TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।

    पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

    पीएम मोदी और विकसित भारत पर पुस्तक का अनावरण

    नमो बुक फेस्ट का आज आखिरी दिन: छात्रों की कलम से विकसित भारत का सपना, पीएम मोदी पर लिखी पुस्तक का विमोचन

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं मुख्य अतिथि

    लोक कल्याण मार्ग पर चार छोटी-छोटी गायों को चारा खिलाया.

    पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।

    पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

    पीएम मोदी और विकसित भारत पर पुस्तक का अनावरण

    नमो बुक फेस्ट का आज आखिरी दिन: छात्रों की कलम से विकसित भारत का सपना, पीएम मोदी पर लिखी पुस्तक का विमोचन

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं मुख्य अतिथि

    लोक कल्याण मार्ग पर चार छोटी-छोटी गायों को चारा खिलाया.

    पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

डॉ. भीमराव रामजी आम्बेडकर को ‘समग्र’ दृष्टि से समझना आज समय की माँग

अब इसे विडंबना नहीं कहेंगे तो और क्या कहेंगे कि डॉ. आम्बेडकर मूलरूप से अर्थशास्त्री थे, उनकी पीएचडी और डीएससी अर्थशास्त्र विषय में थी उन्हें केवल अनुसूचित जाति वर्ग का नेता बनाकर प्रस्तुत करना क्या उनके व्यक्तित्व के साथ अन्याय नहीं है?

Dr. Mahender द्वारा Dr. Mahender
14 April 2025
in मत
लोगों ने अपने स्वार्थों के कारण भीमराव आम्बेडकर ‘विवादित’ बना दिया है

लोगों ने अपने स्वार्थों के कारण भीमराव आम्बेडकर ‘विवादित’ बना दिया है

Share on FacebookShare on X

प्रतिवर्ष 14 अप्रैल विशेष महत्त्व का दिन होता है क्योंकि 14 अप्रैल 1891 को भारत के संविधान निर्माण में अहम् भूमिका निभाने वाले, महामानव भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी आम्बेडकर का जन्म हुआ था। डॉ. साहब के जन्मदिन के विशेष प्रसंग पर उनके बारे में बात करना आवश्यक हो जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनको लेकर आज भी बहुत भ्रांतियां फैली हुई है, जिनके कारण लोग उनको अलग-अलग दृष्टि से देखते रहते हैं और निष्कर्ष भी अलग अलग ही निकालते रहते हैं। इस कारण ऐसा प्रतीत होता है कि लोगों ने अपने स्वार्थों के कारण उनको ‘विवादित’ बना दिया है। वास्तव में डॉ. आम्बेडकर के जीवन और व्यक्तित्व के कई आयाम थे। लेकिन, यह विडंबना ही है उनके जीवन, व्यक्तित्व और कार्यों का न तो समग्रता से अध्ययन हुआ और न ही विश्लेषण करने की कोशिश की गई।

जबकि वास्तविकता यह है कि उन्होंने तो सबके लिए समानता और बंधुत्व की बात की थी। बल्कि भारत के जिस संविधान को बनाने में उनकी महती भूमिका है उसमें तो उन्होंने पहला अधिकार ही समानता का अधिकार दिया है। लेकिन, आजकल उनके नाम पर चलने वाली भीम आर्मी और दूसरे राजनितिक लोगों के विचार देखें तो लगता है कि शायद डॉ. आम्बेडकर को लेकर कोई साजिश चल रही है और उनको लेकर आम जन में भ्रम निर्माण किया जा रहा है। ऐसे में प्रश्न उठता है कि डॉ. भीमराव रामजी आम्बेडकर को देखने या समझने की दृष्टि क्या है? या उनके व्यक्तित्व को लोगों को कैसे समझना चाहिए? इस प्रश्न के उत्तर के लिए डॉ. साहब के जीवन, उनके संघर्ष और चिन्तन को पुनः खंगालने की आवश्यकता है। इसके प्रश्न के उत्तर के लिए हमें बुद्ध, कबीर और महात्मा फूले को समझने की आवश्यकता है। क्योंकि डॉ. आम्बेडकर इन तीनों को ही अपना गुरु मानते थे। इसका मतलब हुआ कि डॉ आम्बेडकर ने जीवनभर हिन्दू धर्म की महान गुरु शिष्य परम्परा का निर्वहन किया।

संबंधितपोस्ट

मौलिक अधिकार: पश्चिमी नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की देन

वामपंथी इतिहासकार इरफ़ान हबीब का बाबा साहेब अंबेडकर पर वार: ‘राष्ट्रवाद नहीं, ब्रिटिश हुकूमत का समर्थन किया’

सतत सक्रिय, ध्येय साधक और प्रेरणा पुंज ‘हमारे चेतराम जी’

और लोड करें

डॉ. भीमराव आम्बेडकर के महान व्यक्तित्व पर विचार करें तो समझ आता है कि उनके व्यक्तित्व के दो पक्ष हैं, जिनमें पहला पक्ष है चिंतक का और दूसरा पक्ष है सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय नेतृत्व का। वास्तव में उनके जीवन का समग्रता से मूल्यांकन करने के लिए उनके सभी पक्षों का समग्रता से चिन्तन करना होगा। इसके साथ ही उन पर समग्र विश्लेष्ण करने के लिए तत्कालीन कालखंड को भी ध्यान में रखना अपरिहार्य होगा क्योंकि उस कालखंड में ही सब कुछ छिपा हुआ है। अब इसे विडंबना नहीं कहेंगे तो और क्या कहेंगे कि डॉ. भीमराव आम्बेडकर मूलरूप से अर्थशास्त्री थे। उनकी पीएचडी और डीएससी अर्थशास्त्र विषय में थी। लेकिन उनके इस पक्ष या कार्य की बात कोई नहीं करता। उनका कार्य भूमि-धारण, ‘द प्रॉब्लम्स ऑफ द रुपी’, उद्योगतन्त्र, और मजदूरों के ऊपर भी था, लेकिन यह दुखद है कि उनके इन कार्यों पर कोई चर्चा नहीं होती !  उनको केवल अनुसूचित जाति वर्ग का नेता बनाकर प्रस्तुत करना क्या उनके व्यक्तित्व के साथ अन्याय नहीं है? उनको केवल अनुसूचित जाति वर्ग का नेता बनाकर प्रस्तुत करना क्या उनके व्यक्तित्व के साथ अन्याय नहीं है? क्या उनको खंड-खंड में पढ़ने और समझने से और भ्रांतियां फैलाने से वही विभेद नहीं हो रहा है जिसके वे जीवन भर विरोधी रहे हैं?

डॉ. आम्बेडकर के व्यक्तित्व और जीवन के समग्र अध्ययन और विश्लेष्ण के लिए बहुत से प्रश्नों के उत्तर ढूंढने होंगे:

  • क्या उन्होंने इस हिन्दू समाज के वंचित या मूक लोगों को ‘मूकनायक’ या ‘बहिष्कृत भारत’ नाम से मंच या वाणी या अस्तित्व देकर और उनमें आत्मविश्वास पैदा करके या नैसर्गिक अधिकार दिलाने का प्रयास करके कोई अपराध किया था?
  • क्या इस हिन्दू समाज के लोगों की प्यास बुझाने के लिए पानी पीने को लेकर महाड का सत्याग्रह करके अपराध किया था?
  • क्या यह सही था कई उस समय जिस कुँए या तालाब से अहिंदू मुस्लिम और ईसाई पानी पी सकते हैं, हिन्दू समाज के सवर्ण पानी पी सकते है तो क्या अस्पृश्य या अछूत कहे जाने वाले हिन्दू समाज के ही लोग उस पानी को नहीं पी थे? क्या हिन्दू समाज के उन पानी से वंचित लोगों को पानी पिलाने के लिए उनका आंदोलन करना गलत था?
  • क्या हिन्दू समाज के लोगों को अपने आराध्य प्रभु श्रीराम के मंदिर में प्रवेश दिलाने के लिए आन्दोलन करना गलत था?
  • आखिर अस्पृश्यता या छुआछुत को हमारा समाज कैसे मान्यता दे सकता है?
  • क्या भीमराव आम्बेडकर जी का हिन्दू धर्म के ऊपर लगे हुए अस्पृश्यता रूपी कलंक के विरूद्ध संघर्ष करने को गलत माना जाना चाहिए?
  • क्या उनका अपने अखबार के ऊपर ‘जय भवानी’ लिखना गलत था? क्या उनका हिन्दू समाज के लोगों का यज्ञोपवीत कराना गलत था?
  • क्या उनके द्वारा धर्म को समाज में परिवर्तन या सुधार का आधार मानना गलत था?
  • इस देश में दुर्भाग्य रूपी फैली अस्पृश्यता को लेकर जो उनके विचार थे, क्या वे गलत थे?
  • क्या उनका ये कहना गलत था कि अस्पृश्यता नामक शब्द इस देश के किसी भी शास्त्र अर्थात् वेदों, उपनिषदों, पुराणों, अरण्यकों आदि में नहीं है?
  • क्या आज भी कोई व्यक्ति 25 नवम्बर, 1949 को संविधान सभा में उनके अंतिम भाषण में बोले गए इन शब्दों को गलत सिद्ध कर सकता है कि “संविधान में बुने गए तत्त्व विद्यमान पीढ़ी के मत है।… संविधान कितना भी अच्छा या बुरा हो, तो भी वह अच्छा है या बुरा है, यह आखिर में राज्यकर्ताओं के संविधान के इस्तेमाल करने पर ही निर्भर होगा?”
  • क्या कोई उनके इस भाव को गलत सिद्ध करेगा कि “भारत की जनता के खुद के ही विश्वासघात से देशद्रोह करने से ही उसे स्वतंत्रता गँवानी पड़ी। जब मुहम्मद बिन कासिम ने सिंध पर हमला किया तब राजा दाहिर  के सेनापति ने मुहम्मद बिन कासिम के मुनीम से रिश्वत लेकर अपने राजा की ओर से लड़ने से साफ इनकार किया। मोहम्मद गोरी को हिंदुस्तान पर हमला करने का आमंत्रण देकर पृथ्वीराज के खिलाफ लड़ने का आमंत्रण देने वाला पुरुष जयचन्द था। उसने मोहम्मद गोरी को सोलंकी राज्य की और अपनी सहायता देने का वचन दिया था। जब शिवाजी महाराज हिंदुओं की स्वतंत्रता के लिए युद्ध कर रहे थे, तब अन्य मराठा सरदार और राजपूत मुगल बादशाह की ओर से लड़ रहे थे। जब सिख राज्यकर्ताओं के खिलाफ ब्रिटिश लड़ रहे थे, तब उनके सेनापति चुप बैठे थे।”
  • आज उनके नाम पर हिन्दू समाज से स्वयं को अलग दिखाने वाले लोग क्या इस बात को नकार सकते हैं कि डॉ. आम्बेडकर ने अनुच्छेद 370 का खुलकर विरोध किया था?
  • क्या इस बात को नकारा जा सकता है वे एक भाषा भाषी लोगों को एक ही प्रान्त में लाने के पक्षधर नहीं थे? या वे भाषा के आधार पर प्रांत रचना की अवधारणा के विरुद्ध थे?
  • क्या ये सच नहीं है ‘हिन्दू नहीं मरूँगा’ यह घोषणा करने के लगभग 20 वर्ष बाद वे बुद्ध के मार्ग पर चले? क्या ये सच नहीं है कि उन्होंने इन 20 वर्षों में इस्लाम, ईसाईयत, सिक्ख और कम्युनिज्म को समझने और देश के लोगों को समझाने का अथक परिश्रम किया था?
  • क्या इस बात को नकारा जा सकता है कि उस कालखंड में हिन्दू समाज के प्रतिष्टित बुद्धिजीवी वर्ग के साथ विमर्श करते रहे?
  • क्या यह सच नहीं है कि डॉ आम्बेडकर आर्य आक्रमण सिद्धांत को झूठ मानते थे?
  • क्या आज भी डॉ आम्बेडकर को आधार बनाकर हिन्दू समाज का विघटन करने की साजिश करने वाले लोग इस प्रश्न का उत्तर दे सकते हैं कि उन्होंने अपने अनुयायियों के साथ इस्लाम या ईसाईयत को क्यों नहीं अपनाया? क्या भारत की कम्युनिस्ट जमात बताएगी कि डॉ आम्बेडकर उनके शत्रु क्यों थे?

ऐसे बहुत से प्रश्न और हैं जिनका उत्तर ढूंढे बिना डॉ. आम्बेडकर को समझना मुश्किल है और उनके एक पक्ष के आधार पर उनकी छवि गढ़ना उनके साथ अन्याय है, एक साजिश है। वास्तव में डॉ आम्बेडकर ने हिन्दू समाज में व्याप्त कुरीतियों के निदान के लिया कार्य किया था। सबको साथ लेकर चलने की बात की है, समरसता की बात की है। जहाँ तक उन लोगों की बात है जो उनके बुद्ध के मार्ग पर चलने को धर्मान्तरण कहते हैं तो उनके लिए स्वातन्त्र्य वीर सावरकर का यह कथन पर्याप्त है कि “आम्बेडकर का ‘पंथान्तरण’ हिन्दू धर्म में विश्वास के साथ मारी गयी छलांग है; बौद्ध आम्बेडकर हिन्दू आम्बेडकर ही है।” सावरकर के मतानुसार आम्बेडकर ने एक अवैदिक लेकिन हिन्दुत्व की कक्षा में बैठने वाले भारतीय धर्म-पंथ को स्वीकार किया है, इसलिए वह धर्मान्तरण नहीं। इसके आलावा सावरकर ने यह भी कहा था महास्थाविर चंद्रमणि और अन्य भिक्षुओं ने दीक्षा समारोह के समय जो पत्रक प्रकाशित किया, उसमें कहा था कि “हिन्दू धर्म और बौद्ध धर्म एक ही वृक्ष की शाखाएँ है।”

तथाकथित धर्मान्तरण को लेकर पद्मश्री धनंजय कीर द्वारा रचित आम्बेडकर जीवन चरित में दिया गया एक उद्धरण यहाँ प्रस्तुत करना प्रासंगिक है। वह उद्धरण कुछ ऐसा है “बौद्ध लेखक ने कहा कि, ‘इस ‘स्थित्यंतर’ का वर्णन करने लिए ‘धर्मान्तरण’ संज्ञा उचित नहीं, क्योंकि जबरदस्ती और मोह का संबंध धर्मान्तरण के साथ रहता है।’ उन्होंने और कहा कि वह ‘खुद का मतान्तरण’ है, ‘धर्मान्तरण नहीं’, क्योंकि धर्मान्तरण का अर्थ है, अपना खुद का धर्म रखकर दूसरे विदेशी धर्म को स्वीकार करना।”

अतः देश और समाज को आज भी विघटन और कुरीतियों से बचाने के लिए भारत रत्न डॉ भीमराव रामजी आम्बेडकर पर समग्रता से अध्ययन करने की आवश्यकता है। नारायणायेती समर्पयामि II

Tags: #AmbedkarJayanti#AmbedkarJayanti202514aprilAmbedkarB.R. AmbedkarBaba Saheb AmbedkarBabasaheb Dr Bhimrao AmbedkarBR AmbedkarDr Ambedkardrbhimravambedkardrmahenderthakurडॉ भीम राव रामजी आम्बेडकरबाबासाहब डॉ भीमराव अंबेडकरबाबासाहब डॉ भीमराव आम्बेडकरभीम आर्मीभीमराव अंबेडकरभीमराव अम्बेडकरभीमराव आंबेडकर
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

वक्फ कानून के तहत MP में पहला एक्शन, संचालक ने खुद गिराया अवैध मदरसा: उत्तराखंड में कानून के समर्थन में दरगाह पर चढ़ी चादर

अगली पोस्ट

बेल्जियम में धराया PNB घोटाले का आरोपी मेहुल चोकसी, जल्द लाया जाएगा भारत!

संबंधित पोस्ट

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं
चर्चित

कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

21 November 2025

कांग्रेस के नेता देश ही नहीं विदेशों में भी जाकर लोकतंत्र बचाने की दुहाई देते रहते हैं। लेकिन जब बारी आंतरिक लोकतंत्र की आती है...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited