TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

रमन के मन में रमता था विज्ञान: समुद्र का रंग नीला क्यों? तो एयरपोर्ट-स्टेशन पर स्कैनर मशीन नहीं होती

सी वी रमन को 1930 में रमन प्रभाव की खोज के लिए नोबेल पुरस्कार मिला था।

Sudhakar Singh द्वारा Sudhakar Singh
7 November 2024
in ज्ञान
रमन के मन में रमता था विज्ञान: समुद्र का रंग नीला क्यों? तो एयरपोर्ट-स्टेशन पर स्कैनर मशीन नहीं होती

देश के महान वैज्ञानिक सीवी रमन का जन्म 7 नवंबर 1888 को हुआ था

Share on FacebookShare on X

हमेशा सही सवाल पूछें, फिर देखना प्रकृति अपने सभी रहस्यों के द्वार खोल देगी। भारत रत्न चंद्रशेखर वेंकट रमन ने इसी सोच के दम पर पता लगाया कि समुद्र का रंग नीला क्यों होता है? सीवी रमन एशिया के पहले वैज्ञानिक थे, जिनको नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। भारत के महान सपूत सीवी रमन का जन्म 7 नवंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में हुआ था। जिस रमन इफेक्ट की खोज के लिए उन्हें नोबेल अवॉर्ड मिला था, अगर उसकी खोज नहीं हुई होती तो एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर स्कैनर मशीन शायद कभी नहीं लग पाती। जी हां, वही स्कैनर मशीन, जिससे सामान को हाथ लगाए बगैर मालूम चल जाता है कि अंदर क्या है।

समुद्र के रंग पर मन में ऐसे उठा सवाल

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

गणित और भौतिकी का माहौल सीवी रमन को घर से ही मिला था। उनके पिता चंद्रशेखर अय्यर गणित और भौतिकी के प्रोफेसर थे। जाहिर है, ऐसे माहौल में पले-बढ़े सीवी रमन के मन में विज्ञान रमता था। 16 साल में ही स्नातक की डिग्री फिजिक्स में गोल्ड मेडल के साथ हासिल की। इसके बाद मद्रास यूनिवर्सिटी से गणित में स्नातकोत्तर (पीजी)  की डिग्री ली। 1917 में वह कलकत्ता विश्वविद्यालय में फिजिक्स के प्रोफेसर बन गए। अब उस रमन प्रभाव की कहानी, जिसने विज्ञान की दुनिया में क्रांतिकारी प्रभाव डाला। साल था 1921 और सीवी रमंन जहाज से ब्रिटेन जा रहे थे। भूमध्य सागर में उनकी नजर नीले रंग के पानी पर पड़ी। एक आम आदमी के लिए उसमें प्रकृति की सुंदरता से ज्यादा कुछ सोचने के लिए नहीं था। लेकिन सीवी रमन तो कुछ और ही सोच रहे थे। उनको समुद्र के पानी के नीले रंग पर शक हुआ। जेहन में सवाल उठा कि पानी का तो कोई रंग नहीं है, फिर समुद्र का रंग नीला क्यों नजर आ रहा है?

Do you know CV #Raman was the first Asian and first ‘non-western’ individual to win #Nobel Prize in Sciences. He received Nobel in 1930 in #Physics. For discovering Raman effect.

Till now he remains only Indian citizen to win Nobel in science.

Today is his birth anniversary. pic.twitter.com/mlanKPgvAR

— Parveen Kaswan, IFS (@ParveenKaswan) November 7, 2024

समुद्र के रंग का सवाल हल, रमन प्रभाव की खोज

दिमाग में बार-बार उठते प्रश्न के बाद उन्होंने हर पारदर्शी वस्तु पर ध्यान दिया कि उसमें रंग का स्रोत क्या है? ब्रिटेन से जब वह भारत आए तो अपने साथ कुछ उपकरण ले आए थे। सीवी रमन ने आसमान और समुद्र का अध्ययन शुरू किया। सात साल की रिसर्च के बाद वह एक नतीजे पर पहुंचे। इस खोज को नाम मिला- रमन प्रभाव। सीवी रमन की अथक रिसर्च से सामने आया कि समुद्र भी सूर्य के प्रकाश का प्रकीर्णन (Dispersion) करता है। इसी से समुद्र के पानी का रंग नीला दिखता है। इसके साथ ही उन्होंने ठोस, द्रव और गैस में प्रकाश के विभाजन पर अपनी गहन शोध जारी रखी। 28 फरवरी 1928 को उन्होंने रमन प्रभाव (Raman Effect) की खोज की।

Nobel Laureate Physicist, C.V. Raman's birth anniversary today

A pioneer physicist who won the Nobel Prize in Physics in 1930 for his groundbreaking discovery of Raman Effect.

Know more about its significance and legacy ➡️#CVRaman #NobelLaureate #Science pic.twitter.com/xaGGpMtTLK

— DD News (@DDNewslive) November 7, 2024

ऐसे काम करता है रमन इफेक्ट, 1930 में नोबेल

रमन प्रभाव कहता है कि जब कोई मोनोक्रोमैटिक लाइट (एक रंग का प्रकाश) द्रव या ठोस चीज से होकर गुजरती है, तो उसमें Incident Light के साथ कम तीव्रता (Low Intensity) की कुछ दूसरी तरह की रोशनी दिखाई पड़ती है। रमन इफेक्ट को प्रमाणित करने के लिए उन्होंने स्पेक्ट्रोस्कोप भी खुद ही बनाया। रमन प्रभाव के मुताबिक जब प्रकाश किसी पारदर्शी वस्तु से गुजरता है, तो इस पूरी प्रक्रिया में प्रकाश का कुछ हिस्सा बिखर जाता है। बिखरे हुए प्रकाश की तरंग दैर्ध्य समान रहती है, लेकिन कुछ हिस्से की तरंग दैर्ध्य परिवर्तित हो जाती है। इसे रमन प्रभाव के रूप में पूरी दुनिया ने जाना। प्रकाश के क्षेत्र में इस अद्भुत खोज के लिए 1930 में उन्हें फिजिक्स का नोबेल पुरस्कार मिला।

भारत के अनमोल भौतिक वैज्ञानिक, भारत रत्न एवं नोबेल पुरस्कार विजेता सर सी. वी. रमन की जयंती पर उन्हें नमन। #CVRaman@PIBHindi @DDNewsHindi @AIRNewsHindi pic.twitter.com/zDrVg3cTnl

— सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (@MIB_Hindi) November 7, 2024

मेडिकल डाएग्नोसिस और स्कैनर में भी इस्तेमाल  

सर सीवी रमन की इस खोज का आज कई क्षेत्रों में उपयोग हो रहा है। रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी का प्रयोग दुनिया भर की केमिकल लैब्स में होता है, जहां इसकी मदद से पदार्थ की पहचान होती है। मेडिसिन के क्षेत्र में सेल और टिश्यूज पर रिसर्च और कैंसर का पता लगाने में भी यह प्रयोग होता है। यहां तक कि मिशन चंद्रयान के दौरान चांद पर पानी का पता लगाने के लिए रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी का इस्तेमाल हुआ था। रमन इफेक्ट की वजह से ही आज हम वस्तुओं को स्कैन कर पाते हैं। इसको कुछ यूं समझिए कि अगर रमन प्रभाव की खोज नहीं होती, तो एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर स्कैनर मशीन नहीं होती। आज स्कैनर मशीन की मदद से बिना किसी बैग या सूटकेस को छुए पता चल जाता है कि अंदर क्या सामान रखा है। सीवी रमन ने कहा था, ‘मैंने विज्ञान के अध्ययन के लिये  कभी भी किसी कीमती उपकरण का इस्तेमाल नहीं किया। मैंने रमन प्रभाव की खोज के लिए शायद ही किसी उपकरण पर 200 रुपये से ज़्यादा खर्च किया हो।‘

हर साल 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस

1986 में भारत सरकार ने रमन प्रभाव की खोज की घोषणा को सम्मान देते हुए 28 फरवरी का दिन राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाए जाने का फैसला किया। सीवी रमन की खोज रमन इफेक्ट तक सीमित नहीं रही। आगे चलकर 1932 में उन्होंने सूरी भगवंतम के साथ क्वांटम फोटॉन स्पिन की खोज की। इसके साथ ही तबला और मृदंग जैसे भारतीय वाद्ययंत्रों की हार्मोनिक प्रकृति के बारे में भी उन्होंने रिसर्च की। 1933 में सीवी रमन भारतीय विज्ञान संस्थान बैंगलोर (अब बेंगलुरु) में प्रोफेसर बने। यहां पर बतौर डायरेक्टर उन्होंने 15 साल तक काम किया। आजाद भारत की सरकार ने 1947 में उन्हें देश का पहला राष्ट्रीय प्रोफेसर नामित किया। 1948 में जब वह संस्थान से रिटायर हुए, तो एक साल बाद 1949 में बेंगलुरु में ही उन्होंने रमन अनुसंधान संस्थान बनाया। अपने जीवन के आखिरी दिनों तक वह अध्ययन-अध्यापन और रिसर्च से जुड़े रहे। 12 नवंबर 1970 को भारत के इस महान वैज्ञानिक का बेंगलुरु में निधन हो गया।

सर सीवी रमन के प्रेरणादायक विचार

– अपनी नाकामयाबियों के लिए मैं खुद जिम्मेदार हूं। अगर मैं नाकामयाब नहीं होता, तो इतना सब कुछ कैसे सीख पाता।

– जितनी जल्दी नई पीढ़ी के प्रेरणास्रोत वैज्ञानिक, चिकित्सक, शिक्षक, सैनिक और किसान बनने लगेंगे, उतनी जल्दी भारत विकसित देशों की सूची में शामिल होगा।

– हमें समझना पड़ेगा कि कोई भी अनुसंधान करने में कठिन परिश्रम और लगन की आवश्यकता होती है, कीमती उपकरण की नहीं।

– शिक्षा का उद्देश्य लोगों को स्वतंत्र रूप से सोचने और अपने स्वयं के निर्णय लेने के लिए सक्षम बनाना है।

सीवी रमन की पुस्तकें

वॉल्यूम 1 (Vol. 1)– प्रकाश का प्रकीर्णन (Scattering of Light)

वॉल्यूम 2 (Vol. 2)– ध्वनिक (Acoustic)

वॉल्यूम 3 (Vol. 3)– ऑप्टिका (Optica)

वॉल्यूम 4 (Vol. 4)– खनिज और हीरे की प्रकाशिकी (Optics of Minerals and Diamond)

वॉल्यूम 5 (Vol. 5) – क्रिस्टल की भौतिकी (Physics of Crystals)

Tags: Chandrasekhara Venkata RamanCV RamanCV Raman Birth AnniversaryCV Raman Nobel Prize WinnerNational Science DayRaman EffectRaman ScatteringRaman SpectroscopyScientist CV RamanWho was CV Ramanचंद्रशेखर वेंकट रमननोबेल पुरस्काररमन इफेक्टरमन प्रभावराष्ट्रीय विज्ञान दिवसवैज्ञानिक सीवी रमनसीवी रमनसीवी रमन की खोजसीवी रमन कौन थे
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘धरती पर कोई साहस का प्रतीक है, तो वह डोनाल्ड ट्रंप’… गौतम अडानी का पूरा बधाई संदेश पढ़िए

अगली पोस्ट

‘महाराष्ट्र के मुखिया’: राज्य के पहले मुस्लिम CM अंतुले की कहानी जिन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में छोड़ना पड़ा था पद

संबंधित पोस्ट

नील विद्रोह
इतिहास

“नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

2 October 2026

हमारे देश में अनेक आंदोलन हुए, जिनका दर्द आज भी भारतीयों की रगों में जिंदा है। कुछ आंदोलन ऐसे हैं, जो बिना तोप ताने और...

जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….
इतिहास

जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

2 October 2026

वो कहते हैं “दुर्घटना से देर भली”। आज भारत की आक्रामकता से कोई भी अनभिज्ञ नहीं है। परंतु स्वतंत्रता के पश्चात प्रारम्भिक दो दशकों में...

22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था
इतिहास

‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

28 September 2026

भारत के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों की चर्चा भगत सिंह का नाम लिए बगैर हमेशा अधूरी ही मानी जाएगी। भगत सिंह का योगदान इतिहास के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Why Is the World Buying India’s Akash Missile System? Who’s Next in Line? | Armenia | Make in India

Why Is the World Buying India’s Akash Missile System? Who’s Next in Line? | Armenia | Make in India

00:04:19

Inside India’s Most Famous Fighter Squadrons: Their Wars, Jets & Legacy | IAF | AirForceDay

00:05:58

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

00:10:03

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

00:03:28

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited