ये होती है दोस्ती! नॉर्दर्न सी रूट पर भारत के साथ रूस की डील से चीन की बढ़ेंगी मुश्किलें
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर हिंसा

    कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर हिंसा: खामेनेई की मौत के विरोध में 8 की मौत, कई घायल

    यूएसएस फोर्ड की रहस्यमय गायबगी

    यूएसएस फोर्ड की रहस्यमय गायबगी: ईरान के चारों ओर सैन्य तैनाती और संभावित युद्ध की तैयारी

    ड्रग्स के खतरे को खत्म करने के लिए दिल्ली पुलिस की बड़ी योजना

    ड्रग्स के खतरे को खत्म करने के लिए दिल्ली पुलिस की बड़ी योजना, झुग्गी बस्तियों और युवाओं की सुरक्षा पर खास फोकस

    NCERT किताब विवाद के बीच केंद्र ने माफी मांगी

    NCERT किताब विवाद के बीच केंद्र ने मांगी माफी , CJI ने काउंसिल पर कड़ा रुख अपनाया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान-इजराइल युद्ध तेज

    ईरान-इजराइल युद्ध तेज: एयरस्ट्राइक, जवाबी मिसाइल हमले और खामेनेई को लेकर बढ़ा सस्पेंस

    दुबई पर हमला

    दुबई पर हमला: जब भरोसे और सुरक्षा की छवि को सबसे बड़ी चुनौती मिली

    यूएसएस फोर्ड की रहस्यमय गायबगी

    यूएसएस फोर्ड की रहस्यमय गायबगी: ईरान के चारों ओर सैन्य तैनाती और संभावित युद्ध की तैयारी

    पीएम कार्नी की भारत यात्रा से पहले कनाडा का संकेत

    कनाडा ने भारत की ईमानदारी को किया स्वीकार,कार्नी की यात्रा से पहले कूटनीतिक रिश्तों में बदलाव

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर हिंसा

    कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर हिंसा: खामेनेई की मौत के विरोध में 8 की मौत, कई घायल

    यूएसएस फोर्ड की रहस्यमय गायबगी

    यूएसएस फोर्ड की रहस्यमय गायबगी: ईरान के चारों ओर सैन्य तैनाती और संभावित युद्ध की तैयारी

    ड्रग्स के खतरे को खत्म करने के लिए दिल्ली पुलिस की बड़ी योजना

    ड्रग्स के खतरे को खत्म करने के लिए दिल्ली पुलिस की बड़ी योजना, झुग्गी बस्तियों और युवाओं की सुरक्षा पर खास फोकस

    NCERT किताब विवाद के बीच केंद्र ने माफी मांगी

    NCERT किताब विवाद के बीच केंद्र ने मांगी माफी , CJI ने काउंसिल पर कड़ा रुख अपनाया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान-इजराइल युद्ध तेज

    ईरान-इजराइल युद्ध तेज: एयरस्ट्राइक, जवाबी मिसाइल हमले और खामेनेई को लेकर बढ़ा सस्पेंस

    दुबई पर हमला

    दुबई पर हमला: जब भरोसे और सुरक्षा की छवि को सबसे बड़ी चुनौती मिली

    यूएसएस फोर्ड की रहस्यमय गायबगी

    यूएसएस फोर्ड की रहस्यमय गायबगी: ईरान के चारों ओर सैन्य तैनाती और संभावित युद्ध की तैयारी

    पीएम कार्नी की भारत यात्रा से पहले कनाडा का संकेत

    कनाडा ने भारत की ईमानदारी को किया स्वीकार,कार्नी की यात्रा से पहले कूटनीतिक रिश्तों में बदलाव

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

ये होती है दोस्ती! नॉर्दर्न सी रूट पर भारत के साथ रूस की डील से चीन की बढ़ेंगी मुश्किलें

रूस और भारत नॉर्दर्न सी रूट (NSR) को लेकर जो समझौता करने जा रहे हैं, वह केवल एक शिपिंग प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक शतरंज की एक बड़ी चाल है।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
8 October 2025
in अर्थव्यवस्था, भारत, भू-राजनीति, रक्षा, रणनीति, विश्व, व्यवसाय
ये होती है दोस्ती! नॉर्दर्न सी रूट पर भारत के साथ रूस की डील से चीन की बढ़ेंगी मुश्किलें

भारत के लिए यह साझेदारी केवल रणनीति नहीं, बल्कि आर्थिक पुनर्जागरण का भी प्रतीक है।

Share on FacebookShare on X

भारत और रूस के रिश्ते अब पारंपरिक रक्षा सहयोग की सीमाओं से आगे बढ़ चुके हैं। दिसंबर में जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आएंगे, तो उनका एजेंडा केवल ऊर्जा, हथियार या कूटनीतिक साझेदारी नहीं होगा, इस बार बात होगी आर्कटिक महासागर की बर्फीली गहराइयों में छिपे उस अवसर की, जिसे चीन लंबे समय से अपना मानकर चल रहा है। रूस अब उस क्षेत्र में भारत को अपने साथ खड़ा देखना चाहता है और यह बदलाव केवल व्यापार नहीं, बल्कि एशियाई शक्ति संतुलन की कहानी कह रहा है।

आर्कटिक से हिंद महासागर तक नई कूटनीति

रूस और भारत नॉर्दर्न सी रूट (NSR) को लेकर जो समझौता करने जा रहे हैं, वह केवल एक शिपिंग प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक शतरंज की एक बड़ी चाल है। नॉर्दर्न सी रूट रूस के उत्तरी तट से होकर गुजरता है और आर्कटिक महासागर को यूरोप और एशिया से जोड़ता है।
पारंपरिक दक्षिणी समुद्री मार्ग यानी स्वेज नहर या मलक्का जलडमरूमध्य की तुलना में यह रास्ता लगभग 40% छोटा है।

संबंधितपोस्ट

कनाडा ने भारत की ईमानदारी को किया स्वीकार,कार्नी की यात्रा से पहले कूटनीतिक रिश्तों में बदलाव

पीएम कार्नी की भारत यात्रा से पहले संकेत—कनाडा हिंसक गतिविधियों में भारत की भूमिका नहीं

भारत ने खाड़ी सहयोग परिषद के साथ ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता शुरू की

और लोड करें

इसका अर्थ है कि भारत से यूरोप तक माल ढुलाई न केवल तेज और सस्ती होगी, बल्कि यह मार्ग उन क्षेत्रों से भी बचेगा जो अमेरिका या चीन की नौसैनिक निगरानी में रहते हैं। यानी यह रास्ता न केवल व्यापारिक लाभ देगा, बल्कि रणनीतिक स्वायत्तता भी सुनिश्चित करेगा।

रूस के लिए भी भारत का साथ महत्वपूर्ण

यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी प्रतिबंधों ने रूस के समुद्री व्यापार पर भारी असर डाला है। पश्चिमी कंपनियों और जहाजरानी सेवाओं के हटने के बाद पुतिन को भरोसेमंद भागीदारों की जरूरत है और भारत उसके इस खालीपन को भर सकता है। भारत के पास अब न केवल विशाल व्यापारिक तंत्र है, बल्कि वह पश्चिमी दबाव से मुक्त होकर अपने हित में फैसले लेने की क्षमता भी रखता है। इसीलिए रूस चाहता है कि भारत आर्कटिक में अपनी मौजूदगी बढ़ाए, ताकि मॉस्को का आर्थिक और राजनीतिक संतुलन केवल चीन पर निर्भर न रहे।

चीन की बेचैनी का असली कारण

भारत और रूस की यह साझेदारी सबसे ज्यादा चीन को परेशान कर रही है। बीजिंग पिछले एक दशक से खुद को “Near-Arctic State” कहता आया है, हालांकि भौगोलिक रूप से चीन का आर्कटिक से कोई सीधा संबंध नहीं है। इसके बाद भी उसने रूस के साथ मिलकर आर्कटिक क्षेत्र में निवेश, खनन और नौसैनिक प्रयोग शुरू किए हैं। खासकर “Polar Silk Road” के नाम पर।

लेकिन रूस अब उस रास्ते में भारत को लाकर संतुलन की नई दीवार खड़ी कर रहा है। चीन के लिए यह दोहरी चुनौती होगी, एक तरफ दक्षिण में हिंद महासागर में भारत की मौजूदगी, और दूसरी तरफ उत्तर में आर्कटिक में भारत की एंट्री। यानी चीन अब भूगोल के दोनों छोरों से भारत-रूस की रणनीतिक पकड़ में आने वाला है।

भारत ने पहले ही हिंद महासागर क्षेत्र में चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) को चुनौती देने के लिए चाबहार पोर्ट, सबांग और अंदमान निकोबार जैसे ठिकानों पर ध्यान केंद्रित किया है। अब अगर चाबहार को नॉर्दर्न सी रूट से जोड़ने की योजना आगे बढ़ती है, तो भारत के पास दक्षिण से उत्तर तक एक वैकल्पिक एशियाई कॉरिडोर तैयार हो जाएगा। यह वह भौगोलिक स्थिति है, जिसे रणनीतिक विश्लेषक “Twin Deterrence” कहते हैं। मतलब चीन को एक साथ दो मोर्चों पर संतुलित करना होगा।

पुतिन की रणनीति: चीन से दूरी, भारत से भरोसा

पुतिन के लिए यह साझेदारी सिर्फ दोस्ती नहीं, बल्कि एक भविष्य का सुरक्षा कवच है। रूस जानता है कि चीन के साथ उसका रिश्ता असमान है। आर्थिक रूप से बीजिंग अब बहुत ताकतवर हो चुका है। यूक्रेन युद्ध में रूस को जब पश्चिम से अलग-थलग किया गया, तब चीन ने तो समर्थन दिया, लेकिन अपने हितों की सीमा से आगे नहीं बढ़ा।

अब पुतिन नहीं चाहते कि रूस पूरी तरह चीनी निर्भरता में फंस जाए। भारत को आर्कटिक में साझेदार बनाकर वह रणनीतिक विविधता (Strategic Diversification) ला रहे हैं। भारत के साथ जुड़ने से रूस को भरोसेमंद लोकतांत्रिक सहयोगी मिलेगा, जिसकी विदेश नीति स्वतंत्र है और जो किसी पश्चिमी या पूर्वी गुट के इशारे पर नहीं चलता।

इसके अलावा रूस की यह भी इच्छा है कि भारत Arctic Council में अपनी भूमिका बढ़ाए। रूस यह भलीभांति जानता है कि अगर भारत जैसे जिम्मेदार खिलाड़ी आर्कटिक में सक्रिय होंगे, तो पश्चिमी देशों की नीतियों पर भी सकारात्मक दबाव बनेगा और चीन का एकाधिकार टूटेगा। यह वही “बड़ी चाल” है जो रूस को एशिया और यूरोप के बीच नया सेतु बना सकती है।

भारत के लिए अवसरों का नया युग

भारत के लिए यह साझेदारी केवल रणनीति नहीं, बल्कि आर्थिक पुनर्जागरण का भी प्रतीक है। आर्कटिक क्षेत्र में तेल, गैस, कोबाल्ट, लिथियम और रेयर अर्थ मिनरल्स के विशाल भंडार हैं और भविष्य की ग्रीन एनर्जी क्रांति इन्हीं पर टिकी है। भारत के पास पहले से ही ऊर्जा आपूर्ति की चुनौती है और रूस से यह सहयोग उसे न केवल दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा देगा बल्कि नए रोजगार और तकनीकी विकास के अवसर भी खोलेगा।

इसके अलावा भारत की शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री और पोलर नेविगेशन स्किल्स में भी बड़ा सुधार होगा। पिछले साल दोनों देशों ने ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप बनाकर “Joint Arctic Shipbuilding Project” और “Indian Mariners Training for Polar Navigation” पर चर्चा शुरू की थी। अब यह डील फाइनल होते ही भारत के नौसैनिक और तकनीकी विशेषज्ञ आर्कटिक के कठिन जलमार्गों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे। यह भारत के “ब्लू इकोनॉमी” विजन का सबसे ठोस विस्तार होगा।

नई वैश्विक व्यवस्था की झलक

भारत और रूस का यह गठबंधन दुनिया को यह संदेश भी दे रहा है कि वैश्विक राजनीति अब केवल अमेरिका या चीन की शर्तों पर नहीं चलेगी। यूक्रेन युद्ध के बाद जब पश्चिम ने रूस को अलग-थलग करने की कोशिश की, तब भारत ने तटस्थ रहते हुए अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दी। आज उसी नीति का परिणाम यह है कि रूस भारत को “विश्वसनीय शक्ति” के रूप में देखता है। भारत की विदेश नीति अब संतुलन की नहीं, स्वाभिमान की नीति बन चुकी है और यही उसे अमेरिका, रूस और यूरोप तीनों के साथ समान स्तर पर संवाद करने की क्षमता दे रही है। चीन के लिए यह बदलाव गहरी चिंता का विषय है।

भारत एक तरफ अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में क्वाड के जरिए चीन को रोकने की कोशिश कर रहा है तो दूसरी तरफ रूस अब भारत के साथ मिलकर उसके उत्तरी फ्लैंक पर दबाव बना रहा है। यानी भारत अब विश्व शक्ति संतुलन का केंद्रीय स्तंभ बनता जा रहा है। यह वही स्थिति है जिसका सपना पंडित नेहरू से लेकर नरेंद्र मोदी तक हर प्रधानमंत्री ने देखा था, भारत को वैश्विक निर्णय-निर्माण की टेबल पर स्थायी स्थान दिलाना।

रणनीतिक साझेदारी की नई परिभाषा

भारत और रूस की आर्कटिक साझेदारी इस बात का प्रतीक है कि पुराने दोस्त अब नए युग की आवश्यकताओं के अनुसार खुद को ढाल रहे हैं। यह रिश्तों की 21वीं सदी की पुनर्परिभाषा है, जहां भावनात्मक जुड़ाव के साथ-साथ ठोस आर्थिक और रणनीतिक हित भी जुड़े हैं। चीन की विस्तारवादी नीतियों, अमेरिका की दबावपूर्ण कूटनीति और यूरोप की अनिश्चितताओं के बीच यह साझेदारी भारत को एक संतुलनकारी शक्ति के रूप में स्थापित कर रही है।

दिसंबर में जब पुतिन नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठेंगे, तो यह केवल दो देशों की वार्षिक बैठक नहीं होगी, बल्कि यह उस भू-राजनीतिक युग का आगाज़ होगा जहां भारत और रूस मिलकर एशिया की दिशा तय करेंगे और चीन को पहली बार दोनों दिशाओं से घेर लेंगे।

Tags: AmericaChinaIndiaIndian OceanPacific OceanPM ModiRussiaVladimir Putinअमेरिकाचीनपीएम मोदीप्रसांत महासागरब्लादीमीर पुतिनभारतरूसहिन्द महासागर
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पहले गौ हत्या रोको, फिर वोट मिलेगा: शंकराचार्य का संदेश और बदलता चुनावी विमर्श

अगली पोस्ट

बिहार में ‘इंडिया’ गठबंधन में दरार: कांग्रेस-राजद विधायकों के इस्तीफे से भाजपा को मिला बलt

संबंधित पोस्ट

कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर हिंसा
चर्चित

कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर हिंसा: खामेनेई की मौत के विरोध में 8 की मौत, कई घायल

1 March 2026

रविवार को पाकिस्तान के कराची में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (यूएस कॉन्सुलेट) के बाहर हुई हिंसक झड़पों में कम से कम आठ प्रदर्शनकारियों की मौत...

ईरान-इजराइल युद्ध तेज
विश्व

ईरान-इजराइल युद्ध तेज: एयरस्ट्राइक, जवाबी मिसाइल हमले और खामेनेई को लेकर बढ़ा सस्पेंस

1 March 2026

28 फरवरी को इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान सहित कई शहरों पर हवाई हमले किए। उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प वॉर रूम में...

दुबई पर हमला
विश्व

दुबई पर हमला: जब भरोसे और सुरक्षा की छवि को सबसे बड़ी चुनौती मिली

1 March 2026

“Dubai assailed” कोई काल्पनिक कहानी या राजनीतिक कल्पना नहीं है। यह एक ऐसी हकीकत बन गई है, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया और निजी चैट समूहों...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited