सिया और केतन आजकल हर घर में चर्चा का विषय है आखिर हो भी क्यों ना इस घटना ने पेरेंट्स को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर सिया ने ऐसा कदम क्यों उठाया अगर उसे केतन से शादी नहीं करनी थी तो वह साफ मना कर देती, किसी के घर के चिराग को बुझाने से उसे क्या मिला। दो परिवार आज अदालत के कठघरे में आकर खड़े हैं और पूरी दुनिया सिया से सवाल कर रही है आखिर तुमने ऐसा क्यों किया?
हालंकि सिया के जवाब से ऐसा बिल्कुल भी नहीं लग रहा है कि उसे किसी बात का डर , शर्म और अफसोस है । आपको बता दें कि सिया के मां बाप का साफ कहना है कि अगर सिया ने ऐसा किया है तो उसे भी किला से धक्का देकर मार दिया जाए। लेकिन सवाल ये है कि सिया ने केतन को मारने के लिए इतने प्लान तैयार किए और उसके परिवार वालों को भनक तक नहीं लगी। हालांकि कुछ लोगों का ये भी बयान है कि सिया के मम्मी पापा भी इस कहानी के हिस्सा है।
पुलिस जांच में दावा किया गया है कि केतन अग्रवाल की हत्या अचानक नहीं हुई, बल्कि इसकी साजिश कई हफ्ते पहले से रची जा रही थी। जांच के अनुसार, आरोपी सिया और चेतन ने हत्या की तीन बार कोशिश की, लेकिन हर बार योजना नाकाम रही।
पहली कोशिश 31 मई को हुई, जब सिया और केतन लोहगढ़ फोर्ट गए थे। आरोप है कि वहां सुनसान जगह पर केतन को धक्का देकर इसे हादसा दिखाने की योजना थी, लेकिन सिया ऐसा नहीं कर पाई।
इसके बाद 1 जून को दोनों ने बैठकर एक नया प्लान बनाया। इस योजना को 4 जून को अंजाम देना था, लेकिन यह कोशिश भी सफल नहीं हो सकी।
तीसरी बार 14 जून को सिया और केतन फिर लोहगढ़ फोर्ट पहुंचे। आरोप है कि इस बार भी सिया को केतन को धक्का देना था, लेकिन वह आखिरी समय पर पीछे हट गई और योजना फिर विफल हो गई।
जांच में बाली ट्रिप का भी जिक्र सामने आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 6 जून को सिया और केतन की बाली यात्रा तय थी। लेकिन चेतन इस यात्रा के खिलाफ था। आरोप है कि मुंबई एयरपोर्ट जाते समय सिया ने होटल में मोबाइल भूलने का बहाना बनाया और वॉशरूम में जाकर केतन का पासपोर्ट फाड़कर फ्लश कर दिया। पासपोर्ट नहीं होने की वजह से दोनों की यात्रा रद्द हो गई। इसके बाद केतन को शक हुआ और दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगा।
पुलिस के अनुसार, तीन बार योजना विफल होने के बाद चेतन ने सिया से कहा कि अब वह खुद केतन की हत्या करेगा। इसके बाद 18 जून की तारीख तय की गई।
जांच में दावा किया गया है कि 18 जून को चेतन पहली बार खुद लोहगढ़ फोर्ट पहुंचा और उसी दिन कथित तौर पर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस का कहना है कि घटना के बाद अपनी लोकेशन छिपाने और ट्रैकिंग से बचने के लिए चेतन ने अपने कर्मचारी नीरज कुमार का मोबाइल फोन इस्तेमाल किया। जांच में यह भी सामने आया है कि 18 जून को सिया और चेतन पूरे दिन चैट के जरिए संपर्क में थे। पुलिस इन चैट्स को अहम सबूत मान रही है।
सूत्रों के मुताबिक, 19 जून को सिया का जन्मदिन था और केतन उसे महाबलेश्वर ले जाने वाला था। पुलिस का मानना है कि चेतन नहीं चाहता था कि यह यात्रा हो, इसलिए 18 जून को ही कथित हत्या की योजना को अंजाम दिया गया।
पूछताछ में सिया ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी और इसी वजह से विवाद बढ़ा। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान केतन की मौत पर कोई पछतावा नहीं जताया। हालांकि, अंतिम धक्का किसने दिया, इसे लेकर दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। चेतन का कहना है कि धक्का सिया ने दिया, जबकि सिया का दावा है कि धक्का चेतन ने दिया था।
फिलहाल पुलिस डिजिटल सबूतों, चैट रिकॉर्ड और कॉल डिटेल्स के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। मामले की सच्चाई जांच पूरी होने और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के बाद ही स्पष्ट होगी।

































