TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

सांप्रदायिक दंगे: अचानक भड़की आग या लंबे समय तक सुलगाई गई चिंगारी?

दिल्ली में, हरियाणा के इलाकों में, राजस्थान में, होली पर झारखण्ड और बंगाल में, हर जगह डेमोग्राफी बदलने का नतीजा दिख रहा है

Anand Kumar द्वारा Anand Kumar
21 March 2025
in मत
सांप्रदायिक दंगे: अचानक भड़की आग या लंबे समय तक सुलगाई गई चिंगारी?
Share on FacebookShare on X

आपको बताया जाता है कि किसी शहर-कस्बे में किसी इलाके में एक आकस्मिक दुर्घटना यानी दंगे हो गए। असलियत अब आपको भी अच्छी तरह पता है कि ये महीनों और कई बार तो वर्षों से किये योजनाबद्ध प्रयासों का नतीजा होता है। दिल्ली दंगों के बाद छतों पर मिले बोतल बम और बड़े पत्थर बरसाने लायक गुलेलें या कहिये शतघ्नियाँ को देखकर कुछ मासूम चौंके होंगे लेकिन कुछ इलाकों में छतों पर पत्थर इकठ्ठा किये जाते हैं। वर्षों के प्रयास से गलियाँ इतनी संकरी बनाई जाती हैं कि गाड़ियाँ घुस न सकें, पुलिस प्रशासन के लोग पैदल घुसें भी तो ऊपर से खटिया-कुर्सियाँ आदि गिराकर आसानी से अवरोध पैदा किये जा सकें।

हर शहर-कस्बे के थानों में जो मुहर्रम इत्यादि के समय अमन समिति की बैठकें होती हैं, उसमें कौन लोग होते हैं, ये जरा भी सामाजिक व्यक्ति को पता है। बांग्लादेशी घुसपैठियों को बसाने वाले, किराये पर मकान मुहैया करवाने वाले, नौकरी-काम मिलने में मदद करने वाले यही लोग नहीं होते क्या? सरकारी और कई बार तो निजी संपत्ति पर अवैध क़ब्ज़ा कर के इमारतों से झुग्गी तक बसा देने वाले यही लोग तो घुसपैठियों के मसीहा होते हैं। जब वही अमन कमिटी में मौजूद है, स्थानीय पुलिस को सद्भावना सप्ताह में गुलदस्ता और पुरस्कार देते हुए फ़ोटो खिंचवा के स्थानीय मीडिया में प्रकाशित कराता है, पुलिसकर्मी से करीबी के जरिये अपने गुर्गों को छुड़ा सकता है, तो उसकी मिलीभगत वाला दंगा अचानक कैसे हुआ?

संबंधितपोस्ट

बरेली का बवाल: नाबालिगों की ढाल, कट्टरपंथ की चाल

उमर खालिद-शरजील केस से फिर बेनकाब हुआ ‘रेड-लिबरल इकोसिस्टम’

66% मुस्लिम आबादी वाला मुर्शिदाबाद, जहां TMC के 3 सांसद और 20 विधायक…वहां घर छोड़ भागने को मजबूर हिंदू, जानिए क्या बोले पीड़ित

और लोड करें

वर्षों की सुनियोजित योजना थी हर दंगा। ये बिलकुल लाइफस्टाइल डिजीज जैसा ही मामला है। ह्रदय रोग एक दिन में नहीं हो जाता, वर्षों के खान-पान, पर्याप्त शारीरिक श्रम न करना, तला-भुना भोजन, नींद आदि मिलकर वर्षों में शारीरिक स्थिति को इतना बिगड़ते हैं कि रक्तचाप, मधुमेह (डायबीटीज) जैसे रोग होने लगें। ये एक दिन अचानक नहीं हुआ होता। ऐसे समझ में न आये, हजम करने में दिक्कत हो रही हो तो एक बार मशहूर फिल्म ‘1947 अर्थ’ का अंतिम दृश्य याद कर लीजिये। आमिर खान जो किरदार निभा रहा होता है, उसने वर्षों में पारसी परिवार में जान-पहचान बनाई थी। बच्ची को वो वर्षों आइसक्रीम देता रहा था इसलिए बच्ची को उसपर भरोसा था। बच्ची को लगता है कि ये आइसक्रीम वाला भला आदमी उस हिन्दू स्त्री का कोई नुकसान नहीं करेगा, जिसे पारसी परिवार ने घर में छुपा रखा है। बच्ची बता देती है कि हिन्दू स्त्री घर में छुपी ही, आइसक्रीम वाले के ईशारे पर भीड़ घुसती है और उस स्त्री को उठा ले जाती है। वर्षों की तैयारी का नतीजा था जिसकी वजह से आइसक्रीम वाला बच्ची से पता उगलवा सकता था।

एक दिन में नहीं हुआ, अचानक हुआ मान रहे हैं तो अख़बारों और मीडिया के सेक्युलर ठगों की तरह स्वयं को और दूसरों को बहला भर रहे हैं। जिन जगहों पर दंगे होते हैं, वहाँ की डेमोग्राफी बदलना एक दिन का काम तो रहा नहीं होगा? रियल एस्टेट और जमीन के दामों के बारे में मामूली जानकारी रखने वाले लोग भी ये जानते हैं कि जिस गली में एक भी समुदाय विशेस का परिवार आ बसा, वहाँ प्रॉपर्टी के रेट ठहर जायेंगे। दो तीन ऐसे परिवार गली में आये तो कीमतें गिरनी शुरू हो जाएँगी। पहले एक परिवार आकर बसा, फिर दो, धीरे-धीरे करीब दो दशक में आबादी तीस प्रतिशत तक पहुंची और दंगे शुरू हुए हैं। जहाँ भी दंगों का इतिहास नहीं, ऐसी किसी भी जगह पर पिछले बीस वर्षों में ही आबादी बदली है, ये एक घोषित तथ्य है जिसे स्वीकारने में दिक्कत हो रही है।

उत्तराखंड के कई इलाकों में लोगों को ये दिख रहा है। हरिद्वार आदि में नजर आ रहा है। केदारनाथ से लेकर वैष्णो देवी के हिन्दू तीर्थों तक में आप देख सकते हैं कि जैसे ही रोप-वे बनवाने जैसा कोई विकास का कार्य शुरू होगा, अचानक एक भीड़ विरोध में उतर आएगी। इनके पास पुराने वामपंथी बहाने हैं जो गलत सिद्ध हो चुके हैं। वो कहेंगे रोप-वे से टट्टू वालों की नौकरी जाएगी और भीड़ विरोध में उतर आएगी। कहाँ से आई है ये भीड़, एक दिन में तो नहीं आई होगी इन हिन्दू तीर्थों पर? इस तरह की जो हिंसा होती है, दंगे होते हैं, उन्हें अक्सर सेक्युलर मीडिया ‘सांप्रदायिक हिंसा’ घोषित करती है। ये भी सच को छुपाने का ही एक तरीका है। मीडिया में वर्षों काम कर चुके किसी संपादक को शब्दों का सही अर्थ और प्रयोग पता नहीं हो, ऐसा संभव नहीं।

वो न्यूज़ एंकर को रिपोर्टर या रिपोर्टर को एडिटर तो नहीं कहते न? अब जरा संप्रदाय या कम्युनिटी जैसे शब्दों के बारे में सोचिये। हिन्दुओं में ही कोई कबीरपंथी हो, कोई शैव, वैष्णव या शाक्त हो, तब तो उन्हें अलग अलग संप्रदाय कहेंगे। उनके बीच लड़ाई हुई हो तो एक ही धर्म के दो सम्प्रदायों में हुई इसलिए सांप्रदायिक हिंसा हुई। कैथोलिक एक कम्युनिटी थी और प्रोटेस्टेंट दूसरी, एक ही रिलिजन की दो कम्युनिटीज में हुआ तब कम्युनल क्लैश कहलायेगा। जब दो अलग अलग धर्म-मझहब के लोगों में था तो कम्युनल कहाँ हुआ, रिलीजियस हुआ न? साम्प्रदायिक हिंसा या दंगे थे ही नही, वो मजहबी दंगे थे। आपको मजहब का नाम सुनाई ही न दे, आपकी आँख-कान पर पर्दा पड़ा रहे इसके लिए वर्षों से मजहबी दंगों को, साम्प्रदायिक दंगे बताया जा रहा है।

दशकों से जो चल रहा है उसको एक दिन अचानक हुई घटना कैसे मान लें? समाजशास्त्र में पढ़ाते हैं कि कोई समाज समाप्त हो रहा है, कोई समुदाय ख़त्म होने की ओर बढ़ रहा है, इसे पहचानने का एक बहुत सरल तरीका है। अगर उस समुदाय के पास, उस धार्मिक गुट के पास अपने समुदाय के इकठ्ठा होने के लिए सामुदायिक जगहें नहीं हैं, कोई सामुदायिक भवन नहीं है तो समझिये वो समुदाय समाप्ति की ओर अग्रसर है। अगर किसी के पास रविवार के मास में चर्च में, या जुम्मे की नमाज में मस्जिद में इकठ्ठा होने की जगह है तो उसे ठीक-ठाक स्वास्थ्य वाला समुदाय माना जा सकता है। इकठ्ठा होने का दिन निश्चित है, उस दिन छुट्टी या तो पहले ही है या देने के लिए सरकार-निजी संस्थाओं पर दबाव बनाया जाता है। मास या नमाज के नाम पर इकठ्ठा होने के लिए चर्च-मस्जिद जैसी जगह भी है। आपके पास ऐसे दिन, जगह हैं या नहीं, इसपर विचार कीजिये। दिल्ली में, हरियाणा के इलाकों में, राजस्थान में, होली पर झारखण्ड और बंगाल में, हर जगह डेमोग्राफी बदलने का नतीजा तो देख ही लिया है। वर्षों में होने वाले लाइफस्टाइल डिजीज से निपटने के लिए लाइफस्टाइल बदलना एकमात्र उपाय है, ये भी पता ही होगा?

स्रोत: दंगे, सांप्रदायिक हिंसा, दिल्ली दंगे, मजहबी कट्टरता, Riots, communal violence, Delhi riots, religious fanaticism,
Tags: communal violenceDelhi Riotsreligious fanaticismriotsदंगेदिल्ली दंगेमजहबी कट्टरतासांप्रदायिक हिंसा
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

वनवासी वनटांगिया: हाशिए पर रहा वो समुदाय जिसे आजादी के दशकों बाद तक नहीं था वोट का अधिकार, सीएम योगी ने बदल दी जिंदगी

अगली पोस्ट

पाकिस्तान में ट्रेन हाइजैक करने वालों के शव हुए चोरी, कड़ी सिक्योरिटी के बीच बलूच लड़ाकों ने दिया घटना को अंजाम

संबंधित पोस्ट

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited