प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों श्रीलंका(PM Modi In Sri Lanka) के तीन दिवसीय दौरे पर हैं और उनके स्वागत में जो दृश्य देखने को मिला, वह श्रीलंका के इतिहास में अभूतपूर्व रहा। कोलंबो स्थित इंडिपेंडेंस स्क्वायर पर प्रधानमंत्री मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर और 21 तोपों की सलामी दी गई यह एक ऐसा सम्मान जो इससे पहले किसी भी विदेशी नेता को इस स्थान पर नहीं मिला था।
इंडिपेंडेंस स्क्वायर, जो श्रीलंका की ब्रिटिश शासन से आज़ादी की स्मृति में बनाया गया था, आमतौर पर इस तरह के राजकीय स्वागत का स्थल नहीं रहा है। विदेश से आने वाले राष्ट्राध्यक्षों और प्रधानमंत्रियों का स्वागत अक्सर राष्ट्रपति भवन या भंडारनायके मेमोरियल इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस हॉल में किया जाता रहा है। लेकिन इस बार प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में परंपराएं तोड़ी गईं और इतिहास रचा गया।
इसी ऐतिहासिक अवसर पर श्रीलंका सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘मित्र विभूषण’ प्रदान किया, यह श्रीलंका द्वारा दूसरे राष्ट्र के प्रमुखों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। यह सम्मान उन्हें भारत और श्रीलंका के बीच मित्रता को सशक्त बनाने, साझा सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक जुड़ाव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनके विशिष्ट और दूरदर्शी योगदान के लिए दिया गया है। यह सम्मान केवल भारत के प्रधानमंत्री के लिए नहीं, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि और प्रभावशाली नेतृत्व की वैश्विक स्वीकार्यता का भी प्रतीक है। उल्लेखनीय है कि यह प्रधानमंत्री मोदी को किसी विदेशी सरकार द्वारा दिया गया 22वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार है जो भारत की बढ़ती हुई वैश्विक साख और प्रधानमंत्री की दूरदर्शी नीति का प्रमाण है।
यह 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान – पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलंबो में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा दिसानायके के साथ साझा प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए ‘मित्र विभूषण’ सम्मान को 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान बताया। उन्होंने कहा, “आज राष्ट्रपति दिसानायके द्वारा मुझे ‘श्रीलंका मित्र विभूषण’ से सम्मानित किया जाना मेरे लिए गर्व का विषय है। लेकिन मैं इसे केवल अपना सम्मान नहीं मानता यह सम्मान 140 करोड़ भारतीयों का है। यह भारत और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक संबंधों और गहराई से जुड़ी मित्रता का प्रतीक है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि भारत हमेशा अपने पड़ोसी धर्म का पालन करता आया है, और हर कठिन घड़ी में श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा रहा है। “चाहे 2019 में हुआ आतंकी हमला हो, कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी, या हालिया आर्थिक संकट हर बार भारत ने बिना देर किए श्रीलंका की जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ निभाया है।”
वहीं इस अवार्ड पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने कहा, “श्रीलंका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से शनिवार को सम्मानित किया है। मुझे यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि श्रीलंका सरकार ने उन्हें ‘श्रीलंका मित्र विभूषण’…देश का सर्वोच्च सम्मान…प्रदान करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री मोदी इस सम्मान के पूर्ण रूप से अधिकारी हैं; हम दृढ़ता से ऐसा ही मानते हैं।”
सौमपुरा सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट का किया उद्घाटन
कोलंबो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के बीच द्विपक्षीय बातचीत के दौरान एक ऐतिहासिक क्षण सामने आया। इस चर्चा में भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद रहे। इसी अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति दिसानायके ने मिलकर सौमपुरा सौर ऊर्जा परियोजना का वर्चुअल उद्घाटन किया जो लगभग 19 वर्षों से लंबित थी।
यह परियोजना श्रीलंका के पूर्वी तट पर स्थित त्रिंकोमाली ज़िले में स्थापित की जा रही है। सौमपुरा एक 120 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना है, जिसे दो चरणों में विकसित किया जा रहा है पहला चरण 50 मेगावाट और दूसरा 70 मेगावाट का होगा। इसे भारत की नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (NTPC) और श्रीलंका की सेलोन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (CEB) संयुक्त रूप से विकसित कर रहे हैं। इस परियोजना का मूल उद्देश्य है श्रीलंका की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करना, जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता को कम करना और देश में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना।
इसी महत्वपूर्ण मौके पर एक और ऐतिहासिक पहल हुई जहां प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति दिसानायके की उपस्थिति में भारत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और श्रीलंका के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान किया गया। यह त्रिपक्षीय सहयोग ऊर्जा, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूती देगा।