बिहार 2025: नीतीश के अनुभव बनाम तेजस्वी की चुनौती, PK के प्रयोग से सियासत में रोमांच
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Asian Games 2026: 85 मेडल के पीछे 3 बड़ी गिरावट और 3 बड़ी कामयाबी, क्या भारत 2022 से कमजोर हुआ?

    Asian Games 2026: 85 मेडल के पीछे 3 बड़ी गिरावट और 3 बड़ी कामयाबी, क्या भारत 2022 से कमजोर हुआ?

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Asian Games 2026: 85 मेडल के पीछे 3 बड़ी गिरावट और 3 बड़ी कामयाबी, क्या भारत 2022 से कमजोर हुआ?

    Asian Games 2026: 85 मेडल के पीछे 3 बड़ी गिरावट और 3 बड़ी कामयाबी, क्या भारत 2022 से कमजोर हुआ?

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बिहार 2025: नीतीश के अनुभव बनाम तेजस्वी की चुनौती, PK के प्रयोग से सियासत में रोमांच

2025 के विधानसभा चुनावों की आहट अब साफ सुनाई दे रही है। इस बार का चुनाव महज़ सत्ता परिवर्तन की लड़ाई नहीं, बल्कि तीन राजनीतिक शैलियों के टकराव की कहानी बन गया है।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
4 October 2025
in चर्चित, मत, राजनीति, समीक्षा
बिहार 2025: नीतीश के अनुभव बनाम तेजस्वी की चुनौती, PK के प्रयोग से सियासत में रोमांच

2025 का चुनाव इस लिहाज़ से भी महत्वपूर्ण है कि यह लोकसभा 2029 से पहले का सबसे बड़ा राज्य चुनाव होगा।

Share on FacebookShare on X

बिहार की राजनीति हमेशा अप्रत्याशित रही है। यहां समीकरण पल भर में बदलते हैं और जनता बार-बार यह साबित करती है कि उसका राजनीतिक विवेक किसी भी जातीय या भावनात्मक खांचे से बड़ा है। 2025 के विधानसभा चुनावों की आहट अब साफ सुनाई दे रही है। इस बार का चुनाव महज़ सत्ता परिवर्तन की लड़ाई नहीं, बल्कि तीन राजनीतिक शैलियों के टकराव की कहानी बन गया है।

एक ओर हैं नीतीश कुमार, जिन्होंने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव से बिहार की सियासत को दशकों तक दिशा दी है। दूसरी ओर हैं तेजस्वी यादव, जो खुद को युवा नेतृत्व और सामाजिक न्याय की अगली पीढ़ी के प्रतीक के रूप में पेश कर रहे हैं। तीसरे हैं प्रशांत किशोर, जिन्होंने अपनी रणनीति और ‘जन सुराज’ आंदोलन के ज़रिए पारंपरिक राजनीति को चुनौती दी है।

संबंधितपोस्ट

भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

J&K Assembly में ‘स्टेटहुड’ पर संग्राम: स्पीकर हटाने की मांग, ऑटोनॉमी के जिक्र पर BJP का हंगामा

‘गांधी परिवार बनाम संघ परिवार’… क्या रेवंत रेड्डी ने कांग्रेस के लिए कर दिया सेल्फ गोल?

और लोड करें

यह चुनाव इस मायने में भी अलग है कि इसमें हर धारा, हर वर्ग और हर क्षेत्र अपने-अपने तरीके से हिस्सेदारी चाहता है। चाहे जातीय समीकरण हों, विकास की राजनीति हो या नेतृत्व का सवाल, हर मोर्चे पर बिहार में एक नई हलचल है।

नीतीश कुमार: अनुभव की राजनीति और स्थिरता का भरोसा

बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का नाम अब केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक ‘प्रशासनिक ब्रांड’ बन चुका है। 2005 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद से उन्होंने बार-बार यह दिखाया है कि बिहार को कानून-व्यवस्था, सड़क, बिजली और शिक्षा जैसे बुनियादी ढांचे पर खड़ा करने की दिशा में जो काम हुआ है, उसकी जड़ें उनके शासनकाल में हैं।

2020 के चुनावों में जब एनडीए को मुश्किल से बहुमत मिला था, तब भी नीतीश का “सुघड़ प्रशासन” और भाजपा का संगठनात्मक सामर्थ्य मिलकर सत्ता में वापसी करा गए। लेकिन 2025 में तस्वीर थोड़ी अलग है।

नीतीश कुमार के पास अनुभव है, पर ‘यू-टर्न’ की छवि भी उनके साथ जुड़ चुकी है। जेडीयू का बार-बार गठबंधन बदलना जनता में कुछ असहजता भी पैदा करता है। इसके बावजूद बिहार का बड़ा तबका अब भी यह मानता है कि नीतीश कुमार भले बार-बार पाला बदलें, लेकिन शासन का पहिया चलाते रहते हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत है प्रशासनिक स्थिरता और यही कारण है कि एनडीए के लिए नीतीश कुमार अब भी भरोसेमंद चेहरा हैं।

नीतीश कुमार की ताकत यह भी है कि उन्होंने भाजपा के साथ तालमेल के ज़रिए संतुलन साधा है। भाजपा का राष्ट्रवादी वोटबैंक और नीतीश का ओबीसी-ईबीसी जनाधार मिलकर अब भी बिहार में शक्तिशाली सामाजिक समीकरण बनाता है।

तेजस्वी यादव: नई शुरुआत का वादा

तेजस्वी यादव इस चुनाव में विपक्ष के सबसे बड़ा चेहरा हैं। उनके पास उम्र की ऊर्जा है, लेकिन शासन का अनुभव सीमित ही है। 2020 के चुनाव में उन्होंने महागठबंधन को अप्रत्याशित बढ़त दिलाई थी। आज आरजेडी प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन सत्ता के दरवाज़े बस कुछ सीटों से दूर रह गए। उस चुनाव में तेजस्वी ने खुद को एक परिपक्व नेता के रूप में पेश किया और उनके भाषणों में बेरोज़गारी, प्रवास और शिक्षा जैसे मुद्दे लगातार केंद्र में रहे। 2025 में भी वही रुख कायम है।

तेजस्वी यादव अब खुद को ‘परिवर्तन’ के प्रतीक के रूप में पेश कर रहे हैं। उनके समर्थक उन्हें “भविष्य का मुख्यमंत्री” मानते हैं, जबकि विरोधी अपरिपक्व और भावनात्मक नेता बताते हैं। आरजेडी का वोट बैंक अब भी ठोस है, यादव-मुस्लिम गठजोड़ मजबूत है। हालांकि, यादवों में भी बड़ा तबका अब एनडीए के पक्ष में मुखर दिख रहा है। इसके बाद कांग्रेस की कमजोरी और वामदलों की सीमित पहुंच ने भी महागठबंधन को चुनौतीपूर्ण स्थिति में डाल दिया है।

हाल के लोकपोल और C-Voter सर्वे यही दिखाते हैं कि तेजस्वी लोकप्रियता के मामले में नीतीश से आगे हैं, लेकिन लोकप्रियता और चुनावी जीत में फर्क होता है। उनकी चुनौती यही है कि वे न केवल नाराज़ वोटों को, बल्कि निर्णायक वर्ग यानी ईबीसी, महिलाएं और युवाओं को अपने पक्ष में कैसे लाते हैं।

प्रशांत किशोर और जन सुराज

2025 का यह चुनाव इसलिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि पहली बार बिहार में तीसरी राजनीतिक धारा गंभीर चर्चा में है। प्रशांत किशोर, जिन्हें लोग अब तक चुनावी रणनीतिकार के रूप में जानते थे, उन्होंने ‘जन सुराज’ के ज़रिए एक नया प्रयोग शुरू किया है। गांव-गांव जाकर उन्होंने संवाद की जो शैली अपनाई है, उसने आम मतदाता को राजनीति से जुड़ने का एक अलग तरीका दिया है। उनकी राजनीति न तो परंपरागत जातीय आधार पर टिकी है, न किसी धर्म या वर्ग पर, बल्कि सुशासन और भागीदारी के एजेंडे पर है।

हालांकि, अब तक के सभी सर्वे यही दिखाते हैं कि जन सुराज पार्टी को 4 से 6 सीटों से ज्यादा नहीं मिल सकतीं, लेकिन उनका वोट शेयर 7 से 9% के बीच रहने की संभावना बताई जा रही है। इसका अर्थ यह है कि PK भले सत्ता की सीधी दौड़ में न हों, पर वोटकटवा नहीं हैं, बल्कि ‘विचारकटवा’ की भूमिका निभा सकते हैं, यानी वे पारंपरिक दलों की नींद उड़ाएंगे और खासकर महागठबंधन को शहरी, पढ़े-लिखे तबके में नुकसान पहुंचा सकते हैं।

सर्वे की तस्वीर: एनडीए के पास बढ़त

हाल में आए पांच बड़े ओपिनियन पोल्स — JVC, लोकपोल, C-Voter, SPICK Media Network और Ascendia ने बिहार की सियासत को गर्मा दिया है। VC और SPICK के सर्वे में एनडीए को स्पष्ट बढ़त दिखाई गई है।
JVC के अनुसार जेडीयू 52–58 सीटें, भाजपा 66–77 सीटें और सहयोगी दल 13–15 सीटें पा सकते हैं। कुल मिलाकर एनडीए 131–150 सीटों तक पहुंच सकता है।
वहीं लोकपोल सर्वे में महागठबंधन को बढ़त दी गई है। 118–126 सीटें बनाम एनडीए की 105–114 सीटें।
C-Voter सर्वे में तेजस्वी यादव को 36% लोग पसंद करते हैं, जबकि नीतीश कुमार को 16% — लेकिन यह सर्वे पसंद का है, सीटों का नहीं।
SPICK Media Network में एनडीए को 158 सीटें दिखाई गई हैं, जबकि महागठबंधन को केवल 66।
Ascendia सर्वे क्षेत्रवार विभाजन बताता है? सीमांचल में एनडीए मजबूत, मगध और भोजपुर में महागठबंधन आगे और उत्तर बिहार में त्रिकोणीय मुकाबला।

अगर इन पांचों सर्वे का औसत निकालें तो तस्वीर यह बनती है
एनडीए: 130–140 सीटें
महागठबंधन: 95–105 सीटें
अन्य (जन सुराज आदि): 5–10 सीटें

यानी मुकाबला भले कड़ा हो, एनडीए अब भी सबसे संगठित और व्यापक गठबंधन के रूप में उभरता है।

क्षेत्रवार समीकरण: कौन कहां पर मजबूत

सीमांचल और पूर्णिया क्षेत्र : यहां मुस्लिम मतदाता निर्णायक हैं। लेकिन, एनडीए की रणनीति यहां बदल चुकी है। भाजपा ने यहां स्थानीय नेतृत्व को आगे बढ़ाया है और विकास, सड़क और शिक्षा के मुद्दों को केंद्र में रखा है।

मगध और भोजपुर: क्षेत्र में परंपरागत रूप से महागठबंधन का प्रभाव रहा है, लेकिन 2020 के बाद भाजपा ने इन इलाकों में संगठनात्मक पकड़ मजबूत की है।

सारण और मिथिला: क्षेत्र में मुकाबला बराबरी का है, यहां नीतीश कुमार की विकास योजनाओं और भाजपा के केंद्रीय चेहरों की उपस्थिति एनडीए को बढ़त देती है।

Ascendia सर्वे के मुताबिक, एनडीए को 9 प्रशासनिक इकाइयों में से 5 में बढ़त दिखाई दे रही है। यानी राज्य स्तर पर रुझान ‘Anti-Incumbency के बावजूद Pro-Stability’ का है। लोग बदलाव तो चाहते हैं, लेकिन अस्थिरता नहीं।

जातीय समीकरण और मुद्दों की भूमिका

बिहार की राजनीति में जाति अब भी एक हकीकत है। लेकिन, उसका स्वरूप बदल रहा है। यादव-मुस्लिम गठबंधन अब भी महागठबंधन का मूल आधार है, लेकिन ओबीसी और ईबीसी वर्ग का झुकाव लगातार एनडीए की ओर है। यादवों में भी एक बड़ा तबका अब एनडीए के पक्ष में आता दिख रहा है। महिलाओं का वोट बैंक, जो 2015 में नीतीश के पक्ष में गया था, आज भी एनडीए की सबसे बड़ी ताकत है। शराबबंदी, साइकिल योजना और पंचायतों में महिला आरक्षण जैसी योजनाओं ने इस तबके में नीतीश की साख बनाई है।

दूसरी ओर, युवा वर्ग में तेजस्वी यादव की अपील है, लेकिन भाजपा और जेडीयू दोनों ने युवाओं को लक्षित करते हुए रोजगार और स्टार्टअप योजनाओं पर ज़ोर बढ़ाया है। प्रशांत किशोर ने बेरोज़गारी और शिक्षा को केंद्र में रखा है, जिससे उनकी पार्टी ‘आदर्श राजनीति’ का प्रतीक बनती दिखती है, लेकिन ज़मीनी वोट में यह कितना बदलेगा, यह सवाल अभी तक अनसुलझा है।

स्थिरता, अनुभव और मोदी फैक्टर

2025 का चुनाव इस लिहाज़ से भी महत्वपूर्ण है कि यह लोकसभा 2029 से पहले का सबसे बड़ा राज्य चुनाव होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बिहार में अब भी काफी ऊंची है और भाजपा को इसका लाभ मिलना तय है। नीतीश कुमार के प्रशासनिक अनुभव के साथ मोदी फैक्टर का संयोजन एनडीए के लिए स्थिरता और राष्ट्रीय नेतृत्व का प्रभावी पैकेज बनाता है। लोग यह भी महसूस करते हैं कि विपक्ष की एकजुटता केवल सत्ता तक सीमित है, विचार तक नहीं।

इधर, आरजेडी के भ्रष्टाचार के पुराने मामलों से जनता का भरोसा अब भी उसके पक्ष में जाता हुआ नहीं दिख रहा है। वहीं, एनडीए ने अपने शासन में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और महिला सुरक्षा पर जो काम किया, वह अब भी जनमानस में दर्ज है। यह वही भरोसा है जो नीतीश कुमार को राजनीतिक आलोचनाओं के बावजूद ‘गंभीर और व्यावहारिक नेता’ के रूप में खड़ा रखता है।

बिहार 2025 का चुनाव केवल यह तय नहीं करेगा कि सत्ता किसके हाथ में जाएगी, बल्कि यह भी कि राज्य की राजनीति किस दिशा में बढ़ेगी। क्या बिहार फिर से सत्ता परिवर्तन के चक्र में फंसेगा, या स्थिर शासन को प्राथमिकता देगा, यह आने वाले महीनों में साफ़ हो जाएगा। लेकिन अब तक के संकेत यही हैं कि जनता नीतीश कुमार के अनुभव और एनडीए की संयुक्त ताकत को पूरी तरह खारिज करने के मूड में नहीं है।

तेजस्वी यादव के पास ऊर्जा है, पर टीम और विश्वसनीय चेहरों की कमी। प्रशांत किशोर के पास विचार है, पर संगठन और वोट ट्रांसफर की क्षमता अभी सीमित। जबकि एनडीए के पास तीनों तत्वों का संतुलन है, नेतृत्व, संगठन और शासन का ट्रैक रिकॉर्ड।

त्रिकोणीय जंग में एनडीए की बढ़त कायम

बिहार का मतदाता अब समझदार है। वह जाति, धर्म और नारों से आगे बढ़कर स्थिर शासन को प्राथमिकता देने लगा है। सर्वे यह बताते हैं कि मुकाबला कांटे का है, लेकिन जनता के मन में एक गहरी भावना है, सरकार बदलने से ज़्यादा जरूरी है विकास का निरंतर होते रहना। यही भावना नीतीश कुमार और एनडीए के पक्ष में सबसे बड़ा आधार बन सकती है।

इसलिए यह कहा जा सकता है कि 2025 की यह जंग अनुभव बनाम आकांक्षा और स्थिरता बनाम प्रयोग की है और इस तिकड़ी में अगर कोई संयम, संगठन और शासन तीनों को जोड़ पा रहा है, तो वह एनडीए ही है। नीतीश कुमार की राजनीति शायद अब अपने अंतिम चरण में है। लेकिन उनका अनुभव और भाजपा की रणनीति मिलकर बिहार में फिर से ‘स्थिर सरकार, सतत विकास’ का समीकरण बना सकती है।

2025 का चुनाव इसलिए रोमांचक है, क्योंकि यह बिहार की नई सियासत की दिशा तय करेगा और इस दिशा में आज भी एनडीए का झंडा सबसे ऊंचा नजर आ रहा है।

Tags: Assembly ElectionsBiharBJPgrand allianceNDANitish KumarPrashant KishoreRJDSurveyTejashwi Yadavएनडीएतेजस्वी यादवनीतीश कुमारप्रशांत किशोरबिहारबीजेपीमहागठबंधनराजदविधानसभा चुनावसर्वे
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भ्रष्टाचार की सड़ांध और चेन्नई से Wintrack Inc की विदाई: जब सरकार और अफ़सर दोनों जिम्मेदार हों

अगली पोस्ट

जयपुर में गुरु तेगबहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ पर “हक-ए-अमन” नाम का सेमिनार: मुस्लिम और सिख संगठनों ने मिलकर किया आयोजन

संबंधित पोस्ट

अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?
चर्चित

अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

3 October 2026

अमेरिका के ओहायो में एक हिंदू मंदिर पर दिनदहाड़े ईंटों से हमला सिर्फ मंदिर की खिड़कियां टूटने की घटना नहीं है। यह उस डर को...

BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।
चर्चित

पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

3 October 2026

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले BJP अब अपनी सबसे बड़ी कमजोरी पर सीधा हमला करने की तैयारी में है। पार्टी का नया फोकस सिर्फ...

भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि
चर्चित

भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

28 September 2026

देश के महान क्रांतिकारी और शहीद भगत सिंह की जयंती पर रविवार को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

00:10:03

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

00:03:28

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited