TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पाकिस्तान की राजनीति में सैन्य प्रभाव का बदला हुआ

    PTI के खिलाफ रणनीति: पाकिस्तान में राजनीतिक नियंत्रण का बदला हुआ चेहरा

    अजय सिंघल बने हरियाणा के नए डीजीपी

    नए साल की पूर्व संध्या पर अजय सिंघल बने हरियाणा के नए डीजीपी

    चीनी पक्ष अमेरिका के नक्शे कदम पर चल रहा है

    नई दिल्ली ने खारिज किया चीन का दावा, बताया ‘बिज़ार’ और राजनीति से प्रेरित

    खालिदा जिया के निधन से शोक में बांग्लादेश

    बांग्लादेश की राजनीति में युग का अंत: खालिदा जिया के निधन पर शेख हसीना ने जताया दुख

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ग्रेगोरियन नववर्ष

    ग्रेगोरियन नववर्ष: कब और कैसे हुई इसकी शुरुआत

    उमर ख़ालिद मामले में अमेरिकी दखल

    उमर ख़ालिद की ज़मानत को लेकर अमेरिकी सांसदों का दबाव, भारत के राजदूत को लिखा पत्र

    युद्ध समाप्ति की चुनौती: ज़ेलेंसकी का मुश्किल मोड़

    ज़ेलेंसकी और युद्ध का जटिल खेल: समाप्ति से अधिक खतरनाक बन गया संघर्ष

    बांग्लादेश में अमेरिकी जीएमओ मक्का का आगमन, क्षेत्रीय खाद्य संप्रभुता पर खतरा

    अमेरिकी जीएमओ मक्का पर पश्चिम का दबदबा, ठेकेदारों ने किया अधिग्रहण

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पाकिस्तान की राजनीति में सैन्य प्रभाव का बदला हुआ

    PTI के खिलाफ रणनीति: पाकिस्तान में राजनीतिक नियंत्रण का बदला हुआ चेहरा

    अजय सिंघल बने हरियाणा के नए डीजीपी

    नए साल की पूर्व संध्या पर अजय सिंघल बने हरियाणा के नए डीजीपी

    चीनी पक्ष अमेरिका के नक्शे कदम पर चल रहा है

    नई दिल्ली ने खारिज किया चीन का दावा, बताया ‘बिज़ार’ और राजनीति से प्रेरित

    खालिदा जिया के निधन से शोक में बांग्लादेश

    बांग्लादेश की राजनीति में युग का अंत: खालिदा जिया के निधन पर शेख हसीना ने जताया दुख

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ग्रेगोरियन नववर्ष

    ग्रेगोरियन नववर्ष: कब और कैसे हुई इसकी शुरुआत

    उमर ख़ालिद मामले में अमेरिकी दखल

    उमर ख़ालिद की ज़मानत को लेकर अमेरिकी सांसदों का दबाव, भारत के राजदूत को लिखा पत्र

    युद्ध समाप्ति की चुनौती: ज़ेलेंसकी का मुश्किल मोड़

    ज़ेलेंसकी और युद्ध का जटिल खेल: समाप्ति से अधिक खतरनाक बन गया संघर्ष

    बांग्लादेश में अमेरिकी जीएमओ मक्का का आगमन, क्षेत्रीय खाद्य संप्रभुता पर खतरा

    अमेरिकी जीएमओ मक्का पर पश्चिम का दबदबा, ठेकेदारों ने किया अधिग्रहण

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

राज्यपाल रवि के ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने पर हंगामा, क्या संविधान को भी नहीं मानते ‘रामद्रोही’?

तमिलनाडु के राज्यपाल RN Ravi ने जय श्रीराम के नारे लगवा दिए और इसपर सियासत होने लगी। जबकि, संविधान में भी भगवान राम की तस्वीर है। जानें कैसे पुरखों की सोच पर आज सियासत हो रही है।

Shyamdatt Chaturvedi द्वारा Shyamdatt Chaturvedi
14 April 2025
in राजनीति
Ram, Indian Constitution, Tamil Nadu, Governor RN Ravi

Ram Indian Constitution Tamil Nadu Governor RN Ravi

Share on FacebookShare on X

संबंधितपोस्ट

हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

भ्रष्टाचार की सड़ांध और चेन्नई से Wintrack Inc की विदाई: जब सरकार और अफ़सर दोनों जिम्मेदार हों

करुर भगदड़: राजनीति के मंच पर मानव जीवन की त्रासदी

और लोड करें

Politics Over RN Ravi Jai Shri Ram Slogan: मेरा भारत महान… इन शब्दों को हम बरसों से सुनते आ रहे हैं और गर्व से दोहराते आए हैं। रोम-रोम में राम को बसाने वाले महान देश की विडंबना देखिए कि यहां एक-दो बार नहीं, हजारों बार राम के नाम को लेने पर सवाल खड़े हो चुके हैं। राम मंदिर के लिए आंदोलन करने वालों को गोलियों से छलनी कर दिया जाता है। राम के अस्तित्व तक को नकारने की चेष्टा की जाती है। अब तो जय श्री राम कहने पर भी लोगों की छाती में सांप लोट रहे हैं। विडंबना उस देश की है जहां संविधान में भी राम की तस्वीर उकेरी गई ताकि भविष्य में यह देश उनके आदर्शों पर चल सके। अब उसी देश में राम का नाम लेना सांप्रदायिक और असंवैधानिक तक ठहराया जा रहा है।

ताजा मामला तमिलनाडु से सामने आया है। राज्यपाल आरएन रवि (Tamil Nadu Governor) द्वारा कंबन ऋषि के सम्मान में ‘जय श्री राम’ का नारा लगाया गया। बस फिर क्या था… सोशल मीडिया पर वीडियो आग की तरह फैलने लगे। राम का विरोध करने वालों ने तुरंत सेकुलर राष्ट्र के नाम पर राम को असंवैधानिक घोषित करना शुरू कर दिया। तो चलिए, जानते हैं कि आखिर हमारा संविधान इस बारे में क्या कहता है और कब-कब इस देश में राम के नाम पर सवाल उठे हैं।

कहां से उठा है विवाद

तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि मदुरै इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों को सम्मानित और संबोधित (rn ravi speech) करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने प्रसिद्ध तमिल कवि कंबन को याद किया। जिन्होंने 12वीं शताब्दी में ‘कंब रामायण’ नाम से रामायण का तमिल संस्करण लिखा था। राज्यपाल आरएन रवि ने कहा ‘आज के दिन हम उस महापुरुष को श्रद्धांजलि दें, जो श्रीराम के महान भक्त थे। मैं कहूंगा ‘जय श्री राम’, आप भी कहिए ‘जय श्री राम’। इसके बाद छात्रों ने तेजी से जय श्री राम का नारा लगाया।

डीएमके प्रवक्ता धरणीधरन ने कहा कि यह देश के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के खिलाफ है। राज्यपाल बार-बार संविधान का उल्लंघन क्यों करना चाहते हैं? उन्होंने अभी तक इस्तीफा क्यों नहीं दिया है? वह आरएसएस के प्रवक्ता हैं। हम जानते हैं कि उन्होंने देश के संघीय सिद्धांतों का उल्लंघन कैसे किया और सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें उनकी जगह कैसे दिखाई है।

इतना ही नहीं इस मामले पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशिकांत सेंथिल ने सोशल मीडिया में पोस्ट किया। उन्होंने राज्यपाल पर तंज कसते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से फटकार लगाए जाने और राज्य सरकार की तरफ से रोके जाने के बाद अब वो सिस्टम को परेशान करने के लिए छात्रों से जय श्री राम के नारे लगवाने जैसे हथकंडे अपना रहे हैं। कांग्रेस विधायक जेएमएच अस्सन मौलाना ने कहा कि वह धार्मिक नेता की तरह बात कर रहे हैं। बच्चों से जय श्री राम का नारा लगवाना कुछ धार्मिक विचारधारा को बढ़ावा देना है। ये आरएसएस और भाजपा के प्रचार मास्टर बन गए हैं।

सवाल उठाने लगे लोग

रविवार स्टेट प्लेटफॉर्म फॉर कॉमन स्कूल सिस्टम, तमिलनाडु ने राज्यपाल द्वारा जय श्रीराम का नारा लगवाने को पद की शपथ का उल्लंघन बताया। इतना ही नहीं उन्हें इस काम के लिए पद से हटाने की मांग की जाने लगे। एसपीसीएसएस-टीएन ने राष्ट्रपति को पत्र लिखा और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 159 का हवाला देते हुए कहा गया कि राज्यपाल भारत के संविधान का संरक्षण, बचाव और सुरक्षा करने में विफल रहे हैं। इस कारण उन्हें पद से हटाया जाए।

क्या शपथ लेते हैं राज्यपाल?

‘मैं अमुक………. , ईश्वर की शपथ लेता हूं/सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञा करता हूं कि मैं श्रद्धापूर्वक …………….(राज्य का नाम) के राज्यपाल के पद का कार्यपालन (अथवा राज्यपाल के कृत्यों का निर्वहन) करूंगा तथा अपनी पूरी योग्यता से संविधान और विधि का परिरक्षण, संरक्षण और प्रतिरक्षण करूंगा और मैं …………… (राज्य का नाम) की जनता की सेवा और कल्याण में निरत रहूंगा ।”

आर्टिकल-159 का हवाला कितना सही

संविधान के आर्टिकल 159 में राज्यपाल की शपथ या प्रतिज्ञान के संबंध में बताया गया है। इस अनुच्छेद में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश या उनकी अनुपस्थिति में उच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश के द्वारा राज्यपाल के शपथ की व्यवस्था बताई गई है। शपथ का जो प्रारूप संविधान (Indian Constitution) में लिखा गया है। इसमें ये कहीं नहीं कहा गया कि राज्यपाल के रूप में बैठा कोई व्यक्ति राम या किसी भी पौराणिक पात्र का नाम का नाम नहीं ले सकता है। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि जबरन आर्टिकल-159 का हवाला देकर मामले में सियासत की जा रही है।

पुरखों की सोच पर आज सियासत

लगभग 800 वर्षों से ज्यादा के औपनिवेशिक शासन के बाद भारत ने 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ। एक संप्रभु राष्ट्र को संवैधानिक रूप से चलाने के लिए 9 दिसंबर, 1946 को ही संविधान सभा की पहली बैठक के साथ संविधान निर्माण का काम शुरू हो गया था। 1950 में जब संविधान की रचना अपने अंतिम चरण में थी। इसी समय बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने संविधान की मूल प्रति में भारत की कला, महापुरुषों और देवी-देवताओं के चित्रों को शामिल करने का प्रस्ताव रखा। चर्चा के बाद यह महत्वपूर्ण कार्य प्रसिद्ध चित्रकार श्री नंदलाल बोस को सौंपा गया। उनके सुझावों के आधार पर संविधान के पन्नों में महात्माओं और पौराणिक पात्रों की तस्वीर लगाई गईं। आइये जानते हैं कि तमिलनाडु का पूरा मामला क्या है और राम का नाम लेना कितना संवैधानिक या असंवैधानिक है।

संविधान में कहां और क्यों हैं राम?

संविधान का भाग-3 में हमारे मौलिक अधिकार (Fundamental Rights) बताए गए हैं। इसके पहले पेज में श्री राम, सीता जी और लक्ष्मण का चित्र छापा गया है। राम दयालु एवं निष्पक्ष थे। उनके राज्य में प्रजा के प्रति मानवीय मनोभावों के दर्शन होते हैं। रामायण काल की बातें हमें बताती हैं कि सभी के लिए न्याय सुनिश्चित होना चाहिए। इन्हीं कारणों से संविधान के भाग-3 में भगवान राम की फोटो लगाई गई है।

Politics Over RN Ravi Jai Shri Ram Slogan
Politics Over RN Ravi Jai Shri Ram Slogan

संविधान में कृष्ण और हनुमान

केवल राम ही नहीं भारत के संविधान में कृष्ण और हनुमान की भी फोटो लगाई गई है। संविधान के भाग चार की शुरुआत कुरुक्षेत्र के चित्रण के साथ होती है। इसमें भगवान कृष्ण, अर्जुन को गीता का ज्ञान देते हुए नजर आ रहे हैं। इस भाग में राज्य की नीति के निदेशक तत्व बताए गए हैं। वहीं संविधान के भाग आठ की शुरुआत में हनुमानजी का चित्र लगा है। इसनें हनुमान सीता माता की तलाश में उड़ते हुए लंका जाते दिखाई दे रहे हैं।  इस में नाम राज्य (पहली अनुसूची के भाग ग के राज्य) है।

Politics Over RN Ravi Jai Shri Ram Slogan
Politics Over RN Ravi Jai Shri Ram Slogan

पहले भी आए हैं ऐसे मामले

इतना ही नहीं इससे पहले भी कई मौके आए हैं जब किसी पद पर बैठे व्यक्ति का आस्था के कारण सवाल उठाए गए हैं। भगवान राम मंदिर भूमिपूजन और उसके बाद प्राण प्रतिष्ठा के लिए PM मोदी अयोध्या पहुंचे थे। इस समय सवाल उठाया गया था कि आखिर प्रधानमंत्री किसी एक धर्म का नहीं है। वहीं कुछ समय जस्टिस चंद्रचूड़ के घर पर गणेश पूजा हुई थी। इसमें प्रधानमंत्री मोदी भी शामिल हुए थे। इस पर उनके आस्था और कर्तव्य पर सवाल उठाए गए। मतलब साफ है कि कुछ लोग देश में हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने का ठेका लिखा रखें हैं।

ये भा पढ़ें: तमिलनाडु के मंत्री ने सेक्स पोजीशन से की तिलक की तुलना, सनातन विरोध की होड़ में क्यों DMK नेता?

हमारे पुरखों ने जब देश के भविष्य के लिए संविधान का निर्माण किया तो शायद ही उन्होंने यह कल्पना की होगी कि राम के नाम पर विवाद खड़ा होगा। उन्होंने तो राम के चित्र के जरिए से देश को ‘रामराज्य’ के आदर्शों पर चलाने की कल्पना की थी। उन्हें क्या पता था कि एक दिन ऐसा भी आएगा जब इसी देश में सार्वजनिक रूप से राम के नाम को ही असंवैधानिक करार दे दिया जाएगा। देश में उत्पन्न हो रही ऐसी सियासत ये सवाल भी खड़ा करती है कि क्या वाकई में कुछ नेताओं की राजनीति राम और हिंदुओं के खिलाफ होती जा रही है।

Tags: Governor RN RaviIndian ConstitutionRamTamil Nadu
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

RSS और डॉ. आंबेडकर: अलग रास्ते लेकिन मंज़िल एक, कैसे रहे हैं दोनों के संबंध?

अगली पोस्ट

हिसार में एयरपोर्ट से हरियाणा को मिले विकास के नए ‘पंख’, PM मोदी ने जमकर की CM नायब सैनी की तारीफ

संबंधित पोस्ट

पाकिस्तान की राजनीति में सैन्य प्रभाव का बदला हुआ
भारत

PTI के खिलाफ रणनीति: पाकिस्तान में राजनीतिक नियंत्रण का बदला हुआ चेहरा

2 January 2026

पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व ने बार-बार यह कहा है कि देश अब सीधे राजनीतिक हस्तक्षेप के दौर से आगे बढ़ चुका है। आधिकारिक रूप से...

अजय सिंघल बने हरियाणा के नए डीजीपी
भारत

नए साल की पूर्व संध्या पर अजय सिंघल बने हरियाणा के नए डीजीपी

31 December 2025

हरियाणा सरकार ने बुधवार को वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी अजय सिंघल को हरियाणा का नया पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया है। राज्य के...

चीनी पक्ष अमेरिका के नक्शे कदम पर चल रहा है
भारत

नई दिल्ली ने खारिज किया चीन का दावा, बताया ‘बिज़ार’ और राजनीति से प्रेरित

31 December 2025

नई दिल्ली ने पिछले वर्ष भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव के दौरान चीन द्वारा “मध्यस्थता” किए जाने के दावे को सिरे से...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56

Tejas Under Fire — The Truth Behind the Crash, the Propaganda, and the Facts

00:07:45
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited