बिहार में ‘इंडिया’ गठबंधन की दीवारों में दरार: कांग्रेस-राजद विधायकों के इस्तीफे से भाजपा को मिला बल
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बिहार में ‘इंडिया’ गठबंधन में दरार: कांग्रेस-राजद विधायकों के इस्तीफे से भाजपा को मिला बलt

रोहतास के चेनारी से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री मुरारी प्रसाद गौतम और कैमूर के भभुआ से राजद विधायक भरत बिंद दोनों के इस्तीफे ने यह दिखा दिया है कि विपक्ष की यह एकजुटता केवल सत्ता की आकांक्षा पर टिकी थी

TFI Desk द्वारा TFI Desk
9 October 2025
in चर्चित, भारत, मत, राजनीति, समीक्षा
बिहार में ‘इंडिया’ गठबंधन की दीवारों में दरार: कांग्रेस-राजद विधायकों के इस्तीफे से भाजपा को मिला बल

राजद का भविष्य तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर टिका है, लेकिन उनके पास नीति की स्पष्टता नहीं।

Share on FacebookShare on X

बिहार की राजनीति फिर एक बार करवट ले रही है। चुनाव से पहले जिस गठबंधन ने खुद को नरेंद्र मोदी और भाजपा के अजेय अभियान के विरुद्ध एकमात्र विकल्प बताने की कोशिश की थी, वही अब खुद अपने ही भीतर से दरकने लगा है। बुधवार को कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक-एक विधायकों ने इस्तीफा देकर विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन की खोखली एकता को उजागर कर दिया।

रोहतास के चेनारी से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री मुरारी प्रसाद गौतम और कैमूर के भभुआ से राजद विधायक भरत बिंद दोनों के इस्तीफे ने यह दिखा दिया है कि विपक्ष की यह एकजुटता केवल सत्ता की आकांक्षा पर टिकी थी, विचार या प्रतिबद्धता पर नहीं। सूत्रों का कहना है कि दोनों नेता शीघ्र ही भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

संबंधितपोस्ट

हामिद अंसारी के बयान पर सुधांशु त्रिवेदी का पलटवार, कांग्रेस की विचारधारा पर उठाए सवाल

DUSU Results 2026: छात्रों की गूंज किसके साथ? ABVP की 3 सीटों की जीत, क्या बता रहे हैं Gen Z के ये नतीजे?

जावेद अख्तर बनाम आनंद रंगनाथन: मौलाना आज़ाद की एक लाइन ने क्यों खोल दिया इतिहास का पूरा पिटारा

और लोड करें

गौर से देखें तो यह केवल दो इस्तीफों की बात नहीं है, यह बिहार में बदलती राजनीतिक चेतना का संकेत है, ऐसी चेतना जो जाति, धर्म और वंश से आगे बढ़कर अब विकास, स्थिरता और नेतृत्व की विश्वसनीयता पर केंद्रित हो चुकी है।

मुरारी प्रसाद गौतम का इस्तीफा: कांग्रेस में अंतर्विरोध की मिसाल

मुरारी प्रसाद गौतम, रोहतास के प्रभावशाली नेता और पूर्व मुखिया महेंद्र राम के पुत्र हैं। दो बार विधायक रहे गौतम कांग्रेस के पुराने सिपाही रहे हैं, लेकिन पार्टी की दिशा और नेतृत्व को लेकर उनकी नाराजगी लंबे समय से सामने आती रही है।

जब कांग्रेस ने उन पर जदयू के साथ सांठगांठ के आरोप लगाए और अयोग्यता की याचिका दायर की, तब उन्होंने स्पीकर के निर्णय से पहले ही इस्तीफा देकर स्पष्ट संदेश दे दिया कि वे अब इस कमज़ोर और नेतृत्वहीन कांग्रेस का हिस्सा नहीं रहना चाहते। उनका यह कदम कांग्रेस की संगठनात्मक जड़ता को बेनकाब करता है, ऐसी पार्टी जो न तो अपने कार्यकर्ताओं को सम्मान दे पा रही है और न ही अपने जनाधार को बचा पा रही है।

गौतम के भाजपा में शामिल होने की संभावना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं, जो भाजपा के सबका साथ, सबका विकास नीति के केंद्रीय स्तंभों में से एक बन चुका है।

भरत बिंद ने दिखाई राजद में असंतोष की झलक

राजद के भरत बिंद का इस्तीफा बिहार में दूसरी बड़ी राजनीतिक हलचल है। 2020 में पहली बार विधानसभा पहुंचे बिंद, तेजस्वी यादव के करीबी माने जाते थे, लेकिन धीरे-धीरे संगठन में उपेक्षित महसूस करने लगे। पार्टी के भीतर टिकट वितरण और नेतृत्व शैली को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।

भरत बिंद, अति पिछड़ा वर्ग (EBC) से आते हैं, जो बिहार की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाता है। भाजपा ने पिछले एक दशक में जिस सामाजिक समीकरण को साधा है, उसमें अति पिछड़ा वर्ग उसकी सबसे मजबूत नींव बन चुका है। इस वर्ग के बड़े नेता सम्राट चौधरी, संजीव बालियान और नंदकिशोर यादव जैसे चेहरे भाजपा के सामाजिक समावेशन मॉडल का प्रतीक हैं।

भरत बिंद का भाजपा की ओर झुकाव यह दिखाता है कि अब यह वर्ग केवल सामाजिक न्याय की नारेबाजी से संतुष्ट नहीं है, वह राजनीतिक सम्मान और विकास की ठोस गारंटी चाहता है, जो भाजपा दे रही है।

इंडिया गठबंधन की खोखली एकता

इंडिया गठबंधन की सबसे बड़ी विफलता यह है कि यह विचारधारा पर नहीं, व्यक्ति-केन्द्रित सत्ता विरोध पर टिका है। सभी विपक्षी दलों का एकमात्र एजेंडा है, मोदी हटाओ। लेकिन, मोदी के हटने के बाद क्या? इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

कांग्रेस, राजद और जदयू तीनों के बीच न तो नेतृत्व पर सहमति है और न ही एजेंडे पर। नीतीश कुमार खुद पहले भाजपा छोड़कर राजद-कांग्रेस के पाले में गए और अब वे भाजपा के प्रबल समर्थकों में गिने जाते हैं। दूसरी ओर, तेजस्वी यादव का सपना है कि वे बिहार की कमान अकेले ही संभालें। ये बात कांग्रेस और राजद, दोनों के बीच केवल ‘अनिवार्य परंतु अप्रभावी’ घटक बनकर रह गई है।

दरअसल यह गठबंधन अंदर से उसी दिन कमजोर पड़ गया था, जब 2024 के लोकसभा चुनाव में बिहार में सीटों के बंटवारे को लेकर राजद और कांग्रेस में विवाद हुआ था। अब जब विधानसभा चुनाव की आहट तेज़ है, तो अंदरूनी कलह सार्वजनिक रूप ले चुकी है।

भाजपा की रणनीति: सामाजिक इंजीनियरिंग से वैचारिक स्थिरता तक

भाजपा की ताकत यह है कि उसने बिहार को केवल जातीय राजनीति का मैदान नहीं माना, बल्कि वैचारिक जनजागरण का प्रदेश बनाया। 2014 से लेकर अब तक पार्टी ने दलित, अति पिछड़ा, महिला, युवा और ग्रामीण वर्गों में अपना स्थायी जनाधार बनाया है।

मोदी सरकार की योजनाएं: प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, पीएम किसान सम्मान निधि ने सीधे-सीधे गांवों के घरों तक राहत पहुंचाई है। भाजपा की राजनीति का केंद्र अब विकास और सशक्तिकरण है, जबकि विपक्ष अभी भी भय और भ्रम की राजनीति में उलझा हुआ है।

वैसे भी नीतीश कुमार की राजनीति संतुलन की रही है, लेकिन भाजपा की राजनीति निश्चितता की है। भाजपा का संदेश स्पष्ट है नेतृत्व स्थायी है, नीयत साफ है और राष्ट्र सर्वोपरि है। यही वजह है कि आज भाजपा न केवल बिहार में बल्कि पूरे उत्तर भारत में स्थिरता का पर्याय बन चुकी है।

भाजपा की रणनीति की सफलता

कभी बिहार की राजनीति को मंडल बनाम कमंडल के चश्मे से देखा जाता था। लेकिन, अब वह समीकरण पूरी तरह बदल चुका है। भाजपा ने कमंडल के साथ मंडल को जोड़ दिया है, यानी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के साथ सामाजिक समावेशन। भाजपा ने जानबूझकर उन वर्गों पर ध्यान केंद्रित किया जो पारंपरिक रूप से राजद या कांग्रेस के वोट बैंक माने जाते थे। जैसे कुशवाहा, बिंद, पासवान, निषाद, रविदास और मल्लाह समुदाय। इन वर्गों को यह एहसास हुआ कि भाजपा केवल ऊंची जातियों की पार्टी नहीं रही, बल्कि अब यह राष्ट्रहित की पार्टी बन चुकी है, जहां हर मेहनतकश नागरिक के लिए जगह है।

दलित समाज से आने वाले नेता जैसे जीतनराम मांझी और रामविलास पासवान (जीवनकाल में) भाजपा के इस सामाजिक गठजोड़ के सेतु बने। उनके बाद भी भाजपा ने उनके वारिसों को अपने राजनीतिक परिवार का हिस्सा बनाए रखा है, जिससे यह संदेश गया कि भाजपा में विकास की निरंतरता है, न कि वंश की विरासत।

विपक्षी गठबंधन की वैचारिक थकान

‘इंडिया’ गठबंधन की सबसे बड़ी कमजोरी उसका वैचारिक दिशाहीविहीनता है। जब भाजपा राष्ट्रवाद की बात करती है, तो कांग्रेस और राजद उसे ध्रुवीकरण कहकर खारिज कर देते हैं। जब भाजपा आतंकवाद पर सख्त रुख अपनाती है, तो विपक्ष मानवाधिकार की दुहाई देता है। जब मोदी सरकार विकास योजनाओं की चर्चा करती है, तो विपक्ष सांप्रदायिकता का मुद्दा उठाता है। आखिर यह है क्या, विपक्ष के पास कोई मुद्दा तो दिखता नहीं, केवल मोदी और नीतीश की बुराई करो और उनका विरोध करो, अनर्गल प्रलाप करो। इससे क्या होने वाला है?

यह रणनीति अब पुरानी पड़ चुकी है। जनता अब भावनात्मक प्रपंचों से आगे बढ़ चुकी है। बिहार की नई पीढ़ी जानती है कि स्थिर सरकार ही निवेश, रोजगार और शिक्षा के लिए जरूरी है।

राजद और कांग्रेस का भविष्य: अस्तित्व की जद्दोजहद

राजद का भविष्य तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर टिका है, लेकिन उनके पास नीति की स्पष्टता नहीं। वे अपने पिता लालू यादव की शैली की राजनीति से आगे नहीं निकल पा रहे हैं। बिहार की जनता अब जाति आधारित नारेबाजी नहीं, बल्कि विकास आधारित परिणाम चाहती है।

कांग्रेस के लिए तो स्थिति और भी दयनीय है। पार्टी न तो राष्ट्रीय स्तर पर भरोसेमंद रही, न ही राज्य स्तर पर प्रासंगिक। जिन जिलों में कांग्रेस कभी सबसे मजबूत थी जैसे रोहतास, भोजपुर, सिवान वहां अब पार्टी के पास न संगठन है और न ही नेतृत्व। मुरारी प्रसाद गौतम जैसे नेता का जाना कांग्रेस की जमीनी मौजूदगी के अंत का प्रतीक है।

भाजपा को राजनीतिक और नैरेटिव दोनों स्तरों पर लाभ

कांग्रेस और राजद के दो विधायकों के इस्तीफे से भाजपा को दोहरा लाभ मिला है। पहला यह कि संख्यात्मक रूप से विपक्ष कमजोर हुआ है। दूसरा नैरेटिव के स्तर पर भी भाजपा का दावा मजबूत हुआ है कि मोदी विरोध की राजनीति टिकाऊ नहीं है। भाजपा को अब यह कहने में आसानी होगी कि विपक्षी गठबंधन केवल सत्ता की डील है, जबकि भाजपा सेवा का आंदोलन है। भाजपा की संगठनात्मक एकजुटता, विचार की स्पष्टता और नेतृत्व की स्थिरता उसके सबसे बड़े हथियार हैं।

भाजपा ने पहले ही विधानसभा चुनाव के लिए अपनी मिशन बिहार रणनीति तैयार कर ली है, जिसमें लक्ष्य केवल सत्ता नहीं, बल्कि स्थायी शासन मॉडल को स्थापित करना है। पार्टी का फोकस अब जातीय गठजोड़ से हटकर विकास आधारित जनसंपर्क पर है।

बिहार में भाजपा की उभरती अग्रिम पंक्ति

बिहार के राजनीतिक समीकरण अब उस दिशा में बढ़ रहे हैं, जहां भाजपा को अकेले बहुमत पाने की संभावना से कोई इंकार नहीं किया जा सकता। राज्य में भाजपा के पास संगठन की गहराई है, युवा कार्यकर्ताओं की फौज है और केंद्र की योजनाओं का भरोसा है। इसके विपरीत, ‘इंडिया’ गठबंधन के पास केवल असहमति का एजेंडा है न दृष्टि और न ही दिशा।

जब जनता स्थिर नेतृत्व और विकास की आकांक्षा में भाजपा को देखती है, तो विपक्ष उसके सामने केवल आरोपों का पुलिंदा खोल देता है। यही राजनीतिक अंतर है, भाजपा शासन देती है, लेकिन विपक्ष क्या करता है, केवल भाषण।

इस्तीफे नहीं, युग परिवर्तन का संकेत

मुरारी प्रसाद गौतम और भरत बिंद का इस्तीफा केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं है, यह बिहार की राजनीति में वैचारिक परिवर्तन की दस्तक है। यह उस दौर की शुरुआत है जब जाति से ऊपर राष्ट्र की चेतना आकार ले रही है और भाजपा उसी चेतना की वाहक बन चुकी है।

इंडिया गठबंधन अब एक राजनीतिक प्रयोग भर रह गया है, जबकि भाजपा एक वैचारिक आंदोलन में बदल चुकी है, जो केवल सत्ता नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की दिशा तय कर रहा है। बिहार में भाजपा का उभार केवल सीटों की गिनती नहीं है, बल्कि उस सामाजिक परिवर्तन की कहानी है, जिसमें हर वर्ग, हर जाति और हर समुदाय एक साथ खड़ा है। भारत की एकता, विकास और आत्मगौरव के पक्ष में।

Tags: Assembly ElectionsBiharBJPCongressNarendra ModiNDANitish Kumarresignation of two MLAsRJDएनडीएकांग्रेसदो विधायकों का इस्तीफानरेंद्र मोदीनीतीश कुमारबिहारभाजपाराजदविधानसभा चुनाव
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

ये होती है दोस्ती! नॉर्दर्न सी रूट पर भारत के साथ रूस की डील से चीन की बढ़ेंगी मुश्किलें

अगली पोस्ट

तेजस्वी की दो सीटों से चुनाव लड़ने की तैयारी, ये राजद की हताशा नहीं तो और क्या है?

संबंधित पोस्ट

बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा
समीक्षा

बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

18 September 2026

पुस्तक का नाम: कथा रूप: बलिदानी हेमू कालानी लेखक: किशोर कान्त प्रकाशक: सुरुचि प्रकाशन, नई दिल्ली पृष्ठ: 99 मूल्य: 149 प्रिंट भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का...

वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ
मत

वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

4 September 2026

आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है। आज के दिन हम प्रायः श्रीकृष्ण के बालरूप को याद करते हैं। माखन चुराने वाले नटखट कान्हा, मुरली बजाने वाले गोप...

हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्
ज्ञान

हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

4 September 2026

हिन्दवः सोदराः सर्वे, न हिन्दूः पतितो भवेत् मम दीक्षा हिन्दू रक्षा, मम मन्त्रः समानता यही वह भाव है, जिसके साथ विश्व हिन्दू परिषद् की स्थापना...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited