TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी पर राम अवतार का पौराणिक संदर्भ

    कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी पर राम अवतार का पौराणिक संदर्भ

    कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मुहर्रम के जुलूस में मारे गए अजय यादव M-Y समीकरण के Y हों या न हों, उनकी पहचान हिंदू थी

मुहर्रम के जुलूस में शिया अकीदतमंद पैगम्बर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की कर्बला में हुई शहादत पर शोक जताते हैं, लेकिन बीते कुछ वर्षों से इस जुलूस में मातम कम शक्ति प्रदर्शन ज्यादा नज़र आने लगा है

Sambhrant Mishra द्वारा Sambhrant Mishra
8 July 2025
in राजनीति, समीक्षा
जिस MY यानी मुस्लिम यादव समीकरण के दम पर ये कथित समाजवादी यूपी और बिहार में सालों तक राज करते रहे, उस MY समीकरण में भी उन्हें सिर्फ M ही नजर आया।

जिस MY यानी मुस्लिम यादव समीकरण के दम पर ये कथित समाजवादी यूपी और बिहार में सालों तक राज करते रहे, उस MY समीकरण में भी उन्हें सिर्फ M ही नजर आया।

Share on FacebookShare on X

अजय यादव का नाम इन दिनों सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। 32 वर्ष के अजय यादव, न कोई फिल्म स्टार थे, न राजनेता, न अधिकारी और न ही कोई सोशल मीडिया स्टार फिर एक गुमनाम सा आम आदमी अचानक से ट्रेंड क्यों करने लगा? दरअसल अजय यादव एक हिंदू थे और बिहार में मुहर्रम के जुलूस के दौरान मुस्लिम कट्टरपंथियों की भीड़ ने उनकी बेरहमी से हत्या कर दी है। घटना बिहार के मोतिहारी की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, मेहसी की कोठिया हरेराम पंचायत में शाम को मुहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था। मुहर्रम का ये जुलूस पैग़म्बर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की कर्बला में शहादत की याद के तौर पर निकाला जाता है और इस जुलूस में अकीदतमंद उनकी शहादत पर शोक जताते है लेकिन बीते कुछ वर्षों से इस जुलूस में मातम कम शक्ति प्रदर्शन ज्यादा नज़र आने लगा है।अजय यादव समुदाय विशेष के इसी शक्तिप्रदर्शन का शिकार बन गए।

अजय यादव अपने साथियों के साथ बाज़ार में ताजियों का जुलूस देख रहे थे, तभी जुलूस में शामिल निजामुद्दीन ने अपने साथियों के साथ तलवारें लहराते हुए उन पर हमला बोल दिया। मुस्लिम भीड़ के इस हमले में अजय यादव और दो दूसरे लोग बुरी तरह जख़्मी हो गए उन्हें अस्पताल भी पहुंचाया गया लेकिन अजय यादव को नहीं बचाया जा सका। बिहार में एनडीए की सरकार है और अब अजय यादव के हत्यारों को तलाशने की क़वायद की जा रही है।

संबंधितपोस्ट

DU एंट्रेंस में कांग्रेस का ‘जाति’ कार्ड और बिहार में ‘राजपूत’ लड़की की गैंगरेप के बाद हत्या: क्या राहुल सारण में मृतका के घर जा कर इंसाफ़ मांगेंगे?

बिहार में खुले में मांस-मछली बिक्री पर रोक: सेहत, सद्भाव और बच्चों के हित में सरकार का फैसला

भाजपा में पीढ़ी परिवर्तन का संकेत: नितिन नवीन की नियुक्ति क्या कहती है?t

और लोड करें

अजय यादव जिस यादव जाति से आते हैं, वो बिहार का सबसे प्रभावशाली ओबीसी वोटबैंक तैयार करती है। इसी वोटबैंक के दम पर लालू यादव, उनके सुपुत्र तेजस्वी यादव अपनी कथित समाजवादी राजनीति चमकाते रहे हैं। लेकिन दुर्भाग्य से जब मुस्लिम भीड़ अजय यादव को तलवारों से काट रही थी (इसे आपसी रंजिश का नाम दिया जा रहा है ) तब उनके नेता, मुस्लिम तुष्टिकरण में जुटे थे। एक तरफ जहां तेजस्वी यादव मंच से शहाबुद्दीन अंसारी ज़िन्दाबाद के नारे लगा रहे थे, तो वहीं पटना में लालू यादव के आवास में मुहर्रम के जुलूस की एंट्री कराई गई, जहां उनकी मां और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनकी बेटी ने ताजियों का सजदा किया, लेकिन पूरे लालू परिवार के पास अपनी ही जाति (वोटबैंक) के अजय यादव की हत्या पर कोई पोस्ट करने, या शोक जताने का एक सेकेंड तक नहीं मिला।

जरा सोचिए जिस M-Y यानी मुस्लिम यादव समीकरण के दम पर ये कथित समाजवादी यूपी और बिहार में सालों तक राज करते रहे, उस M-Y समीकरण में भी उन्हें सिर्फ M ही नजर आया। दरअसल उन्हें तो बस M फैक्टर को ही ख़ुश करना है बाकी Y तो उनके घर की खेती है ही। इसीलिए चाहे तेजस्वी हों या लालू, राबड़ी हों या अखिलेश उन्होने अजय यादव की जगह मुस्लिम तुष्टिकरण को चुना, ताजियों की इबादत को तवज्जो दी। क्योंकि Y फ़ैक्टर तो झक मार कर उनके साथ आएगा ही। उसके लिए उनके पास आरक्षण से लेकर ऊंच-नीच, भेदभाव और कई दूसरे लॉलीपॉप लेकर बैठे ही हुए हैं।

इस निर्मम त्याकांड पर जहां M-Y समीकरण वालों कें मुँह सिले हुए हैं, तो वहीं हिंदू संगठन ही हैं जो इस यादव परिवार के लिए इंसाफ की आवाज़ तेज़ कर रहे हैं। ये वही हिंदू संगठन हैं, जिन्हें M-Y समीकरण के माईबाप- लालू, तेजस्वी और अखिलेश यादव गालियां देते नहीं थकते हैं। हालांकि ये संगठन अजय यादव और उनके परिवार के साथ इसलिए खड़े हैं, क्योंकि अपनी जाति और अपने सियासी समीकरणों से आगे अजय यादव हिंदू हैं। उनकी यही पहचान है और हमलावरों ने भी उनकी यही पहचान देखी लेकिन हमें और ख़ुद उनकी कम्युनिटी को अपनी ये पहचान नज़र क्यों नहीं आती? इसीलिए अजय यादव सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रहे हैं।

अब अभी भी अगर आपको लगता है ये कथित समाजवादी नेता, वाक़ई समाजवाद के लिए काम करेंगे या कम से कम अपनी ही जातियों का भला कर देंगे तो आप भयंकर गल़तफहमी का शिकार हैं, क्योंकि चाहे M-Y की बात करने वाली RJD हो या फिर PDA की बात करने वाली समाजवादी पार्टी, जातियां इनके लिए सिर्फ हिंदुत्व का ब्लॉक कमज़ोर करने, उसमें दरार डालने का एक तरीका हैं। जबकि मुस्लिम कम्युनिटी फिक्स डिपॉजिट की तरह एक सॉलिड वोटबैंक हैं। जऐसा सॉलिड वोटबैंक जिसे विकास से ज्यादा तुष्टिकरण के जरिए लुभाया जा सकता है।

और इसीलिए उनके तुष्टिकरण की खातिर इन कथित समाजवादी नेताओं में बकायदा होड़ लगी रहती है कि कहीं समुदाय विशेष को ख़ुश करने में दूसरा नेता आगे न निकल जाए। अब तेजस्वी यादव इतने भी नासमझ तो हैं नहीं कि अपने ही बिरादरी भाई को इंसाफ़ दिलाने के लिए मुस्लिम वोटबैंक को नाराज़ कर दें, वो भी इतने महत्वपूर्ण समय पर, जबकि इसी साल बिहार में चुनाव होने हैं इसीलिए वो ख़ामोश हैं।
इसी साल बिहार गया में भी ऐसा ही कुछ हुआ था, जब यादव समाज की एक बारात पर मुस्लिमों की भीड़ ने लाठी-डंडों और तलवारों से हमला कर दिया था, उस हमले में दूल्हे के पिता की मौत हो गई थी लेकिन तब भी इन M-Y समीकरण वालों के मुँह में दही जमी रही थी।

बात सिर्फ बिहार की हो, ऐसा भी नहीं है। उत्तर प्रदेश में भरत यादव की मथुरा के सबसे भीड़भाड़ वाले चौराहे पर मुस्लिम भीड़ द्वारा लिंचिंग कर दी गई थी। दरअसल, भरत यादव लस्सी बेचते थे, एक बार मुस्लिम समुदाय के कुछ युवक उनके यहां लस्सी पीने पहुंचे और बिल चुकाने को लेकर दोनों के बीच मामूली बहस हुो गई। अचानक क़रीब दर्जन भर मुस्लिम युवक लाठी डंडे लेकर वहां पहुँच गए और भरत यादव को उनकी दुकान से खींच कर इतना पीटा कि उनकी मौत हो गई।

अखिलेश यादव ओबीसी समाज के बड़े नेता हैं, भरत यादव भी उन्हीं की कम्युनिटी से आते थे। टेक्निकली तो इस मामले में अखिलेश यादव को ही सबसे मुखर होना चाहिए था। हमलावरों के ख़िलाफ़ समाजवादी पार्टी को पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करने चाहिए थे। लेकिन हुआ क्या? कुछ नहीं। अखिलेश यादव और उनके समाजवादी कुनबे के मुँह से एक शब्द तक नहीं निकला, प्रदर्शन तो दूर की बात है। उस वक्त भी हिंदू संगठन ही भरत यादव के परिवार के साथ खड़े दिखे थे। अजय यादव हों या भरत यादव, ये दोनों तेजस्वी और अखिलेश के MY फॉर्मूले का सबसे अहम हिस्सा थे। ऐसे में सवाल ये है कि जब ये नेता उनके लिए कुछ नहीं बोल सके, तो ये दलितों के लिए, दूसरी जातियों और कमज़ोर वर्ग के दूसरे हिंदुओं के लिए क्या बोलेंगे?

जहां मुस्लिम समाज पार्टी होता है, वहां इन कथित समाजवादियों के मुँह पर अलीगढ़ी ताला लटक जाता है। हाँ, इनका जातिगत स्वाभिमान और प्रेम तब ज़रूर जाग जाता है जब पीड़ित और आरोपी दोनों पक्ष हिंदू समाज से हों। फिर चाहे वो कथावाचक मुकुटमणि यादव का मामला हो, हाथरस का मामला हो या फिर ऐसा ही कोई और दूसरा मामला। ऐसा इसलिए ताकि ये जातियाँ आपस में बंटी रहें और उन्हें वोट देती रहें। यानी बतौर समाज हिंदुस्तान और हिंदुत्व कमज़ोर हो तो हो, मुस्लिम वोटबैंक पर कोई आँच नहीं आनी चाहिए।

लेकिन इनके इस तुष्टिकरण की कीमत कौन चुका रहा है? अजय यादव जैसे लोग। जिनकी पहचान सियासी तौर पर कुछ भी हो, लेकिन समाज के तौर पर हिंदू ही है और निशाना बनाए जाने के लिए इतनी पहचान ही काफी है। मथुरा, मोतिहारी और पहलगाम जैसे उदाहरण ये साबित करने के लिए काफी हैं।

Tags: ajay yadavAkhilesh YadavBiharLalu YadavMotihariTejashwi Yadavअखिलेश यादवअजय यादवतेजस्वी यादवबिहारमोतिहारीलालू यादव
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

राष्ट्र निर्माण में नारी की भूमिका और राष्ट्र सेविका समिति

अगली पोस्ट

पुतिन द्वारा पद से हटाने के कुछ घंटे बाद ही मृत पाए गए रूसी परिवहन मंत्री

संबंधित पोस्ट

सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद
चर्चित

सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

27 March 2026

केंद्र सरकार ने देश में फैल रही लॉकडाउन की अफवाहों का पूरी तरह से खंडन किया है, जिसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने स्पष्ट...

भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान
चर्चित

भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

26 March 2026

मिडिल ईस्ट में चल रहे जंग के वजह से गैस और तेल की समस्या बनी हुई हैं, जिसको लेकर सरकार ने मध्यस्थत पश्चिम एशिया में...

मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?
अर्थव्यवस्था

मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

20 March 2026

हॉर्मुज क्राइसिस की वजह से पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतें तेज़ी से बढ़ी हैं, लेकिन भारत में न सिर्फ कीमतें, बल्कि सप्लाई भी स्थिर...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited