वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास में आए भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। भूकंप के दौरान बैंकारिबे (Bancaribe) बैंक की बहुमंजिला इमारत ढह गई, जिसकी तस्वीरें विनाश की भयावहता को बयां कर रही हैं। कई अन्य इमारतें भी ताश के पत्तों की तरह ढह गईं और शहर के कई हिस्सों में मलबे का ढेर लग गया।
बुधवार शाम को इस क्षेत्र में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए। झटके इतने तेज थे कि लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों और इमारतों से बाहर निकलकर खुले स्थानों की ओर भागने लगे। पूरे शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, अब तक 32 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 700 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हालांकि अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोगों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है।
यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने अनुमान जताया है कि इस आपदा में जनहानि कहीं अधिक हो सकती है। एजेंसी के अनुसार, मृतकों की संख्या 10 हजार से अधिक पहुंचने की लगभग 44 प्रतिशत आशंका है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ ने देश में आपातकाल की घोषणा कर दी है। सरकार ने लोगों से एहतियात के तौर पर घरों से बाहर रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
काराकास के कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। बचावकर्मी भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर जीवित लोगों की तलाश कर रहे हैं। कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त इमारतों के नीचे लोगों के फंसे होने की आशंका है।
भारत, अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों ने वेनेज़ुएला में आए इस विनाशकारी भूकंप पर शोक व्यक्त किया है और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए हरसंभव सहायता देने की पेशकश की है।
फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है और अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे मलबा हटेगा, हताहतों की वास्तविक संख्या सामने आएगी।


































