TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

RSS शिविर में छुआछूत की समाप्ति देख दंग रह गए थे गाँधी, डॉ. आंबेडकर ने कहा था – संघ में अपनेपन की भावना

पवन खेड़ा पढ़ लें इतिहास

himanshumishra द्वारा himanshumishra
5 February 2025
in चर्चित, राजनीति
'गांधी की हत्या में RSS का कोई हाथ नहीं': सरदार पटेल ने कहा था, पवन खेड़ा पढ़ लें इतिहास

'गांधी की हत्या में RSS का कोई हाथ नहीं': सरदार पटेल ने कहा था, पवन खेड़ा पढ़ लें इतिहास(Image Source: Scroll)

Share on FacebookShare on X

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, जिन्हें झूठ फैलाने और बेतुकी बयानबाजी के लिए जाना जाता है, एक बार फिर सुर्खियों में आने की कोशिश कर रहे हैं। ये वही पवन खेड़ा हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता पर घटिया टिप्पणी कर अपनी सोच का स्तर दिखाया था। लेकिन बड़बोलापन और फेक न्यूज़ तो कांग्रेस के नेताओं की पहचान बन चुका है। जिस पार्टी की सुप्रीमो सोनिया गांधी ही प्रधानमंत्री को “मौत का सौदागर” कहकर जहर उगलती रही हों, और उनके 54 वर्षीय कथित युवाओं के नेता प्रधानमंत्री मोदी को “जहर की खेती” करने वाला बताते आए हों, वहां पवन खेड़ा जैसे नेता के झूठे और निम्न स्तर के बयान गर्व की बात ही माने जाते होंगे। इस बार खेड़ा साहब ने आरएसएस (RSS) पर ट्वीट करते हुए दावा किया है “77 साल पहले आज (4 फ़रवरी 2025) ही के दिन लौह पुरुष सरदार पटेल ने RSS पर प्रतिबंध लगाया था।” लेकिन सच यह है कि पवन खेड़ा का इतिहास ज्ञान और तथ्यों से नाता उतना ही है जितना बतौर प्रधानमंत्री राहुल गांधी का अनुभव।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा (Image Source: PTI)

 

संबंधितपोस्ट

दांडी मार्च और वायसराय लॉर्ड इरविन को लिखा गया गांधी का वो ऐतिहासिक पत्र

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता शिकायत पर केंद्र से मांगा ब्योरा, सुनवाई 19 मार्च को

एआई समिट विरोध के बाद असर: शर्टलेस प्रदर्शनों से देशभर में तनाव पैदा

और लोड करें

पवन खेड़ा पर पलटवार

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा एक बार फिर अपने विवादित और तथ्यहीन बयानों की वजह से चर्चा में हैं। 4 फरवरी 2024 को उन्होंने “द गजट ऑफ इंडिया” के एक पेज की तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, “77 साल पहले आज ही के दिन लौह पुरुष सरदार पटेल ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था।” सरदार वल्लभभाई पटेल का नाम लेकर किया गया यह दावा कांग्रेस की इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने की पुरानी आदत का भी एक और उदाहरण बन गया है।

खेड़ा के इस ट्वीट पर ‘Friend of RSS’ नाम के ट्विटर अकाउंट ने पलटवार करते हुए उन्हें आईना दिखाया। उन्होंने सरदार पटेल द्वारा प्रधानमंत्री नेहरू को लिखी गई चिट्ठी का हवाला देते हुए साफ किया कि 12 जुलाई 1949 को आरएसएस से प्रतिबंध हटा लिया गया था। कारण यह था कि संघ के खिलाफ सरकार कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी थी। जिसकी जानकारी देते हुए उन्होंने लिखा,”12 जुलाई 1949 को आरएसएस से प्रतिबंध हटा दिया गया क्योंकि सरकार के पास कोई भी ठोस सबूत नहीं था। सरदार पटेल ने खुद कांग्रेस को चेताया था कि देशभक्ति से प्रेरित आरएसएस को कुचलने की कोशिश न करें। उन्होंने संघ के कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा था कि वे न केवल हिंदू समाज की सेवा कर रहे हैं, बल्कि महिलाओं और बच्चों की रक्षा में भी अहम योगदान दे रहे हैं।”

On July 12, 1949, the government lifted the ban on RSS, unable to present any compelling evidence against it. Sardar Patel had warned Congress against crushing the patriotic RSS. He praised RSS workers for serving Hindu society & protecting women and children.

Seems like Mr.… https://t.co/m3KsWhJHrx pic.twitter.com/tg3tM4ky23

— Friends of RSS (@friendsofrss) February 5, 2025

यही नहीं इस ट्वीट में आगे कांग्रेस नेता की चुटकी लेते हुए उन्होंने लिखा,”ऐसा लगता है कि श्री पवन खेड़ा तथ्यों से कोसों दूर जिंदगी जीते हैं, जबकि सरदार पटेल ने समझ लिया था कि वे फेक न्यूज़ के शिकार हो गए थे।”

आरएसएस बैन पर सरदार पटेल का असली नजरिया

सरदार वल्लभभाई पटेल भारतीय राजनीति के एक विशाल व्यक्तित्व थे, जिनकी सोच हमेशा राष्ट्रहित और हिंदू परंपराओं से जुड़ी हुई थी। भले ही वह कांग्रेस के सदस्य रहे, लेकिन उनका दृष्टिकोण हमेशा राष्ट्रवाद और हिंदुत्व के पक्ष में था। सरदार पटेल को लेकर एक आम धारणा यह है कि वह आरएसएस के खिलाफ थे, लेकिन सच्चाई इससे कहीं अलग है।

गांधी जी की हत्या से पहले, जनवरी 1948 में पटेल ने कहा था, “आप किसी संगठन को डंडे के बल पर नहीं कुचल सकते। डंडा तो केवल अपराधियों के लिए होता है, संघ तो एक देशभक्त संगठन है। उन्हें अपने देश से प्यार है, बस उनकी सोच की दिशा में थोड़ी भटकाव है।” यह बयान न केवल संघ के प्रति उनके विचारों को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि पटेल संघ के सदस्यों को लेकर सकारात्मक सोच भी रखते थे।

लेकिन 30 जनवरी 1948 को गांधीजी की हत्या के बाद, हालात बदल गए। गांधी और पटेल का रिश्ता केवल एक राजनीतिक रिश्ते से कहीं ज्यादा था ऐसे में गांधी की हत्या ने पटेल को भीतर से हिला दिया। वह गृह मंत्री थे, और गांधीजी की हत्या की जांच में उनका सीधा संबंध था। गांधीजी की हत्या के बाद, आरएसएस पर प्रतिबंध लगा दिया गया, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पटेल को यह महसूस हुआ कि संघ का इसमें कोई सीधा संबंध नहीं था।

इस बीच पटेल ने नेहरू को 27 फरवरी 1948 को लिखी एक चिट्ठी में स्पष्ट किया, “गांधीजी की हत्या में आरएसएस का कोई हाथ नहीं था। यह हिंदू महासभा के एक कट्टरपंथी गुट द्वारा की गई साजिश थी।” हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि संघ और हिंदू महासभा के कुछ सदस्य गांधीजी की विचारधारा के खिलाफ थे और उनकी हत्या का स्वागत किया। राजनीति में संघ की भूमिका नहीं होने की शर्त पर लगभग डेढ़ साल बाद, 12 जुलाई 1949 को यह प्रतिबंध हटा लिया गया।

आज जब पवन खेड़ा जैसे कांग्रेस नेता आरएसएस पर आरोप लगाते हैं और तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करते हैं, तो यह कहना बिल्कुल सही होगा कि उन्होंने इतिहास को सही से नहीं समझा। उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि जिस सरदार पटेल को वे “आयरन मैन” कहते हैं, उन्हीं पटेल ने संघ की देशभक्ति को भी स्वीकार किया था।

 

महात्मा गांधी की हत्या के बाद नेहरू जी को गुरु जी की चिठ्ठी 

आइए इतिहास के उन पन्नों को पलटते हैं, जिन्हें कांग्रेस ने बरसों तक छिपाए रखा। महात्मा गांधी की हत्या के बाद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को बार-बार कटघरे में खड़ा किया गया। ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का दृष्टिकोण’ नामक पुस्तक में लेखक नरेंद्र ठाकुर ने महात्मा गांधी की हत्या के बाद की घटनाओं का जिक्र किया है। इसमें बताया गया है कि गांधी जी की हत्या का दुखद समाचार पाकर तत्कालीन सरसंघचालक गुरुजी (एमएस गोलवलकर) ने तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को चिट्ठी लिखकर इस घटना पर गहरी संवेदनाएं व्यक्त की थीं।

सरसंघचालक गोलवलकर की तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू को चिठ्ठी
सरसंघचालक गोलवलकर की तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू को चिठ्ठी

 

सरसंघचालक गोलवलकर की तत्कालीन गृह मंत्री सरदार पटेल को चिठ्ठी
सरसंघचालक गोलवलकर की तत्कालीन गृह मंत्री सरदार पटेल को चिठ्ठी

गुरुजी ने अपनी चिट्ठी में लिखा, “महात्मा गांधी की हत्या एक निंदनीय कृत्य है, जो एक अविचारी और भ्रष्ट हृदय वाले व्यक्ति का काम है।” अब सवाल उठता है कि जिस संगठन के शीर्ष नेता ने गांधी की हत्या को लेकर इतना कड़ा विरोध दर्ज किया, क्या वह संगठन हत्या की साजिश का हिस्सा हो सकता है?

इतना ही नहीं, ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का दृष्टिकोण’ पुस्तक के अनुसार, महात्मा गांधी ने खुद 1934 में आरएसएस के एक शिविर का दौरा किया था। विभाजन के बाद, जब दिल्ली में सांप्रदायिक दंगे हो रहे थे, गांधी जी हरिजन कॉलोनी में रह रहे थे। जिस मैदान में संघ की शाखाएं लगती थीं, वहीं गांधी जी की प्रार्थना सभा भी होती थी।

16 सितंबर 1947 को गांधी जी ने आरएसएस के स्वयंसेवकों से मिलने की इच्छा व्यक्त की। कर्फ्यू के दौरान, आरएसएस के मंडल स्तर से ऊपर के कार्यकर्ताओं को बुलाया गया। गांधी जी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संघ को “एक सुसंगठित और अनुशासित संस्था” बताया।

यही नहीं इस सम्बोधन में उन्होंने कहा था कि “बरसों पहले मैं वर्धा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(RSS) के एक शिविर में गया था। उस समय इसके संस्थापक श्री हेडगेवार जीवित थे। स्व. श्री जमनालाल बजाज मुझे शिविर में ले गये थे और वहाँ मैं उन लोगों का कड़ा अनुशासन, सादगी और छुआछूत की पूर्ण समाप्ति देखकर अत्यन्त प्रभावित हुआ था। तब से संघ काफी बढ़ गया है। मैं तो हमेशा से यह मानता आया हूँ कि जो भी संस्था सेवा और आत्म-त्याग के आदर्श से प्रेरित है, उसकी ताकत बढ़ती ही है।” ऐसे में यह कहना कि आरएसएस गांधी जी की हत्या का हिस्सा था, तथ्यों को पूरी तरह नजरअंदाज करना है।

आरएसएस और आंबेडकर

 सतारा की शाखा में आए थे आंबेडकर
सतारा की शाखा में आए थे आंबेडकर

भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर ने भी आरएसएस(RSS) के प्रति अपने विचार खुले मन से साझा किए थे। विश्व संवाद केंद्र के अनुसार, 2 जनवरी 1940 को डॉ. आंबेडकर ने महाराष्ट्र के कराड में आरएसएस की एक शाखा का दौरा किया। यह वह समय था जब संघ का नाम अपनी अनुशासित कार्यशैली के लिए जाना जाने लगा था। शाखा के इस दौरे पर डॉ. आंबेडकर ने स्वयंसेवकों से मुलाकात की और उन्हें संबोधित करते हुए कहा, “हालांकि हमारे विचार कुछ मुद्दों पर अलग हो सकते हैं, लेकिन संघ को मैं अपनेपन की भावना से देखता हूं।” यह बयान एक बड़े सामाजिक नेता के संघ के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

 

स्रोत: आंबेडकर, आरएसएस और आंबेडकर, आरएसएस और महात्मा गाँधी, आरएसएस बैन पर सरदार पटेल, सरदार पटेल, कांग्रेस, पवन खेड़ा, सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी, महत्मा गाँधी हत्या, महत्मा गाँधी, गुरु जी, गुरु जी आरएसएस, Ambedkar, RSS and Ambedkar, RSS and Mahatma Gandhi, RSS ban and Sardar Patel, Sardar Patel, Congress, Pawan Khera, Sonia Gandhi, Rahul Gandhi, Mahatma Gandhi assassination, Mahatma Gandhi, Guruji, Guruji RSS
Tags: AmbedkarCongressGurujiGuruji RSSMahatma GandhiMahatma Gandhi assassinationPawan KheraRahul GandhiRSS and AmbedkarRSS and Mahatma GandhiRSS ban and Sardar PatelSardar Patelsonia gandhiआंबेडकरआरएसएस और आंबेडकरआरएसएस और महात्मा गाँधीआरएसएस बैन पर सरदार पटेलकांग्रेसगुरु जीगुरु जी आरएसएसपवन खेड़ामहत्मा गाँधीमहत्मा गाँधी हत्याराहुल गाँधीसरदार पटेलसोनिया गाँधी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘वोटर्स को डराया जा रहा है’: मिल्कीपुर उपचुनाव को लेकर अखिलेश यादव ने फैलाया झूठ, पुलिस ने बताई सच्चाई

अगली पोस्ट

हर साल 500 दिव्यांग लड़कियों का विवाह कराएगा अडानी परिवार, बेटे-बहू दान करेंगे ₹10-₹10 लाख: ‘मंगल सेवा’ का लिया संकल्प

संबंधित पोस्ट

देशभर में ईंधन का पर्याप्त भंडार; LPG आपूर्ति को प्राथमिकता: केंद्र सरकार
चर्चित

देशभर में ईंधन का पर्याप्त भंडार; LPG आपूर्ति को प्राथमिकता: केंद्र सरकार

25 March 2026

मिडिल ईस्ट में हो रहे युद्ध के कारण देश भर में चल रहे गैस के समस्या को लेकर सरकार द्वारा बड़ी राहत की बात सामने...

RCB का मालिकाना बदला: 1.78 अरब डॉलर की डील के बाद आर्यमान बिड़ला बने चेयरमैन
क्रिकेट

RCB का मालिकाना बदला: 1.78 अरब डॉलर की डील के बाद आर्यमान बिड़ला बने चेयरमैन

25 March 2026

भारतीय और वैश्विक व्यापारिक संस्थाओं से बने एक कंसोर्टियम ने 1.78 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 16,660 करोड़ रुपये) के ऑल-कैश ब्लॉकबस्टर सौदे में रॉयल चैलेंजर्स...

IRGC का असली खेल: अर्थव्यवस्था से युद्ध तक, क्यों नहीं झुकता ईरान
चर्चित

IRGC का असली खेल: अर्थव्यवस्था से युद्ध तक, क्यों नहीं झुकता ईरान

25 March 2026

जैसे-जैसे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है, एक संस्था लगातार वैश्विक मंच पर ईरान की स्थिति को परिभाषित करती है, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited