TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।

    पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

    पीएम मोदी और विकसित भारत पर पुस्तक का अनावरण

    नमो बुक फेस्ट का आज आखिरी दिन: छात्रों की कलम से विकसित भारत का सपना, पीएम मोदी पर लिखी पुस्तक का विमोचन

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं मुख्य अतिथि

    लोक कल्याण मार्ग पर चार छोटी-छोटी गायों को चारा खिलाया.

    पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।

    पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

    पीएम मोदी और विकसित भारत पर पुस्तक का अनावरण

    नमो बुक फेस्ट का आज आखिरी दिन: छात्रों की कलम से विकसित भारत का सपना, पीएम मोदी पर लिखी पुस्तक का विमोचन

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं मुख्य अतिथि

    लोक कल्याण मार्ग पर चार छोटी-छोटी गायों को चारा खिलाया.

    पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

Sambhrant Mishra द्वारा Sambhrant Mishra
20 December 2025
in चर्चित, मत
बांग्लादेश

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ मॉबलिंचिंग जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं

Share on FacebookShare on X

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई अस्मिता और संस्कृति की बुनियाद पर बने इस मुल्क में जो कुछ भी हो रहा है, वह केवल राजनीतिक उठापटक नहीं है, यह वहां समाज, राज्य और वैश्विक मानवाधिकार व्यवस्था—तीनों की गंभीर विफलता को उजागर करता है।

बांग्लादेश में इस्लामवादी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या कर दी गई। ये घटना यकीनन दुर्भाग्यपूर्ण थी, लेकिन इसके बाद जिस तरह की प्रतिक्रिया नज़र आई है, वो कम से कम उन उद्देश्यों से बिल्कुल विपरीत है- जिनके नाम पर बीते वर्ष बांग्लादेश की कथित क्रांति सामने आई थी।
आनन फ़ानन में इस हत्याकांड को भारत से जोड़ दिया गया, फिर क्या था ? अराजक वर्ग को जैसे लाइसेंस मिल गया कि भारत विरोध के नाम पर पर खुलेआम मीडिया संस्थानों, पत्रकारों और अल्पसंख्यकों को निशाना बना सकें।
जबकि इस हत्याकांड में न तो भारत की इन्वॉलमेंट से जुड़ा कोई सबूत सामने आया है, न किसी आधिकारिक जाँच में इसकी पुष्टि हुई है, सिर्फ ISI के एजेंडे के मुताबिक़ गुस्से की दिशा जानबूझकर बाहर की ओर मोड़ दी गई, ताकि बांग्लादेशी समाज की सड़ांध और सरकार की विफलता से ध्यान हटाया जा सके।

संबंधितपोस्ट

ज़ंजीरों से आज़ादी तक: पूर्वी पाकिस्तान से बांग्लादेश के उदय की कहानी

पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

असहिष्णुता की हिंसा: बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

और लोड करें

देश के भीतर मौजूद इस्लामवादी गुटों ने इसी रास्ते को चुना। इससे साफ हो गया कि बांग्लादेश आज किस रास्ते पर है और वहां जनभावनाओं को कितनी आसानी से भड़काया और मोड़ा जा सकता है।

लेकिन इसी बीच एक और ख़बर सामने आई जिसे हादी हत्याकांड के उबाल में दबा दिया गया- वो थी एक हिंदू युवक की ईशनिंदा के आरोप में सार्वजनिक हत्या।

ढाका से क़रीब 120 किलोमीटर की दूरी पर मैमनसिंह में एक हिंदू युवक दीपू दास के साथ बेहरमी की हदें पार कर दी गईं। 25 वर्ष के दीपू दास एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करते थे और अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले थे। उन पर मज़हब के अपमान का मनगढ़ंत आरोप लगाया गया और फिर जैसा कि ईशनिंदा के दूसरे अमानवीय मामलों का एक पैटर्न बन चुका है- भीड़ पहुंची और दीपू दास की पिटाई शुरू कर दी गई। पीट-पीट कर उन्हें अधमरा कर दिया गया। हत्यारों का मन इससे भी नहीं भरा तो उन्होने उसे पूरी तरह निवस्त्र कर एक पेड़ से फंदे में लटका दिया और फिर सैकड़ों लोगों के सामने उन्हें पेट्रोल से नहला कर सरेआम जला दिया गया।
इस दौरान वहां सैकड़ों लोग मौजूद थे, लेकिन किसी की आंखों में न तो क़ानून का डर था और न ही अपने ईश्वर का। उल्टा भीड़ इस पाशविक कृत्य का जश्न मनाती नज़र आई, जैसे ये कोई बेहद पवित्र अनुष्ठान हो और हर कोई उसमें अपने स्तर पर सम्मिलित होना चाहता हो। हत्यारे बर्बरता और अमानवीयता की चरम सीमा पार कर रहे थे और वहां मौजूद धर्मांध भीड़ का स्वर उसी अनुपात में ऊंचा होता जा रहा था।
यही इस हत्याकांड का सबसे दुखद पहलू है, जहां समाज का एक हिस्सा ही इस जघन्य अपराध का न सिर्फ साक्षी बन रहा है, बल्कि उसे सेलेब्रेट भी कर रहा है, वो भी मज़हब और मजहबी दायित्व के नाम पर। लेकिन दुर्भाग्य से बांग्लादेशी समाज में फैलती कट्टरता और मजहबी सड़ांध को दर्शाने वाली इस ख़बर को उस्मान हादी की मृत्यु से कुछ ऐसे जोड़ दिया गया, जैसे ये सिर्फ एक बड़ी घटना का मामूली सा कोलेट्रल डैमेज हो।

यही नहीं इसके लिए भी भारत को ही ज़िम्मेदार ठहराने की कोशिश की गई।
कहा गया कि भारत अगर शेख हसीना को शरण नहीं देता तो ऐसा नहीं होता। भारत में SIR हो रहा है, घुसपैठियों को निकाला जा रहा है और दीपू जैसे गरीब बांग्लादेशी इसी का खामिजाया भुगत रहे हैं।
यानी जो भीड़ एक काफ़िर युवक की हत्या को एक पवित्र अनुष्ठान मान कर उसका हिस्सा बन रही है, जश्न मना रही हो, जैसे कि वो उसका नैतिक और मजहबी दायित्व हो, लेकिन जब बात जवाबदेही की आती है तो वही समाज और उसके पैरोकार विक्टिम कार्ड निकालते हुए जिम्मेदारी भारत के ऊपर डाल देते हैं।

हादी, जो एक इस्लामवादी और कट्टर विचारधारा का प्रतिनिधि था, उसके लिए राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया। राज्य की पूरी मशीनरी ने प्रदर्शनकारियों के सामने सिर झुका दिया।
कई मौकों पर तो वो दंगाइयों के पीछे हाथ बांधे खड़ी नजर आई। लेकिन जिस हिंदू युवक को पीट-पीटकर जिंदा जला दिया गया, उसके लिए सन्नाटा छाया रहा। शुरुआती दो दिनों तक तो पुलिस ने कोई मुकदमा तक दर्ज नहीं किया और न ही कोई गिरफ्तारी हुई जबकि प्रत्यक्ष वीडियो सबूत मौजूद थे।

भारत को उस आंतरिक अराजकता के लिए दोषी ठहराया जा रहा है, जिसे उसने पैदा ही नहीं किया। हादी की मौत में भारत की कोई भूमिका नहीं थी। फिर भी भारत-विरोधी भावनाएं जानबूझकर गढ़ी गईं। और यही गुस्सा बाद में देश के भीतर अल्पसंख्यकों पर टूट पड़ा।
वैसे यह पैटर्न नया नहीं है।
यूनुस-नेतृत्व वाली व्यवस्था और उसके सहयोगियों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठते हैं। राजनीतिक अस्थिरता कुछ समूहों को प्रासंगिक बनाए रखती है और कट्टर ताकतों को “जनाक्रोश” की आड़ में काम करने का अवसर देती है।
इन सबके बीच असली पीड़ित आम लोग हैं—खासकर अल्पसंख्यक।

मानवाधिकार के ठेकेदारों का पाखंड
अब वैश्विक मानवाधिकार रक्षक कहां हैं? जो रोज़ लोकतंत्र और आज़ादी पर भाषण देते हैं, उनकी आवाज़ आज क्यों खामोश है? क्या उन्होंने वह भयावह वीडियो नहीं देखा? क्या उन्हें कोई गुस्सा नहीं आया?
अमेरिका की तरफ़ हादी की मृत्यु पर तो अफ़सोस जताया जाता है, लेकिन समाज को झकझोर देने वाले इस पैशाचिक कृत्य पर चुप्पी साध ली जाती है, ज़ाहिर ये यह चुप्पी पाखंड और सेलेक्टिव एप्रोच को उजागर करती है।
कभी अपनी सांस्कृतिक विरासत, बोली, भाषा और अस्मिता के लिए मजहबी कट्टरपंथ से लड़कर बना बांग्लादेश एक ऐसे समाज में बदल रहा है- जो अपना नैतिक दिशा–सूचक खो चुका है।
आज बांग्लादेश न सिर्फ राजनैतिक रूप से बल्कि सामाजिक, नैतिक रूप से भी कमजोर नजर आ रही है। ढाका से लेकर कॉक्सबाजार तक पाकिस्तान जैसी मौकापरस्त मजहबी, जिहादी ताकतों का दबदबा है।
मौजूदा घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बांग्लादेश की यूनुस सरकार सभी नागरिकों की समान सुरक्षा में असमर्थ है और मानवाधिकारों के वैश्विक ठेकेदार एक बड़े संकट को दरकिनार कर सिर्फ अपनी सुविधा के लिहाज से प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

Tags: Bangladeshउस्मान हादीदीपू दासबांग्लादेशमानवाधिकारमैमनसिंह
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘The journey within’: श्रीखंड कैलाश से आत्मबोध तक की यात्रा

अगली पोस्ट

सट्टेबाजी केस: ED का बड़ा एक्शन, युवराज सिंह समेत कई सेलेब्स की संपत्तियां जब्त

संबंधित पोस्ट

पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।
चर्चित

पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

17 January 2026

पीेएम मोदी ने शनिवार को एक सभा  को संबोधित करते हुए कहा कि देश की युवा पीढ़ी का भरोसा तेजी से बीजेपी के विकास मॉडल...

समीर दास की हत्या से उजागर हुई बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की मुश्किलें
चर्चित

समीर दास की हत्या: बांग्लादेश में भीड़ की हिंसा और अल्पसंख्यक असुरक्षा

13 January 2026

बांग्लादेश में 28 साल के हिंदू ऑटो चालक समीर दास की निर्मम हत्या ने फिर से यह सवाल उठाया है कि देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों,...

डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था
चर्चित

ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

29 December 2025

केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT), हैदराबाद पीठ ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस के महानिदेशक (DG) की नियुक्ति को रद्द कर दिया है। अधिकरण ने पाया कि रक्षा अनुसंधान...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited