भारत ने 'चिकन नेक' को बनाया इस्पाती गलियारा: बांग्लादेश–पाकिस्तान समीकरणों के बीच पूर्वी सीमा पर तीन नई सैन्य छावनियों से भारत की रणनीतिक बढ़त
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    नायब सैनी ने लापरवाही के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है

    हरियाणा में खेल विभाग के सचिव-निदेशक का तबादला: लापरवाही को लेकर नायब सरकार का बड़ा एक्शन

    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं

    कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    जैवलिन मिसाइल

    अमेरिका ने भारत को बताया “मेजर डिफेंस पार्टनर”, जैवलिन मिसाइल समेत बड़े डिफेंस पैकेज को दी मंजूरी, पटरी पर लौट रहे हैं रिश्ते ?

    बांग्लादेश और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की मुलाकात

    ‘हसीना’ संकट के बीच NSA अजित डोभाल की बांग्लादेश के NSA से मुलाकात के मायने क्या हैं?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय दर्शन और संविधान

    भारतीय चिंतन दृष्टि से संविधान: ज्ञान परंपरा में नागरिकता का इतिहास

    तालोम रुकबो

    अरुणाचल प्रदेश के वनवासियों को धर्मांतरण से बचाने वाले तालोम रुकबो: एक भूले-बिसरे नायक की कहानी

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह: आजादी की लड़ाई का योद्धा, जिसने काबुल में बनाई थी स्वतंत्र भारत की पहली निर्वासित सरकार

    बी.एन राउ का संविधान निर्माण में बड़ा योगदान है

    क्या बेनेगल नरसिंह राउ थे संविधान के असली निर्माता ? इतिहास ने उनके योगदान को क्यों भुला दिया ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    आत्मनिर्भर भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    नायब सैनी ने लापरवाही के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है

    हरियाणा में खेल विभाग के सचिव-निदेशक का तबादला: लापरवाही को लेकर नायब सरकार का बड़ा एक्शन

    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं

    कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    जैवलिन मिसाइल

    अमेरिका ने भारत को बताया “मेजर डिफेंस पार्टनर”, जैवलिन मिसाइल समेत बड़े डिफेंस पैकेज को दी मंजूरी, पटरी पर लौट रहे हैं रिश्ते ?

    बांग्लादेश और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की मुलाकात

    ‘हसीना’ संकट के बीच NSA अजित डोभाल की बांग्लादेश के NSA से मुलाकात के मायने क्या हैं?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय दर्शन और संविधान

    भारतीय चिंतन दृष्टि से संविधान: ज्ञान परंपरा में नागरिकता का इतिहास

    तालोम रुकबो

    अरुणाचल प्रदेश के वनवासियों को धर्मांतरण से बचाने वाले तालोम रुकबो: एक भूले-बिसरे नायक की कहानी

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह: आजादी की लड़ाई का योद्धा, जिसने काबुल में बनाई थी स्वतंत्र भारत की पहली निर्वासित सरकार

    बी.एन राउ का संविधान निर्माण में बड़ा योगदान है

    क्या बेनेगल नरसिंह राउ थे संविधान के असली निर्माता ? इतिहास ने उनके योगदान को क्यों भुला दिया ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    आत्मनिर्भर भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारत ने ‘चिकन नेक’ को बनाया इस्पाती गलियारा: बांग्लादेश–पाकिस्तान समीकरणों के बीच पूर्वी सीमा पर तीन नई सैन्य छावनियों से भारत की रणनीतिक बढ़त

भारत ने सिलिगुड़ी कॉरिडोर या 'चिकन नेक' क्षेत्र को और मजबूत करते हुए असम, बिहार और बंगाल में तीन नई सैन्य छावनियां स्थापित की हैं। यह कदम बांग्लादेश की नई अंतरिम सरकार के चीन और पाकिस्तान से नजदीकी बढ़ाने के बीच भारत की निर्णायक रणनीतिक तैयारी को दर्शाता है।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
8 November 2025
in आयुध, भारत, भू-राजनीति, रक्षा, रणनीति
भारत ने 'चिकन नेक' को बनाया इस्पाती गलियारा: बांग्लादेश–पाकिस्तान समीकरणों के बीच पूर्वी सीमा पर तीन नई सैन्य छावनियों से भारत की रणनीतिक बढ़त

चिकन नेक का नाम अब केवल भौगोलिक संदर्भ में रहेगा।

Share on FacebookShare on X

पूर्वोत्तर भारत के नक्शे पर एक पतली-सी पट्टी है, जो मात्र 22 किलोमीटर चौड़ी है। यही है भारत की तथाकथित कमज़ोर नस सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे पश्चिमी मीडिया और रणनीतिक विश्लेषक लंबे समय से चिकन नेक के नाम से पुकारते हैं। लेकिन, अब यही इलाका भारत की नई सामरिक क्रांति का केंद्र बन चुका है। जहां कभी रक्षा विशेषज्ञ संभावित घुसपैठ, ब्लॉकेड और युद्धकालीन असुरक्षा की चेतावनी दिया करते थे, आज वही क्षेत्र भारत की लौह-रीढ़ में तब्दील हो चुका है। हाल के महीनों में भारतीय सेना द्वारा असम, बिहार और पश्चिम बंगाल की सीमा पर तीन नई सैन्य छावनियों की स्थापना, पूर्वी मोर्चे के प्रति भारत के दृष्टिकोण में निर्णायक बदलाव का संकेत देती है। यह केवल सैन्य ठिकानों का विस्तार नहीं, बल्कि एक व्यापक रणनीतिक संदेश है कि भारत अब रक्षात्मक नहीं, निर्णायक मुद्रा में है।

धुबरी का मिलिट्री स्टेशन बना परिवर्तन का प्रतीक

असम के धुबरी ज़िले के बामुनी क्षेत्र में स्थापित लाचित बोर्फुकन मिलिट्री स्टेशन इस परिवर्तन की प्रतीक है। आहोम साम्राज्य के उस महान योद्धा के नाम पर रखे गए इस स्टेशन की नींव केवल पत्थरों की नहीं, बल्कि उस इतिहास की है, जिसने विदेशी ताकतों के सामने कभी सिर नहीं झुकाया। यह वही ज़मीन है जिसे अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया गया था। अब यहां से न केवल भारत-बांग्लादेश सीमा की निगरानी होती है, बल्कि यह स्थल पूरे सिलीगुड़ी कॉरिडोर की पूर्वी दीवार के रूप में काम करेगा। तेज़पुर स्थित गजराज कोर (4 कोर) के अधीन आने वाला यह स्टेशन अब ईस्टर्न डिफेंस नेटवर्क का एक केंद्रीय नोड है।

संबंधितपोस्ट

बांग्लादेश के 2 ‘चिकन नेक’ अतिसंवेदनशील हैं: भारत को सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर धमकाने वालों को CM हिमंता का जवाब

और लोड करें

भारतीय थलसेना के पूर्वी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आरसी तिवारी ने जब इस स्टेशन की नींव रखी, तब उन्होंने जिस आत्मविश्वास के साथ इसे ऑपरेशनल रेडीनेस में ऐतिहासिक छलांग बताया, वह स्पष्ट करता है कि भारत अपने पारंपरिक ढर्रे से बाहर निकल चुका है। अब लक्ष्य केवल बॉर्डर डिफेंस नहीं, बल्कि रीजनल डॉमिनेंस है। रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल एम रावत ने भी कहा कि यह स्टेशन केवल सीमाओं की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि पूर्वी सीमांत के लिए एक दीर्घकालिक सुरक्षा दृष्टि का हिस्सा है।

सीएम हिमंत बिश्वा शर्मा ने दिया था प्रस्ताव

यह संयोग नहीं कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्वयं इस परियोजना का प्रस्ताव दिया था। धुबरी में ईद के दौरान हुई सांप्रदायिक अशांति के बाद राज्य प्रशासन ने समझ लिया था कि सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता को एक-दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता। इसीलिए अब सीमांत इलाकों में सेना की उपस्थिति केवल सैन्य नहीं, सामाजिक स्थायित्व की गारंटी बन गई है।
बिहार के किशनगंज और पश्चिम बंगाल के चोपड़ा में स्थापित दो अन्य गारिज़न इस नई रणनीतिक रेखा को पूरा करते हैं। ये दोनों स्थान उस संकरे भूभाग का हिस्सा हैं जो उत्तर बंगाल को उत्तर–पूर्व से जोड़ता है, वही क्षेत्र जहां से भारत के सातों राज्य बाकी देश से संपर्क में हैं। यदि कभी युद्धकाल में यह कॉरिडोर अवरुद्ध हो जाए तो पूरा पूर्वोत्तर भारत मुख्यभूमि से कट सकता है। यही कारण है कि इस इलाक़े को लेकर भारत दशकों से संवेदनशील रहा है। लेकिन अब स्थिति उलट चुकी है, जहां कभी रणनीतिक खतरा था, वहीं अब सुरक्षा की सबसे घनी परतें बिछ चुकी हैं।

सिलीगुड़ी कॉरिडोर की निगरानी त्रिशक्ति कोर (33 कोर) के हाथों में है, जिसका मुख्यालय सुकना में स्थित है। यह वही कोर है जो सिक्किम, भूटान सीमा और डोकलाम जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर नज़र रखता है। भारतीय सेना के सूत्र बताते हैं कि यह इलाका अब मल्टी-लेयर्ड सिक्योरिटी आर्किटेक्चर के अधीन है। थल सेना, वायुसेना और खुफिया एजेंसियों के संयुक्त संचालन तंत्र के साथ। यही वह इलाका है, जहां पर नियमित रूप से संयुक्त सैन्य अभ्यास होते हैं, कभी ब्रह्मपुत्र के किनारे, कभी कंचनजंघा की तलहटी में।

सेना प्रमुख ने क्या कहा, जानें

भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में इस कॉरिडोर को भारत की सबसे मज़बूत कड़ी बताया। उनका कहना था कि भारत के लिए यह इलाका जीवनरेखा नहीं, बल्कि रक्षा-रीढ़ है। वास्तव में, अब यह क्षेत्र केवल रणनीतिक नहीं, टेक्नोलॉजिकल शक्ति-केंद्र भी बन चुका है। पश्चिम बंगाल के हाशिमारा एयरबेस पर राफेल विमानों की तैनाती, ब्रह्मोस मिसाइल रेजिमेंट, और आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियों ने इसे दुर्ग बना दिया है।

इस क्षेत्र की रक्षा संरचना में अब त्रिस्तरीय वायु रक्षा तंत्र है, रूसी मूल के एस-400, भारत-इज़राइल द्वारा संयुक्त रूप से विकसित एमआरएसएएम और स्वदेशी आकाश प्रणाली। ये तीनों मिलकर पूर्वी आसमान पर एक ऐसा सुरक्षा-छत्र बनाते हैं, जिसमें किसी भी विदेशी विमान या मिसाइल के घुसने की गुंजाइश नहीं बचती। रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में 8,160 करोड़ रुपये की मंज़ूरी दो नई आकाश-एडवांस्ड रेजिमेंटों के लिए दी है, जो 360 डिग्री कवरेज और अत्याधुनिक सीकर तकनीक से लैस होंगी।

जमीन पर भी बदल चुकी है तस्वीर

जमीन पर भी तस्वीर बदल चुकी है। भैरव बटालियन और अश्नि प्लाटून अब न केवल आधुनिक राइफलों से सुसज्जित हैं, बल्कि उनके पास फर्स्ट पर्सन व्यू (FPV) और कामिकाज़े ड्रोन की पूरी क्षमताएं हैं। ये इकाइयां रियल-टाइम निगरानी और टारगेट-प्रिसीजन स्ट्राइक दोनों में माहिर हैं। इसी क्रम में भारतीय सेना का नया ब्रह्मास्त्र कोर चोपड़ा और किशनगंज सेक्टरों की जिम्मेदारी संभाल रहा है, जो ड्रोन ऑपरेशन, मिसाइल फायर यूनिट्स और एआई-सहायक सर्विलांस सिस्टम का संयोजन है।

भारत की इस तेजी से बदलती तैयारी का संबंध केवल भौगोलिक सुरक्षा से नहीं है। इसके पीछे एक स्पष्ट राजनीतिक और कूटनीतिक संदेश छिपा है कि पूर्वी मोर्चे पर कोई छेड़छाड़ नहीं। पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच हालिया समीपता ने भारत की रणनीतिक चिंता को और गहरा किया है। शेख हसीना के पदच्युत होने के बाद बांग्लादेश में जो अंतरिम शासन स्थापित हुआ है, उसके मुखिया मुहम्मद यूनुस ने चीन और पाकिस्तान दोनों के साथ संपर्क साधने शुरू कर दिए हैं। खबरें बताती हैं कि यूनुस और पाकिस्तान के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ जनरल साहिर शामशाद मिर्ज़ा के बीच रक्षात्मक सहयोग पर चर्चा हुई। यह वही मिर्ज़ा हैं जो आईएसआई और पाक सेना के बीच समन्वय का चेहरा माने जाते हैं। नई दिल्ली के लिए यह संकेत खतरे की घंटी के समान है, क्योंकि अब ढाका की विदेश नीति ‘दिल्ली-बीजिंग-इस्लामाबाद’ के त्रिकोण में झूलती दिखाई दे रही है।

भारतीय खुफिया एजेंसियों के आकलन के अनुसार, बांग्लादेश की इस नई नीति का उद्देश्य क्षेत्रीय शक्ति-संतुलन को रीशेप करना है। चीन पहले से ही बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के माध्यम से बांग्लादेश के बंदरगाहों, सड़कों और औद्योगिक कॉरिडोरों में अपनी गहरी जड़ें जमा चुका है। अब अगर ढाका और इस्लामाबाद का तालमेल बढ़ता है, तो पूर्वी मोर्चे पर भारत को एक डुअल-फ्रंट स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। पश्चिम में पाकिस्तान और पूर्व में चीन-पोषित बांग्लादेश।

ऐसे में भारत का जवाब स्पष्ट और सटीक है—फॉरवर्ड फोर्टिफिकेशन। चोपड़ा और किशनगंज में जो नए गारिज़न तैयार किए गए हैं, वे किसी संभावित बाहरी उकसावे के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के केंद्र हैं। यह केवल डिफेंस पोजीशन नहीं, बल्कि प्री-एम्प्टिव स्टेजिंग एरिया हैं, जहां से सेना किसी भी दिशा में तुरंत प्रतिक्रिया दे सकती है।

भारत की पूर्वी सीमाएं आज एशिया की सबसे उन्नत बहु-स्तरीय रक्षा प्रणाली से लैस हैं। यह नेटवर्क जमीन, आकाश और सूचना—तीनों क्षेत्रों में फैला है। सीमा चौकियों पर अब सेंसर-सक्षम निगरानी टावर हैं, जो रडार, थर्मल और नाइट-विज़न से लैस हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अलर्ट सिस्टम और ड्रोन फीड से हर गतिविधि का विश्लेषण रियल-टाइम में होता है। परंतु इस पूरे विस्तार का सबसे गहरा अर्थ यह है कि भारत ने अपनी रणनीति को प्रतिक्रियात्मक से निर्णायक में बदला है। पहले जहाँ नीति यह थी कि शत्रु की चाल का जवाब दिया जाए, अब नीति यह है कि उसे चाल चलने से पहले ही निरस्त कर दिया जाए। इसे सैन्य सिद्धांतों की भाषा में कहा जा सकता है—डिटरेंस से डॉमिनेंस की ओर संक्रमण।

यह सब कुछ मिलकर सिलीगुड़ी कॉरिडोर की छवि को बदल चुका है। अब यह केवल एक कॉरिडोर नहीं, बल्कि एक स्टील स्पाइन है, एक ऐसी रीढ़ जो उत्तर–पूर्व को देश से जोड़ती ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को स्थिर रखती है।

इस पूरे परिदृश्य में चीन की भूमिका भी अनदेखी नहीं की जा सकती। बीजिंग की दृष्टि में यह इलाका भारत की सॉफ्ट बेल्ट था, जहां किसी भी तनाव की स्थिति में दबाव बनाया जा सकता था। डोकलाम संकट के दौरान चीन ने इसी क्षेत्र की भूगोलिक संवेदनशीलता का फायदा उठाने की कोशिश की थी। लेकिन अब परिस्थितियां उलट चुकी हैं। भारत ने जिस तरह से अपनी सड़कें, रेल संपर्क, वायु अड्डे और फॉरवर्ड बेस नेटवर्क को विकसित किया है, उससे चीन को यह संदेश साफ मिल गया है कि भारत किसी भी प्रकार की घुसपैठ को सिर्फ रोकने ही नहीं, बल्कि पलटवार करने की स्थिति में भी है।

यह वही नीति है जो भारत ने गलवान के बाद अपनाई—शांति वार्ता अपनी जगह, पर युद्ध-तैयारी कभी कम नहीं। भारत ने लद्दाख से लेकर अरुणाचल तक अपने रक्षा तंत्र में जिस तेज़ी से निवेश किया है, वही अब सिलीगुड़ी में झलक रहा है।

आज जब ढाका की राजनीति में अनिश्चितता है, जब चीन हिंद महासागर में अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है, और जब पाकिस्तान आर्थिक संकट के बावजूद सैन्य उकसावे से पीछे नहीं हट रहा, ऐसे में भारत ने यह दिखा दिया है कि उसकी पूर्वी सीमा किसी भी तरह की अकिलीज़ हील नहीं है, बल्कि उसकी सबसे मज़बूत ढाल है।

चिकन नेक का नाम अब केवल भौगोलिक संदर्भ में रहेगा, सामरिक संदर्भ में यह भारत की नई पहचान है—आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और सशक्त। भारत की इस तैयारी का संदेश बहुत स्पष्ट है, जो कभी चिंता का कारण था, अब वही गर्व का प्रतीक है। यह वह इलाका है जहां अब हर पहरा, हर टॉवर, हर सैनिक एक ही भावना से भरा है, पूर्वी सीमांत अब भारत का अभेद्य किला है।

यह परिवर्तन केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि मानसिकता में हुआ है। यही है भारत की असली जीत। यह वह क्षण है जब हम कह सकते हैं कि जहां कभी कमजोरी थी, अब वही शक्ति है।

Tags: Bangladesh Pakistan China NexusChicken Neck IndiaIndia Bangladesh BorderIndia's Defence StrategyIndian Army Eastern BorderIndian Army New DeploymentIndian Army PreparationsNew Military CantonmentSiliguri Corridorचिकन नेक भारतनई सैन्य छावनीबांग्लादेश पाकिस्तान चीन गठजोड़भारत की रक्षा रणनीतिभारत बांग्लादेश सीमाभारतीय सेना की तैयारीभारतीय सेना नई तैनातीभारतीय सेना पूर्वी सीमासिलिगुड़ी कॉरिडोर
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

गलवान के बाद भारत का पलटवार: चुशूल–चांगथांग में तिरंगे के साथ नई सैन्य क्रांति, चीन की नींद हराम

अगली पोस्ट

उज्जैन की 200 साल पुरानी तकिया मस्जिद का विध्वंस: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर महाकाल मंदिर के विकास और पार्किंग विस्तार को दिया संरक्षण

संबंधित पोस्ट

चक्रवात दित्वाह ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है
चर्चित

चक्रवात ‘दित्वाह’ से लड़ रहे श्री लंका की मदद को भारत ने बढ़ाया हाथ, ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ ने बताया भारत क्यों है सबसे ‘भरोसेमंद’ पड़ोसी

29 November 2025

श्री लंका वक्त, बीते कुछ वर्षों की सबसे बड़ी और खतरनाक प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। चक्रवात दित्वाह ने वहां...

शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है
आयुध

पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

28 November 2025

पाकिस्तान ने हाल ही में अपनी “शिप-लॉन्च्ड एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल (ASBM)” का परीक्षण किया है। पाकिस्तान की तरफ़ से SMASH नाम की इस एंटीशिप मिसाइल...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56

Tejas Under Fire — The Truth Behind the Crash, the Propaganda, and the Facts

00:07:45

Why Rahul Gandhi’s US Outreach Directs to a Web of Shadow Controversial Islamist Networks?

00:08:04
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2025 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2025 TFI Media Private Limited