊपर दिख रही तस्वीर से लगाया जा सकता है। यह तस्वीर जस्टिन ट्रूडो की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। इसमें, ट्रूडो बोल रहे हैं और उनके दो मंत्री पुतलों की तरह नजर आ रहे हैं। ऐसा लगता है मानो जनता को विश्वास में लेने के लिए ट्रूडो ने मंत्रियों को पीछे खड़ा किया है।

कैसे बुनी गई ‘झूठी कहानी’

एनसीपी नेता और कारोबारी बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर 2024 को मुंबई में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस खबर के सामने आने के साथ ही यह बात भी सामने आई थी कि बाबा सिद्दीकी की हत्या लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर्स ने की है। यह खबर भारत समेत अन्य देशों में भी कवर की गई थी। मुमकिन है कि इस खबर और लॉरेंस बिश्नोई के खलिस्तान विरोधी बयान तथा हत्या के अन्य इतिहास को सहारा बनाते हुए कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं खुफिया सलाहकार नैथली जी. ड्रोइन ने फर्जी कहानी रचकर ट्रूडो को सुनाई हो और फिर शुरू हुआ हो झूठी कहानी को सच दिखाने का सिलसिला।

सीधे शब्दों में कहें तो जस्टिन ट्रूडो की सरकार खतरे में है। सांसदों ने अब उन्हें 28 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम दिया है। लेकिन ट्रूडो को यह पहले ही पता था कि उन पर संकट आने वाला है। ऐसे में इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि संकट से बचने और अपना प्रधानमंत्री पद बचाए रखने के लिए ही ट्रूडो ने यह कहानी रची होगी। लेकिन फिलहाल उनका यह पाँसा उल्टा पड़ता दिखाई दे रहा है। दरअसल, एक ओर कनाडाई सांसद जस्टिन ट्रूडो की बात नहीं मान रहे हैं और वहीं दूसरी ओर भारत सरकार ने भी कनाडा को करार जवाब देकर बैक फुट पर ला दिया है। अब देखना यह है कि भारत सरकार से पंगा लेने के बाद ट्रूडो दोनों देशों के संबंधों और अपनी सरकार को कैसे बचाएंगे? सवाल यह भी है कि क्या ट्रूडो एक और फर्जी कहानी रच सकते हैं?

स्रोत: Canada, India, Khalistan, Canada India Khalistan, Canada Khalistan, कनाडा खालिस्तान भारत, भारत कनाडा खालिस्तान, जस्टिन ट्रूडो, Justin Trudeau, Washington Post CANADA
Tags: CanadaIndiainternationalPM Modiअंतर्राष्ट्रीयकनाडापीमए मोदीभारत
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

उपचुनाव: ‘एक वोट न घटने पाए, एक वोट न बंटने पाए’… पर कब तक चलेगी ‘यूपी के लड़कों’ की दोस्ती?

अगली पोस्ट

कष्ट में बीता बचपन, जवानी में पत्नी से फटकार और रहीम से मित्रता: कुछ ऐसे रामबोला से बन गए गोस्वामी तुलसीदास

संबंधित पोस्ट

TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी
चर्चित

TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

10 July 2026

महाराष्ट्र के नासिक में चर्चित टीसीएस (TCS) धर्म परिवर्तन मामले में गिरफ्तार आरोपी निदा खान को बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। पांच महीने...

मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट
चर्चित

मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

6 July 2026

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को मंत्रालय के डिजास्टर कंट्रोल रूम में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में आपदा राहत मंत्री...

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती
चर्चित

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

6 July 2026

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर सोमवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगले शैक्षणिक...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34

US- IRAN CONFLICT INTENSIFIES

00:03:05

Mass Detentions and Enforced Disappearances: The Aftermath of July 5

00:03:20
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited