अब बिहार में जंगलराज नहीं, जनराज चलेगा: बेतिया से सीतामढ़ी तक मोदी की हुंकार, RJD-कांग्रेस के कुशासन पर करारा प्रहार
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।

    पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

    पीएम मोदी और विकसित भारत पर पुस्तक का अनावरण

    नमो बुक फेस्ट का आज आखिरी दिन: छात्रों की कलम से विकसित भारत का सपना, पीएम मोदी पर लिखी पुस्तक का विमोचन

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं मुख्य अतिथि

    लोक कल्याण मार्ग पर चार छोटी-छोटी गायों को चारा खिलाया.

    पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।

    पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

    पीएम मोदी और विकसित भारत पर पुस्तक का अनावरण

    नमो बुक फेस्ट का आज आखिरी दिन: छात्रों की कलम से विकसित भारत का सपना, पीएम मोदी पर लिखी पुस्तक का विमोचन

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं मुख्य अतिथि

    लोक कल्याण मार्ग पर चार छोटी-छोटी गायों को चारा खिलाया.

    पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अब बिहार में जंगलराज नहीं, जनराज चलेगा: बेतिया से सीतामढ़ी तक मोदी की हुंकार, RJD-कांग्रेस के कुशासन पर करारा प्रहार

बेतिया और सीतामढ़ी की भीड़ में गूंजती मोदी की आवाज़ केवल एक नेता की नहीं थी, वह एक ऐसी जनता की थी जिसने अपने अतीत से सबक लिया है और अब अपने भविष्य की पटकथा खुद लिखना चाहती है। यह चुनाव वास्तव में जंगलराज बनाम जनराज का निर्णायक क्षण है।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
8 November 2025
in क्राइम, चर्चित, बिहार डायरी, मत, राजनीति, समीक्षा
अब बिहार में जंगलराज नहीं, जनराज चलेगा: बेतिया से सीतामढ़ी तक मोदी की हुंकार, RJD-कांग्रेस के कुशासन पर करारा प्रहार

पीएम मोदी ने कहा कि बिहार ने देश को सामाजिक न्याय की परिभाषा दी है।

Share on FacebookShare on X

बेतिया की तपती दोपहर में, जब हवा में चुनावी उत्साह की गर्माहट और जनता के चेहरों पर परिवर्तन की आस्था झलक रही थी, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के राजनीतिक इतिहास में एक नई पंक्ति जोड़ दी, यह चुनाव किसी व्यक्ति का नहीं, बिहार की जनता की प्रतिष्ठा का चुनाव है। यह वाक्य केवल एक चुनावी जुमला नहीं था, बल्कि एक वैचारिक घोषणा थी। बिहार की आत्मा में गूंजती हुई एक चेतावनी कि राज्य में अब ‘कट्टा राज’ नहीं, बल्कि ‘जनराज’ का युग आना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने बेतिया में जो कहा, वह मात्र चुनाव प्रचार नहीं था। वह एक व्यापक राष्ट्रवादी दृष्टिकोण का हिंस्सा था, जिसमें बिहार के राजनीतिक संक्रमण, विकास की आकांक्षा और सामाजिक अस्मिता तीनों को एक साथ जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव मोदी या नीतीश का नहीं, बिहार की माताओं, बेटियों और युवाओं का चुनाव है। पीएम मोदी का यह बयान सीधा उस वर्ग को संबोधित था जो बीते तीन दशकों में बिहार के हर बदलाव की धुरी बना, महिलाएं, पिछड़ा वर्ग और युवा।

संबंधितपोस्ट

पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

14 जनवरी के बाद नए कार्यालय में शिफ्ट होंगे पीएम मोदी, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत हो रहा तैयार

और लोड करें

बिहार की राजनीति का यह दौर, एक प्रतीकात्मक संग्राम

प्रधानमंत्री मोदी का बेतिया का भाषण और सीतामढ़ी में उनकी बाद की रैली दोनों ने मिलकर इस चुनाव को एक वैचारिक युद्ध में बदल दिया। यह संघर्ष केवल सीटों का नहीं, बल्कि राजनीतिक सोच के दो छोरों का टकराव है। एक ओर वह गठबंधन है, जिसने कभी बिहार को अपराध, जातीय हिंसा और पलायन की प्रयोगशाला बना दिया था यानी आरजेडी और कांग्रेस। दूसरी ओर वह नेतृत्व है जिसने जंगलराज से सुशासन तक की यात्रा में बिहार को विकास की पटरी पर चढ़ाने की कोशिश की यानी एनडीए।

मोदी की शैली में जो बात सबसे अलग दिखी, वह यह थी कि उन्होंने इस चुनाव को ‘वोट बनाम विकास’ की बजाय ‘सम्मान बनाम शर्म’ के फ्रेम में रखा। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब यह तय करेगी कि राज्य की पहचान कट्टा और रंगदारी से होगी या कंप्यूटर और स्टार्टअप से। यह प्रतीकात्मक विरोधाभास बिहार के सामाजिक मानस में गहराई तक उतरता है, क्योंकि इस राज्य ने नब्बे के दशक में वह दौर देखा है, जब गोली और गुंडई ही राजनीति का परिचय हुआ करती थी।

बिहार: जो अब खुद को बदलना चाहता है

मोदी का भाषण दरअसल उस मानसिक क्रांति को राजनीतिक शब्द दे रहा था जो पिछले एक दशक में बिहार के गांव-गांव में पनपी है। अब बिहार की जनता यह मान चुकी है कि जातिवाद से न तो सड़क बनती है और न ही रोजगार मिलता है। प्रधानमंत्री ने जब कहा कि यह चुनाव बिहार की जनता की प्रतिष्ठा का है, तो वह जनता की इसी जागरूकता का राजनीतिक अनुवाद था।

बेतिया की सभा में मोदी ने बड़े आंकड़ों से जनता को यह दिखाया कि डबल इंजन सरकार ने केवल योजनाएं नहीं बनाईं, बल्कि जमीन पर बदले हुए हालात पैदा किए। उन्होंने बताया कि सिर्फ एक महीने में 11 लाख मोबाइल बिकना यह बताता है कि बिहार की क्रयशक्ति और डिजिटल पहुंच किस तरह बढ़ी है।

यह आंकड़ा अपने आप में एक राजनीतिक कथा बन गया, क्योंकि यह दर्शाता है कि बिहार अब गरीबी के प्रतीक से उपभोक्ता शक्ति का प्रतीक बन रहा है। पीएम मोदी का यह उदाहरण तकनीकी प्रगति के साथ-साथ सामाजिक आत्मविश्वास का भी प्रमाण था।

छठ, सीता और सांस्कृतिक आत्मगौरव

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण को जब संस्कृति से जोड़ा, तब यह केवल चुनावी रणनीति नहीं थी, बल्कि भारतीयता के पुनर्पुष्टि का वक्तव्य था। उन्होंने कहा कि सीतामढ़ी की धरती माता सीता का मायका है और अब जब अयोध्या में श्रीराम का मंदिर बन चुका है, तो माता के मायके की भव्यता भी दुनिया देखेगी। उनका यह वाक्य उस वैचारिक परियोजना का हिस्सा है, जो भारत की सांस्कृतिक धारा को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास करती है।

पीएम मोदी ने यह भी याद दिलाया कि कांग्रेस और आरजेडी के नेता छठ महापर्व को ड्रामा और नौटंकी कहते थे। यह हमला प्रतीकात्मक रूप से उन राजनीतिक विचारधाराओं पर था जो भारतीय संस्कृति को आधुनिकता के रास्ते में बाधा मानती हैं। प्रधानमंत्री का यह कथन बिहार की माताओं और बहनों के मन में सीधे उतर गया, क्योंकि छठ केवल एक पर्व नहीं, बल्कि बिहार की आस्था और आत्म-सम्मान का जीवंत प्रतीक है। जब मोदी ने कहा कि छठ हमारी माताओं की तपस्या है, उसका अपमान करने वालों को जनता जवाब देगी, तो यह सिर्फ एक धार्मिक बयान नहीं था — यह एक भावनात्मक राजनीतिक पुनरुत्थान था।

‘जंगलराज’ बनाम ‘सुशासन’: बिहार की याद और भविष्य

प्रधानमंत्री ने जब कहा कि पहले बूथ लूटे जाते थे, गोलियां चलती थीं, खून की नदियां बहाई जाती थीं तो वह इतिहास का स्मरण नहीं, बल्कि जनता की चेतना को झकझोरने वाला राजनीतिक स्मारक था। बिहार की पीढ़ियां अभी भी उन वर्षों की हिंसा, भय और भ्रष्टाचार की कहानियां अपने परिवारों से सुनती हैं।

पीएम मोदी ने इस ऐतिहासिक स्मृति को चुनावी मुद्दा बनाकर यह सुनिश्चित किया कि वोट केवल विकास के लिए नहीं, बल्कि भयमुक्त जीवन के लिए पड़े। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब बिहार में हैंड्स-अप कहने वालों की जगह नहीं, अब बच्चों के हाथ में किताबें, लैपटॉप और बैट होंगे।
यह वाक्य उनकी विकास नीति का सारांश है, सुरक्षा और शिक्षा, दोनों एक साथ। कट्टा और कंप्यूटर का यह विरोध केवल शब्दों का खेल नहीं, बल्कि उस गहरी सामाजिक विभाजन रेखा का प्रतीक है जिसके एक छोर पर अराजकता है, और दूसरे पर अवसर।

डबल इंजन का विकास, केवल वादा नहीं, परिणाम

पीएम मोदी ने अपने भाषण में डबल इंजन सरकार का जो उल्लेख किया, वह इस बात का संकेत था कि केंद्र और राज्य के बीच तालमेल से बिहार के विकास का ढांचा पहले से कहीं तेज़ हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में मतदान ने जंगलराज वालों को “65 वोल्ट का झटका” दिया है। यह लाइन न केवल राजनीतिक व्यंग्य थी, बल्कि उस आत्मविश्वास का प्रदर्शन भी कि जनता अब विकास को एक स्थायी मूल्य के रूप में स्वीकार कर चुकी है।

उन्होंने बताया कि कैसे रीगा चीनी मिल फिर से शुरू हुई, नई फैक्ट्रियों के प्रस्ताव आए हैं, सड़कें और रेलवे नेटवर्क मजबूत हुए हैं, और अब निवेशक बिहार में लौट रहे हैं। यह बयान उस ऐतिहासिक दोष पर भी प्रहार था, जब आरजेडी-कांग्रेस के शासन में उद्योग पलायन कर गए थे और बेरोजगारी बिहार की पहचान बन गई थी।

आर्थिक दृष्टि से नई बिहार कथा

मोदी का भाषण इस बात का भी प्रमाण था कि बिहार अब राजनीतिक बदलाव से आगे बढ़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की कहानी लिखना चाहता है। उन्होंने गन्ना किसानों की बात करते हुए इथेनॉल उत्पादन को नई दिशा बताया — यह बयान न केवल कृषि नीति से जुड़ा था, बल्कि ग्रामीण उद्योगों को आत्मनिर्भर भारत मिशन से जोड़ने का संकेत भी था।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मोदी की गारंटी मतलब गारंटी पूरी होने की गारंटी। यह वाक्य भारतीय राजनीति के एक नए विश्वास-तंत्र की नींव रखता है, जहां वादा केवल भाषण नहीं, बल्कि कार्यों में अनुवादित हो।

बिहार का नया सामाजिक समीकरण

पीएम मोदी ने अपने भाषण में विशेष रूप से यह कहा कि बिहार ने देश को सामाजिक न्याय की परिभाषा दी है। वास्तव में प्रधानमंत्री का यह वाक्य गहरा राजनीतिक अर्थ रखता है। सामाजिक न्याय की राजनीति, जो पहले आरजेडी का नारा हुआ करती थी, अब भाजपा-नीतीश गठबंधन के वैचारिक ढांचे में समाहित होती दिख रही है। मोदी ने यह स्पष्ट किया कि एनडीए की नीति सबका साथ, सबका विकास केवल नारा नहीं, बल्कि सामाजिक संतुलन का राष्ट्रीय फार्मूला है।

यही कारण है कि उन्होंने पिछड़ों, अति-पिछड़ों और दलित वर्ग को संबोधित करते हुए कहा कि अब विकास की धारा हर घर तक पहुंचेगी। यह उस मतदाता समूह को आश्वस्त करने का प्रयास था जिसे कभी आरजेडी अपनी स्थायी वोट-बैंक मानती थी। लेकिन अब वही वर्ग मोदी के जनराज की ओर झुकता दिख रहा है।

बिहार का यह चुनाव केवल वोट नहीं, दृष्टि का निर्णय

बेतिया और सीतामढ़ी की भीड़ में गूंजती मोदी की आवाज़ केवल एक नेता की नहीं थी, वह एक ऐसी जनता की थी जिसने अपने अतीत से सबक लिया है और अब अपने भविष्य की पटकथा खुद लिखना चाहती है। यह चुनाव वास्तव में जंगलराज बनाम जनराज का निर्णायक क्षण है। एक ऐसा पल जब बिहार तय करेगा कि वह फिर से भय और भ्रष्टाचार की गलियों में लौटेगा या विकास, संस्कृति और सम्मान की राह पर चलेगा।

प्रधानमंत्री मोदी का यह अभियान इस चुनाव को केवल राजनीतिक स्पर्धा नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय पुनर्जागरण की अभिव्यक्ति भी बना रहा है। उन्होंने जो कहा, वह केवल बिहार के लिए नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए संदेश था कि भारत का हर कोना अब यह तय कर चुका है: कट्टा नहीं, कंप्यूटर चाहिए, रंगदारी नहीं, रोजगार चाहिए और जाति नहीं, जनहित चाहिए। अब जंगलराज नहीं, जनराज चलेगा।

Tags: Assembly ElectionsBettiahBJPJanrajJungle RajModi's roar from Bettiah to SitamarhiBiharPM ModiSitamarhiजंगलराजजनराजपीएम मोदीबिहारबेतियाभाजपाविधानसभा चुनावसीतामढ़ी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

उज्जैन की 200 साल पुरानी तकिया मस्जिद का विध्वंस: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर महाकाल मंदिर के विकास और पार्किंग विस्तार को दिया संरक्षण

अगली पोस्ट

वंदे मातरम्, विभाजन की मानसिकता और मोदी का राष्ट्रवादी दृष्टिकोण – इतिहास, संस्कृति और आत्मगौरव का विश्लेषण

संबंधित पोस्ट

पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।
चर्चित

पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

17 January 2026

पीेएम मोदी ने शनिवार को एक सभा  को संबोधित करते हुए कहा कि देश की युवा पीढ़ी का भरोसा तेजी से बीजेपी के विकास मॉडल...

पीएम मोदी और विकसित भारत पर पुस्तक का अनावरण
चर्चित

नमो बुक फेस्ट का आज आखिरी दिन: छात्रों की कलम से विकसित भारत का सपना, पीएम मोदी पर लिखी पुस्तक का विमोचन

17 January 2026

CMPR (सेंटर फॉर मीडिया पॉलिसी एंड रिसर्च) द्वारा आयोजित दो दिवसीय नमो बुक फेस्ट का आज आखिरी दिन है। यह विशेष पुस्तक मेला नई दिल्ली...

दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव
भारत

दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं मुख्य अतिथि

16 January 2026

नमो जनवी पुस्तक महोत्सव का पहला संस्करण 16 जनवरी को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में शुरू हुआ, जिसमें राजनीतिक नेता,  विद्वान, लेखक...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited