बिहार 2025: नीतीश के अनुभव बनाम तेजस्वी की चुनौती, PK के प्रयोग से सियासत में रोमांच
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बिहार 2025: नीतीश के अनुभव बनाम तेजस्वी की चुनौती, PK के प्रयोग से सियासत में रोमांच

2025 के विधानसभा चुनावों की आहट अब साफ सुनाई दे रही है। इस बार का चुनाव महज़ सत्ता परिवर्तन की लड़ाई नहीं, बल्कि तीन राजनीतिक शैलियों के टकराव की कहानी बन गया है।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
4 October 2025
in चर्चित, मत, राजनीति, समीक्षा
बिहार 2025: नीतीश के अनुभव बनाम तेजस्वी की चुनौती, PK के प्रयोग से सियासत में रोमांच

2025 का चुनाव इस लिहाज़ से भी महत्वपूर्ण है कि यह लोकसभा 2029 से पहले का सबसे बड़ा राज्य चुनाव होगा।

Share on FacebookShare on X

बिहार की राजनीति हमेशा अप्रत्याशित रही है। यहां समीकरण पल भर में बदलते हैं और जनता बार-बार यह साबित करती है कि उसका राजनीतिक विवेक किसी भी जातीय या भावनात्मक खांचे से बड़ा है। 2025 के विधानसभा चुनावों की आहट अब साफ सुनाई दे रही है। इस बार का चुनाव महज़ सत्ता परिवर्तन की लड़ाई नहीं, बल्कि तीन राजनीतिक शैलियों के टकराव की कहानी बन गया है।

एक ओर हैं नीतीश कुमार, जिन्होंने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव से बिहार की सियासत को दशकों तक दिशा दी है। दूसरी ओर हैं तेजस्वी यादव, जो खुद को युवा नेतृत्व और सामाजिक न्याय की अगली पीढ़ी के प्रतीक के रूप में पेश कर रहे हैं। तीसरे हैं प्रशांत किशोर, जिन्होंने अपनी रणनीति और ‘जन सुराज’ आंदोलन के ज़रिए पारंपरिक राजनीति को चुनौती दी है।

संबंधितपोस्ट

टीएमसी पर अस्तित्व का संकट गहराया: संसदीय बगावत ने पकड़ी रफ्तार, बागी खेमे से सायोनी घोष और माला रॉय के जुड़ने की चर्चा

पीएम मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बने,नहरू को भी छोड़ा पीछे

हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

और लोड करें

यह चुनाव इस मायने में भी अलग है कि इसमें हर धारा, हर वर्ग और हर क्षेत्र अपने-अपने तरीके से हिस्सेदारी चाहता है। चाहे जातीय समीकरण हों, विकास की राजनीति हो या नेतृत्व का सवाल, हर मोर्चे पर बिहार में एक नई हलचल है।

नीतीश कुमार: अनुभव की राजनीति और स्थिरता का भरोसा

बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का नाम अब केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक ‘प्रशासनिक ब्रांड’ बन चुका है। 2005 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद से उन्होंने बार-बार यह दिखाया है कि बिहार को कानून-व्यवस्था, सड़क, बिजली और शिक्षा जैसे बुनियादी ढांचे पर खड़ा करने की दिशा में जो काम हुआ है, उसकी जड़ें उनके शासनकाल में हैं।

2020 के चुनावों में जब एनडीए को मुश्किल से बहुमत मिला था, तब भी नीतीश का “सुघड़ प्रशासन” और भाजपा का संगठनात्मक सामर्थ्य मिलकर सत्ता में वापसी करा गए। लेकिन 2025 में तस्वीर थोड़ी अलग है।

नीतीश कुमार के पास अनुभव है, पर ‘यू-टर्न’ की छवि भी उनके साथ जुड़ चुकी है। जेडीयू का बार-बार गठबंधन बदलना जनता में कुछ असहजता भी पैदा करता है। इसके बावजूद बिहार का बड़ा तबका अब भी यह मानता है कि नीतीश कुमार भले बार-बार पाला बदलें, लेकिन शासन का पहिया चलाते रहते हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत है प्रशासनिक स्थिरता और यही कारण है कि एनडीए के लिए नीतीश कुमार अब भी भरोसेमंद चेहरा हैं।

नीतीश कुमार की ताकत यह भी है कि उन्होंने भाजपा के साथ तालमेल के ज़रिए संतुलन साधा है। भाजपा का राष्ट्रवादी वोटबैंक और नीतीश का ओबीसी-ईबीसी जनाधार मिलकर अब भी बिहार में शक्तिशाली सामाजिक समीकरण बनाता है।

तेजस्वी यादव: नई शुरुआत का वादा

तेजस्वी यादव इस चुनाव में विपक्ष के सबसे बड़ा चेहरा हैं। उनके पास उम्र की ऊर्जा है, लेकिन शासन का अनुभव सीमित ही है। 2020 के चुनाव में उन्होंने महागठबंधन को अप्रत्याशित बढ़त दिलाई थी। आज आरजेडी प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन सत्ता के दरवाज़े बस कुछ सीटों से दूर रह गए। उस चुनाव में तेजस्वी ने खुद को एक परिपक्व नेता के रूप में पेश किया और उनके भाषणों में बेरोज़गारी, प्रवास और शिक्षा जैसे मुद्दे लगातार केंद्र में रहे। 2025 में भी वही रुख कायम है।

तेजस्वी यादव अब खुद को ‘परिवर्तन’ के प्रतीक के रूप में पेश कर रहे हैं। उनके समर्थक उन्हें “भविष्य का मुख्यमंत्री” मानते हैं, जबकि विरोधी अपरिपक्व और भावनात्मक नेता बताते हैं। आरजेडी का वोट बैंक अब भी ठोस है, यादव-मुस्लिम गठजोड़ मजबूत है। हालांकि, यादवों में भी बड़ा तबका अब एनडीए के पक्ष में मुखर दिख रहा है। इसके बाद कांग्रेस की कमजोरी और वामदलों की सीमित पहुंच ने भी महागठबंधन को चुनौतीपूर्ण स्थिति में डाल दिया है।

हाल के लोकपोल और C-Voter सर्वे यही दिखाते हैं कि तेजस्वी लोकप्रियता के मामले में नीतीश से आगे हैं, लेकिन लोकप्रियता और चुनावी जीत में फर्क होता है। उनकी चुनौती यही है कि वे न केवल नाराज़ वोटों को, बल्कि निर्णायक वर्ग यानी ईबीसी, महिलाएं और युवाओं को अपने पक्ष में कैसे लाते हैं।

प्रशांत किशोर और जन सुराज

2025 का यह चुनाव इसलिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि पहली बार बिहार में तीसरी राजनीतिक धारा गंभीर चर्चा में है। प्रशांत किशोर, जिन्हें लोग अब तक चुनावी रणनीतिकार के रूप में जानते थे, उन्होंने ‘जन सुराज’ के ज़रिए एक नया प्रयोग शुरू किया है। गांव-गांव जाकर उन्होंने संवाद की जो शैली अपनाई है, उसने आम मतदाता को राजनीति से जुड़ने का एक अलग तरीका दिया है। उनकी राजनीति न तो परंपरागत जातीय आधार पर टिकी है, न किसी धर्म या वर्ग पर, बल्कि सुशासन और भागीदारी के एजेंडे पर है।

हालांकि, अब तक के सभी सर्वे यही दिखाते हैं कि जन सुराज पार्टी को 4 से 6 सीटों से ज्यादा नहीं मिल सकतीं, लेकिन उनका वोट शेयर 7 से 9% के बीच रहने की संभावना बताई जा रही है। इसका अर्थ यह है कि PK भले सत्ता की सीधी दौड़ में न हों, पर वोटकटवा नहीं हैं, बल्कि ‘विचारकटवा’ की भूमिका निभा सकते हैं, यानी वे पारंपरिक दलों की नींद उड़ाएंगे और खासकर महागठबंधन को शहरी, पढ़े-लिखे तबके में नुकसान पहुंचा सकते हैं।

सर्वे की तस्वीर: एनडीए के पास बढ़त

हाल में आए पांच बड़े ओपिनियन पोल्स — JVC, लोकपोल, C-Voter, SPICK Media Network और Ascendia ने बिहार की सियासत को गर्मा दिया है। VC और SPICK के सर्वे में एनडीए को स्पष्ट बढ़त दिखाई गई है।
JVC के अनुसार जेडीयू 52–58 सीटें, भाजपा 66–77 सीटें और सहयोगी दल 13–15 सीटें पा सकते हैं। कुल मिलाकर एनडीए 131–150 सीटों तक पहुंच सकता है।
वहीं लोकपोल सर्वे में महागठबंधन को बढ़त दी गई है। 118–126 सीटें बनाम एनडीए की 105–114 सीटें।
C-Voter सर्वे में तेजस्वी यादव को 36% लोग पसंद करते हैं, जबकि नीतीश कुमार को 16% — लेकिन यह सर्वे पसंद का है, सीटों का नहीं।
SPICK Media Network में एनडीए को 158 सीटें दिखाई गई हैं, जबकि महागठबंधन को केवल 66।
Ascendia सर्वे क्षेत्रवार विभाजन बताता है? सीमांचल में एनडीए मजबूत, मगध और भोजपुर में महागठबंधन आगे और उत्तर बिहार में त्रिकोणीय मुकाबला।

अगर इन पांचों सर्वे का औसत निकालें तो तस्वीर यह बनती है
एनडीए: 130–140 सीटें
महागठबंधन: 95–105 सीटें
अन्य (जन सुराज आदि): 5–10 सीटें

यानी मुकाबला भले कड़ा हो, एनडीए अब भी सबसे संगठित और व्यापक गठबंधन के रूप में उभरता है।

क्षेत्रवार समीकरण: कौन कहां पर मजबूत

सीमांचल और पूर्णिया क्षेत्र : यहां मुस्लिम मतदाता निर्णायक हैं। लेकिन, एनडीए की रणनीति यहां बदल चुकी है। भाजपा ने यहां स्थानीय नेतृत्व को आगे बढ़ाया है और विकास, सड़क और शिक्षा के मुद्दों को केंद्र में रखा है।

मगध और भोजपुर: क्षेत्र में परंपरागत रूप से महागठबंधन का प्रभाव रहा है, लेकिन 2020 के बाद भाजपा ने इन इलाकों में संगठनात्मक पकड़ मजबूत की है।

सारण और मिथिला: क्षेत्र में मुकाबला बराबरी का है, यहां नीतीश कुमार की विकास योजनाओं और भाजपा के केंद्रीय चेहरों की उपस्थिति एनडीए को बढ़त देती है।

Ascendia सर्वे के मुताबिक, एनडीए को 9 प्रशासनिक इकाइयों में से 5 में बढ़त दिखाई दे रही है। यानी राज्य स्तर पर रुझान ‘Anti-Incumbency के बावजूद Pro-Stability’ का है। लोग बदलाव तो चाहते हैं, लेकिन अस्थिरता नहीं।

जातीय समीकरण और मुद्दों की भूमिका

बिहार की राजनीति में जाति अब भी एक हकीकत है। लेकिन, उसका स्वरूप बदल रहा है। यादव-मुस्लिम गठबंधन अब भी महागठबंधन का मूल आधार है, लेकिन ओबीसी और ईबीसी वर्ग का झुकाव लगातार एनडीए की ओर है। यादवों में भी एक बड़ा तबका अब एनडीए के पक्ष में आता दिख रहा है। महिलाओं का वोट बैंक, जो 2015 में नीतीश के पक्ष में गया था, आज भी एनडीए की सबसे बड़ी ताकत है। शराबबंदी, साइकिल योजना और पंचायतों में महिला आरक्षण जैसी योजनाओं ने इस तबके में नीतीश की साख बनाई है।

दूसरी ओर, युवा वर्ग में तेजस्वी यादव की अपील है, लेकिन भाजपा और जेडीयू दोनों ने युवाओं को लक्षित करते हुए रोजगार और स्टार्टअप योजनाओं पर ज़ोर बढ़ाया है। प्रशांत किशोर ने बेरोज़गारी और शिक्षा को केंद्र में रखा है, जिससे उनकी पार्टी ‘आदर्श राजनीति’ का प्रतीक बनती दिखती है, लेकिन ज़मीनी वोट में यह कितना बदलेगा, यह सवाल अभी तक अनसुलझा है।

स्थिरता, अनुभव और मोदी फैक्टर

2025 का चुनाव इस लिहाज़ से भी महत्वपूर्ण है कि यह लोकसभा 2029 से पहले का सबसे बड़ा राज्य चुनाव होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बिहार में अब भी काफी ऊंची है और भाजपा को इसका लाभ मिलना तय है। नीतीश कुमार के प्रशासनिक अनुभव के साथ मोदी फैक्टर का संयोजन एनडीए के लिए स्थिरता और राष्ट्रीय नेतृत्व का प्रभावी पैकेज बनाता है। लोग यह भी महसूस करते हैं कि विपक्ष की एकजुटता केवल सत्ता तक सीमित है, विचार तक नहीं।

इधर, आरजेडी के भ्रष्टाचार के पुराने मामलों से जनता का भरोसा अब भी उसके पक्ष में जाता हुआ नहीं दिख रहा है। वहीं, एनडीए ने अपने शासन में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और महिला सुरक्षा पर जो काम किया, वह अब भी जनमानस में दर्ज है। यह वही भरोसा है जो नीतीश कुमार को राजनीतिक आलोचनाओं के बावजूद ‘गंभीर और व्यावहारिक नेता’ के रूप में खड़ा रखता है।

बिहार 2025 का चुनाव केवल यह तय नहीं करेगा कि सत्ता किसके हाथ में जाएगी, बल्कि यह भी कि राज्य की राजनीति किस दिशा में बढ़ेगी। क्या बिहार फिर से सत्ता परिवर्तन के चक्र में फंसेगा, या स्थिर शासन को प्राथमिकता देगा, यह आने वाले महीनों में साफ़ हो जाएगा। लेकिन अब तक के संकेत यही हैं कि जनता नीतीश कुमार के अनुभव और एनडीए की संयुक्त ताकत को पूरी तरह खारिज करने के मूड में नहीं है।

तेजस्वी यादव के पास ऊर्जा है, पर टीम और विश्वसनीय चेहरों की कमी। प्रशांत किशोर के पास विचार है, पर संगठन और वोट ट्रांसफर की क्षमता अभी सीमित। जबकि एनडीए के पास तीनों तत्वों का संतुलन है, नेतृत्व, संगठन और शासन का ट्रैक रिकॉर्ड।

त्रिकोणीय जंग में एनडीए की बढ़त कायम

बिहार का मतदाता अब समझदार है। वह जाति, धर्म और नारों से आगे बढ़कर स्थिर शासन को प्राथमिकता देने लगा है। सर्वे यह बताते हैं कि मुकाबला कांटे का है, लेकिन जनता के मन में एक गहरी भावना है, सरकार बदलने से ज़्यादा जरूरी है विकास का निरंतर होते रहना। यही भावना नीतीश कुमार और एनडीए के पक्ष में सबसे बड़ा आधार बन सकती है।

इसलिए यह कहा जा सकता है कि 2025 की यह जंग अनुभव बनाम आकांक्षा और स्थिरता बनाम प्रयोग की है और इस तिकड़ी में अगर कोई संयम, संगठन और शासन तीनों को जोड़ पा रहा है, तो वह एनडीए ही है। नीतीश कुमार की राजनीति शायद अब अपने अंतिम चरण में है। लेकिन उनका अनुभव और भाजपा की रणनीति मिलकर बिहार में फिर से ‘स्थिर सरकार, सतत विकास’ का समीकरण बना सकती है।

2025 का चुनाव इसलिए रोमांचक है, क्योंकि यह बिहार की नई सियासत की दिशा तय करेगा और इस दिशा में आज भी एनडीए का झंडा सबसे ऊंचा नजर आ रहा है।

Tags: Assembly ElectionsBiharBJPgrand allianceNDANitish KumarPrashant KishoreRJDSurveyTejashwi Yadavएनडीएतेजस्वी यादवनीतीश कुमारप्रशांत किशोरबिहारबीजेपीमहागठबंधनराजदविधानसभा चुनावसर्वे
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भ्रष्टाचार की सड़ांध और चेन्नई से Wintrack Inc की विदाई: जब सरकार और अफ़सर दोनों जिम्मेदार हों

अगली पोस्ट

जयपुर में गुरु तेगबहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ पर “हक-ए-अमन” नाम का सेमिनार: मुस्लिम और सिख संगठनों ने मिलकर किया आयोजन

संबंधित पोस्ट

TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी
चर्चित

TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

10 July 2026

महाराष्ट्र के नासिक में चर्चित टीसीएस (TCS) धर्म परिवर्तन मामले में गिरफ्तार आरोपी निदा खान को बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। पांच महीने...

मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट
चर्चित

मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

6 July 2026

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को मंत्रालय के डिजास्टर कंट्रोल रूम में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में आपदा राहत मंत्री...

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती
चर्चित

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

6 July 2026

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर सोमवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगले शैक्षणिक...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

What's Really Behind Xinjiang's Global Supply Chains?

What's Really Behind Xinjiang's Global Supply Chains?

00:03:26

IRAN HITS UAE OIL TANKERS

00:03:28

THE CAMPS AFTER URUMQI

00:03:51

BANGKOK PUB FIRE HORROR

00:04:07

Vietnam Speedboat Tragedy: How 15 Indian Tourists Lost Their Lives

00:03:35
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited