बिहार 2025: नीतीश के अनुभव बनाम तेजस्वी की चुनौती, PK के प्रयोग से सियासत में रोमांच
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘सबक सिखाएंगे’: बीजेपी उम्मीदवारों पर हमले के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी; बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान ने बदली सियासी बिसात

    ‘सबक सिखाएंगे’: बीजेपी उम्मीदवारों पर हमले के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी; बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान ने बदली सियासी बिसात

    लोकतंत्र का महाकुंभ: बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त, सबसे भारी मतदान ने बदली सियासी हवा

    लोकतंत्र का महाकुंभ: बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त, सबसे भारी मतदान ने बदली सियासी हवा

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    सियासी घमासान: कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे की जुबान फिसली और PM मोदी को कहा ‘आतंकवादी’ अब देने लगे सफ़ाई, चेन्नई की प्रेस कॉन्फ्रेंस से दिल्ली तक की पूरी कहानी

    सियासी घमासान: कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे की जुबान फिसली और PM मोदी को कहा ‘आतंकवादी’ अब देने लगे सफ़ाई, चेन्नई की प्रेस कॉन्फ्रेंस से दिल्ली तक की पूरी कहानी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम

    ‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘सबक सिखाएंगे’: बीजेपी उम्मीदवारों पर हमले के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी; बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान ने बदली सियासी बिसात

    ‘सबक सिखाएंगे’: बीजेपी उम्मीदवारों पर हमले के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी; बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान ने बदली सियासी बिसात

    लोकतंत्र का महाकुंभ: बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त, सबसे भारी मतदान ने बदली सियासी हवा

    लोकतंत्र का महाकुंभ: बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त, सबसे भारी मतदान ने बदली सियासी हवा

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    सियासी घमासान: कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे की जुबान फिसली और PM मोदी को कहा ‘आतंकवादी’ अब देने लगे सफ़ाई, चेन्नई की प्रेस कॉन्फ्रेंस से दिल्ली तक की पूरी कहानी

    सियासी घमासान: कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे की जुबान फिसली और PM मोदी को कहा ‘आतंकवादी’ अब देने लगे सफ़ाई, चेन्नई की प्रेस कॉन्फ्रेंस से दिल्ली तक की पूरी कहानी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम

    ‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बिहार 2025: नीतीश के अनुभव बनाम तेजस्वी की चुनौती, PK के प्रयोग से सियासत में रोमांच

2025 के विधानसभा चुनावों की आहट अब साफ सुनाई दे रही है। इस बार का चुनाव महज़ सत्ता परिवर्तन की लड़ाई नहीं, बल्कि तीन राजनीतिक शैलियों के टकराव की कहानी बन गया है।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
4 October 2025
in चर्चित, मत, राजनीति, समीक्षा
बिहार 2025: नीतीश के अनुभव बनाम तेजस्वी की चुनौती, PK के प्रयोग से सियासत में रोमांच

2025 का चुनाव इस लिहाज़ से भी महत्वपूर्ण है कि यह लोकसभा 2029 से पहले का सबसे बड़ा राज्य चुनाव होगा।

Share on FacebookShare on X

बिहार की राजनीति हमेशा अप्रत्याशित रही है। यहां समीकरण पल भर में बदलते हैं और जनता बार-बार यह साबित करती है कि उसका राजनीतिक विवेक किसी भी जातीय या भावनात्मक खांचे से बड़ा है। 2025 के विधानसभा चुनावों की आहट अब साफ सुनाई दे रही है। इस बार का चुनाव महज़ सत्ता परिवर्तन की लड़ाई नहीं, बल्कि तीन राजनीतिक शैलियों के टकराव की कहानी बन गया है।

एक ओर हैं नीतीश कुमार, जिन्होंने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव से बिहार की सियासत को दशकों तक दिशा दी है। दूसरी ओर हैं तेजस्वी यादव, जो खुद को युवा नेतृत्व और सामाजिक न्याय की अगली पीढ़ी के प्रतीक के रूप में पेश कर रहे हैं। तीसरे हैं प्रशांत किशोर, जिन्होंने अपनी रणनीति और ‘जन सुराज’ आंदोलन के ज़रिए पारंपरिक राजनीति को चुनौती दी है।

संबंधितपोस्ट

क्या ‘युवा संकल्प’ बदलेगा बंगाल का भविष्य ? असंतोष…संभावनाएँ और परिवर्तन की दस्तक !

SIR के बाद बड़ा बदलाव: 12 राज्यों में 6.08 करोड़ वोटर घटे, चुनावी गणित पर क्या पड़ेगा असर?

DU एंट्रेंस में कांग्रेस का ‘जाति’ कार्ड और बिहार में ‘राजपूत’ लड़की की गैंगरेप के बाद हत्या: क्या राहुल सारण में मृतका के घर जा कर इंसाफ़ मांगेंगे?

और लोड करें

यह चुनाव इस मायने में भी अलग है कि इसमें हर धारा, हर वर्ग और हर क्षेत्र अपने-अपने तरीके से हिस्सेदारी चाहता है। चाहे जातीय समीकरण हों, विकास की राजनीति हो या नेतृत्व का सवाल, हर मोर्चे पर बिहार में एक नई हलचल है।

नीतीश कुमार: अनुभव की राजनीति और स्थिरता का भरोसा

बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का नाम अब केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक ‘प्रशासनिक ब्रांड’ बन चुका है। 2005 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद से उन्होंने बार-बार यह दिखाया है कि बिहार को कानून-व्यवस्था, सड़क, बिजली और शिक्षा जैसे बुनियादी ढांचे पर खड़ा करने की दिशा में जो काम हुआ है, उसकी जड़ें उनके शासनकाल में हैं।

2020 के चुनावों में जब एनडीए को मुश्किल से बहुमत मिला था, तब भी नीतीश का “सुघड़ प्रशासन” और भाजपा का संगठनात्मक सामर्थ्य मिलकर सत्ता में वापसी करा गए। लेकिन 2025 में तस्वीर थोड़ी अलग है।

नीतीश कुमार के पास अनुभव है, पर ‘यू-टर्न’ की छवि भी उनके साथ जुड़ चुकी है। जेडीयू का बार-बार गठबंधन बदलना जनता में कुछ असहजता भी पैदा करता है। इसके बावजूद बिहार का बड़ा तबका अब भी यह मानता है कि नीतीश कुमार भले बार-बार पाला बदलें, लेकिन शासन का पहिया चलाते रहते हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत है प्रशासनिक स्थिरता और यही कारण है कि एनडीए के लिए नीतीश कुमार अब भी भरोसेमंद चेहरा हैं।

नीतीश कुमार की ताकत यह भी है कि उन्होंने भाजपा के साथ तालमेल के ज़रिए संतुलन साधा है। भाजपा का राष्ट्रवादी वोटबैंक और नीतीश का ओबीसी-ईबीसी जनाधार मिलकर अब भी बिहार में शक्तिशाली सामाजिक समीकरण बनाता है।

तेजस्वी यादव: नई शुरुआत का वादा

तेजस्वी यादव इस चुनाव में विपक्ष के सबसे बड़ा चेहरा हैं। उनके पास उम्र की ऊर्जा है, लेकिन शासन का अनुभव सीमित ही है। 2020 के चुनाव में उन्होंने महागठबंधन को अप्रत्याशित बढ़त दिलाई थी। आज आरजेडी प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन सत्ता के दरवाज़े बस कुछ सीटों से दूर रह गए। उस चुनाव में तेजस्वी ने खुद को एक परिपक्व नेता के रूप में पेश किया और उनके भाषणों में बेरोज़गारी, प्रवास और शिक्षा जैसे मुद्दे लगातार केंद्र में रहे। 2025 में भी वही रुख कायम है।

तेजस्वी यादव अब खुद को ‘परिवर्तन’ के प्रतीक के रूप में पेश कर रहे हैं। उनके समर्थक उन्हें “भविष्य का मुख्यमंत्री” मानते हैं, जबकि विरोधी अपरिपक्व और भावनात्मक नेता बताते हैं। आरजेडी का वोट बैंक अब भी ठोस है, यादव-मुस्लिम गठजोड़ मजबूत है। हालांकि, यादवों में भी बड़ा तबका अब एनडीए के पक्ष में मुखर दिख रहा है। इसके बाद कांग्रेस की कमजोरी और वामदलों की सीमित पहुंच ने भी महागठबंधन को चुनौतीपूर्ण स्थिति में डाल दिया है।

हाल के लोकपोल और C-Voter सर्वे यही दिखाते हैं कि तेजस्वी लोकप्रियता के मामले में नीतीश से आगे हैं, लेकिन लोकप्रियता और चुनावी जीत में फर्क होता है। उनकी चुनौती यही है कि वे न केवल नाराज़ वोटों को, बल्कि निर्णायक वर्ग यानी ईबीसी, महिलाएं और युवाओं को अपने पक्ष में कैसे लाते हैं।

प्रशांत किशोर और जन सुराज

2025 का यह चुनाव इसलिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि पहली बार बिहार में तीसरी राजनीतिक धारा गंभीर चर्चा में है। प्रशांत किशोर, जिन्हें लोग अब तक चुनावी रणनीतिकार के रूप में जानते थे, उन्होंने ‘जन सुराज’ के ज़रिए एक नया प्रयोग शुरू किया है। गांव-गांव जाकर उन्होंने संवाद की जो शैली अपनाई है, उसने आम मतदाता को राजनीति से जुड़ने का एक अलग तरीका दिया है। उनकी राजनीति न तो परंपरागत जातीय आधार पर टिकी है, न किसी धर्म या वर्ग पर, बल्कि सुशासन और भागीदारी के एजेंडे पर है।

हालांकि, अब तक के सभी सर्वे यही दिखाते हैं कि जन सुराज पार्टी को 4 से 6 सीटों से ज्यादा नहीं मिल सकतीं, लेकिन उनका वोट शेयर 7 से 9% के बीच रहने की संभावना बताई जा रही है। इसका अर्थ यह है कि PK भले सत्ता की सीधी दौड़ में न हों, पर वोटकटवा नहीं हैं, बल्कि ‘विचारकटवा’ की भूमिका निभा सकते हैं, यानी वे पारंपरिक दलों की नींद उड़ाएंगे और खासकर महागठबंधन को शहरी, पढ़े-लिखे तबके में नुकसान पहुंचा सकते हैं।

सर्वे की तस्वीर: एनडीए के पास बढ़त

हाल में आए पांच बड़े ओपिनियन पोल्स — JVC, लोकपोल, C-Voter, SPICK Media Network और Ascendia ने बिहार की सियासत को गर्मा दिया है। VC और SPICK के सर्वे में एनडीए को स्पष्ट बढ़त दिखाई गई है।
JVC के अनुसार जेडीयू 52–58 सीटें, भाजपा 66–77 सीटें और सहयोगी दल 13–15 सीटें पा सकते हैं। कुल मिलाकर एनडीए 131–150 सीटों तक पहुंच सकता है।
वहीं लोकपोल सर्वे में महागठबंधन को बढ़त दी गई है। 118–126 सीटें बनाम एनडीए की 105–114 सीटें।
C-Voter सर्वे में तेजस्वी यादव को 36% लोग पसंद करते हैं, जबकि नीतीश कुमार को 16% — लेकिन यह सर्वे पसंद का है, सीटों का नहीं।
SPICK Media Network में एनडीए को 158 सीटें दिखाई गई हैं, जबकि महागठबंधन को केवल 66।
Ascendia सर्वे क्षेत्रवार विभाजन बताता है? सीमांचल में एनडीए मजबूत, मगध और भोजपुर में महागठबंधन आगे और उत्तर बिहार में त्रिकोणीय मुकाबला।

अगर इन पांचों सर्वे का औसत निकालें तो तस्वीर यह बनती है
एनडीए: 130–140 सीटें
महागठबंधन: 95–105 सीटें
अन्य (जन सुराज आदि): 5–10 सीटें

यानी मुकाबला भले कड़ा हो, एनडीए अब भी सबसे संगठित और व्यापक गठबंधन के रूप में उभरता है।

क्षेत्रवार समीकरण: कौन कहां पर मजबूत

सीमांचल और पूर्णिया क्षेत्र : यहां मुस्लिम मतदाता निर्णायक हैं। लेकिन, एनडीए की रणनीति यहां बदल चुकी है। भाजपा ने यहां स्थानीय नेतृत्व को आगे बढ़ाया है और विकास, सड़क और शिक्षा के मुद्दों को केंद्र में रखा है।

मगध और भोजपुर: क्षेत्र में परंपरागत रूप से महागठबंधन का प्रभाव रहा है, लेकिन 2020 के बाद भाजपा ने इन इलाकों में संगठनात्मक पकड़ मजबूत की है।

सारण और मिथिला: क्षेत्र में मुकाबला बराबरी का है, यहां नीतीश कुमार की विकास योजनाओं और भाजपा के केंद्रीय चेहरों की उपस्थिति एनडीए को बढ़त देती है।

Ascendia सर्वे के मुताबिक, एनडीए को 9 प्रशासनिक इकाइयों में से 5 में बढ़त दिखाई दे रही है। यानी राज्य स्तर पर रुझान ‘Anti-Incumbency के बावजूद Pro-Stability’ का है। लोग बदलाव तो चाहते हैं, लेकिन अस्थिरता नहीं।

जातीय समीकरण और मुद्दों की भूमिका

बिहार की राजनीति में जाति अब भी एक हकीकत है। लेकिन, उसका स्वरूप बदल रहा है। यादव-मुस्लिम गठबंधन अब भी महागठबंधन का मूल आधार है, लेकिन ओबीसी और ईबीसी वर्ग का झुकाव लगातार एनडीए की ओर है। यादवों में भी एक बड़ा तबका अब एनडीए के पक्ष में आता दिख रहा है। महिलाओं का वोट बैंक, जो 2015 में नीतीश के पक्ष में गया था, आज भी एनडीए की सबसे बड़ी ताकत है। शराबबंदी, साइकिल योजना और पंचायतों में महिला आरक्षण जैसी योजनाओं ने इस तबके में नीतीश की साख बनाई है।

दूसरी ओर, युवा वर्ग में तेजस्वी यादव की अपील है, लेकिन भाजपा और जेडीयू दोनों ने युवाओं को लक्षित करते हुए रोजगार और स्टार्टअप योजनाओं पर ज़ोर बढ़ाया है। प्रशांत किशोर ने बेरोज़गारी और शिक्षा को केंद्र में रखा है, जिससे उनकी पार्टी ‘आदर्श राजनीति’ का प्रतीक बनती दिखती है, लेकिन ज़मीनी वोट में यह कितना बदलेगा, यह सवाल अभी तक अनसुलझा है।

स्थिरता, अनुभव और मोदी फैक्टर

2025 का चुनाव इस लिहाज़ से भी महत्वपूर्ण है कि यह लोकसभा 2029 से पहले का सबसे बड़ा राज्य चुनाव होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बिहार में अब भी काफी ऊंची है और भाजपा को इसका लाभ मिलना तय है। नीतीश कुमार के प्रशासनिक अनुभव के साथ मोदी फैक्टर का संयोजन एनडीए के लिए स्थिरता और राष्ट्रीय नेतृत्व का प्रभावी पैकेज बनाता है। लोग यह भी महसूस करते हैं कि विपक्ष की एकजुटता केवल सत्ता तक सीमित है, विचार तक नहीं।

इधर, आरजेडी के भ्रष्टाचार के पुराने मामलों से जनता का भरोसा अब भी उसके पक्ष में जाता हुआ नहीं दिख रहा है। वहीं, एनडीए ने अपने शासन में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और महिला सुरक्षा पर जो काम किया, वह अब भी जनमानस में दर्ज है। यह वही भरोसा है जो नीतीश कुमार को राजनीतिक आलोचनाओं के बावजूद ‘गंभीर और व्यावहारिक नेता’ के रूप में खड़ा रखता है।

बिहार 2025 का चुनाव केवल यह तय नहीं करेगा कि सत्ता किसके हाथ में जाएगी, बल्कि यह भी कि राज्य की राजनीति किस दिशा में बढ़ेगी। क्या बिहार फिर से सत्ता परिवर्तन के चक्र में फंसेगा, या स्थिर शासन को प्राथमिकता देगा, यह आने वाले महीनों में साफ़ हो जाएगा। लेकिन अब तक के संकेत यही हैं कि जनता नीतीश कुमार के अनुभव और एनडीए की संयुक्त ताकत को पूरी तरह खारिज करने के मूड में नहीं है।

तेजस्वी यादव के पास ऊर्जा है, पर टीम और विश्वसनीय चेहरों की कमी। प्रशांत किशोर के पास विचार है, पर संगठन और वोट ट्रांसफर की क्षमता अभी सीमित। जबकि एनडीए के पास तीनों तत्वों का संतुलन है, नेतृत्व, संगठन और शासन का ट्रैक रिकॉर्ड।

त्रिकोणीय जंग में एनडीए की बढ़त कायम

बिहार का मतदाता अब समझदार है। वह जाति, धर्म और नारों से आगे बढ़कर स्थिर शासन को प्राथमिकता देने लगा है। सर्वे यह बताते हैं कि मुकाबला कांटे का है, लेकिन जनता के मन में एक गहरी भावना है, सरकार बदलने से ज़्यादा जरूरी है विकास का निरंतर होते रहना। यही भावना नीतीश कुमार और एनडीए के पक्ष में सबसे बड़ा आधार बन सकती है।

इसलिए यह कहा जा सकता है कि 2025 की यह जंग अनुभव बनाम आकांक्षा और स्थिरता बनाम प्रयोग की है और इस तिकड़ी में अगर कोई संयम, संगठन और शासन तीनों को जोड़ पा रहा है, तो वह एनडीए ही है। नीतीश कुमार की राजनीति शायद अब अपने अंतिम चरण में है। लेकिन उनका अनुभव और भाजपा की रणनीति मिलकर बिहार में फिर से ‘स्थिर सरकार, सतत विकास’ का समीकरण बना सकती है।

2025 का चुनाव इसलिए रोमांचक है, क्योंकि यह बिहार की नई सियासत की दिशा तय करेगा और इस दिशा में आज भी एनडीए का झंडा सबसे ऊंचा नजर आ रहा है।

Tags: Assembly ElectionsBiharBJPgrand allianceNDANitish KumarPrashant KishoreRJDSurveyTejashwi Yadavएनडीएतेजस्वी यादवनीतीश कुमारप्रशांत किशोरबिहारबीजेपीमहागठबंधनराजदविधानसभा चुनावसर्वे
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भ्रष्टाचार की सड़ांध और चेन्नई से Wintrack Inc की विदाई: जब सरकार और अफ़सर दोनों जिम्मेदार हों

अगली पोस्ट

जयपुर में गुरु तेगबहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ पर “हक-ए-अमन” नाम का सेमिनार: मुस्लिम और सिख संगठनों ने मिलकर किया आयोजन

संबंधित पोस्ट

‘सबक सिखाएंगे’: बीजेपी उम्मीदवारों पर हमले के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी; बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान ने बदली सियासी बिसात
राजनीति

‘सबक सिखाएंगे’: बीजेपी उम्मीदवारों पर हमले के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी; बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान ने बदली सियासी बिसात

24 April 2026

पश्चिम बंगाल के चुनावी समर का पहला चरण समाप्त होते ही राज्य की राजनीति में उबाल आ गया है। एक तरफ जहाँ 91.91 प्रतिशत (लगभग...

लोकतंत्र का महाकुंभ: बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त, सबसे भारी मतदान ने बदली सियासी हवा
चर्चित

लोकतंत्र का महाकुंभ: बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त, सबसे भारी मतदान ने बदली सियासी हवा

24 April 2026

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 24 अप्रैल 2026 की तारीख स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुए मतदान ने...

नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’
इतिहास

नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

23 April 2026

‘इतिहास’ केवल बीते समय की घटनाओं का क्रम नहीं होता, बल्कि किसी राष्ट्र की चेतना, उसकी स्मृतियों और उसकी पहचान का आधार भी होता है।...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited