सोकल ने अकादमिक पत्रिका 'सोशल टेक्स्ट' में एक लेख दिया था जो पत्रिका और वामपंथी संपादकों की बौद्धिक क्षमता का परीक्षण करने के लिए एक प्रयोग था...
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना: फ्रंटलाइन की रिपोर्ट ने भारतीय मीडिया में गरमागरम बहस को जन्म दिया

    भारतीय जहाजों को रास्ता देने के बदले ईरान से कोई सौदा नहीं

    एस.जयशंकर का बयान- ईरान के साथ है हमारे अच्छे संबंध , भारतीय झंडे वाले जहाजों को रास्ता देने के बदले ईरान की कोई डिमांड नहीं

    ‘जाति’ कार्ड खेलने में माहिर हो चुके राहुल गांधी

    DU एंट्रेंस में कांग्रेस का ‘जाति’ कार्ड और बिहार में ‘राजपूत’ लड़की की गैंगरेप के बाद हत्या: क्या राहुल सारण में मृतका के घर जा कर इंसाफ़ मांगेंगे?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    तीसरा भारतीय टैंकर पहले ही सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुका है

    ‘यूक्रेन’ के बाद ‘होर्मुज’ में भी दिखी तिरंगे की ताकत, हजारों टन LPG लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा शिवालिक, रास्ते में हैं Nanda Devi समेत भारतीय झंडे वाले दो टैंकर

    क्या मीनाब में ईरानी बच्चियों की सामूहिक कब्रें एक बार फिर अमेरिकी नागरिकों की चेतना झकझोर सकेंगी?

    ‘माई लाई’ नरसंहार की बरसी और मीनाब की स्कूली बच्चियों की सामूहिक कब्रें: क्या नागरिक चेतना में धुंधलाते जा रहे हैं युद्ध अपराधों के सबक?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    तालिबान द्वारा मूर्तियों के विनाश के समय

    आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

    मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी

    मार्च 1993 के मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी और नई व्यवस्थाएँ तैयार कीं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना: फ्रंटलाइन की रिपोर्ट ने भारतीय मीडिया में गरमागरम बहस को जन्म दिया

    भारतीय जहाजों को रास्ता देने के बदले ईरान से कोई सौदा नहीं

    एस.जयशंकर का बयान- ईरान के साथ है हमारे अच्छे संबंध , भारतीय झंडे वाले जहाजों को रास्ता देने के बदले ईरान की कोई डिमांड नहीं

    ‘जाति’ कार्ड खेलने में माहिर हो चुके राहुल गांधी

    DU एंट्रेंस में कांग्रेस का ‘जाति’ कार्ड और बिहार में ‘राजपूत’ लड़की की गैंगरेप के बाद हत्या: क्या राहुल सारण में मृतका के घर जा कर इंसाफ़ मांगेंगे?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    तीसरा भारतीय टैंकर पहले ही सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुका है

    ‘यूक्रेन’ के बाद ‘होर्मुज’ में भी दिखी तिरंगे की ताकत, हजारों टन LPG लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा शिवालिक, रास्ते में हैं Nanda Devi समेत भारतीय झंडे वाले दो टैंकर

    क्या मीनाब में ईरानी बच्चियों की सामूहिक कब्रें एक बार फिर अमेरिकी नागरिकों की चेतना झकझोर सकेंगी?

    ‘माई लाई’ नरसंहार की बरसी और मीनाब की स्कूली बच्चियों की सामूहिक कब्रें: क्या नागरिक चेतना में धुंधलाते जा रहे हैं युद्ध अपराधों के सबक?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    तालिबान द्वारा मूर्तियों के विनाश के समय

    आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

    मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी

    मार्च 1993 के मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी और नई व्यवस्थाएँ तैयार कीं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

दिलीप मंडल ने फातिमा शेख के ज़रिए दोहरा दिया ‘सोकल होक्स’?

सोकल ने अकादमिक पत्रिका 'सोशल टेक्स्ट' में एक लेख दिया था जो पत्रिका और वामपंथी संपादकों की बौद्धिक क्षमता का परीक्षण करने के लिए एक प्रयोग था

Anand Kumar द्वारा Anand Kumar
11 January 2025
in इतिहास, चर्चित
सोकल ने 'Transgressing the Boundaries: Towards a Transformative Hermeneutics of Quantum Gravity' नाम से यह लेख लिखा था

सोकल ने 'Transgressing the Boundaries: Towards a Transformative Hermeneutics of Quantum Gravity' नाम से यह लेख लिखा था

Share on FacebookShare on X

सोशल मीडिया से लेकर पेड मीडिया तक एक नयी बहस छिड़ी हुई है। एक विख्यात दलित चिंतक माने जाने वाले पूर्व संपादक दिलीप मंडल ने दावा ठोक दिया है कि फातिमा शेख कोई थी ही नहीं। उनका कहना है कि फातिमा शेख एक फर्जी चरित्र थी, जिसे उसने गढ़ा था। इस दावे को सिद्ध करने के लिए उन्होंने सीधा चुनौती दे डाली कि उनके ही पोस्ट जो सोशल मीडिया पर 2006 से आने शुरू हुए, उन्हें छोड़कर फातिमा शेख का कोई पूर्व का विवरण किसी पुस्तक में कहीं, कोई नहीं दिखा सकता। तथाकथित फैक्ट चेकर्स से लेकर राजनीतिक पार्टियों के छुटभैये नेताओं तक में इस खुलासे से हलचल मच गयी।

एड़ी-चोटी का जोर लगाया गया, लेकिन अभी तक फुले द्वारा एक बार फातिमा का जिक्र करने के अलावा कोई प्रमाण नहीं मिला। जहाँ फातिमा लिखा भी है, वहाँ ज्योतिबा फुले ने पूरा नाम नहीं लिखा, शिक्षा देने में मदद करती थीं या शिक्षिका थीं, ऐसा नहीं लिखा। जो जिक्र है उससे फातिमा घरेलू काम-काज में मदद करने वाली कोई लगती है। फुले परिवार अपने समय के सबसे बड़े ठेकेदारों में से था, जिन्होंने कई पुलों-भवनों का निर्माण किया। उनके परिवार में घरेलू नौकर चाकरों की कमी तो नहीं ही होगी।

संबंधितपोस्ट

गढ़ा काल्पनिक किरदार, नाम दिया ‘फातिमा शेख’, बना दिया ‘पहली मुस्लिम शिक्षक’: दिलीप मंडल की ‘कहानी’ को लेकर हंगामा

‘जाति’ की राजनीति करते-करते कांग्रेस की ही सरकारों को घेरने लगे हैं राहुल गांधी! याद करें इतिहास

सूर्यकुमार यादव की आड़ में जातिवाद का विष फैलाने वालों, जनता माफ नहीं करेगी

और लोड करें

यह मामला सीधे-सीधे 1996 में हुए सोकल एक्सपेरिमेंट या सोकल होक्स के नाम से जानी जानेवाली एक घटना की याद ताजा कर देता है। इस घटना में हुआ क्या था? एलन सोकल भौतिकी के प्रोफेसर थे। सोकल ने 1996 में सांस्कृतिक अध्ययनों की एक अकादमिक पत्रिका ‘सोशल टेक्स्ट’ को एक लेख प्रस्तुत किया। यह लेख असल में पत्रिका और वामपंथी संपादकों की बौद्धिक क्षमता का परीक्षण करने के लिए एक प्रयोग था, विशेष रूप से यह जांचने के लिए कि क्या “सांस्कृतिक अध्ययनों की एक अग्रणी उत्तरी अमेरिकी पत्रिका- जिसके संपादकीय समूह में फ्रेडरिक जेम्सन और एंड्रयू रॉस जैसे दिग्गज शामिल हैं वो बकवास से भरपूर एक लेख प्रकाशित करेगी यदि ‘यह अच्छा लगे’ और ‘संपादकों की वैचारिक पूर्वधारणाओं की चापलूसी करे’।”

यह लेख था (Transgressing the Boundaries: Towards a Transformative Hermeneutics of Quantum Gravity) ‘सीमाओं का उल्लंघन: क्वांटम गुरुत्वाकर्षण के एक परिवर्तनकारी व्याख्याशास्त्र की ओर’, पत्रिका के वसंत/ग्रीष्म 1996 ‘साइंस वार्स’ अंक में प्रकाशित हुआ था। इसने प्रस्तावित किया कि क्वांटम गुरुत्वाकर्षण एक सामाजिक और भाषाई निर्माण है, यानि सोशल एंड लिंगविस्टिक कंस्ट्रक्ट है। उस समय पत्रिका ने अकादमिक पीयर रिव्यु नहीं किया, इसलिए इसकी भौतिक विज्ञान के लोगों द्वारा बाहरी विशेषज्ञ समीक्षा हुई ही नहीं है।

मई 1996 में इसके प्रकाशन के तीन सप्ताह बाद, सोकल ने पत्रिका ‘लिंगुआ फ़्रैंका’ में खुलासा किया कि लेख एक धोखा था। इस धोखाधड़ी ने मानविकी के क्षेत्र में भौतिक विज्ञान पर टिप्पणी की विद्वत्तापूर्ण योग्यता के बारे में विवाद पैदा कर दिया; सामान्य रूप से सामाजिक विषयों पर उत्तर आधुनिक यानि पोस्ट-मॉडर्निज्म का प्रभाव; और शैक्षणिक नैतिकता, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या सोकल ने सोशल टेक्स्ट के संपादकों या पाठकों को धोखा देकर गलत किया था; और क्या सोशल टेक्स्ट ने उचित वैज्ञानिक नैतिकता का पालन किया था। 2008 में, सोकल ने बियॉन्ड द होक्स प्रकाशित किया, जिसमें धोखाधड़ी के इतिहास पर फिर से विचार किया गया और इसके स्थायी प्रभावों पर चर्चा की गई।

सोकल ने बाद में बताया कि ‘हायर सुपरस्टीशन’ (1994) पढ़ने के बाद फर्जी लेख प्रस्तुत करने की प्रेरणा मिली। ‘हायर सुपरस्टीशन’ में लेखक पॉल आर. ग्रॉस और नॉर्मन लेविट का दावा है कि कुछ ह्युमेनेटीज की पत्रिकाएँ तब तक कुछ भी प्रकाशित करेंगी जब तक कि उसमें ‘उचित वामपंथी विचार’ हों और प्रसिद्ध वामपंथी विचारकों को उद्धृत किया गया हो (या उनके द्वारा लिखा गया हो), भले ही लेख पूरा बकवास हो। ग्रॉस और लेविट वैज्ञानिक यथार्थवाद यानि साइंटिफिक रियलिज्‍म वाले विचार के थे, जो वैज्ञानिक वस्तुनिष्ठता (साइंटिफिक ऑब्जेक्टीविटी) पर सवाल उठाने वाले उत्तर-आधुनिकतावादी (पोस्ट-मॉडर्निस्ट) शिक्षाविदों का विरोध करते थे। उन्होंने दावा किया कि लिबरल आर्ट्स विभागों (विशेष रूप से अंग्रेजी विभागों) में बौद्धिक विरोधी भावना ने विघटनवादी (डीकंस्ट्रक्टिव) विचारों को बढ़ावा दिया, जिसके परिणामस्वरूप अंततः विज्ञान की विघटनवादी (डीकंस्ट्रक्टिव) आलोचना हुई। इन दोनों का मानना था कि विज्ञान के अध्ययन से बचने के लिए इस तरीके से कामचोरी का बचाव तर्क गढ़कर किया जाता है।

इस सोकल होक्स का प्रभाव व्यापक रहा था और 1997 में, सोकल और जीन ब्रिकमोंट ने मिलकर ‘इम्पोस्टर्स इंटेलेक्चुअल्स’ लिखी जो अलग नामों से अमेरिका और यूके में भी प्रकाशित हुई। इस पुस्तक में स्थापित बुद्धिजीवियों के लेखन के अंशों का विश्लेषण किया गया था। इन तथाकथित बुद्धिजीवियों के बारे में सोकल और ब्रिकमोंट ने दावा किया था कि इन्होंने वैज्ञानिक शब्दावली का दुरुपयोग किया है। बाद में 2008 में, सोकल ने एक और किताब, बियॉन्ड द होक्स प्रकाशित की, जिसमें होक्स के इतिहास पर फिर से विचार किया गया और इसके स्थायी प्रभावों पर चर्चा की गई।

सोकल होक्स का प्रभाव इतना व्यापक था कि फ्रांसीसी दार्शनिक जैक्स डेरिडा, जिनके 1966 में आइंस्टीन के सापेक्षता के सिद्धांत के बारे में दिए गए बयान को सोकल के पेपर में उद्धृत किया गया था, की आलोचना शुरू हो गई। खास तौर पर यू.एस. अखबारों में इस धोखाधड़ी की कवरेज के दौरान एक साप्ताहिक पत्रिका ने सोकल के पेपर पर एक ‘डोजियर’ को चित्रित करने के लिए उनकी दो छवियों, एक फोटो और एक कैरिकेचर का इस्तेमाल किया। डेरीडा को डीकंस्ट्रक्शन का सिद्धांत देने के लिए जाना जाता है, जिसका आज भी वामपंथी जमकर इस्तेमाल करते हैं। यानी सोकल होक्स से हाल के दौर के सबसे प्रमुख चिन्तक की ही धज्जियाँ उड़ा दी गयी थीं।

फातिमा का चरित्र गढ़कर जो कारनामा दिलीप मंडल ने किया है, उसे भी सोकल होक्स की तुलना में ही देखा जाना चाहिए। बिना किसी जाँच के फातिमा को एक सचमुच का किरदार कैसे मान लिया गया, उसके पीछे की राजनैतिक सोच कैसे काम करती है वो इस घटना से साफ समझ में आता है। फातिमा शेख का नाम तो कहीं नहीं ही मिलता, यहाँ तक कि अम्बेडकर की लिखी दर्जनों किताबों तक में उनका जिक्र नहीं मिला है। उनके जन्म की तिथि कहीं, कभी नहीं लिखी मिली क्योंकि वो कोई असली किरदार थी ही नहीं। इसके बाद भी गूगल ने तथाकथित दलित समर्थक दिखने के लिए उसके काल्पनिक जन्मदिन पर एक डूडल तक प्रकाशित कर दिया था। कई नेता और उनके छुटभैये इसी काल्पनिक जन्मदिन पर लोगों को बधाइयाँ देते दिखे। उनसे गलती हो गयी है, ये स्वीकारने के बदले लोग आब दिलीप मंडल को गालियाँ दे रहे हैं और उसे बिका हुआ घोषित करने पर लगे हैं। लेकिन अपने तथ्यों को प्रामाणित करने के लिए उसने जो लगभग बीस वर्ष मेहनत की है, वो हाल में अकादमिक जगत में तो किसी ने नहीं दिखाई।

बाकी के लिए मार्क ट्वेन ने कभी लिखा था, ‘जब तक सच अपने जूते पहनता है, तब तक झूठ आधी दुनिया का चक्कर लगा चुका होता है।’ मंडल ने ये काल्पनिक चरित्र ‘जय भीम’ में ‘जय मीम’ जोड़ने के लिए रचा था और ऐसी कहानियों का जो अंजाम होना होता है, पिछले दौर के जोगेंद्र नाथ मंडल जैसी ही गति को ये भी पहुँच गया है। आगे के लिए सावधानी बरतना सीखिए।

स्रोत: दिलीप मंडल, सोकल होक्स, फातिमा शेख, एलन सोकल, ज्योतिबा फुले, Dilip Mandal, Sokal hoax, Fatima Shaikh, Alan Sokal, Jyotiba Phule,
Tags: Alan SokalDilip MandalFatima ShaikhJyotiba PhuleSokal hoaxएलन सोकलज्योतिबा फुलेदिलीप मंडलफातिमा शेखसोकल होक्स
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

कार्यकर्ता नहीं, सांसद-विधायक के पसंदीदा बनेंगे भाजपा जिलाध्‍यक्ष

अगली पोस्ट

‘मेरे भाइयों-बहनों…’: हिंदुत्व पर स्वामी विवेकानंद का भाषण जिसने दुनिया को पढ़ाया सहिष्णुता का पाठ

संबंधित पोस्ट

बिपिन रावत
चर्चित

‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

16 March 2026

जनरल रावत के कार्यकाल का सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य था एक ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’ की स्थापना। भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के रूप...

जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला
इतिहास

जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

16 March 2026

ईरान और अमेरिका / इजरायल के बीच युद्ध जारी हैं। दो सप्ताह से ज्यादा समय हो चुका हैं। एक दूसरे पर जबर्दस्त बमबारी हो रही...

खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?
इतिहास

खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

16 March 2026

“राणा सांगा अपनी वीरता और तलवार के बल पर अत्यधिक शक्तिशाली हो गया है। वास्तव में उसका राज्य चित्तौड़ में था। मांडू के सुल्तानों के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited