TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर, कानूनी जांच हुई तेज

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत: ग्रेटर नोएडा तक सफर हुआ सस्ता, आसान और पर्यावरण के अनुकूल

    मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाने, उत्तर-पूर्व के विकास और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों को सरकार के निर्णायक फैसलों के उदाहरण बताया।

    मोदी ने रिकॉर्ड कार्यकाल के दिन ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर, कानूनी जांच हुई तेज

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत: ग्रेटर नोएडा तक सफर हुआ सस्ता, आसान और पर्यावरण के अनुकूल

    मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाने, उत्तर-पूर्व के विकास और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों को सरकार के निर्णायक फैसलों के उदाहरण बताया।

    मोदी ने रिकॉर्ड कार्यकाल के दिन ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

इस साल बड़ी संख्या में पलायन करेंगे करोड़पति, जानें कहां बना रहे हैं ठिकाना

Shiv Chaudhary द्वारा Shiv Chaudhary
27 June 2025
in ज्ञान
इस साल अमेरिका में 7,500 नए करोड़पति आएंगे (Photo- Canva)

इस साल अमेरिका में 7,500 नए करोड़पति आएंगे (Photo- Canva)

Share on FacebookShare on X

इन दिनों दुनियाभर में करोड़पतियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लेकिन, इसके साथ ही इनके दूसरे देशों में बसने की प्रक्रिया भी उतनी ही तेजी से फैल रही है। इस बारे में निवेश से निवास और नागरिकता के लिए ग्लोबल कंसल्टेंसी हेनले एंड पार्टनर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल कम से कम 1,42,000 करोड़पति अपने देश को छोड़ कर किसी नए देश में बसने का मन बना रहे हैं। हेनले प्राइवेट वेल्थ माइग्रेशन रिपोर्ट 2025 के अनुसार, हाई नेट वर्थ वाले लोगों (जिनके पास 10 लाख डॉलर से ज्यादा की तरल संपत्ति (Liquid Assets) है) की संख्या 2026 में बढ़कर 1,65,000 हो जाने का अनुमान है.

किस देश की तरफ हो रहा अमीरों का पलायन

हेनले एंड पार्टनर्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया के अमीरों के सबसे अधिक मध्य-पूर्व के इस्लामिक देश संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पलायन करने की संभावना है। रिपोर्ट के अनुसार, इस साल UAE में 9,800 करोड़पतियों के पहुंचने का अनुमान है। UAE के अलावा अमेरिका, इटली, स्विटजरलैंड और सऊदी अरब भी करोड़पतियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं.

संबंधितपोस्ट

पोखरण-I के 51 साल: जब भारत ने दुनिया को दिखाया अपना परमाणु आत्मबल

रूसी तेल पर अमेरिका की नीति पर ईरान का हमला: प्रतिबंधों और छूट में दिखा दोहरा रवैया

ईरान युद्ध में अमेरिका का खर्चा भारी, 13 दिनों में लगभग 26 अरब डॉलर खर्च

और लोड करें

सबसे अधिक ब्रिटेन से होगा पलायन

हेनले की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन में विश्व में किसी भी देश के करोड़पतियों से अधिक अमीरों के देश छोड़ने का अनुमान है। यहां के अमीर UAE जैसे देशों में जा रहे हैं। अनुमान है कि इस साल 9,800 अमीरों को UAE में निवास का दर्जा मिल जाएगा, जबकि पिछले साल यह संख्या 6,700 थी.

संपत्ति का केंद्र बन रहा UAE

हेनले की रिपोर्ट कहती है कि विश्व के देशों के आर्थिक प्रभाव में बहुत बड़ा बदलाव दांव पर लगा है। इसके अनुसार, कई सिर्फ टैलेंट के लिए ही नहीं बल्कि उसके बाद होने वाली कमाई के लिए भी प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। इतना ही नहीं, लगभग 63 अरब डॉलर की अनुमानित सामूहिक निवेश योग्य संपत्ति के साथ, UAE क्षेत्रीय केंद्र से दुनिया की संपत्ति के केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। सऊदी अरब में करोड़पतियों का आना बढ़ रहा है, जहां 2025 तक 2,400 से अधिक करोड़पतियों के आने की उम्मीद है, जो पिछले साल की तुलना में आठ गुना ज्यादा है।

दूसरे स्थान पर रहेगा अमेरिका

रिपोर्ट के अनुसार, इस साल करोड़पतियों के बसने के मामले में अमेरिका के दूसरे स्थान पर रहने का अनुमान है। माना जा रहा है कि इस साल अमेरिका में 7,500 नए करोड़पति आएंगे जबकि इटली तीसरे और स्विटजरलैंड चौथे स्थान पर है।

इन देशों को हो रहा नुकसान

करोड़पतियों के नुकसान के मामले में यूनाइटेड किंगडम पहले स्थान पर है। यूके से एक साल में सबसे अधिक पैसे का पलायन हुआ है। यहां के 16,500 करोड़पतियों के दूसरे देशों में जाकर बसने का अनुमान है। वहीं, इस मामले में चीन दूसरे नंबर पर है। यहां के 7,800 करोड़पति अमीरों के दूसरे देश में बसेरा बनाने की संभावना जतायी जा रही है। इसी तरह इसी साल दक्षिण कोरिया के 2,400 करोड़पतियों के दूसरे देश में चले जाने की संभावना है। भारत से भी 3,500 लोगों के पलायन करने का अनुमान है। इसके अलावा यूरोप के देश फ्रांस, स्पेन और जर्मनी से भी करोड़पतियों के पलायन का अनुमान है। इनमें 800, 500 और 400 करोड़पति अपने देश को छोड़ सकते हैं। इतना ही नहीं आयरलैंड से 100, नॉर्वे से 150 और स्वीडन से भी लगभग 50 करोड़पति देश छोड़ सकते हैं।

ब्रिटेन की हालत सबसे खराब

इधर, रिपोर्ट में सबसे अधिक खराब हालत ब्रिटेन की बताई जा रही है। यहां 2016 से पहले बड़ी संख्या में नए करोड़पति रहने जाते थे. एपेक्स कैपिटल पार्टनर्स के संस्थापक नूरी काट्ज ने एक प्रतिष्ठित पत्रिको बताया कि करोड़पतियों के देश छोड़कर कहीं और बसने के लिए प्रवास शब्द कुछ हद तक ठीक नहीं है। क्योंकि, कई अमीर लोग इन कार्यक्रमों को “प्लान बी” के रूप में इस्तेमास करते हैं। इनका कहना है कि ये करोड़पति लोग देश नहीं छोड़ रहे होते हैं। ये लोग अलग—अलग देशों में कागजी कार्रवाई कर रहे होते हैं। यह जरूरी नहीं कि वे लोग देश छोड़ कर जा ही रहे हों।

UAE और अमेरिका क्यों कर रहे आकर्षित?

हेनले एंड पार्टनर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि UAE की इमिग्रेशन नीति विदेशियों के लिए काफी अच्छी है। सबसे बड़ी बात यहां पर लोगों को इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता है। इसके अलावा एक और बात यहां पर वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर का होना भी है। इतना ही नहीं, यहां की राजनीतिक स्थिरता भी करोड़पतियों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

गोल्डन वीजा प्रोग्राम भी है बड़ा कारण

इन सबके अलावा, UAE का गोल्डन वीजा प्रोग्राम भी करोड़पतियों को यहां आने के लिए आकर्षित करता है। यहां पर इसे 2019 में शुरू किया गया था। इसके बाइ साल 2022 में इसकी पात्रता में संशोधन भी किया गया था। इसके तहत यह रेसिडेंशियल वीजा पांच या दस सालों के लिए वैध है। इतना ही नहीं, इसे रिन्यू भी किया जा सकता है। बताया जाता है कि इसके तहत लंबे समय तक निवेश के जरिए UAE में रहा जा सकता है। नूरी काट्ज ने कहा कि हाल के सालों में बहुत सारे अमीर लोग अच्छी लाइफ स्टाइल और इनकम टैक्स न होने की वजह से UAE जा रहे हैं।

अमेरिका में भी हो रहा निवेश

इधर, रिपोर्ट में अमेरिका में भी साल 2025 में 7,500 करोड़पतियों के जाने की उम्मीद जतायी जा रही है। इसका मुख्य कारण ईबी-5 इमिग्रेंट इन्वेस्टर प्रोग्राम है। इसके माध्यम से अमेरिका में 50 अरब डॉलर से ज्यादा का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हुआ है। इतना ही नहीं, इससे यहां पर लाखों नौकरियां भी पैदा हुई हैं। जानकारी हो कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने EB-5 वीजा प्रोग्राम की जगह पर 50 लाख डॉलर का ट्रंप गोल्ड कार्ड वीजा प्रोग्राम शुरू किया है। पिछले 11 जून को गोल्ड कार्ड वीजा प्रोग्राम की वेबसाइट की लांचिंग हुई। इसके तुरंत बाद 70,000 से अधिक लोगों ने गोल्ड इकार्ड वीजा के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया। इस वीजा से भी करोड़पतियों के अमेरिका आने की संभावना बढ़ी है।

जानें, क्या होता है लाभ

जानकारी हो कि किसी भी देश के लिए प्रवासी करोड़पति विदेशी मुद्रा राजस्व का महत्वपूर्ण स्रोत होते हैं, क्योंकि वे किसी नए देश में जाने पर अपने साथ धन भी लाते हैं। उदाहरण के लिए, 10 मिलियन अमरीकी डॉलर लाने वाला प्रवासी, उस देश के बराबर हैं, जो 10 मिलियन अमरीकी डॉलर का निर्यात राजस्व उत्पन्न करता है।
नया व्यवसाय: कई उच्च-निवल-मूल्य वाले व्यक्ति अपने उद्यम और कंपनियों के संस्थापक होते हैं, जो नए देश में व्यवसाय शुरू करते हैं। इससे यहां पर रोजगार और अन्य सुविधाओं में बढ़ोत्तरी होती है।

शेयर बाज़ार को भी लाभ: करोड़पति अपने इक्विटी निवेश के माध्यम से स्थानीय शेयर बाज़ार को भी बढ़ावा देते हैं। इसके अलावा कुछ व्यवसाय के मालिक स्थानीय स्टॉक एक्सचेंज में अपनी कंपनियों को सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध भी कर सकते हैं।

कई देश बदल चुके हैं अर्थव्यवस्था

आंतरिक धन प्रवास के लाभ दुनिया के अग्रणी सुरक्षित बाजारों में विशेष रूप से ध्यान देने योग्य हैं। स्विट्जरलैंड, सिंगापुर, UAE, माल्टा, मोनाको, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और मॉरीशस जैसे देशों ने धनी लोगों को प्रोत्साहित कर अपनी अर्थव्यवस्थाओं को सकारात्मक रूप से बदल चुके हैं। उल्लेखनीय रूप से, विदेशों में जन्मे प्रवासी अब इन सभी देशों में रहने वाले सौ करोड़पति आबादी का 50% से अधिक हिस्सा बनाते हैं।

सबसे पहले प्रवास करते हैं अमीर लोग

करोड़पतियों के प्रवास के आंकड़े भी किसी देश की आर्थिक सेहत का मूल्यवान संकेतक होते हैं। यदि किसी देश से बड़ी संख्या में करोड़पतियों का पलायन होता है तो यह उसके लिए अच्छा संकेत नहीं है। क्योंकि, करोड़पति आमतौर पर स्थिति खराब होने पर सबसे पहले पलायन करने वाले लोगों में शामिल होते हैं। इस तरह के पलायलन भविष्य की आर्थिक चुनौतियों के लिए चेतावनी के संकेत भी हो सकते हैं।

आखिर क्यों पलायन करते हैं करोड़पति?

दुनियां के देशों से करोड़पति परिवारों के पलायन का मुख्य कारण उनकी सुरक्षा और आर्थिक चिंताएं सबसे बड़े कारक हैं। इसके बाद संबंधित देश की कर प्रणाली, रिटायरमेंट और व्यवसाय के अवसर भी बड़े कारक हैं। इसके अलावा उस देश की जीवनशैली, जलवायु और प्रकृति भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। देशों के बीच टैक्स की दरों में अंतर को भी करोड़पतियों के प्रवास के मुख्य कारकों के रूप में गिना जाता है।

कई देश नहीं लेते हैं संपत्ति कर

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि वैश्विक स्तर पर करोड़पतियों के लिए अधिकांश देश संपत्ति शुल्क नहीं लगाते हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बरमूडा, कनाडा, केमैन आइलैंड्स, कोस्टा रिका, साइप्रस, हांगकांग, इज़राइल, मॉरीशस, माल्टा, मोनाको, न्यूजीलैंड, पनामा, सऊदी अरब, सिंगापुर और UAE शामिल हैं। इटली और पुर्तगाल में भी इनकी दरें अपेक्षाकृत कम हैं। इटली में चार तो पुर्तगाल में 10 प्रतिशत।

Tags: UAEUKUSAअमेरिकाब्रिटेन
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

विदुषी संवाद: धार्मिक और दार्शनिक विमर्शों में महिलाओं की भागीदारी

अगली पोस्ट

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाक पर हमला करने वाली थी नौसेना: रिपोर्ट

संबंधित पोस्ट

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता
इतिहास

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

9 June 2026

उत्तर प्रदेश के अयोध्या के रहने वाले भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने...

राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद
धर्म

राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

8 June 2026

अयोध्या का राम मंदिर एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है...

गोवा राज्य स्थापना दिवस
इतिहास

गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

30 May 2026

गोवा क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का सबसे छोटा राज्य है। भारत के पश्चिमी तट पर स्थित गोवा करीब 450 वर्षों तक पुर्तगाल के शासन...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

MISSILE IN TANKER! How Indian Navy Pulled Off A Mission Impossible At Sea | Hormuz | Gulf of Oman

MISSILE IN TANKER! How Indian Navy Pulled Off A Mission Impossible At Sea | Hormuz | Gulf of Oman

00:03:38

12 YEARS OF MODI GOVERNMENT: INDIA'S DEFENCE & DIPLOMATIC RESET | PM Modi | Armed Forces

00:04:43

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited