TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कृष्णजन्माष्टमी क्यों मनाई जाती है? जानिए इस बार का शुभ मुहूर्त

भगवान कृष्ण के जन्म का पावन पर्व और इसका महत्व

Mansi Singh द्वारा Mansi Singh
9 August 2025
in धार्मिक कथा
कृष्णजन्माष्टमी क्यों मनाई जाती है? जानिए इस बार का शुभ मुहूर्त

कृष्णजन्माष्टमी क्यों मनाई जाती है? जानिए इस बार का शुभ मुहूर्त

Share on FacebookShare on X

कृष्णजन्माष्टमी हिन्दू धर्म का एक बहुत ही पवित्र और खुशी से भरा त्योहार है, जो भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। यह दिन सिर्फ एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि प्रेम, धर्म और आनंद के अवतरण का प्रतीक है। यह पर्व हर साल भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है, जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा के कारागार में हुआ था।

श्रीकृष्ण का जन्म रात के आठवें मुहूर्त में, रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी तिथि के शुभ संयोग में हुआ था, जिसे “जयंती योग” कहा जाता है। उस समय रात के 12 बजे “शून्य काल” था और आकाश में केवल शुभ ग्रहों की दृष्टि थी।

संबंधितपोस्ट

हिंदू त्योहारों पर बढ़ती हिंसा: कर्नाटक के मद्दुर में गणेश विसर्जन के दौरान पथराव से तनाव

जश्न में शामिल, पर जयकारे में चुप- क्या ये सेक्युलरिज़्म का दिखावा है? गणपति पूजा में अली गोनी की चुप्पी पर सवाल

हिंदुओं के त्यौहारों पर लगातार हमले: कैसे कट्टरपंथ की प्रयोगशाला बन रहा है झारखंड?

और लोड करें

श्रीकृष्ण का जन्म केवल एक चमत्कार नहीं था, बल्कि धर्म की पुनःस्थापना और अधर्म के अंत की शुरुआत थी। उनका जीवन कर्म, प्रेम, नीति और लीलाओं से भरा हुआ था। वे एक ओर मुरली बजाने वाले बालक थे और दूसरी ओर धर्म रक्षक योद्धा। वे ईश्वर के अवतार के रूप में इस धरती पर आए, जो धर्म की विजय का प्रतीक है।

कृष्ण जन्म की सच्ची कथा

कंस, जो मथुरा का राजा था, अपनी चचेरी बहन देवकी से बहुत प्रेम करता था। जब देवकी की शादी वसुदेव से हो रही थी, तभी आकाशवाणी हुई कि देवकी का आठवां पुत्र ही कंस का अंत करेगा। यह सुनकर कंस डर और गुस्से में भर गया और उसने तलवार खींच ली ताकि वह देवकी को मार दे। लेकिन वसुदेव ने बड़ी समझदारी से उसे शांत किया और वादा किया कि वे अपनी हर संतान उसे सौंप देंगे। कंस ने यह शर्त मान ली और दोनों को जेल में बंद कर दिया।

देवकी और वसुदेव के छह बच्चे हुए, जिन्हें कंस ने जन्म लेते ही निर्दयता से मार डाला। सातवें गर्भ में भगवान शेषनाग बाल रूप में आए। भगवान विष्णु ने योगमाया की मदद से उन्हें देवकी के गर्भ से निकालकर वसुदेव की दूसरी पत्नी रोहिणी के गर्भ में भेज दिया। यही बालक आगे चलकर बलराम बने।

आठवें गर्भ में भगवान विष्णु ने स्वयं अवतार लिया। उन्होंने देवकी और वसुदेव को उनके पिछले जन्मों की तपस्या और वचन की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि वे पहले वृष्णिगर्भ के रूप में और फिर उपेंद्र (वामन) के रूप में अवतरित हो चुके हैं और अब तीसरी बार आए हैं।

जन्म की रात बहुत अंधेरी थी, तेज बारिश हो रही थी, बिजली कड़क रही थी और यमुना नदी में बाढ़ थी। तभी योगमाया प्रकट हुईं और वसुदेव को आदेश दिया कि वे नवजात कृष्ण को गोकुल ले जाकर यशोदा के पास रख दें और वहाँ से जन्मी कन्या को कारागार में वापस ले आएं।

वसुदेव ने डरते हुए कहा कि वे कैद में हैं, बाहर सैनिक तैनात हैं, वे कैसे जाएंगे? योगमाया मुस्कुराईं और कहा कि सब कुछ उनके लिए आसान हो जाएगा। वसुदेव की बेड़ियाँ टूट गईं, दरवाजे अपने आप खुल गए और पहरेदार सो गए। वसुदेव ने कृष्ण को टोकरी में रखा और यमुना नदी पार करने लगे।

जब पानी बढ़ा तो शेषनाग ने अपनी छाया से बालक को ढक लिया और यमुना माता ने श्रीकृष्ण के चरणों को छूते हुए मार्ग बना दिया। वसुदेव सुरक्षित गोकुल पहुंचे और यशोदा के पास जन्मे बालक के पास श्रीकृष्ण को रखकर वहाँ की नवजात कन्या को लेकर लौट आए।

वापस आकर उन्होंने कन्या को देवकी के पास सुला दिया और योगमाया की कृपा से सब भूल गए। सुबह होते ही कंस आया और कन्या को देखकर चौंक गया। उसने उसे भी मारने की कोशिश की लेकिन वह कन्या उसके हाथ से निकलकर आकाश में उड़ गई और वहां योगमाया के रूप में प्रकट होकर बोलीं -“हे मूर्ख कंस! तुझे मारने वाला कहीं और जन्म ले चुका है। अब कोई तुझे नहीं बचा सकता।”

कंस स्तब्ध रह गया और उसे समझ आ गया कि वह भाग्य को नहीं बदल सकता। इस तरह श्रीकृष्ण के जन्म के साथ अधर्म पर धर्म की विजय की शुरुआत हो गई।

कृष्ण जन्माष्टमी का पौराणिक रहस्य

यह पर्व केवल श्रीकृष्ण के जन्म का दिन नहीं है, बल्कि यह अधर्म पर धर्म की जीत, अंधकार में उजाले के आगमन और जीवन में ईश्वर की मौजूदगी का प्रतीक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब द्वापर युग में पृथ्वी पाप और अत्याचार से भरी हुई थी, तब भगवान विष्णु ने वसुदेव और देवकी के घर श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया।

यह दिन सिर्फ एक बच्चे के जन्म का उत्सव नहीं, बल्कि ईश्वर की उस महान लीला की शुरुआत है, जिसमें जेल के ताले अपने आप खुल जाते हैं, नदी रास्ता देती है, और एक छोटा बालक अधर्म का अंत करने आता है।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, 15 अगस्त को रात 11:49 बजे भाद्रपद माह की अष्टमी तिथि आरंभ होगी और 16 अगस्त को रात 9:34 बजे समाप्त होगी। चूंकि श्रीकृष्ण का जन्म मध्य रात्रि को हुआ था, इसीलिए जन्मोत्सव भी उसी समय मनाया जाता है।

इस बार पूजा का शुभ समय 16 अगस्त की रात 12:04 से 12:47 तक रहेगा। इसी समय भगवान की पूजा और आराधना की जाती है।

कृष्ण जन्माष्टमी पूजा विधि

इस पर्व की पूजा विधि विशेष महत्व रखती है। लड्डू गोपाल के जन्म की तैयारी खास होती है। पूजा की प्रक्रिया इस प्रकार है:

  • सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनें।
  • रात को मंदिर और पालना सजाएँ, गंगाजल से शुद्धिकरण करें।
  • भगवान की मूर्ति को पालने में रखें या चौकी पर विराजमान करें।
  • भगवान को जल, अर्घ्य और आचमन अर्पित करें।
  • पंचामृत से स्नान कराएं: दूध, दही, शहद, घी, गंगाजल।
  • मूर्ति को वस्त्र, आभूषण, मुकुट, मोरपंख से सजाएं।
  • चंदन, फूल, तुलसी, धूप और दीप अर्पित करें।
  • माखन-मिश्री का भोग लगाएं।
  • आरती करें, परिक्रमा करें और प्रार्थना करें।

जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण को भोग में क्या चढ़ाया जाता है?

भक्तजन इस दिन विशेष व्यंजन बनाते हैं, विशेषकर दूध और माखन से बने पकवान। इनमें शामिल हैं:

  • माखन और मिश्री – श्रीकृष्ण के प्रिय।
  • खीर – दूध और चावल से बनी मिठाई।
  • लड्डू व पेड़ा – पारंपरिक मिठाइयाँ।
  • पंचामृत – पवित्र मिश्रण।
  • फल और मेवे – ताजे और सुखाए हुए दोनों।
  • छप्पन भोग – 56 प्रकार के व्यंजन।

इन सभी प्रसादों को भगवान को चढ़ाकर बाद में भक्तों में बांटा जाता है।

Tags: Hindu festivalJanmashtami celebrationJanmashtami importanceKrishna JanmashtamiKrishna Janmashtami Muhurat
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

दिल्ली के सरकारी स्कूल के खेल मैदान में बनी अवैध मजार, बच्चों के अधिकारों पर हमला

अगली पोस्ट

स्मृति ईरानी की टीवी पर शानदार वापसी, रुपाली गांगुली और हिना खान को पछाड़ बनीं हाईएस्ट पेड टीवी स्टार

संबंधित पोस्ट

कार्तिक पूर्णिमा 2025: शिव-त्रिपुरारी से भगवान विष्णु मत्स्य अवतार तक, पौराणिक कथाओं का अद्भुत संगम
इतिहास

कार्तिक पूर्णिमा 2025: शिव-त्रिपुरारी से भगवान विष्णु मत्स्य अवतार तक, पौराणिक कथाओं का अद्भुत संगम

5 November 2025

आज कार्तिक पूर्णिमा है। कार्तिक पूर्णिमा सनातन परंपराओं में अत्यंत पवित्र दिन माना जाता है। यह केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक...

श्राप से वरदान तक: बिहार-झारखंड की वह अनोखी भाई दूज, जहां बहनें पहले भाई को मरने का श्राप देती हैं, फिर जीभ में कांटा चुभाकर मांगती हैं भाई की लंबी उम्र
इतिहास

श्राप से वरदान तक: बिहार-झारखंड की वह अनोखी भाई दूज, जहां बहनें पहले भाई को मरने का श्राप देती हैं, फिर जीभ में कांटा चुभाकर मांगती हैं भाई की लंबी उम्र

22 October 2025

भारत की हर परंपरा की जड़ में कोई गहरी कथा होती है। कहीं विश्वास, कहीं भय, कहीं प्रेम और कहीं उन तीनों का सम्मिश्रण। भाई...

करवा चौथ 2025: आज सुहागिनें रखेंगी अखंड सौभाग्य का व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और आपके शहर में कब दिखेगा चांद
इतिहास

करवा चौथ 2025: आज सुहागिनें रखेंगी अखंड सौभाग्य का व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और आपके शहर में कब दिखेगा चांद

10 October 2025

देशभर में आज यानी 10 अक्तूबर 2025 को करवा चौथ का पावन पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited