TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना: फ्रंटलाइन की रिपोर्ट ने भारतीय मीडिया में गरमागरम बहस को जन्म दिया

    भारतीय जहाजों को रास्ता देने के बदले ईरान से कोई सौदा नहीं

    एस.जयशंकर का बयान- ईरान के साथ है हमारे अच्छे संबंध , भारतीय झंडे वाले जहाजों को रास्ता देने के बदले ईरान की कोई डिमांड नहीं

    ‘जाति’ कार्ड खेलने में माहिर हो चुके राहुल गांधी

    DU एंट्रेंस में कांग्रेस का ‘जाति’ कार्ड और बिहार में ‘राजपूत’ लड़की की गैंगरेप के बाद हत्या: क्या राहुल सारण में मृतका के घर जा कर इंसाफ़ मांगेंगे?

    पीएम किसान योजना

    पीएम किसान योजना: आज जारी होगी 22वीं किस्त, किसानों के खाते में ₹18,640 करोड़ ट्रांसफर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    तीसरा भारतीय टैंकर पहले ही सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुका है

    ‘यूक्रेन’ के बाद ‘होर्मुज’ में भी दिखी तिरंगे की ताकत, हजारों टन LPG लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा शिवालिक, रास्ते में हैं Nanda Devi समेत भारतीय झंडे वाले दो टैंकर

    क्या मीनाब में ईरानी बच्चियों की सामूहिक कब्रें एक बार फिर अमेरिकी नागरिकों की चेतना झकझोर सकेंगी?

    ‘माई लाई’ नरसंहार की बरसी और मीनाब की स्कूली बच्चियों की सामूहिक कब्रें: क्या नागरिक चेतना में धुंधलाते जा रहे हैं युद्ध अपराधों के सबक?

    शिवालिक और नन्दा देवी लेकिन पाकिस्तान में ईद से पहले त्राहिमाम

    LPG लेकर देश पहुँच रहे हैं भारतीय टैंकर लेकिन पाकिस्तान में ईद से पहले त्राहिमाम

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    तालिबान द्वारा मूर्तियों के विनाश के समय

    आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

    मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी

    मार्च 1993 के मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी और नई व्यवस्थाएँ तैयार कीं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना: फ्रंटलाइन की रिपोर्ट ने भारतीय मीडिया में गरमागरम बहस को जन्म दिया

    भारतीय जहाजों को रास्ता देने के बदले ईरान से कोई सौदा नहीं

    एस.जयशंकर का बयान- ईरान के साथ है हमारे अच्छे संबंध , भारतीय झंडे वाले जहाजों को रास्ता देने के बदले ईरान की कोई डिमांड नहीं

    ‘जाति’ कार्ड खेलने में माहिर हो चुके राहुल गांधी

    DU एंट्रेंस में कांग्रेस का ‘जाति’ कार्ड और बिहार में ‘राजपूत’ लड़की की गैंगरेप के बाद हत्या: क्या राहुल सारण में मृतका के घर जा कर इंसाफ़ मांगेंगे?

    पीएम किसान योजना

    पीएम किसान योजना: आज जारी होगी 22वीं किस्त, किसानों के खाते में ₹18,640 करोड़ ट्रांसफर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    तीसरा भारतीय टैंकर पहले ही सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुका है

    ‘यूक्रेन’ के बाद ‘होर्मुज’ में भी दिखी तिरंगे की ताकत, हजारों टन LPG लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा शिवालिक, रास्ते में हैं Nanda Devi समेत भारतीय झंडे वाले दो टैंकर

    क्या मीनाब में ईरानी बच्चियों की सामूहिक कब्रें एक बार फिर अमेरिकी नागरिकों की चेतना झकझोर सकेंगी?

    ‘माई लाई’ नरसंहार की बरसी और मीनाब की स्कूली बच्चियों की सामूहिक कब्रें: क्या नागरिक चेतना में धुंधलाते जा रहे हैं युद्ध अपराधों के सबक?

    शिवालिक और नन्दा देवी लेकिन पाकिस्तान में ईद से पहले त्राहिमाम

    LPG लेकर देश पहुँच रहे हैं भारतीय टैंकर लेकिन पाकिस्तान में ईद से पहले त्राहिमाम

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    तालिबान द्वारा मूर्तियों के विनाश के समय

    आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

    मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी

    मार्च 1993 के मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी और नई व्यवस्थाएँ तैयार कीं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारत में हुई थी शतरंज और लूडो की खोज, यहीं है सबसे पुराना स्टेडियम: जानिए दोनों खेलों का प्राचीन इतिहास

भारत से जुड़ा है कई खेलों का इतिहास

Prashant Pole द्वारा Prashant Pole
14 January 2025
in इतिहास, खेल
शतरंज और लूडो

भारत में हुई थी शतरंज और लूडो की शुरुआत

Share on FacebookShare on X

सामान्य रूप से हमारे देश में ऐसा माना जाता है कि विश्व में खेले जाने वाले अधिकतर प्रसिद्ध खेलों का प्रारंभ पश्चिम के देशों में विशेषतः यूरोप मे हुआ है। वहीं पर ये खेल विकसित भी हुए। प्राचीन काल मे ग्रीस में ओलंपिक खेलों के आरंभ के साथ ही खेल जगत के इतिहास का प्रारंभ हुआ। किन्तु अनेक लोगों को यह पता ही नही हैं कि विश्व का सबसे पहला, सबसे प्राचीन स्टेडियम भारत में मिला है।

विश्व का सबसे प्राचीन स्टेडियम भारत में है। गुजरात के कच्छ में ‘खादीर’ इस द्वीपनुमा स्थान पर ‘धोलावीरा’ मे जब 1968 मे उत्खनन हुआ, तब यह सत्य सामने आया। वर्तमान में यह ‘धोलावीरा’, युनेस्को के संरक्षित स्मारकों की सूची में है। इसकी विशेषता यह है कि यह कर्क रेखा पर स्थित है। धोलावीरा की नगर रचना देखकर इक्कीसवीं शताब्दी के अनेक नगर रचनाकार भी आश्चर्यचकित हुए हैं।

संबंधितपोस्ट

आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

‘शिवायण’: भ्रांतियों से सत्य की ओर जाने का रास्ता बताती पुस्तक

बौद्धिक योद्धा डॉ. स्वराज्य प्रकाश गुप्त: इतिहास को मिथक से मुक्त करने वाला संघर्ष

और लोड करें

उत्खनन में मिले इस ‘धोलावीरा’ में एक नही, दो स्टेडियम मिले हैं। इनमें से बडा स्टेडियम, 1 लाख 65 हजार स्क्वेअर फीट का है, इसकी क्षमता दस हजार से ज्यादा दर्शकों की है। इसमे दर्शक दीर्घा भी बनाई गई है, जिससे दर्शक आराम से मैदान पर चल रहे खेलों को देख सकें।

ग्रीस में ऑलिंपिक का प्रारंभ हुआ, इसा से पहले 776 वर्ष। परंतु उससे भी लगभग तीन हजार वर्ष पहले, अर्थात आज से 5,500 वर्ष पूर्व, भारत मे बडे पैमाने पर, सार्वजनिक रूप से अनेक खेल खेले जाते थे। धोलावीरा इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, प्रमाण हैं।

हमारे पूर्वजोंने अपनी जो जीवनशैली विकसित की थी, जो जीवनक्रम बनाया था, वह सर्वांगीण विकास का था। इसीलिए विज्ञान, शस्त्र और शास्त्र के साथ कला को भी प्राधान्य था। मनुष्य का सर्वांगीण विकास होने के लिए, शरीर और मन, दोनो सुदृढ होने चाहिये, यह हमारे पुरखों को अच्छी तरह से पता था। इसीलिए उस समय मल्लयुद्ध (कुश्ती), रथों की प्रतियोगिताएं, घुडदौड, धनुर्विद्या (आज की भाषा मे ‘आर्चरी’) की प्रतियोगिताओं और खेलों के साथ ही, मानसिक एकाग्रता बढाने के लिए अनेक बैठे – बैठे खेलने वाले खेल (indoor games) भी होते थे।

लूडो:

विश्व मे सबसे ज्यादा प्रचलित और लोकप्रिय, बैठकर खेलने वाले दो इनडोअर खेलों का उद्गम भारत मे हुआ हैं। ये खेल हैं, शतरंज (चेस) और लुडो। जी हां..! ये दोनों खेल पाश्चात्य नहीं हैं। बिलकुल असली भारतीय खेल हैं। लूडो यह खेल, आजकल युवाओं मे ट्रेंडी है। आज के डिजिटल युग मे सर्वाधिक खेला जानेवाला यह बोर्ड गेम है। यह ऑनलाईन खेले जाने के कारण विदेशो मे रहने वाले मित्रों के साथ भी खेला जाता है। विशेष रुप से कोरोना काल मे, लाॅकडाउन के बाद, इस खेल की जबरदस्त मांग है।

‘लूडो’ यह इस खेल का असली नाम नही है। पचीसी या चौसर / चौपड नाम से यह खेल हजारो सालों से भारत मे खेला जा रहा है। महाभारत मे कौरव और पांडवों मे जो द्युत हुआ था, वह भी इसी खेल के माध्यम से। अर्थात, प्राचीन काल मे यह खेल, ‘जुआ’ के रुप मे ही खेलते थे, ऐसा नही हैं। सामान्य लोग भी मनोरंजन के लिए यह खेल खेलते थे। लेकिन कई बार राज परिवारों मे जुआ खेलने के लिए चौसर / पचीसी का उपयोग होता था।

यह खेल कब से खेला जा रहा है, यह बताना कठीन है। महाभारत मे इसका उल्लेख जरूर आता है। परंतु विगत चार-पाच हजार वर्षों मे, अनेक ग्रंथो में, पचीसी / चौसर का उल्लेख है। हडप्पा और मोहन-जो-दडो के उत्खनन मे, पचीसी / चौसर खेलने के लिए जो पांसे लगते हैं, वह पांसे मिले है।

ऋग्वेद और अथर्ववेद मे भी चौसर जैसे खेलों का और उसे खेलने के लिए लगने वाले पांसो का उल्लेख मिलता हैं। वेरुळ (एलोरा) की गुफाएं, छठवी से आठवी शताब्दी मे निर्माण हुई हैं। इनमे से उनतीस नंबर की गुफा मे ‘भगवान शंकर और पार्वती चौसर खेल रहे हैं’, ऐसा दृश्य उकेरा गया है।

चीन के सॉंग राज परिवार के (वर्ष 970 से 1279) कागज पत्रों मे स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि, चिनी खेल ‘चुपू’ (अर्थात अपना चौसर / पचीसी) का उद्गम पश्चिम भारत मे हुआ है। वर्ष 220 से 265, इस कालखंड मे चीन पर ‘वी’ नाम के राज परिवार की सत्ता थी। इसी समय यह खेल भारत से चीन मे आया और लोकप्रिय हुआ। इस खेल का पट, जिस पर खेल खेला जाता हैं, कपडे से बनता था। इस कपडे पर, खेलने के लिए, सुंदर नक्काशी बनाते थे। कम से कम दो और अधिकतम चार लोग यह खेल खेल सकते थे। प्रारंभिक अवस्था मे इस खेल को खेलने के लिए कौडियों का उपयोग किया जाता था। बाद मे पांसोंका चलन बढता गया।

वर्ष 1818 मे अंग्रेजों का राज, भारत के अधिकांश भूभाग पर कायम होने के बाद, अनेक अंग्रेज अधिकारी, भारतीयों की रुढी – परंपराएं समझने के लिए प्रयास करने लगे। उस समय उनको भारतीयों के पचीसी / चौसर इस खेल की जानकारी मिली। भारत मे रहने वाले अंग्रेज अधिकारी यह खेल खेलने लगे। धीरे – धीरे यह खेल इंग्लंड मे पहुंचा। वर्ष 1896 मे इस खेल का अंग्रेजी नाम ‘लूडो’ रखा गया। लूडो का लॅटिन भाषा मे अर्थ, ‘आय प्ले’ ऐसा होता है। और आज यह खेल, पूरी दुनिया मे ‘लूडो’ नाम से ही लोकप्रिय हुआ है।

शतरंज (चेस):

आज दुनिया मे प्रचलित जो ‘शतरंज’ खेल है, वह निर्विवाद रूप से भारत का है। सामान्यतौर पर हम लोग, अंग्रेजों ने यदी कोई बात की होगी, तो उस बात पर आंख बंद करके विश्वास कर लेते है। इसलिये इस विषय से संबंधित अंग्रेजी संदर्भ देखते है –

‘टाईम्स ऑफ इंडिया’ यह मूलतः अंग्रेजों द्वारा प्रारंभ किया हुआ समाचार पत्र हैं। इसके 28 जुलाई 1940 के अंक के संपादकीय में लिखा है, ‘According to Sir William Jones, the first President of Royal Bengal Aisatic Society, it was in India, that Chess first originated and developed. The latest discovery appears to fortyfy the theory.’ (रॉयल बंगाल एशियाटिक सोसायटी के पहिले अध्यक्ष, सर विल्यम जॉन के अनुसार, भारत मे ही चेस का उद्गम हुआ और वह विकसित हुआ। नए शोध के अनुसार, इस विधान का महत्व स्पष्ट होता है।)

टाईम्स ऑफ इंडिया के इस संपादकीय में जिस सर विल्यम जोन का उल्लेख हैं, वे सज्जन वर्ष 1783 से 1789 तक, कलकत्ता हायकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश थे। वे स्वयम् संस्कृत और भारतीय संस्कृती के पगाढ़ अभ्यासक थे।

प्रोफेसर डंकन फोर्ब्स (28 अप्रैल 1798 से 17 अगस्त 1868) यह स्कॉटिश सज्जन, भाषाशास्त्रज्ञ और पौर्वात्य विषयों के तज्ञ के रूप मे जाने जाते थे। 1823 मे वह कलकत्ता अकादमी मे जॉईन हुए, और तीन वर्ष तक वे वहां थे। उनका भारतीय संस्कृती का गहन अध्ययन था। आगे चलकर जब वह इंग्लंड मे गए, तब उन्होने एक पुस्तक प्रकाशित की – ‘हिस्टरी ऑफ चेस’ (शतरंज का इतिहास). इस ग्रंथ मे उन्होने, ‘शतरंज का उद्गम भारत मे ही हुआ है, और साधारणतः दोन से तीन हजार वर्षों से यह खेल भारत मे खेला जा रहा हैं’, ऐसा अनेक प्रमाणों के साथ प्रतिपादित किया।

परंतु उसके बाद, इस संदर्भ मे जो शोध हुए उनमे, यह खेल चार से पांच हजार वर्ष पुराना होगा, ऐसा निर्णय शोधकर्ताओं ने दिया। शतरंज का पुराना नाम ‘अष्टपद’ था. बादमे उसे ‘चतुरंग’ कहने लगे।

‘शूलपाणी’ नाम के एक बंगाली विद्वान थे। उन्होंने पंद्रहवी शताब्दी मे लिखे हुए ‘चतुरंग दीपिका ‘ इस ग्रंथ मे, शतरंज जिससे निर्माण हुआ, ऐसे ‘चतुरंग’ का विस्तार से वर्णन किया है। इस ग्रंथ मे दी हुई जानकारी के अनुसार, ‘चतुरंग’ का पहले का नाम ‘अष्टपद’ था। इस अष्टपदका उल्लेख, हिनायन बुद्ध साहित्य मे इसा पूर्व 500 वर्ष, (अर्थात आजसे ढाई हजार वर्ष पूर्व) मे मिलता है. ‘ब्रह्मजाल सूत्त’ और ‘विनय पिटका’ इन ग्रंथों मे भी इसका उल्लेख आता है। इसा पूर्व 300 वर्ष मे गोविंद राजने लिखे हुए रामायण के बाल कांड मे अष्टपदका उल्लेख है।

वर्ष 200 मे लिखे हुए हरिवंश मे अष्टपदका श्लोक है –

स रामकरमुक्तेन निहतो द्युत मंडले।
अष्टापदेन बलवान राजा वज्रधरोपमः।।
(दुसरा अध्याय 61 / 54)

यह खेल बहुत पहले द्युत के रूप में खेला जाता था। ‘अश्विन माह की पूर्णिमा की रात मे ‘अष्टपद’ खेलने से धनलाभ होता है’, ऐसे माना जाता था। इसे ‘चतुरंग बल’ भी कहते थे। इसमे ‘बल’ यह शब्द, ‘खेलने की गोटी’ के रूप मे कहा गया है। इसमे पांसे का उपयोग किया जाता था। अर्थात, खेलने वाले के ‘नसीब’ का हिस्सा अधिक होता था। बादमे पांसे का उपयोग बंद हुआ। अब यह खेल पूर्ण रूप से ‘बुद्धी’ के आधार पर खेला जाता हैं।

शतरंज पर एक पुस्तक खूब चलती है – ‘द लॉज अँड प्रॅक्टिसेस ऑफ चेस’। हॉवर्ड स्टुंटन (Howard Staunton) ने इसमे शतरंज खेल के नियम और विशेषताएं विस्तार से बताई है। इस पुस्तक के पृष्ठ 5 पर उन्होने लिखा है, ‘हिंदूओंका यह खेल अरबस्तान जिस रुप में पहले गया, उसके पहले अनिश्चित काल मे हिंदूओंने ही इसका रूपांतर किया था।’

ऐसे माना जाता है कि, ‘चतुरंग’ की रचना रावण की पत्नी मंदोदरीने की है। ऐसा भी माना जाता है की हिंदुस्तान पर आक्रमण करने वाली, सीरिया देश की रानी ‘सेमिरामिस’ ने, इस खेल के सबसे बलशाली प्रधान को (बादमे यह वजीर कहलाया जाने लगा) ‘रानी’ बनाया, तबसे, पाश्चात्य देशो मे प्रधान (वजीर), यह ‘रानी’ (क्वीन) बन गया।

पहले यह खेल चार लोग मिलकर खेलते हैं, इसलिये केवल इसे ‘चतुरंग’ नही कहा जाता है, तो इस खेल मे प्रधान (वजीर या क्वीन), हाथी, घोडे और पैदल सेना रहती हैं, अर्थात ‘चतुरंग सेना’ होती हैं, इसलिये भी इसे चतुरंग कहा जाता था।

सफर ऐसा रहा है शतरंज का सफर:

1. अष्टपद, चतुरंग का काल – पुराण काल से लेकर इसवी सन की पाचवी सदी तक।
2. शतरंज के उत्क्रमण का काल – इसवी सन की पाचवी सदी से पंद्रहवी सदी तक, लगबग 1,000 वर्ष।
3. शतरंज के आधुनिक स्वरूप का काल – इसनी सन की पंद्रहवी सदी से अठारहवी सदी के अंत तक, चार सौ वर्षों का कालखंड।
4. अब तक का काल – युरोपियन शास्त्रीय पद्धती का कालखंड, इसमे ‘चेस’ यह नाम दुनिया मे लोकप्रिय हुआ।

पुणे मे उत्तर पेशवाई मे पेशवा बाजीराव (दुसरा) के राज्य मे, पंडित त्रिवेगंडाचार्य थे। ये मूलतः तिरुपती के थे, लेकिन साधारण तीस वर्षों तक महाराष्ट्र मे ही रहे। उन्होने बाजीराव पेशवा के अनुरोध पर शतरंज की समर्पक जानकारी देने वाली ‘विलासमणी मंजिरी’ यह पुस्तक लिखी। यह पुस्तक संस्कृत मे है। बादमे यही पुस्तक, गणेश रंगो कुलकर्णी हल्देकरने प्रकाशित की। इस पुस्तक को मराठी के प्रख्यात साहित्यकार, साहित्याचार्य न. चिं. केळकर जी की प्रस्तावना है।

इस पुस्तक में पंडित त्रिवेगंडाचार्यजीने शतरंज इस खेल के बारे मे विस्तार से जानकारी और उसका इतिहास दिया हैं। मनुष्य के बुद्धिविकास मे इस खेल का महत्व भी विस्तार से लिखा है।

उन्नीसवी शताब्दी मे मराठी मे पुस्तकें प्रिंट होने लगी, प्रकाशित होने लगी। इसी क्रम मे अनेक पुस्तके शतरंज पर भी लिखी गई। जैसे –

  • बुद्धिबळ खेळणारा चा मित्र – हरिश्चंद्र चंद्रोबा जोशी (वर्ष 1854)
  • बुद्धिबळ क्रीडा – विनायक राजाराम टोपे (वर्ष 1892)
  • बुद्धिबळाचे 1000 डाव – विष्णू सदाशिव राते (वर्ष 1893)

संक्षेप मे कहें तो, आज के युग में बुद्धी के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ समझे जानेवाले शतरंज (चेस) इस खेल का जन्म भारत मे हुआ है, और यह भारत मे ही विकसित हुआ है। बुद्धी को चालना देने के लिए हमारे पुरखोंने इसका अत्यंत कुशलता से उपयोग किया। इसी खेल मे, भारत के डी. गुकेश ने विश्व शतरंज की चैंपियनशिप हासिल कर, अपना श्रेष्ठत्व सिद्ध किया है।

Know the ancient history Chess and Ludo discovered in India oldest stadium of world

Tags: HistoryludoSportsइतिहासखेललूडोशतरंज
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

केजरीवाल ने पहले खुद को बताया नास्तिक, फिर बोला-बचपन से हूं हनुमान भक्त: पाखंडी और फ्रॉड बता BJP ने घेरा

अगली पोस्ट

सभ्यताओं का कब्रगाह अफगानिस्तान: जहाँ अफगानों ने ब्रिटिश सेना के 16500 लोगों को गाजर-मूली की तरह काटा, ज़िंदा बचे इकलौते डॉक्टर ने सुनाई थी कहानी

संबंधित पोस्ट

जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला
इतिहास

जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

16 March 2026

ईरान और अमेरिका / इजरायल के बीच युद्ध जारी हैं। दो सप्ताह से ज्यादा समय हो चुका हैं। एक दूसरे पर जबर्दस्त बमबारी हो रही...

खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?
इतिहास

खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

16 March 2026

“राणा सांगा अपनी वीरता और तलवार के बल पर अत्यधिक शक्तिशाली हो गया है। वास्तव में उसका राज्य चित्तौड़ में था। मांडू के सुल्तानों के...

पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन
क्रिकेट

पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

13 March 2026

सनराइजर्स को द हंड्रेड पुरुष खिलाड़ी नीलामी में पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को चुनने के बाद कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited