प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों की सबसे बड़ी पहचान यह रही है कि भारत के युवाओं ने अपने सपनों को पूरा करने के लिए पहले से अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना शुरू किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा “युवा-नेतृत्व वाले विकास“ (Youth-Led Development) को प्राथमिकता दी है और देश के विकास में युवाओं को केंद्र में रखा है।
मोदी ने कहा कि आज का युवा नई सोच, नए विचार और बड़े लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। सरकार ने ऐसा माहौल तैयार किया है, जिससे युवाओं को अपने हुनर और क्षमता दिखाने का अवसर मिल रहा है।
स्टार्टअप, डिजिटल इंडिया और स्किल इंडिया से मिले नए अवसर
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और अटल इनोवेशन मिशन जैसी योजनाओं ने युवाओं के लिए बेहतर अवसर पैदा किए हैं। इन पहलों के कारण देश में नवाचार (Innovation) और उद्यमिता (Entrepreneurship) को बढ़ावा मिला है और भारत दुनिया के प्रमुख स्टार्टअप देशों में शामिल हुआ है।
उन्होंने कहा कि इन सफलताओं में बड़ी भूमिका भारत की “युवा शक्ति“ की है। खास बात यह है कि अब छोटे शहरों और गांवों के युवा भी स्टार्टअप और नए व्यवसाय शुरू कर रहे हैं, जिससे अवसर केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहे।
विज्ञान, तकनीक, अंतरिक्ष और खेलों में युवाओं का बढ़ता योगदान
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारतीय युवा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), अंतरिक्ष, सेमीकंडक्टर और ड्रोन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं। उनका योगदान भारत के भविष्य और वैश्विक भूमिका को मजबूत कर रहा है।
उन्होंने खेलों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय युवा खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। बेहतर खेल सुविधाओं, आधुनिक ढांचे और सरकारी समर्थन के कारण अब अधिक युवा खेलों को करियर के रूप में अपना रहे हैं।
12 वर्षों के कार्यकाल के बीच युवाओं पर सरकार का विशेष जोर
प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी उस समय आई जब नई दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बैठक में उनके लगातार 4,399 दिन के कार्यकाल को रेखांकित किया गया। इस अवसर पर एनडीए नेताओं ने पिछले 12 वर्षों में किए गए विकास कार्यों, प्रशासनिक सुधारों और जनकल्याण योजनाओं का उल्लेख किया।
मोदी ने कहा कि भारत के विकास की कहानी केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के युवा ही इस बदलाव के सबसे बड़े भागीदार हैं। उनके अनुसार, आने वाले समय में भारत की प्रगति और वैश्विक पहचान को आगे बढ़ाने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रहेगी।


































