बरेली का बवाल: नाबालिगों की ढाल, कट्टरपंथ की चाल
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Kirtna

    धारा प्रवाह हिंदी, चंद्र बाबू नायडू की चुनाव कंसल्टेंट: कौन हैं थलपति विजय के मंत्रिमंडल की सबसे युवा मंत्री कीर्तना ?

    शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट से भाजपा ने बंगाल में सामाजिक

    शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट से भाजपा ने बंगाल में सामाजिक और राजनीतिक विस्तार का दिया बड़ा संदेश

    पीएम मोदी ने 98 वर्षीय माखनलाल सरकार के चरण छुए

    पीएम मोदी ने 98 वर्षीय माखनलाल सरकार के चरण छुए, भावुक हुआ पूरा राजनीतिक मंच

    पीएम मोदी ने मंच पर सिर झुकाकर बंगाल की जनता का किया सम्मान

    पीएम मोदी ने अनोखे अंदाज में बंगाल की जनता को किया नमन, शुभेंदु अधिकारी का शपथ ग्रहण बना यादगार

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    Narad jayanti

    लोक-कल्याण संचारक और संदेशवाहक देवर्षि नारद एवं वर्तमान पत्रकारिता की स्थिति

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Kirtna

    धारा प्रवाह हिंदी, चंद्र बाबू नायडू की चुनाव कंसल्टेंट: कौन हैं थलपति विजय के मंत्रिमंडल की सबसे युवा मंत्री कीर्तना ?

    शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट से भाजपा ने बंगाल में सामाजिक

    शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट से भाजपा ने बंगाल में सामाजिक और राजनीतिक विस्तार का दिया बड़ा संदेश

    पीएम मोदी ने 98 वर्षीय माखनलाल सरकार के चरण छुए

    पीएम मोदी ने 98 वर्षीय माखनलाल सरकार के चरण छुए, भावुक हुआ पूरा राजनीतिक मंच

    पीएम मोदी ने मंच पर सिर झुकाकर बंगाल की जनता का किया सम्मान

    पीएम मोदी ने अनोखे अंदाज में बंगाल की जनता को किया नमन, शुभेंदु अधिकारी का शपथ ग्रहण बना यादगार

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    Narad jayanti

    लोक-कल्याण संचारक और संदेशवाहक देवर्षि नारद एवं वर्तमान पत्रकारिता की स्थिति

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बरेली का बवाल: नाबालिगों की ढाल, कट्टरपंथ की चाल

जिन हाथों में किताबें और कलम होनी चाहिए, जिन पैरों से खेल के मैदान की दौड़ लगनी चाहिए, उन मासूमों को ढाल बनाकर कानून-व्यवस्था पर हमला किया गया। यह कहीं से भी उचित नहीं है।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
27 September 2025
in क्राइम, चर्चित, धर्म, फैक्ट चेक, भारत, राजनीति
बरेली का बवाल: नाबालिगों की ढाल, कट्टरपंथ की चाल

यह केवल बरेली की समस्या नहीं है, पूरे राष्ट्र की परीक्षा है।

Share on FacebookShare on X

उत्तर प्रदेश के बरेली में पिछले शुक्रवार को जो कुछ हुआ, वह महज़ एक स्थानीय दंगा नहीं था। यह भारतीय समाज और लोकतंत्र के सामने खड़ी एक गंभीर चुनौती का चेहरा है। इस बवाल में जो सबसे खतरनाक बात सामने आई, वह थी-नाबालिग बच्चों को आगे कर पुलिस पर पत्थरबाज़ी कराना। सोचिए, जिन हाथों में किताबें और कलम होनी चाहिए, जिन पैरों से खेल के मैदान की दौड़ लगनी चाहिए, उन मासूमों को ढाल बनाकर कानून-व्यवस्था पर हमला किया गया। यह न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक धारा पर सीधा प्रहार है।

हिंसा का खाका: मस्जिद से मैदान तक

घटना की शुरुआत नौमहला मस्जिद से हुई। आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा ने पहले ही 19 सितंबर को घोषणा कर दी थी कि शुक्रवार को वे इस्लामिया इंटर कॉलेज मैदान में विरोध-प्रदर्शन करेंगे। प्रशासन ने इस कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी थी और आधी रात को पत्र जारी कर इसे स्थगित बताया। लेकिन शुक्रवार की सुबह मौलाना का वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने इस पत्र को फर्जी बताया और प्रदर्शन तय समय पर होने की बात कही। उनका यही वीडियो आग में घी डालने का काम कर गया।

संबंधितपोस्ट

ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर भारत का ऐलान, आतंक के हर हमले का मिलेगा करारा जवाब

पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

और लोड करें

दोपहर के समय, जब मस्जिदों से लोग नमाज पढ़कर निकल रहे थे, तभी नारे लगने शुरू हो गए। पुलिस-प्रशासन भी मौके पर मौजूद था, अफसर लोगों से घर जाने की अपील कर रहे थे। कुछ लोग लौट भी गए, लेकिन भीड़ का एक बड़ा हिस्सा वहीं पर अड़ा रहा। किशोर और नाबालिग लड़के आगे कर दिए गए, जिनके हाथों में पत्थर और तख्तियां थीं। उन तख्तियों पर लिखा था—“आई लव मोहम्मद।” यह केवल धार्मिक भावनाओं की अभिव्यक्ति नहीं थी, बल्कि पुलिस और प्रशासन को चुनौती देने का एक तरीका था।

भीड़ ने पहले डीआईजी अजय साहनी और एसपी सिटी मानुष पारीक के सामने हूटिंग की। इसके बाद अचानक पथराव शुरू हो गया। हालांकि, पुलिस ने संयम दिखाया, लेकिन जब हालात बिगड़ने लगे, तब लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसी दौरान खलील स्कूल तिराहे के पास दुकानों और वाहनों पर हमला किया गया। डॉक्टर जीके सक्सेना का क्लिनिक तोड़ा गया, मोटरसाइकिलें तोड़ी गईं, बाजार में शीशे बिखर गए।

नावल्टी तिराहे पर जब पुलिस ने भीड़ को रोकने की कोशिश की, तब और उग्र पथराव होने लगा। इस बार निशाना सीधे पुलिस अफसर बने। यहां तक कि एसपी सिटी पर भी जानलेवा हमला किया गया। पुलिस और अफसरों को सुरक्षा घेरे में लेकर पीछे हटाना पड़ा। हालात नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस ने ताबड़तोड़ लाठीचार्ज किया। शाम तक शहर के कई इलाकों—बिहारीपुर, श्यामगंज, कुतुबखाना, आलमगिरीगंज, कोहाड़ापौर—में उपद्रव जारी रहा। कुल 22 पुलिसकर्मी घायल हुए और 30 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया।

नाबालिगों को ढाल बनाने की खतरनाक प्रवृत्ति

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे खतरनाक पहलू यही था कि नाबालिगों को ढाल बनाया गया। बच्चों को आगे कर पुलिस पर पत्थर फेंकवाना, यह केवल रणनीति नहीं, बल्कि मानसिकता का प्रदर्शन है। यह मानसिकता बताती है कि भीड़ के नेताओं को अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए मासूमों के जीवन की भी परवाह नहीं है। जब बच्चे कानून-व्यवस्था से टकराएंगे तो पुलिस उन्हें चोट नहीं पहुंचाना चाहेगी और इसी मानवीय कमजोरी का फायदा उठाकर ये भीड़बाज नेता अपने मंसूबे पूरे करना चाहते हैं।

सोचिए, अगर इन्हीं बच्चों को यह सिखाया जाएगा कि पुलिस और सरकार दुश्मन हैं, तो वे बड़े होकर क्या बनेंगे? क्या वे अच्छे नागरिक बन पाएंगे? क्या वे राष्ट्र की मुख्यधारा में शामिल हो पाएंगे? यह वह ज़हरीला बीज है, जिसे अभी रोका नहीं गया तो कल यह देश की सुरक्षा और एकता के लिए सबसे बड़ा ख़तरा बन सकता है।

तौकीर रज़ा की राजनीति: धर्म की आड़, सत्ता की चाह

मौलाना तौकीर रज़ा का नाम पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कोई नया नहीं है। वे अक्सर अपने विवादित बयानों और कट्टरपंथी रुख के कारण सुर्खियों में रहते हैं। उनकी राजनीति हमेशा से मजहबी उकसावे और भीड़ जुटाने की रणनीति पर आधारित रही है। 2010 में वे कांग्रेस के साथ खड़े हुए, 2014 में समाजवादी पार्टी से जुड़े, फिर कभी बसपा के करीब गए-लेकिन हर जगह उनकी पहचान वहीं रही, भीड़ जुटाने और सड़कों पर प्रदर्शन कराने वाले मौलाना की।

इस बार भी वही हुआ। उन्होंने भीड़ को बुलाया, खुद गायब हो गए, और जब बवाल हो गया तो सारा दोष प्रशासन और पुलिस पर डालने की कोशिश की। यही उनकी राजनीति की असलियत है। मजहब के नाम पर समाज को बांटना और सत्ता के लिए भीड़ को हथियार बनाना। सवाल यह है कि आखिर कब तक ऐसे नेताओं को बख्शा जाएगा?

यूपी ही नहीं, पूरे देश का पैटर्न

बरेली की यह घटना अलग-थलग नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में यूपी ही नहीं, देश के कई हिस्सों में इसी तरह के दंगे और हिंसा देखी गई है। 2022 में प्रयागराज में जुमे की नमाज के बाद पत्थरबाज़ी, 2021 में कानपुर में हिंसा, सहारनपुर और अलीगढ़ में भीड़ का उग्र होना—हर जगह पैटर्न एक जैसा है। मस्जिद से भीड़ निकलती है, नेता उकसाने वाला बयान देते हैं और अचानक पुलिस पर हमला हो जाता है।

हर बार बच्चे और किशोर आगे कर दिए जाते हैं। हर बार दुकानों और वाहनों को निशाना बनाया जाता है। इस कारण हर बार पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ता है। सवाल यह है कि क्या यह महज़ इत्तेफाक है या फिर संगठित रणनीति?

प्रशासन की चुनौती और विफलता

बरेली हिंसा ने प्रशासन की तैयारी पर भी सवाल उठाए हैं। जब कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था, तो सुबह मौलाना के वीडियो बयान पर तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की गई? जब यह साफ था कि लोग मस्जिदों से निकलकर इस्लामिया मैदान की ओर जाएंगे, तो पहले से कड़ी नाकाबंदी क्यों नहीं की गई? क्यों भीड़ को इकट्ठा होने का मौका दिया गया?

सच्चाई यह है कि प्रशासन अक्सर “धार्मिक भावनाओं” के डर से ढीला रुख अपनाता है। यही ढील कट्टरपंथियों के हौसले बुलंद करती है। जब उन्हें पता है कि वे चाहे जितनी भीड़ जुटा लें, पुलिस पहले समझाएगी और आखिर में ही बल प्रयोग करेगी, तो वे हर बार नई चाल चलते हैं।

भारत के लिए बड़ी चुनौती

यह सिर्फ बरेली या यूपी की समस्या नहीं है। यह भारत की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक एकता के लिए गंभीर खतरा है। एक ओर भारत विश्व मंच पर खुद को आधुनिक, शक्तिशाली और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में स्थापित कर रहा है। दूसरी ओर भीतर से कुछ ताक़तें समाज को धर्म के आधार पर तोड़ने में लगी हैं।

नाबालिगों को पत्थरबाज़ी में झोंकना केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती नहीं है। यह राष्ट्र की आत्मा पर हमला है। यह उस भारत पर हमला है, जिसने गीता और वेदांत से लेकर गांधी और विवेकानंद तक हमेशा शांति, अहिंसा और शिक्षा का संदेश दिया। अगर बच्चों को कट्टरता की पाठशाला में झोंक दिया जाएगा, तो भारत की आने वाली पीढ़ी अंधकार में धकेल दी जाएगी।

निर्णायक कार्रवाई की जरूरत

इस स्थिति से निपटने के लिए केवल लाठीचार्ज और गिरफ्तारी काफी नहीं है। ज़रूरत है निर्णायक कार्रवाई की। तौकीर रज़ा जैसे नेताओं पर सख्त से सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाना चाहिए। उनके संगठन की गतिविधियों पर निगरानी होनी चाहिए। जिन इलाकों से बार-बार ऐसी भीड़ निकलती है, वहां खुफिया तंत्र को मज़बूत करना होगा।

इसके साथ ही नाबालिगों को इस जाल से बचाना भी उतना ही जरूरी है। शिक्षा, खेल और कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जाना चाहिए। लेकिन जहां भीड़ जुटाकर पुलिस पर हमला करने जैसी हरकत होगी, वहां समझाने का समय नहीं होना चाहिए—बल्कि सीधी कार्रवाई होनी चाहिए।

भारत को यह संदेश साफ देना होगा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन हिंसा और अराजकता का नहीं। इन सबके बीच जो लोग बच्चों को ढाल बनाकर हिंसा करेंगे, वे न तो धर्म के ठेकेदार हैं, न समाज के नेता-वे अपराधी हैं और उनके साथ अपराधियों जैसा ही व्यवहार किया जाएगा।

बरेली का बवाल हमें चेतावनी दे रहा है। यह चेतावनी है कि कट्टरपंथी ताक़तें अब बच्चों को भी ढाल बना रही हैं। यह चेतावनी है कि प्रशासन की ढील का फायदा उठाकर भीड़ हर बार और उग्र हो रही है। यह घटना एक चेतावनी है कि अगर निर्णायक कदम नहीं उठाए गए तो यह आग कल किसी और शहर में फैलेगी।

भारत को यह समझना होगा कि यह केवल बरेली की समस्या नहीं है। यह पूरे राष्ट्र की परीक्षा है। अगर हमने समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए, तो कल यह आग हमारी आने वाली पीढ़ियों को झुलसा देगी। इसलिए अब केवल बयानबाज़ी नहीं, बल्कि कड़ी कार्रवाई का समय है।

Tags: BareillyBareilly riotsI love MuhammadIMCIndiaMaulana Tauqeer RazaMuslim fundamentalismriotsUPआई लव मुहम्मदआईएमसीबरेलीबरेली बवालबवालभारतमुस्लिम कट्टरपंथमौलाना तौकीर रज़ायूपी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

तीर्थ, संस्कृति और समृद्धि: क्यों भारत का पर्यटन है अनोखा

अगली पोस्ट

भारत की सुरक्षा में डीआरडीओ का नया कदम: सीमा पर रोबोटिक सैनिक को तैनात करने की तैयारी

संबंधित पोस्ट

Kirtna
चर्चित

धारा प्रवाह हिंदी, चंद्र बाबू नायडू की चुनाव कंसल्टेंट: कौन हैं थलपति विजय के मंत्रिमंडल की सबसे युवा मंत्री कीर्तना ?

10 May 2026

तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) प्रमुख सी जोसेफ़ विजय ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ नौ अन्य मंत्रियों ने भी पद...

शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट से भाजपा ने बंगाल में सामाजिक
राजनीति

शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट से भाजपा ने बंगाल में सामाजिक और राजनीतिक विस्तार का दिया बड़ा संदेश

9 May 2026

पश्चिम बंगाल ने एक ऐसा राजनीतिक पल देखा, जिसकी कुछ साल पहले तक शायद ही किसी ने कल्पना की थी। Suvendu Adhikari ने राज्य के...

पीएम मोदी ने 98 वर्षीय माखनलाल सरकार के चरण छुए
राजनीति

पीएम मोदी ने 98 वर्षीय माखनलाल सरकार के चरण छुए, भावुक हुआ पूरा राजनीतिक मंच

9 May 2026

पश्चिम बंगाल के राजनीतिक मंच पर उस समय बेहद भावुक और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब पीएम मोदी ने 98 वर्षीय वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता Makhanlal...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited