TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

सांप्रदायिक दंगे: अचानक भड़की आग या लंबे समय तक सुलगाई गई चिंगारी?

दिल्ली में, हरियाणा के इलाकों में, राजस्थान में, होली पर झारखण्ड और बंगाल में, हर जगह डेमोग्राफी बदलने का नतीजा दिख रहा है

Anand Kumar द्वारा Anand Kumar
21 March 2025
in मत
सांप्रदायिक दंगे: अचानक भड़की आग या लंबे समय तक सुलगाई गई चिंगारी?
Share on FacebookShare on X

आपको बताया जाता है कि किसी शहर-कस्बे में किसी इलाके में एक आकस्मिक दुर्घटना यानी दंगे हो गए। असलियत अब आपको भी अच्छी तरह पता है कि ये महीनों और कई बार तो वर्षों से किये योजनाबद्ध प्रयासों का नतीजा होता है। दिल्ली दंगों के बाद छतों पर मिले बोतल बम और बड़े पत्थर बरसाने लायक गुलेलें या कहिये शतघ्नियाँ को देखकर कुछ मासूम चौंके होंगे लेकिन कुछ इलाकों में छतों पर पत्थर इकठ्ठा किये जाते हैं। वर्षों के प्रयास से गलियाँ इतनी संकरी बनाई जाती हैं कि गाड़ियाँ घुस न सकें, पुलिस प्रशासन के लोग पैदल घुसें भी तो ऊपर से खटिया-कुर्सियाँ आदि गिराकर आसानी से अवरोध पैदा किये जा सकें।

हर शहर-कस्बे के थानों में जो मुहर्रम इत्यादि के समय अमन समिति की बैठकें होती हैं, उसमें कौन लोग होते हैं, ये जरा भी सामाजिक व्यक्ति को पता है। बांग्लादेशी घुसपैठियों को बसाने वाले, किराये पर मकान मुहैया करवाने वाले, नौकरी-काम मिलने में मदद करने वाले यही लोग नहीं होते क्या? सरकारी और कई बार तो निजी संपत्ति पर अवैध क़ब्ज़ा कर के इमारतों से झुग्गी तक बसा देने वाले यही लोग तो घुसपैठियों के मसीहा होते हैं। जब वही अमन कमिटी में मौजूद है, स्थानीय पुलिस को सद्भावना सप्ताह में गुलदस्ता और पुरस्कार देते हुए फ़ोटो खिंचवा के स्थानीय मीडिया में प्रकाशित कराता है, पुलिसकर्मी से करीबी के जरिये अपने गुर्गों को छुड़ा सकता है, तो उसकी मिलीभगत वाला दंगा अचानक कैसे हुआ?

संबंधितपोस्ट

बरेली का बवाल: नाबालिगों की ढाल, कट्टरपंथ की चाल

उमर खालिद-शरजील केस से फिर बेनकाब हुआ ‘रेड-लिबरल इकोसिस्टम’

66% मुस्लिम आबादी वाला मुर्शिदाबाद, जहां TMC के 3 सांसद और 20 विधायक…वहां घर छोड़ भागने को मजबूर हिंदू, जानिए क्या बोले पीड़ित

और लोड करें

वर्षों की सुनियोजित योजना थी हर दंगा। ये बिलकुल लाइफस्टाइल डिजीज जैसा ही मामला है। ह्रदय रोग एक दिन में नहीं हो जाता, वर्षों के खान-पान, पर्याप्त शारीरिक श्रम न करना, तला-भुना भोजन, नींद आदि मिलकर वर्षों में शारीरिक स्थिति को इतना बिगड़ते हैं कि रक्तचाप, मधुमेह (डायबीटीज) जैसे रोग होने लगें। ये एक दिन अचानक नहीं हुआ होता। ऐसे समझ में न आये, हजम करने में दिक्कत हो रही हो तो एक बार मशहूर फिल्म ‘1947 अर्थ’ का अंतिम दृश्य याद कर लीजिये। आमिर खान जो किरदार निभा रहा होता है, उसने वर्षों में पारसी परिवार में जान-पहचान बनाई थी। बच्ची को वो वर्षों आइसक्रीम देता रहा था इसलिए बच्ची को उसपर भरोसा था। बच्ची को लगता है कि ये आइसक्रीम वाला भला आदमी उस हिन्दू स्त्री का कोई नुकसान नहीं करेगा, जिसे पारसी परिवार ने घर में छुपा रखा है। बच्ची बता देती है कि हिन्दू स्त्री घर में छुपी ही, आइसक्रीम वाले के ईशारे पर भीड़ घुसती है और उस स्त्री को उठा ले जाती है। वर्षों की तैयारी का नतीजा था जिसकी वजह से आइसक्रीम वाला बच्ची से पता उगलवा सकता था।

एक दिन में नहीं हुआ, अचानक हुआ मान रहे हैं तो अख़बारों और मीडिया के सेक्युलर ठगों की तरह स्वयं को और दूसरों को बहला भर रहे हैं। जिन जगहों पर दंगे होते हैं, वहाँ की डेमोग्राफी बदलना एक दिन का काम तो रहा नहीं होगा? रियल एस्टेट और जमीन के दामों के बारे में मामूली जानकारी रखने वाले लोग भी ये जानते हैं कि जिस गली में एक भी समुदाय विशेस का परिवार आ बसा, वहाँ प्रॉपर्टी के रेट ठहर जायेंगे। दो तीन ऐसे परिवार गली में आये तो कीमतें गिरनी शुरू हो जाएँगी। पहले एक परिवार आकर बसा, फिर दो, धीरे-धीरे करीब दो दशक में आबादी तीस प्रतिशत तक पहुंची और दंगे शुरू हुए हैं। जहाँ भी दंगों का इतिहास नहीं, ऐसी किसी भी जगह पर पिछले बीस वर्षों में ही आबादी बदली है, ये एक घोषित तथ्य है जिसे स्वीकारने में दिक्कत हो रही है।

उत्तराखंड के कई इलाकों में लोगों को ये दिख रहा है। हरिद्वार आदि में नजर आ रहा है। केदारनाथ से लेकर वैष्णो देवी के हिन्दू तीर्थों तक में आप देख सकते हैं कि जैसे ही रोप-वे बनवाने जैसा कोई विकास का कार्य शुरू होगा, अचानक एक भीड़ विरोध में उतर आएगी। इनके पास पुराने वामपंथी बहाने हैं जो गलत सिद्ध हो चुके हैं। वो कहेंगे रोप-वे से टट्टू वालों की नौकरी जाएगी और भीड़ विरोध में उतर आएगी। कहाँ से आई है ये भीड़, एक दिन में तो नहीं आई होगी इन हिन्दू तीर्थों पर? इस तरह की जो हिंसा होती है, दंगे होते हैं, उन्हें अक्सर सेक्युलर मीडिया ‘सांप्रदायिक हिंसा’ घोषित करती है। ये भी सच को छुपाने का ही एक तरीका है। मीडिया में वर्षों काम कर चुके किसी संपादक को शब्दों का सही अर्थ और प्रयोग पता नहीं हो, ऐसा संभव नहीं।

वो न्यूज़ एंकर को रिपोर्टर या रिपोर्टर को एडिटर तो नहीं कहते न? अब जरा संप्रदाय या कम्युनिटी जैसे शब्दों के बारे में सोचिये। हिन्दुओं में ही कोई कबीरपंथी हो, कोई शैव, वैष्णव या शाक्त हो, तब तो उन्हें अलग अलग संप्रदाय कहेंगे। उनके बीच लड़ाई हुई हो तो एक ही धर्म के दो सम्प्रदायों में हुई इसलिए सांप्रदायिक हिंसा हुई। कैथोलिक एक कम्युनिटी थी और प्रोटेस्टेंट दूसरी, एक ही रिलिजन की दो कम्युनिटीज में हुआ तब कम्युनल क्लैश कहलायेगा। जब दो अलग अलग धर्म-मझहब के लोगों में था तो कम्युनल कहाँ हुआ, रिलीजियस हुआ न? साम्प्रदायिक हिंसा या दंगे थे ही नही, वो मजहबी दंगे थे। आपको मजहब का नाम सुनाई ही न दे, आपकी आँख-कान पर पर्दा पड़ा रहे इसके लिए वर्षों से मजहबी दंगों को, साम्प्रदायिक दंगे बताया जा रहा है।

दशकों से जो चल रहा है उसको एक दिन अचानक हुई घटना कैसे मान लें? समाजशास्त्र में पढ़ाते हैं कि कोई समाज समाप्त हो रहा है, कोई समुदाय ख़त्म होने की ओर बढ़ रहा है, इसे पहचानने का एक बहुत सरल तरीका है। अगर उस समुदाय के पास, उस धार्मिक गुट के पास अपने समुदाय के इकठ्ठा होने के लिए सामुदायिक जगहें नहीं हैं, कोई सामुदायिक भवन नहीं है तो समझिये वो समुदाय समाप्ति की ओर अग्रसर है। अगर किसी के पास रविवार के मास में चर्च में, या जुम्मे की नमाज में मस्जिद में इकठ्ठा होने की जगह है तो उसे ठीक-ठाक स्वास्थ्य वाला समुदाय माना जा सकता है। इकठ्ठा होने का दिन निश्चित है, उस दिन छुट्टी या तो पहले ही है या देने के लिए सरकार-निजी संस्थाओं पर दबाव बनाया जाता है। मास या नमाज के नाम पर इकठ्ठा होने के लिए चर्च-मस्जिद जैसी जगह भी है। आपके पास ऐसे दिन, जगह हैं या नहीं, इसपर विचार कीजिये। दिल्ली में, हरियाणा के इलाकों में, राजस्थान में, होली पर झारखण्ड और बंगाल में, हर जगह डेमोग्राफी बदलने का नतीजा तो देख ही लिया है। वर्षों में होने वाले लाइफस्टाइल डिजीज से निपटने के लिए लाइफस्टाइल बदलना एकमात्र उपाय है, ये भी पता ही होगा?

स्रोत: दंगे, सांप्रदायिक हिंसा, दिल्ली दंगे, मजहबी कट्टरता, Riots, communal violence, Delhi riots, religious fanaticism,
Tags: communal violenceDelhi Riotsreligious fanaticismriotsदंगेदिल्ली दंगेमजहबी कट्टरतासांप्रदायिक हिंसा
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

वनवासी वनटांगिया: हाशिए पर रहा वो समुदाय जिसे आजादी के दशकों बाद तक नहीं था वोट का अधिकार, सीएम योगी ने बदल दी जिंदगी

अगली पोस्ट

पाकिस्तान में ट्रेन हाइजैक करने वालों के शव हुए चोरी, कड़ी सिक्योरिटी के बीच बलूच लड़ाकों ने दिया घटना को अंजाम

संबंधित पोस्ट

‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व
भारत

‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

22 February 2026

भारत के राष्ट्रीय जीवन में कुछ तिथियाँ केवल कैलेंडर की सामान्य तिथियाँ नहीं है, बल्कि वे राष्ट्र की चेतना, उसके संकल्प और उसके ऐतिहासिक दायित्व...

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited